सिरोही के स्वरूपगंज क्षेत्र में 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के अंतर्गत वाटेरा ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने जल संरक्षण व पर्यावरण को स्वच्छ रखने का कार्य किया। इस पहल के तहत वाटेरा गांव की सार्वजनिक पैचका वाव की साफ-सफाई का कार्य ग्रामीणों, ग्राम पंचायत वाटेरा प्रशासक सविता रावल, उप प्रशासक खेताराम भील, विडीओ राजेश कुमार, समाजसेवी रमेश कुमार, महेश घाँची और समस्त वार्डपंचों के सहयोग से संपन्न हुआ। अभियान के दौरान वाटेरा पंचायत प्रशासक ने समस्त ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए कई नारे दिए, जिनमें "जल है तो कल है, वाव बचेगी तो गांव बचेगा" प्रमुख रहा। साथ ही, "वंदे गंगा अभियान का नारा है, वाव-पैसका को स्वच्छ बनाना है", "पुरखों की धरोहर वाव हमारी, मिलकर करेंगे सफाई सारी", "बूंद-बूंद से घट भरे, वाव साफ से गांव तरे", और "जल संरक्षण का करो सम्मान, वाव सफाई है पहला काम" जैसे संदेश भी दिए गए। ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक "आओ मिलकर करें सफाई, गांव की वाव है शान हमारी, पुरखों की ये निशानी प्यारी, वंदे गंगा का अभियान चला, श्रमदान को हर कोई चला" का नारा लगाते हुए श्रमदान में हिस्सा लिया।
सिरोही के स्वरूपगंज क्षेत्र में 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के अंतर्गत वाटेरा ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने जल संरक्षण व पर्यावरण को स्वच्छ रखने का कार्य किया। इस पहल के तहत वाटेरा गांव की सार्वजनिक पैचका वाव की साफ-सफाई का कार्य ग्रामीणों, ग्राम पंचायत वाटेरा
प्रशासक सविता रावल, उप प्रशासक खेताराम भील, विडीओ राजेश कुमार, समाजसेवी रमेश कुमार, महेश घाँची और समस्त वार्डपंचों के सहयोग से संपन्न हुआ। अभियान के दौरान वाटेरा पंचायत प्रशासक ने समस्त ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए कई नारे दिए, जिनमें "जल है तो कल है, वाव बचेगी
तो गांव बचेगा" प्रमुख रहा। साथ ही, "वंदे गंगा अभियान का नारा है, वाव-पैसका को स्वच्छ बनाना है", "पुरखों की धरोहर वाव हमारी, मिलकर करेंगे सफाई सारी", "बूंद-बूंद से घट भरे, वाव साफ से गांव तरे", और "जल संरक्षण का करो सम्मान, वाव सफाई है पहला
काम" जैसे संदेश भी दिए गए। ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक "आओ मिलकर करें सफाई, गांव की वाव है शान हमारी, पुरखों की ये निशानी प्यारी, वंदे गंगा का अभियान चला, श्रमदान को हर कोई चला" का नारा लगाते हुए श्रमदान में हिस्सा लिया।
- सिरोही के स्वरूपगंज क्षेत्र में 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के अंतर्गत वाटेरा ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने जल संरक्षण व पर्यावरण को स्वच्छ रखने का कार्य किया। इस पहल के तहत वाटेरा गांव की सार्वजनिक पैचका वाव की साफ-सफाई का कार्य ग्रामीणों, ग्राम पंचायत वाटेरा प्रशासक सविता रावल, उप प्रशासक खेताराम भील, विडीओ राजेश कुमार, समाजसेवी रमेश कुमार, महेश घाँची और समस्त वार्डपंचों के सहयोग से संपन्न हुआ। अभियान के दौरान वाटेरा पंचायत प्रशासक ने समस्त ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए कई नारे दिए, जिनमें "जल है तो कल है, वाव बचेगी तो गांव बचेगा" प्रमुख रहा। साथ ही, "वंदे गंगा अभियान का नारा है, वाव-पैसका को स्वच्छ बनाना है", "पुरखों की धरोहर वाव हमारी, मिलकर करेंगे सफाई सारी", "बूंद-बूंद से घट भरे, वाव साफ से गांव तरे", और "जल संरक्षण का करो सम्मान, वाव सफाई है पहला काम" जैसे संदेश भी दिए गए। ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक "आओ मिलकर करें सफाई, गांव की वाव है शान हमारी, पुरखों की ये निशानी प्यारी, वंदे गंगा का अभियान चला, श्रमदान को हर कोई चला" का नारा लगाते हुए श्रमदान में हिस्सा लिया।4
- सोमवार को आबूरोड के लुनियापुर स्थित डीएफसी रेलवे ट्रैक के पास अचानक भीषण आग लगने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। आग की ऊंची लपटें उठती देख रेलवे महकमा तुरंत हरकत में आया और नगर पालिका फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान फायर कर्मी मोहम्मद युनुस, चिराग परिहार, अरुण चांवरिया, कमलेश मारू और नवीन कुमार ने आग बुझाने में अहम भूमिका निभाई, जिससे समय रहते आग पर नियंत्रण पाकर एक बड़ा हादसा टल गया।1
