सिरोही जिले के पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने करीब 50 लाख रुपये की एमडी ड्रग बरामद की है। यह कार्रवाई जिला स्पेशल टीम (DST) और पिंडवाड़ा पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से की गई। पुलिस के अनुसार, अहमदाबाद निवासी मुनीर किराए की कार में उदयपुर से एमडी ड्रग लेकर अहमदाबाद जा रहा था। इसी दौरान पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र के अजारी के समीप पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई सिरोही पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ के निर्देश पर जिला स्पेशल टीम प्रभारी कमलसिंह राठौड़ और उनकी टीम द्वारा की गई। DST टीम से मिली सूचना के बाद पिंडवाड़ा थाने से एसआई हुकुम सिंह मय जाब्ता मौके पर पहुंचे और कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में एमडी ड्रग जब्त की है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 50 लाख रुपये आंकी जा रही है। फिलहाल, पुलिस आरोपी मुनीर से गहन पूछताछ कर रही है और ड्रग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
सिरोही जिले के पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने करीब 50 लाख रुपये की एमडी ड्रग बरामद की है। यह कार्रवाई जिला स्पेशल टीम (DST) और पिंडवाड़ा पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से की गई। पुलिस के अनुसार, अहमदाबाद निवासी मुनीर किराए की कार में उदयपुर से एमडी ड्रग लेकर अहमदाबाद जा रहा था। इसी दौरान पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र के अजारी के समीप पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई सिरोही पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ के निर्देश पर जिला स्पेशल टीम प्रभारी कमलसिंह राठौड़ और उनकी टीम द्वारा की गई। DST टीम से मिली सूचना के बाद पिंडवाड़ा थाने से एसआई हुकुम सिंह मय जाब्ता मौके पर पहुंचे और कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में एमडी ड्रग जब्त की है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 50 लाख रुपये आंकी जा रही है। फिलहाल, पुलिस आरोपी मुनीर से गहन पूछताछ कर रही है और ड्रग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
- सिरोही जिले के पिण्डवाड़ा क्षेत्र स्थित वाटेरा ग्राम पंचायत में राज्य सरकार के ‘वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान’ के तहत जल संरक्षण और स्वच्छता के लिए एक विशेष श्रमदान अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान ग्रामीणों ने गाँव की सार्वजनिक पैचका वाव की साफ-सफाई कर जल स्रोतों के संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस पहल में ग्राम पंचायत वाटेरा की प्रशासक सविता रावल, उप प्रशासक खेताराम भील, वीडीओ राजेश कुमार, समाजसेवी रमेश कुमार और महेश घाँची सहित वार्डपंचों और अन्य ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने मिलकर वाव की सफाई के लिए श्रमदान किया और जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। अभियान के दौरान "जल है तो कल है, वाव बचेगी तो गांव बचेगा" जैसे नारों के साथ ग्रामीणों को जागरूक किया गया। साथ ही, "पुरखों की धरोहर वाव हमारी, मिलकर करेंगे सफाई सारी" और "जल संरक्षण का करो सम्मान, वाव सफाई है पहला काम" जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक श्रमदान करते हुए "आओ मिलकर करें सफाई, गांव की वाव है शान हमारी" के नारों के साथ इस अभियान को सफल बनाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों को स्वच्छ रखना, वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देना और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखना बताया गया है।1
