बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राहत कार्य तेज करने के निर्देश बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राहत कार्य तेज करने के निर्देश जगदलपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को जगदलपुर के डोंगाघाट और इंद्रावती पुल क्षेत्र का दौरा कर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया और प्रत्येक प्रभावित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार में संचालित राहत शिविर का निरीक्षण किया। शिविर में करीब 795 प्रभावित लोग रह रहे हैं। मुख्यमंत्री ने भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और दवाओं की व्यवस्था का जायजा लेते हुए अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों वाले 10 बाढ़ पीड़ितों को 13 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक भी सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने मकान, फसल और पशुधन के नुकसान का शीघ्र सर्वे कर प्रभावितों को सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों की भी सराहना की।
बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राहत कार्य तेज करने के निर्देश बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राहत कार्य तेज करने के निर्देश जगदलपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को जगदलपुर के डोंगाघाट और इंद्रावती पुल क्षेत्र का दौरा कर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया और प्रत्येक प्रभावित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार में संचालित राहत शिविर का निरीक्षण किया। शिविर में करीब 795 प्रभावित लोग रह रहे हैं। मुख्यमंत्री ने भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और दवाओं की व्यवस्था का जायजा लेते हुए अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों वाले 10 बाढ़ पीड़ितों को 13 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक भी सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने मकान, फसल और पशुधन के नुकसान का शीघ्र सर्वे कर प्रभावितों को सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों की भी सराहना की।
- बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राहत कार्य तेज करने के निर्देश बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राहत कार्य तेज करने के निर्देश जगदलपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को जगदलपुर के डोंगाघाट और इंद्रावती पुल क्षेत्र का दौरा कर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया और प्रत्येक प्रभावित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार में संचालित राहत शिविर का निरीक्षण किया। शिविर में करीब 795 प्रभावित लोग रह रहे हैं। मुख्यमंत्री ने भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और दवाओं की व्यवस्था का जायजा लेते हुए अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों वाले 10 बाढ़ पीड़ितों को 13 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक भी सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने मकान, फसल और पशुधन के नुकसान का शीघ्र सर्वे कर प्रभावितों को सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों की भी सराहना की।1
- SIR के मुद्दे पर कांग्रेस के आरोपों को भाजपा ने बताया तथ्यहीन, निर्वाचन आयोग के निर्णयों और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील दन्तेवाड़ा:- 28 सितम्बर 2026। भारतीय जनता पार्टी जिला दन्तेवाड़ा कार्यालय चितालंका में SIR (Special Intensive Revision) के विषय पर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं ने कांग्रेस एवं विपक्षी दलों द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर भ्रम और आशंकाएं फैलाने के बजाय तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक मतदाता सेवा व्यवस्था में SIR-2026 से संबंधित सुविधाएं तथा नए मतदाताओं के लिए Form-6 की व्यवस्था उपलब्ध है। भाजपा नेताओं ने कहा कि SIR को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में यह महत्वपूर्ण है कि 27 मई 2026 को सर्वोच्च न्यायालय ने बिहार में SIR की वैधानिकता को बरकरार रखा और आयोग के अधिकार तथा प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपना निर्णय दिया। प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्ष द्वारा निर्वाचन आयोग तथा संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाने से आम मतदाताओं के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा होती है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों को अपने मतभेदों और सवालों को तथ्यों तथा संवैधानिक प्रक्रियाओं के आधार पर रखना चाहिए। वक्ताओं ने यह भी कहा कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करने और मतदाता सूची को अद्यतन एवं शुद्ध रखने की प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी आवश्यक है। निर्वाचन आयोग की व्यवस्था में मतदाता पंजीयन, नाम की जांच तथा मतदाता सूची में आवश्यक सुधार के लिए विभिन्न सेवाएं उपलब्ध हैं। प्रेस वार्ता में नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मण्डावी जी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष श्री पिन्टु उइके, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर, जिला मंत्री श्रीमती लता मरकाम, जिला मीडिया प्रभारी भाजपा श्री राजेश कश्यप एवं जिला पंचायत सदस्य श्रीमती तिलेश्वरी नागेश सहित भाजपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।2
