भीनमाल कस्बे में एक युवक पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में सोमवार को देवासी समाज सहित 36 कौम के लोगों ने उपखंड कार्यालय के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की और इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर पूजा सक्सेना को एक ज्ञापन भी सौंपा। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने को संबोधित करते हुए रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी ने इस हमले को निंदनीय बताया और कहा कि किसी भी विवाद का समाधान कानून के दायरे में होना चाहिए, न कि इसे जातियों का झगड़ा बनाया जाए। भीनमाल विधायक डॉ. समरजीत सिंह राठौड़ ने बीच बाजार में युवक पर हुए हमले को चिंता का विषय बताया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सांवलाराम देवासी ने प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देने की बात कही, जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। डॉ. रमेश देवासी ने स्पष्ट किया कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती और हमलावरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, रमेश सोनी पुनासा ने यह चिंता व्यक्त की कि ऐसे अपराधियों के हौसले बुलंद होने से भीनमाल अब सुरक्षित नहीं रहा और आमजन में भय व्याप्त है। इस अवसर पर शेखर व्यास, हरिसिंह सोलंकी, जोरावर सिंह, भरत सिंह भोजानी, भरत सिंह राव, स्वामी दिव्य स्वरूपदास महाराज, मनोज गुप्ता, भंवरलाल सोलंकी और जोगाराम चौधरी सहित कई अन्य लोगों ने भी अपनी बात रखी। भीषण गर्मी के बावजूद देवासी समाज सहित 36 कौम के लोग भारी संख्या में उपखंड कार्यालय के बाहर डटे रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए धरना स्थल पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
भीनमाल कस्बे में एक युवक पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में सोमवार को देवासी समाज सहित 36 कौम के लोगों ने उपखंड कार्यालय के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की और इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर पूजा सक्सेना को एक ज्ञापन भी सौंपा। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया
गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने को संबोधित करते हुए रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी ने इस हमले को निंदनीय बताया और कहा कि किसी भी विवाद का समाधान कानून के दायरे में होना चाहिए, न कि इसे जातियों का झगड़ा बनाया जाए। भीनमाल विधायक डॉ. समरजीत सिंह राठौड़ ने बीच बाजार में युवक पर हुए हमले को चिंता का विषय बताया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पूर्व नगर
पालिका अध्यक्ष सांवलाराम देवासी ने प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देने की बात कही, जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। डॉ. रमेश देवासी ने स्पष्ट किया कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती और हमलावरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, रमेश सोनी पुनासा ने यह चिंता व्यक्त की कि ऐसे अपराधियों के हौसले बुलंद होने से भीनमाल अब सुरक्षित नहीं रहा और आमजन में भय व्याप्त है। इस
अवसर पर शेखर व्यास, हरिसिंह सोलंकी, जोरावर सिंह, भरत सिंह भोजानी, भरत सिंह राव, स्वामी दिव्य स्वरूपदास महाराज, मनोज गुप्ता, भंवरलाल सोलंकी और जोगाराम चौधरी सहित कई अन्य लोगों ने भी अपनी बात रखी। भीषण गर्मी के बावजूद देवासी समाज सहित 36 कौम के लोग भारी संख्या में उपखंड कार्यालय के बाहर डटे रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए धरना स्थल पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
- भीनमाल कस्बे में एक युवक पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में सोमवार को देवासी समाज सहित 36 कौम के लोगों ने उपखंड कार्यालय के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की और इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर पूजा सक्सेना को एक ज्ञापन भी सौंपा। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने को संबोधित करते हुए रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी ने इस हमले को निंदनीय बताया और कहा कि किसी भी विवाद का समाधान कानून के दायरे में होना चाहिए, न कि इसे जातियों का झगड़ा बनाया जाए। भीनमाल विधायक डॉ. समरजीत सिंह राठौड़ ने बीच बाजार में युवक पर हुए हमले को चिंता का विषय बताया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सांवलाराम देवासी ने प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देने की बात कही, जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। डॉ. रमेश देवासी ने स्पष्ट किया कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती और हमलावरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, रमेश सोनी पुनासा ने यह चिंता व्यक्त की कि ऐसे अपराधियों के हौसले बुलंद होने से भीनमाल अब सुरक्षित नहीं रहा और आमजन में भय व्याप्त है। इस अवसर पर शेखर व्यास, हरिसिंह सोलंकी, जोरावर सिंह, भरत सिंह भोजानी, भरत सिंह राव, स्वामी दिव्य स्वरूपदास महाराज, मनोज गुप्ता, भंवरलाल सोलंकी और जोगाराम चौधरी सहित कई अन्य लोगों ने भी अपनी बात रखी। भीषण गर्मी के बावजूद देवासी समाज सहित 36 कौम के लोग भारी संख्या में उपखंड कार्यालय के बाहर डटे रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए धरना स्थल पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था।4
- जालोर जिले के सायला क्षेत्र में बिजली विभाग के गोदामों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातें लगातार बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में जीवाणा स्थित सहायक अभियंता कार्यालय के गोदाम में हुई एक घटना में अज्ञात चोरों ने ट्रांसफॉर्मरों को खोलकर लाखों रुपये का कॉपर वायर और अन्य कॉपर सामान चुरा लिया। इस वारदात से विभाग में हड़कंप मच गया और विभागीय अधिकारियों में भी हलचल मच गई। चोरों ने गोदाम में रखे दो सिंगल फ्यूज और तीन थ्री फेज ट्रांसफॉर्मरों से कॉपर वायर निकाल लिया, साथ ही लाखों रुपये मूल्य का अन्य कॉपर सामान भी चोरी कर ले गए। पूरी घटना वहाँ लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें करीब सात लोग चोरी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। सहायक अभियंता हरिशंकर प्रसाद सिंह ने बताया कि इस चोरी से विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने पुलिस को घटना की सूचना दे दी है और सीसीटीवी फुटेज भी जाँच के लिए सौंप दिए हैं। पुलिस अब फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुट गई है। गौरतलब है कि दो दिन पहले भी सायला के विद्युत घर में लाखों रुपये की चोरी की घटना सामने आई थी। क्षेत्र में बिजली विभाग के ठिकानों पर लगातार हो रही इन चोरी की घटनाओं से विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।4