- *“जल है तो कल है” के नारों संग जुटे ग्रामीण* *वाटेरा की ऐतिहासिक वाव की हुई सफाई* *पत्रकार बलराम चौधरी* सिरोही जिले के पिण्डवाड़ा क्षेत्र स्थित वाटेरा ग्राम पंचायत में राज्य सरकार के ‘वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान’ के तहत जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर विशेष श्रमदान अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान गांव की सार्वजनिक पैचका वाव की साफ-सफाई कर ग्रामीणों ने जल स्रोतों के संरक्षण का संदेश दिया। इस अभियान में ग्राम पंचायत वाटेरा की प्रशासक सविता रावल, उप प्रशासक खेताराम भील, वीडीओ राजेश कुमार, समाजसेवी रमेश कुमार, महेश घाँची सहित वार्डपंचों और ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने मिलकर श्रमदान करते हुए वाव की सफाई की और जल संरक्षण के महत्व को समझाया। अभियान के दौरान “जल है तो कल है, वाव बचेगी तो गांव बचेगा” जैसे नारों से ग्रामीणों को जागरूक किया गया। इसके अलावा “पुरखों की धरोहर वाव हमारी, मिलकर करेंगे सफाई सारी” और “जल संरक्षण का करो सम्मान, वाव सफाई है पहला काम” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक श्रमदान करते हुए “आओ मिलकर करें सफाई, गांव की वाव है शान हमारी” के नारों के साथ अभियान को सफल बनाया। अभियान का उद्देश्य जल स्रोतों को स्वच्छ रखना, वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देना और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखना बताया गया।1
- सुमेरपुर के फालना-निंबेश्वर टोल प्लाजा पर टोल शुल्क में कथित भेदभाव को लेकर टैक्सी चालकों में गहरा रोष बढ़ता जा रहा है। पाली जिला परिवहन ड्राइवर यूनियन की फालना शाखा के पदाधिकारियों ने उपखंड अधिकारी कालूराम कुम्हार को एक ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप करने और टैक्सी चालकों को राहत दिलाने की मांग की है। यूनियन ने अपने ज्ञापन में बताया कि निंबेश्वर टोल प्लाजा फालना से लगभग 5 किलोमीटर और सांडेराव थाना क्षेत्र से करीब 4 किलोमीटर दूर स्थित है। इसके बावजूद, स्थानीय टैक्सी चालकों से मासिक पास के नाम पर ₹1555 तक वसूले जा रहे हैं, जबकि निजी वाहनों से इसकी तुलना में कम शुल्क लिया जाता है। चालकों का आरोप है कि टोल प्लाजा पर स्थानीय लोगों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है और अत्यधिक शुल्क वसूला जा रहा है, जिससे टैक्सी संचालकों और स्थानीय वाहन मालिकों में भारी नाराजगी है। इस ज्ञापन की प्रतियां मंत्री जोराराम कुमावत, पाली जिला कलेक्टर, सुमेरपुर उपखंड अधिकारी और सांडेराव थाना अधिकारी को भी भेजी गई हैं। यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे विरोध प्रदर्शन और आंदोलन का सहारा लेंगे।3
- सिरोही के स्वरूपगंज क्षेत्र में 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के अंतर्गत वाटेरा ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने जल संरक्षण व पर्यावरण को स्वच्छ रखने का कार्य किया। इस पहल के तहत वाटेरा गांव की सार्वजनिक पैचका वाव की साफ-सफाई का कार्य ग्रामीणों, ग्राम पंचायत वाटेरा प्रशासक सविता रावल, उप प्रशासक खेताराम भील, विडीओ राजेश कुमार, समाजसेवी रमेश कुमार, महेश घाँची और समस्त वार्डपंचों के सहयोग से संपन्न हुआ। अभियान के दौरान वाटेरा पंचायत प्रशासक ने समस्त ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए कई नारे दिए, जिनमें "जल है तो कल है, वाव बचेगी तो गांव बचेगा" प्रमुख रहा। साथ ही, "वंदे गंगा अभियान का नारा है, वाव-पैसका को स्वच्छ बनाना है", "पुरखों की धरोहर वाव हमारी, मिलकर करेंगे सफाई सारी", "बूंद-बूंद से घट भरे, वाव साफ से गांव तरे", और "जल संरक्षण का करो सम्मान, वाव सफाई है पहला काम" जैसे संदेश भी दिए गए। ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक "आओ मिलकर करें सफाई, गांव की वाव है शान हमारी, पुरखों की ये निशानी प्यारी, वंदे गंगा का अभियान चला, श्रमदान को हर कोई चला" का नारा लगाते हुए श्रमदान में हिस्सा लिया।4
- फालना के खुडाला गांव निवासी एक दूध व्यवसायी भरत चौधरी, जो पुनाराम चौधरी के पुत्र हैं, का धणी गांव में अपहरण कर लिया गया। जानकारी के अनुसार, शनिवार को दूध संग्रहण कर लौटते समय 5-6 अज्ञात लोगों ने धारदार हथियारों, लाठियों और सरियों से उन पर हमला किया। हमलावरों ने उन्हें अगवा कर एक सुनसान जगह पर छोड़ दिया था। इस घटना के विरोध में खुडाला गांव के ग्रामीणों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नाम उप पुलिस अधीक्षक पारस चौधरी को एक लिखित ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन ने अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है, बल्कि केवल आश्वासन दे रही है। इससे खुडाला ग्रामवासियों और समाजबंधुओं में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे भविष्य में किसी बड़ी घटना की आशंका बनी हुई है। खुडाला गांव के 36 कौम के नागरिकों ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 3 जून 2026 तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे धरना प्रदर्शन करेंगे और पुलिस थाने का घेराव करेंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि इसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान जणवा समाज पूर्व 42 अध्यक्ष नेकाराम चौधरी, पुनाराम चौधरी, छोगाराम चौधरी, मुकेश चौधरी, नवाराम चोधरी, गमाराम चौधरी, जगाराम चौधरी, जोधाराम चौधरी, प्रवीण घसी, यशपाल सिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।1