- सिरोही जिला पुलिस ने "सड़क सुरक्षा - जीवन रक्षा" अभियान के अंतर्गत आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में वाहन चालकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी देते हुए उनसे यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, नशे में वाहन नहीं चलाने, ओवरस्पीड से बचने और मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन नहीं चलाने जैसे महत्वपूर्ण नियमों के बारे में बताया। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं से बचाव और सुरक्षित यात्रा के लिए लोगों को जागरूक करते हुए यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यातायात नियमों का पालन करके कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। पुलिस द्वारा इस अभियान के तहत जिलेभर में लगातार जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिसका उद्देश्य आमजन में यातायात के प्रति जिम्मेदारी और सतर्कता बढ़ाना है।1
- भीनमाल कस्बे में एक युवक पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में सोमवार को देवासी समाज सहित 36 कौम के लोगों ने उपखंड कार्यालय के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की और इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर पूजा सक्सेना को एक ज्ञापन भी सौंपा। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने को संबोधित करते हुए रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी ने इस हमले को निंदनीय बताया और कहा कि किसी भी विवाद का समाधान कानून के दायरे में होना चाहिए, न कि इसे जातियों का झगड़ा बनाया जाए। भीनमाल विधायक डॉ. समरजीत सिंह राठौड़ ने बीच बाजार में युवक पर हुए हमले को चिंता का विषय बताया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सांवलाराम देवासी ने प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देने की बात कही, जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। डॉ. रमेश देवासी ने स्पष्ट किया कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती और हमलावरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, रमेश सोनी पुनासा ने यह चिंता व्यक्त की कि ऐसे अपराधियों के हौसले बुलंद होने से भीनमाल अब सुरक्षित नहीं रहा और आमजन में भय व्याप्त है। इस अवसर पर शेखर व्यास, हरिसिंह सोलंकी, जोरावर सिंह, भरत सिंह भोजानी, भरत सिंह राव, स्वामी दिव्य स्वरूपदास महाराज, मनोज गुप्ता, भंवरलाल सोलंकी और जोगाराम चौधरी सहित कई अन्य लोगों ने भी अपनी बात रखी। भीषण गर्मी के बावजूद देवासी समाज सहित 36 कौम के लोग भारी संख्या में उपखंड कार्यालय के बाहर डटे रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए धरना स्थल पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था।4
- वंदे गंगा जल संरक्षण जन-अभियान 2026 के तहत, सोमवार, 25 मई को सुमेरपुर उपखंड के सिंदरू बांध और तखतगढ़ बांध पर एक जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण और जल संचय को एक जन-आंदोलन का रूप देकर आमजन को पानी के महत्व के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह गलथनी, जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता राज भंवरायत और जवाई कमांड क्षेत्र संगम के अध्यक्ष नरपत सिंह सहित क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, किसानों, महिलाओं और युवाओं ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर बांध स्थल पर विधिवत जल पूजन और गंगा आरती का आयोजन किया गया। सभी उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त जीवन अपनाने की सामूहिक शपथ ली। अधिशासी अभियंता राज भंवरायत ने जल के समुचित उपयोग और उसके संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए लोगों को पानी बचाने के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि जयेंद्र सिंह गलथनी ने वर्षा जल संग्रहण और जल बचत के विभिन्न उपायों की जानकारी दी, यह बताते हुए कि जल संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान सभी ने सामूहिक श्रमदान करते हुए बांध से गाद निकालने का कार्य भी किया। बाद में आयोजित जल चौपाल में ग्रामीणों को “जल है तो कल है” का संदेश देकर जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।4