- राजस्थान के जालोर जिले के सायला क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सड़कों की हालत ऐसी है, जैसा कि एक वीडियो में दिखाया गया है।1
- पादरू सिवान मार्ग पर स्थित टांडा बेरा रोड का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क एक नई डामर रोड के रूप में बनाई जा रही थी, जिसका काम अभी चल रहा था, लेकिन अब यह बीच में ही रुक गया है। इसकी घोषणा भी डामर रोड तक हुई थी। काम अधूरा होने के कारण लोग अनिश्चितता में हैं कि यह आगे बढ़ेगा या नहीं, और इसकी जानकारी किसी को नहीं है। इस अधूरी सड़क पर आवाजाही बेहद खतरनाक हो गई है, खासकर बाइक सवारों के लिए। उन्हें लगातार यह डर सताता है कि पास से गुजरने वाली बड़ी गाड़ियों के टायर के नीचे से पत्थर निकलकर उनके सिर पर न लग जाए। इसके अलावा, बाइक फिसलने का भी खतरा बना रहता है, जिससे किसी भी वक्त गंभीर हादसा होने की आशंका है। इस स्थिति में सड़क पर बाइक चलाना भी बेहद मुश्किल हो गया है।1
- सिरोही जिला पुलिस ने "सड़क सुरक्षा - जीवन रक्षा" अभियान के अंतर्गत आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में वाहन चालकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी देते हुए उनसे यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, नशे में वाहन नहीं चलाने, ओवरस्पीड से बचने और मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन नहीं चलाने जैसे महत्वपूर्ण नियमों के बारे में बताया। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं से बचाव और सुरक्षित यात्रा के लिए लोगों को जागरूक करते हुए यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यातायात नियमों का पालन करके कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। पुलिस द्वारा इस अभियान के तहत जिलेभर में लगातार जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिसका उद्देश्य आमजन में यातायात के प्रति जिम्मेदारी और सतर्कता बढ़ाना है।1
- सिरोही जिले के पिंडवाड़ा शहर में एक बार फिर बाइक चोरों की सक्रियता ने आमजन की चिंता बढ़ा दी है, जिससे पुलिस की गश्त व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। देर रात पिंडवाड़ा की गुदरिया कॉलोनी में अज्ञात चोरों ने वारदात को अंजाम दिया, जहां पालिका के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र प्रजापत के घर के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल चोरी कर ली गई। पूरी चोरी की घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें संदिग्ध चोरों को बाइक ले जाते हुए साफ देखा जा सकता है। शहर में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों से लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरी की इन घटनाओं पर अंकुश लगाने की कड़ी मांग की है। यह मामला पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र का है, और पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुट गई है तथा पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- सिरोही के स्वरूपगंज क्षेत्र में 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के अंतर्गत वाटेरा ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने जल संरक्षण व पर्यावरण को स्वच्छ रखने का कार्य किया। इस पहल के तहत वाटेरा गांव की सार्वजनिक पैचका वाव की साफ-सफाई का कार्य ग्रामीणों, ग्राम पंचायत वाटेरा प्रशासक सविता रावल, उप प्रशासक खेताराम भील, विडीओ राजेश कुमार, समाजसेवी रमेश कुमार, महेश घाँची और समस्त वार्डपंचों के सहयोग से संपन्न हुआ। अभियान के दौरान वाटेरा पंचायत प्रशासक ने समस्त ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए कई नारे दिए, जिनमें "जल है तो कल है, वाव बचेगी तो गांव बचेगा" प्रमुख रहा। साथ ही, "वंदे गंगा अभियान का नारा है, वाव-पैसका को स्वच्छ बनाना है", "पुरखों की धरोहर वाव हमारी, मिलकर करेंगे सफाई सारी", "बूंद-बूंद से घट भरे, वाव साफ से गांव तरे", और "जल संरक्षण का करो सम्मान, वाव सफाई है पहला काम" जैसे संदेश भी दिए गए। ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक "आओ मिलकर करें सफाई, गांव की वाव है शान हमारी, पुरखों की ये निशानी प्यारी, वंदे गंगा का अभियान चला, श्रमदान को हर कोई चला" का नारा लगाते हुए श्रमदान में हिस्सा लिया।4
- सिरोही जिले के पिंडवाड़ा नगर पालिका क्षेत्र में साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था को लेकर आमजन में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। नगर पालिका कार्यालय के ठीक सामने, पोस्ट ऑफिस के पास स्थित क्षेत्र में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय लोग खासे परेशान हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यहाँ पहले नाला था, जिसे तोड़कर कई बार नई नालियाँ बनाई गईं, लेकिन आज तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया। उनके अनुसार, करोड़ों रुपये के टेंडर जारी होने के बावजूद सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण गंदा पानी जमा रहता है और आसपास लगातार दुर्गंध फैल रही है, जिससे आमजन को आवाजाही में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों ने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि जब स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, तो आखिर जमीनी स्तर पर सफाई कौन करेगा। लोगों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन केवल निर्माण कार्यों तक ही सीमित है, जबकि रखरखाव और सफाई पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा। क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल सफाई अभियान चलाने, नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।3