सुमेरपुर के फालना-निंबेश्वर टोल प्लाजा पर टोल शुल्क में कथित भेदभाव को लेकर टैक्सी चालकों में गहरा रोष बढ़ता जा रहा है। पाली जिला परिवहन ड्राइवर यूनियन की फालना शाखा के पदाधिकारियों ने उपखंड अधिकारी कालूराम कुम्हार को एक ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप करने और टैक्सी चालकों को राहत दिलाने की मांग की है। यूनियन ने अपने ज्ञापन में बताया कि निंबेश्वर टोल प्लाजा फालना से लगभग 5 किलोमीटर और सांडेराव थाना क्षेत्र से करीब 4 किलोमीटर दूर स्थित है। इसके बावजूद, स्थानीय टैक्सी चालकों से मासिक पास के नाम पर ₹1555 तक वसूले जा रहे हैं, जबकि निजी वाहनों से इसकी तुलना में कम शुल्क लिया जाता है। चालकों का आरोप है कि टोल प्लाजा पर स्थानीय लोगों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है और अत्यधिक शुल्क वसूला जा रहा है, जिससे टैक्सी संचालकों और स्थानीय वाहन मालिकों में भारी नाराजगी है। इस ज्ञापन की प्रतियां मंत्री जोराराम कुमावत, पाली जिला कलेक्टर, सुमेरपुर उपखंड अधिकारी और सांडेराव थाना अधिकारी को भी भेजी गई हैं। यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे विरोध प्रदर्शन और आंदोलन का सहारा लेंगे।
सुमेरपुर के फालना-निंबेश्वर टोल प्लाजा पर टोल शुल्क में कथित भेदभाव को लेकर टैक्सी चालकों में गहरा रोष बढ़ता जा रहा है। पाली जिला परिवहन ड्राइवर यूनियन की फालना शाखा के पदाधिकारियों ने उपखंड अधिकारी कालूराम कुम्हार को एक ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप करने और टैक्सी चालकों को राहत दिलाने की मांग की है। यूनियन ने अपने ज्ञापन में बताया कि निंबेश्वर टोल प्लाजा
फालना से लगभग 5 किलोमीटर और सांडेराव थाना क्षेत्र से करीब 4 किलोमीटर दूर स्थित है। इसके बावजूद, स्थानीय टैक्सी चालकों से मासिक पास के नाम पर ₹1555 तक वसूले जा रहे हैं, जबकि निजी वाहनों से इसकी तुलना में कम शुल्क लिया जाता है। चालकों का आरोप है कि टोल प्लाजा पर स्थानीय लोगों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है और
अत्यधिक शुल्क वसूला जा रहा है, जिससे टैक्सी संचालकों और स्थानीय वाहन मालिकों में भारी नाराजगी है। इस ज्ञापन की प्रतियां मंत्री जोराराम कुमावत, पाली जिला कलेक्टर, सुमेरपुर उपखंड अधिकारी और सांडेराव थाना अधिकारी को भी भेजी गई हैं। यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे विरोध प्रदर्शन और आंदोलन का सहारा लेंगे।
- सुमेरपुर के फालना-निंबेश्वर टोल प्लाजा पर टोल शुल्क में कथित भेदभाव को लेकर टैक्सी चालकों में गहरा रोष बढ़ता जा रहा है। पाली जिला परिवहन ड्राइवर यूनियन की फालना शाखा के पदाधिकारियों ने उपखंड अधिकारी कालूराम कुम्हार को एक ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप करने और टैक्सी चालकों को राहत दिलाने की मांग की है। यूनियन ने अपने ज्ञापन में बताया कि निंबेश्वर टोल प्लाजा फालना से लगभग 5 किलोमीटर और सांडेराव थाना क्षेत्र से करीब 4 किलोमीटर दूर स्थित है। इसके बावजूद, स्थानीय टैक्सी चालकों से मासिक पास के नाम पर ₹1555 तक वसूले जा रहे हैं, जबकि निजी वाहनों से इसकी तुलना में कम शुल्क लिया जाता है। चालकों का आरोप है कि टोल प्लाजा पर स्थानीय लोगों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है और अत्यधिक शुल्क वसूला जा रहा है, जिससे टैक्सी संचालकों और स्थानीय वाहन मालिकों में भारी नाराजगी है। इस ज्ञापन की प्रतियां मंत्री जोराराम कुमावत, पाली जिला कलेक्टर, सुमेरपुर उपखंड अधिकारी और सांडेराव थाना अधिकारी को भी भेजी गई हैं। यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे विरोध प्रदर्शन और आंदोलन का सहारा लेंगे।3