- जालोर में राजस्थान माइनिंग संगठन के अध्यक्ष एवं समाजसेवी राजवीर सिंह देवड़ा और भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष रतन सिंह कानीवाड़ा ने मंगलवार को सुंदेलाव तालाब, सामतीपुरा रोड स्थित आर्य वीर दल हनुमान व्यायामशाला की गतिविधियों और मुक्केबाजी प्रतियोगिता का अवलोकन किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने आर्य वीर दल की मुक्तिकंठ से प्रशंसा की। राजवीर सिंह देवड़ा ने अपने संबोधन में बताया कि वे भी बचपन में आर्य वीर दल की शाखा में नियमित रूप से आते थे और उन्होंने यहां से जीवन में बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने कहा कि उनके समय में यहां इतनी सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन आज का विकास देखकर मन प्रसन्न हुआ। देवड़ा ने आर्य वीरों की बड़ी संख्या और उनकी मेहनत देखकर यह उम्मीद जताई कि वे एक दिन बड़ा नाम करेंगे। वहीं, किसान नेता रतन सिंह कानीवाड़ा ने मुक्केबाजी के खेल को सनातन काल से दमखम का खेल बताते हुए इसे नियमित रूप से खेलने की सलाह दी, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ आत्मा का निवास होता है। उन्होंने खेलों में आर्य वीर दल के योगदान को सराहनीय बताया। इससे पहले, आर्य वीर दल के संरक्षक दलपत सिंह आर्य ने संगठन की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह शाखा 50 साल से भी अधिक समय से संचालित हो रही है। उन्होंने कहा कि यहां से प्रशिक्षित होकर कई लोगों ने जालोर का नाम ऊंचा किया है, और इसलिए उन्होंने अभिभावकों से अपने बालक-बालिकाओं को नियमित रूप से संगठन में भेजने का आग्रह किया। दलपत सिंह आर्य ने यह भी बताया कि संगठन बालक-बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए तत्पर है। इस अवसर पर किसान नेता नरपत सिंह आन्वलोज, आहोर किसान संघ के चक्रवर्ती सिंह, हिंदू राम आर्य, हर्षवर्धन सिंह राठौड़ और भावेश सुंदेशा सहित कई आर्य वीर और वीरांगनाएं उपस्थित थे।4
- पाली जिले के बाली उपखंड के दुदनी ग्राम स्थित एक तालाब में भीषण गर्मी के कारण जलस्तर लगातार घटने से मछलियों के जीवन पर संकट गहरा गया था। तालाब में पानी की कमी से मछलियां तड़पने लगी थीं। इसी को देखते हुए, वन्य जीव प्रेमी मालम सिंह पुत्र मोड सिंह ने मछलियों को बचाने के लिए एक अनोखी पहल की और टैंकरों के माध्यम से गांव की नाड़ी में पानी डलवाया। पानी मिलते ही मछलियां खुशी से उछल-कूद करने लगीं, जिसे देखकर ग्रामीणों ने राहत महसूस की। इस सफल प्रयास के बाद गांव के अन्य वन्य जीव प्रेमी और समाजसेवी भी आगे आए और अपनी श्रद्धा अनुसार टैंकरों से पानी डलवाकर मछलियों को बचाने में सहयोग करने लगे। ग्रामवासियों ने इस कार्य को भीषण गर्मी में जीवों की रक्षा के लिए एक प्रेरणादायक प्रयास बताया है। मछलियों को बचाने की यह अनोखी मुहिम अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है, और सभी ग्रामीण इस मानवीय पहल की सराहना कर रहे हैं।1
- सिरोही जिले के माउंट आबू में एक महिला ने एक होटल संचालक के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी संचालक ने होटल में काम करने के दौरान उसके साथ जबरदस्ती की, साथ ही उसे धमकी भी दी और उसका बकाया वेतन भी नहीं दिया। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला के अनुसार, घटना के बाद आरोपी संचालक ने उसे किसी को भी जानकारी देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी, जिसके डर से पीड़िता ने होटल जाना बंद कर दिया। पीड़िता ने यह भी शिकायत की है कि उसे उसका बकाया वेतन भी नहीं दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया है और एफएसएल टीम ने मौके पर पहुँचकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि इस मामले की हर पहलू से गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही लगाए गए आरोपों की पुष्टि हो पाएगी और नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1