- कांग्रेस का प्रदर्शन, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आह्वान पर जिला मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन किया गया। पीसीसी मेंबर अवधेश गौतम ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के अधिकारियों ने करोड़ों मतदाताओं के नाम काटे हैं। गौतम ने चुनाव में धांधली के जरिए सरकार बनाने का आरोप लगाते हुए संविधान को खतरे में बताया। कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या बर्खास्तगी की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता आने तक कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।1
- केशकाल के कुएमारी क्षेत्र में 5 दिनों से विद्युत सेवा ठप,ग्रामीण ने वीडियो में बताई आप बीती केशकाल के कुएंमारी से एक ग्रामीण द्वारा विद्युत सेवा लगातार 4-5 दिनों से बाधित है कहकर एक वीडियो में अपने क्षेत्र की आपबीती बताया जा रहा है वीडियो में ग्रामीण गुरुचरण मंडावी ने वर्तमान समय स्कूली बच्चों के त्रैमासिक परीक्षा का भी जिक्र करते हुए कहा है कि परीक्षा के समय मे भी विद्युत आपूर्ति नही होने से बच्चों के पढ़ाई भी प्रभावित हो सकती है। लंबे समय से क्षेत्र में तार-पोल आदि का सुधार नही किये जाने का भी जिक्र विडीयो में किया गया है।1
- संत रामपाल जी महाराज ने जगदलपुर में बाढ़ पीड़ितों को मदद पहुंचाई संत रामपाल जी महाराज ने जगदलपुर में बाढ़ पीड़ितों को मदद पहुंचाई1
- कोतवाली थाना अंतर्गत जद्दू होटल के पास जीके इलेक्ट्रिक के पीछे निकला अजगर कोतवाली थाना अंतर्गत जद्दू होटल के पास जीके इलेक्ट्रिक के पीछे निकला अजगर1
- भानुप्रताप ने पूछा- राजनीतिक जीवन की शुरुआत कैसे हुई, ओज ने जानना चाहा- नक्सलवाद खत्म करने की क्या योजना बनाई लामकन्हार में मुख्यमंत्री से बच्चों ने पूछे बेबाक सवाल कांकेर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मासिक रेडियो वार्ता ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में शामिल होने कांकेर जिले के ग्राम लामकन्हार पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत से लेकर नक्सलवाद के खात्मे तक को लेकर सीधे और बेबाक सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने भी सहजता से बच्चों के सवालों के जवाब दिए और अपने संघर्ष से मुख्यमंत्री बनने तक के सफर की जानकारी साझा की। पंच से शुरू हुआ राजनीतिक सफर कक्षा 12वीं के छात्र भानुप्रताप मरकाम ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत कैसे हुई। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि उनका बचपन संघर्ष और जिम्मेदारियों के बीच बीता। कम उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां उनके कंधों पर आ गईं। परिस्थितियों ने उन्हें समाज और लोगों के बीच काम करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि झारखंड और ओडिशा की सीमा पर स्थित छोटे से गांव बगिया से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई। वे पहली बार पंच के चुनाव में निर्विरोध निर्वाचित हुए। ग्रामीणों के आग्रह पर दूसरी बार सरपंच का चुनाव लड़ा और निर्विरोध चुने गए। इसके बाद वर्ष 1990 में पहली बार विधायक बने। वर्ष 1999 में रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे और लगातार चार बार सांसद रहे। उन्होंने बताया कि पहली बार लोकसभा चुनाव जीतने पर जीत का अंतर करीब 5,800 मतों का था, जबकि अंतिम लोकसभा चुनाव में यह अंतर लाखों मतों तक पहुंच गया। वर्ष 2014 में उन्हें केंद्र में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद वर्ष 2023 में कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित होने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पद संभाला। ओज ने पूछा- नक्सलवाद खत्म करने की क्या योजना बनाई? कक्षा 9वीं के छात्र ओज कुमार ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सरकार ने क्या योजना बनाई है। मुख्यमंत्री साय ने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन को देते हुए कहा कि पुनर्वास नीति, ग्रामीणों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच और सुरक्षा रणनीति के समन्वय से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव आया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ को 31 मार्च 2026 को नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया गया। बच्चों की जिज्ञासा की सराहना मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और जिज्ञासा की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा पूछे गए सवाल उनकी जागरूकता और भविष्य के प्रति गंभीर सोच को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।2
- दंतेवाड़ा में कांग्रेस का प्रदर्शन, CEC ज्ञानेश कुमार पर निशाना दंतेवाड़ा में जिला कांग्रेस कमेटी ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान के तहत प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शकील रिजवी ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है और चुनावों में वोट चोरी हुई है। शकील रिजवी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार को पद से नहीं हटाया जाता, कांग्रेस का प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए और चुनावी निष्पक्षता व लोकतंत्र के समर्थन में नारे लगाए।1