- पाली जिले के बाली उपखंड के दुदनी ग्राम स्थित एक तालाब में भीषण गर्मी के कारण जलस्तर लगातार घटने से मछलियों के जीवन पर संकट गहरा गया था। तालाब में पानी की कमी से मछलियां तड़पने लगी थीं। इसी को देखते हुए, वन्य जीव प्रेमी मालम सिंह पुत्र मोड सिंह ने मछलियों को बचाने के लिए एक अनोखी पहल की और टैंकरों के माध्यम से गांव की नाड़ी में पानी डलवाया। पानी मिलते ही मछलियां खुशी से उछल-कूद करने लगीं, जिसे देखकर ग्रामीणों ने राहत महसूस की। इस सफल प्रयास के बाद गांव के अन्य वन्य जीव प्रेमी और समाजसेवी भी आगे आए और अपनी श्रद्धा अनुसार टैंकरों से पानी डलवाकर मछलियों को बचाने में सहयोग करने लगे। ग्रामवासियों ने इस कार्य को भीषण गर्मी में जीवों की रक्षा के लिए एक प्रेरणादायक प्रयास बताया है। मछलियों को बचाने की यह अनोखी मुहिम अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है, और सभी ग्रामीण इस मानवीय पहल की सराहना कर रहे हैं।1
- फालना पुलिस थाना क्षेत्र के खुडाला निवासी इंदर सिंह राजपुरोहित का अंतिम संस्कार आज देर शाम फालना के श्मशान घाट में हुआ। इंदर सिंह, जिन्हें इंद्रजीत सिंह भी बताया गया है, 8 मई को गुमशुदा हुए थे और 11 मई को उनके भाई ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। काफी खोजबीन के बाद, 19 मई को, यानी लापता होने के 11 दिन बाद, उनका शव एक खेत में मिला था। शव मिलने के बाद, समाज बंधुओं ने हत्या की आशंका जताते हुए शव लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद प्रशासन की ओर से हुई कई दौर की वार्ता भी सफल नहीं हो पाई, जिसके चलते रविवार को सुबह से ही आसपास के ग्रामीण भारी संख्या में फालना पुलिस थाने पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों के विरोध के बाद, प्रशासन दो मुख्य बातों पर सहमत हुआ: पहला, री-पोस्टमार्टम होने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा; और दूसरा, मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय SIT (विशेष जांच दल) गठित की जाएगी। इस सहमति के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। आज बांगड़ कॉलेज में पाँच डॉक्टरों की एक टीम द्वारा मेडिकल बोर्ड से फिर से पोस्टमार्टम करवाया गया, जिसके बाद परिवार को शव सौंपा गया। इस दौरान सांडेराव और फालना की पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। परिवार ने, शव मिलने के 5 दिन बाद, उसका अंतिम संस्कार किया। राजस्थान प्रदेश राजपुरोहित महासभा के अध्यक्ष गब्बर सिंह राजपुरोहित ने बताया कि प्रशासन के साथ कल जो सहमति बनी थी, उसके तहत आज री-पोस्टमार्टम हो गया है और इंद्रजीत का अंतिम संस्कार किया गया है। उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए प्रशासन से लगातार संपर्क में रहने की बात कही। वहीं, थाना अधिकारी विक्रम सिंह ने पुष्टि की कि धरने में बनी सहमति के अनुसार आज मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाकर शव परिवार को सौंप दिया गया है, और परिवार ने अंतिम संस्कार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि आगे की कार्रवाई जारी है।2
- सिरोही जिले के पिंडवाड़ा नगर पालिका क्षेत्र में साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था को लेकर आमजन में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। नगर पालिका कार्यालय के ठीक सामने, पोस्ट ऑफिस के पास स्थित क्षेत्र में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय लोग खासे परेशान हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यहाँ पहले नाला था, जिसे तोड़कर कई बार नई नालियाँ बनाई गईं, लेकिन आज तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया। उनके अनुसार, करोड़ों रुपये के टेंडर जारी होने के बावजूद सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण गंदा पानी जमा रहता है और आसपास लगातार दुर्गंध फैल रही है, जिससे आमजन को आवाजाही में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों ने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि जब स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, तो आखिर जमीनी स्तर पर सफाई कौन करेगा। लोगों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन केवल निर्माण कार्यों तक ही सीमित है, जबकि रखरखाव और सफाई पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा। क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल सफाई अभियान चलाने, नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।3