भानुप्रताप ने पूछा- राजनीतिक जीवन की शुरुआत कैसे हुई, ओज ने जानना चाहा- नक्सलवाद खत्म करने की क्या योजना बनाई लामकन्हार में मुख्यमंत्री से बच्चों ने पूछे बेबाक सवाल कांकेर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मासिक रेडियो वार्ता ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में शामिल होने कांकेर जिले के ग्राम लामकन्हार पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत से लेकर नक्सलवाद के खात्मे तक को लेकर सीधे और बेबाक सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने भी सहजता से बच्चों के सवालों के जवाब दिए और अपने संघर्ष से मुख्यमंत्री बनने तक के सफर की जानकारी साझा की। पंच से शुरू हुआ राजनीतिक सफर कक्षा 12वीं के छात्र भानुप्रताप मरकाम ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत कैसे हुई। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि उनका बचपन संघर्ष और जिम्मेदारियों के बीच बीता। कम उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां उनके कंधों पर आ गईं। परिस्थितियों ने उन्हें समाज और लोगों के बीच काम करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि झारखंड और ओडिशा की सीमा पर स्थित छोटे से गांव बगिया से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई। वे पहली बार पंच के चुनाव में निर्विरोध निर्वाचित हुए। ग्रामीणों के आग्रह पर दूसरी बार सरपंच का चुनाव लड़ा और निर्विरोध चुने गए। इसके बाद वर्ष 1990 में पहली बार विधायक बने। वर्ष 1999 में रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे और लगातार चार बार सांसद रहे। उन्होंने बताया कि पहली बार लोकसभा चुनाव जीतने पर जीत का अंतर करीब 5,800 मतों का था, जबकि अंतिम लोकसभा चुनाव में यह अंतर लाखों मतों तक पहुंच गया। वर्ष 2014 में उन्हें केंद्र में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद वर्ष 2023 में कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित होने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पद संभाला। ओज ने पूछा- नक्सलवाद खत्म करने की क्या योजना बनाई? कक्षा 9वीं के छात्र ओज कुमार ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सरकार ने क्या योजना बनाई है। मुख्यमंत्री साय ने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन को देते हुए कहा कि पुनर्वास नीति, ग्रामीणों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच और सुरक्षा रणनीति के समन्वय से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव आया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ को 31 मार्च 2026 को नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया गया। बच्चों की जिज्ञासा की सराहना मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और जिज्ञासा की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा पूछे गए सवाल उनकी जागरूकता और भविष्य के प्रति गंभीर सोच को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
भानुप्रताप ने पूछा- राजनीतिक जीवन की शुरुआत कैसे हुई, ओज ने जानना चाहा- नक्सलवाद खत्म करने की क्या योजना बनाई लामकन्हार में मुख्यमंत्री से बच्चों ने पूछे बेबाक सवाल कांकेर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मासिक रेडियो वार्ता ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में शामिल होने कांकेर जिले के ग्राम लामकन्हार पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत से लेकर नक्सलवाद के खात्मे तक को लेकर सीधे और बेबाक सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने भी सहजता से बच्चों के सवालों के जवाब दिए और अपने संघर्ष से मुख्यमंत्री बनने तक के सफर की जानकारी साझा की। पंच से शुरू हुआ राजनीतिक सफर कक्षा 12वीं के छात्र भानुप्रताप मरकाम ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत कैसे हुई। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि उनका बचपन संघर्ष और जिम्मेदारियों के बीच बीता। कम उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां उनके कंधों पर आ गईं। परिस्थितियों ने उन्हें समाज और लोगों के बीच काम करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि झारखंड और ओडिशा की सीमा पर स्थित छोटे से गांव बगिया से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई। वे पहली बार पंच के चुनाव में निर्विरोध निर्वाचित हुए। ग्रामीणों के आग्रह पर दूसरी बार सरपंच का चुनाव लड़ा और निर्विरोध चुने गए। इसके बाद वर्ष
1990 में पहली बार विधायक बने। वर्ष 1999 में रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे और लगातार चार बार सांसद रहे। उन्होंने बताया कि पहली बार लोकसभा चुनाव जीतने पर जीत का अंतर करीब 5,800 मतों का था, जबकि अंतिम लोकसभा चुनाव में यह अंतर लाखों मतों तक पहुंच गया। वर्ष 2014 में उन्हें केंद्र में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद वर्ष 2023 में कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित होने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पद संभाला। ओज ने पूछा- नक्सलवाद खत्म करने की क्या योजना बनाई? कक्षा 9वीं के छात्र ओज कुमार ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सरकार ने क्या योजना बनाई है। मुख्यमंत्री साय ने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन को देते हुए कहा कि पुनर्वास नीति, ग्रामीणों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच और सुरक्षा रणनीति के समन्वय से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव आया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ को 31 मार्च 2026 को नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया गया। बच्चों की जिज्ञासा की सराहना मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और जिज्ञासा की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा पूछे गए सवाल उनकी जागरूकता और भविष्य के प्रति गंभीर सोच को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
- पखांजूर थानांतर्गत जहर खाने से महिला की हुई मौत,जांच में जुटी पुलिस कांकेर। पखांजूर थानांतर्गत पीव्ही 117 निवासी 45 वर्षीय दीपाली मण्डल पति रंजीत मण्डल ने अज्ञात कारणों के चलते जहर खा लिया, जिससे उसकी 26 सितंबर को मौत हो गई। पुलिस से मिली जानकारी अनुसार मृतिका दीपाली मण्डल पति रंजीत मण्डल ने जहर सेवन किया था। पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर विवेचना में लिया गया।1
- भानुप्रताप ने पूछा- राजनीतिक जीवन की शुरुआत कैसे हुई, ओज ने जानना चाहा- नक्सलवाद खत्म करने की क्या योजना बनाई लामकन्हार में मुख्यमंत्री से बच्चों ने पूछे बेबाक सवाल कांकेर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मासिक रेडियो वार्ता ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में शामिल होने कांकेर जिले के ग्राम लामकन्हार पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत से लेकर नक्सलवाद के खात्मे तक को लेकर सीधे और बेबाक सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने भी सहजता से बच्चों के सवालों के जवाब दिए और अपने संघर्ष से मुख्यमंत्री बनने तक के सफर की जानकारी साझा की। पंच से शुरू हुआ राजनीतिक सफर कक्षा 12वीं के छात्र भानुप्रताप मरकाम ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत कैसे हुई। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि उनका बचपन संघर्ष और जिम्मेदारियों के बीच बीता। कम उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां उनके कंधों पर आ गईं। परिस्थितियों ने उन्हें समाज और लोगों के बीच काम करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि झारखंड और ओडिशा की सीमा पर स्थित छोटे से गांव बगिया से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई। वे पहली बार पंच के चुनाव में निर्विरोध निर्वाचित हुए। ग्रामीणों के आग्रह पर दूसरी बार सरपंच का चुनाव लड़ा और निर्विरोध चुने गए। इसके बाद वर्ष 1990 में पहली बार विधायक बने। वर्ष 1999 में रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे और लगातार चार बार सांसद रहे। उन्होंने बताया कि पहली बार लोकसभा चुनाव जीतने पर जीत का अंतर करीब 5,800 मतों का था, जबकि अंतिम लोकसभा चुनाव में यह अंतर लाखों मतों तक पहुंच गया। वर्ष 2014 में उन्हें केंद्र में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद वर्ष 2023 में कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित होने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पद संभाला। ओज ने पूछा- नक्सलवाद खत्म करने की क्या योजना बनाई? कक्षा 9वीं के छात्र ओज कुमार ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सरकार ने क्या योजना बनाई है। मुख्यमंत्री साय ने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन को देते हुए कहा कि पुनर्वास नीति, ग्रामीणों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच और सुरक्षा रणनीति के समन्वय से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव आया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ को 31 मार्च 2026 को नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया गया। बच्चों की जिज्ञासा की सराहना मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और जिज्ञासा की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा पूछे गए सवाल उनकी जागरूकता और भविष्य के प्रति गंभीर सोच को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।2
- संत रामपाल जी महाराज ने जगदलपुर में बाढ़ पीड़ितों को मदद पहुंचाई संत रामपाल जी महाराज ने जगदलपुर में बाढ़ पीड़ितों को मदद पहुंचाई1
- रसमडा में घर की अलमारी से सोने के आभूषण चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, चोरी की संपत्ति बरामद रसमडा में घर की अलमारी से सोने के आभूषण चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, चोरी की संपत्ति बरामद ▪️ *रसमडा निवासी प्रार्थी के घर की अलमारी से सोने के आभूषण चोरी होने की रिपोर्ट पर अंजोरा चौकी पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की।* ▪️ *विवेचना के दौरान संदेही पी. विकास राव को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसके द्वारा चोरी की घटना स्वीकार की गई।* ▪️ *आरोपी द्वारा चोरी किए गए सोने के आभूषण अपने घर में छिपाकर रखना बताया गया, जिन्हें पुलिस टीम द्वारा बरामद किया गया।* ▪️ *पुलिस ने आरोपी पी. विकास राव को दिनांक 27.09.2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया।* ▪️ *प्रकरण में अपराध क्रमांक 845/2026 धारा 305(क) BNS के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई है।* मुख्य बिंदु दिनांक 25.09.2026 को रसमदा निवासी सरोज निषाद द्वारा घर की अलमारी से सोने के आभूषण चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अंजोरा चौकी पुलिस द्वारा त्वरित विवेचना करते हुए संदेही को हिरासत में लेकर चोरी की संपत्ति बरामद की गई तथा आरोपी को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया। संक्षिप्त विवरण दिनांक 25.09.2026 को प्रार्थी सरोज निषाद, उम्र 38 वर्ष, निवासी रसमडा द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उनके निवास स्थान की अलमारी से अज्ञात व्यक्ति द्वारा सोने की दो ईयरिंग एवं सोने की एक ठूसी माला चोरी कर ली गई है। रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 845/2026, धारा 305(क) BNS पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान अंजोरा चौकी पुलिस द्वारा संदेही पी. विकास राव, उम्र 30 वर्ष, निवासी रसमडा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी द्वारा चोरी की घटना स्वीकार करते हुए चोरी किए गए आभूषण अपने घर में छिपाकर रखना बताया गया। आरोपी के घर से चोरी किए गए सोने के आभूषण बरामद किए गए। आरोपी को दिनांक 27.09.2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका) आरोपी द्वारा प्रार्थी के निवास स्थान की अलमारी से सोने के आभूषण चोरी कर उन्हें अपने घर में छिपाकर रखा गया था। घटना स्थल रसमडा, चौकी अंजोरा, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग। आरोपी का नाम 1. पी. विकास राव, उम्र 30 वर्ष, निवासी रसमदा, चौकी अंजोरा, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग। जप्त सामग्री 1. सोने की 02 नग ईयरिंग। 2. सोने की 01 नग ठूसी माला। सराहनीय कार्य उक्त कार्यवाही में चौकी अंजोरा में पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दुर्ग पुलिस की अपील दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि घर में रखे मूल्यवान आभूषण एवं अन्य संपत्ति की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा पुलिस को दें। —0000—2
- बिना एक भी गेंद फेंके सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया एशियन गेम्स 2026: बारिश ने रद्द किया भारत-अफगानिस्तान क्वार्टर फाइनल, आईसीसी रैंकिंग के आधार पर भारत को मिली एंट्री स्वतंत्र न्यूज छत्तीसगढ़ | मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ। हमेशा फुल फैक्ट्स के साथ, आपके साथ। एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने बिना एक भी मैच खेले सेमीफाइनल में जगह बना ली है। जापान के निश्शिन स्थित कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में सोमवार (28 सितंबर 2026) को भारत और अफगानिस्तान के बीच क्वार्टर फाइनल मैच निर्धारित था। लेकिन लगातार बारिश और गीले आउटफील्ड के कारण मैच बिना टॉस हुए ही रद्द कर दिया गया। एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी। टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार, नॉकआउट मैच रद्द होने पर आईसीसी टी20आई टीम रैंकिंग में बेहतर पोजिशन वाली टीम आगे बढ़ती है। भारत वर्तमान में आईसीसी टी20आई रैंकिंग में नंबर-1 पर है, जबकि अफगानिस्तान 10वें स्थान पर है। इसी आधार पर भारत को सेमीफाइनल में एंट्री मिल गई। अफगानिस्तान का सफर क्वार्टर फाइनल में ही खत्म हो गया। भारत डिफेंडिंग चैंपियन है और उच्च रैंकिंग के कारण सीधे क्वार्टर फाइनल में पहुंचा था। टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर हैं। भारत अब मंगलवार को होने वाले नेपाल बनाम श्रीलंका क्वार्टर फाइनल के विजेता से सेमीफाइनल में भिड़ेगा। सेमीफाइनल गुरुवार (1 अक्टूबर) को उसी वेन्यू पर खेला जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि अफगानिस्तान के लिए यह लगातार दूसरा एशियन गेम्स है जहां भारत के खिलाफ बारिश ने उनका सफर रोक दिया। 2023 हैंगझोउ एशियन गेम्स के फाइनल में भी बारिश के कारण मैच अधूरा रहा था और उच्च रैंकिंग के आधार पर भारत को गोल्ड मिला था, जबकि अफगानिस्तान को सिल्वर से संतोष करना पड़ा था। उसी दिन पाकिस्तान बनाम हांगकांग का क्वार्टर फाइनल भी बारिश की वजह से रद्द हो गया। पाकिस्तान भी उच्च रैंकिंग के कारण सेमीफाइनल में पहुंच गया। स्वतंत्र न्यूज छत्तीसगढ़ हमेशा पूर्ण तथ्यों के साथ खबरें आपके सामने लाता है। टीम इंडिया के आगे के मैचों और एशियन गेम्स की और अपडेट्स के लिए जुड़े रहें। मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ।1
- 28 सितंबर को रायपुर में निकलेगी भव्य गणेश झांकी ++ Comment में बताओ कौन-कौन आ रहे हो ? 28 सितंबर को रायपुर में निकलेगी भव्य गणेश झांकी ++ Comment में बताओ कौन-कौन आ रहे हो ?1
- भोथीडीह में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सुनी प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात चंपारण/नवापारा-राजिम। भारतीय जनता पार्टी चंपारण-तामासिवनी मंडल द्वारा बूथ क्रमांक 87 ग्राम भोथीडीह में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 138वें संस्करण का सामूहिक श्रवण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना। कार्यक्रम में जनपद पंचायत अभनपुर के सभापति ब्रह्मानंद साहू, जिला कार्यकारिणी सदस्य गोविंद नारायण साहू, मंडल महामंत्री आशाराम साहू एवं खिलेंद्र साहू, सोशल मीडिया प्रभारी रूपेश निर्मलकर, सहप्रभारी रीवन लाल यादव, कार्यालय प्रभारी बलराम साहू, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष नीलकंठ निर्मलकर, उपाध्यक्ष माखन लाल साहू एवं महामंत्री रविकांत तारक उपस्थित रहे। इसी क्रम में किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष लीलू राम साहू, महामंत्री परस राम साहू, ओबीसी मोर्चा मंडल महामंत्री शोभाराम साहू, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष कविता साहू, उपाध्यक्ष रोशनी साहू, प्रचार-प्रसार मंत्री दुर्गा लहरी सहित विशाखा साहू, भारती मानिकपुरी एवं हीरा साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में महावीर साहू, धनेश कुमार साहू, बेनीराम साहू, अरुण कुमार साहू, लूरचंद साहू सहित बूथ अध्यक्ष मोहन लाल साहू, तोष राम साहू, नामेश्वर तारक एवं वरुण कुमार साहू समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही। कार्यकर्ताओं ने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से प्रधानमंत्री देशवासियों से विभिन्न विषयों पर संवाद करते हैं, जिससे समाज के अलग-अलग वर्गों के कार्यों एवं उपलब्धियों को जानने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने और जनसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।1
- सेवा संकल्प अभियान: ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के तहत नुक्कड़ नाटक से ग्रामीणों को किया जागरूक जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सरोकारों का दिया संदेश उत्तर बस्तर कांकेर, 28 सितंबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ पहल के तहत लोक लहर प्रेरणा नाट्य दल द्वारा नरहरपुर ब्लॉक के ग्राम जामगांव एवं पेंड्रावन के स्थानीय रंगमंच भवन में प्रेरणादायी नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। कलाकारों ने स्थानीय और सरल संवादों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूक किया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के तहत बालिकाओं के संरक्षण एवं शिक्षा के महत्व का संदेश दिया गया। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा एवं निःशुल्क उपचार तथा स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से स्वच्छता को दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कलाकारों ने सहज एवं प्रभावी प्रस्तुति के माध्यम से शासकीय योजनाओं से मिलने वाले लाभ और उनके महत्व को ग्रामीणों तक पहुंचाया। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने नुक्कड़ नाटक की सराहना की। आयोजन से ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं की जानकारी मिलने के साथ ही युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व एवं जनसेवा की भावना को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर जनपद पंचायत के सीईओ श्री भानुप्रताप चुरेंद्र, श्री संतोष भास्कर, श्री टिकेश्वर जैन, ग्राम जामगांव की सरपंच श्रीमती भगवती उइके, ग्राम पेंड्रावन की सरपंच श्रीमती मालती नेताम सहित स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।4