- फालना के खुडाला गांव निवासी एक दूध व्यवसायी भरत चौधरी, जो पुनाराम चौधरी के पुत्र हैं, का धणी गांव में अपहरण कर लिया गया। जानकारी के अनुसार, शनिवार को दूध संग्रहण कर लौटते समय 5-6 अज्ञात लोगों ने धारदार हथियारों, लाठियों और सरियों से उन पर हमला किया। हमलावरों ने उन्हें अगवा कर एक सुनसान जगह पर छोड़ दिया था। इस घटना के विरोध में खुडाला गांव के ग्रामीणों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नाम उप पुलिस अधीक्षक पारस चौधरी को एक लिखित ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन ने अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है, बल्कि केवल आश्वासन दे रही है। इससे खुडाला ग्रामवासियों और समाजबंधुओं में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे भविष्य में किसी बड़ी घटना की आशंका बनी हुई है। खुडाला गांव के 36 कौम के नागरिकों ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 3 जून 2026 तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे धरना प्रदर्शन करेंगे और पुलिस थाने का घेराव करेंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि इसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान जणवा समाज पूर्व 42 अध्यक्ष नेकाराम चौधरी, पुनाराम चौधरी, छोगाराम चौधरी, मुकेश चौधरी, नवाराम चोधरी, गमाराम चौधरी, जगाराम चौधरी, जोधाराम चौधरी, प्रवीण घसी, यशपाल सिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।1
- पाली जिले के बाली उपखंड के दुदनी ग्राम स्थित एक तालाब में भीषण गर्मी के कारण जलस्तर लगातार घटने से मछलियों के जीवन पर संकट गहरा गया था। तालाब में पानी की कमी से मछलियां तड़पने लगी थीं। इसी को देखते हुए, वन्य जीव प्रेमी मालम सिंह पुत्र मोड सिंह ने मछलियों को बचाने के लिए एक अनोखी पहल की और टैंकरों के माध्यम से गांव की नाड़ी में पानी डलवाया। पानी मिलते ही मछलियां खुशी से उछल-कूद करने लगीं, जिसे देखकर ग्रामीणों ने राहत महसूस की। इस सफल प्रयास के बाद गांव के अन्य वन्य जीव प्रेमी और समाजसेवी भी आगे आए और अपनी श्रद्धा अनुसार टैंकरों से पानी डलवाकर मछलियों को बचाने में सहयोग करने लगे। ग्रामवासियों ने इस कार्य को भीषण गर्मी में जीवों की रक्षा के लिए एक प्रेरणादायक प्रयास बताया है। मछलियों को बचाने की यह अनोखी मुहिम अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है, और सभी ग्रामीण इस मानवीय पहल की सराहना कर रहे हैं।1
- सिरोही जिला पुलिस ने "सड़क सुरक्षा - जीवन रक्षा" अभियान के अंतर्गत आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में वाहन चालकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी देते हुए उनसे यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, नशे में वाहन नहीं चलाने, ओवरस्पीड से बचने और मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन नहीं चलाने जैसे महत्वपूर्ण नियमों के बारे में बताया। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं से बचाव और सुरक्षित यात्रा के लिए लोगों को जागरूक करते हुए यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यातायात नियमों का पालन करके कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। पुलिस द्वारा इस अभियान के तहत जिलेभर में लगातार जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिसका उद्देश्य आमजन में यातायात के प्रति जिम्मेदारी और सतर्कता बढ़ाना है।1
- जालोर में राजस्थान माइनिंग संगठन के अध्यक्ष एवं समाजसेवी राजवीर सिंह देवड़ा और भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष रतन सिंह कानीवाड़ा ने मंगलवार को सुंदेलाव तालाब, सामतीपुरा रोड स्थित आर्य वीर दल हनुमान व्यायामशाला की गतिविधियों और मुक्केबाजी प्रतियोगिता का अवलोकन किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने आर्य वीर दल की मुक्तिकंठ से प्रशंसा की। राजवीर सिंह देवड़ा ने अपने संबोधन में बताया कि वे भी बचपन में आर्य वीर दल की शाखा में नियमित रूप से आते थे और उन्होंने यहां से जीवन में बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने कहा कि उनके समय में यहां इतनी सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन आज का विकास देखकर मन प्रसन्न हुआ। देवड़ा ने आर्य वीरों की बड़ी संख्या और उनकी मेहनत देखकर यह उम्मीद जताई कि वे एक दिन बड़ा नाम करेंगे। वहीं, किसान नेता रतन सिंह कानीवाड़ा ने मुक्केबाजी के खेल को सनातन काल से दमखम का खेल बताते हुए इसे नियमित रूप से खेलने की सलाह दी, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ आत्मा का निवास होता है। उन्होंने खेलों में आर्य वीर दल के योगदान को सराहनीय बताया। इससे पहले, आर्य वीर दल के संरक्षक दलपत सिंह आर्य ने संगठन की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह शाखा 50 साल से भी अधिक समय से संचालित हो रही है। उन्होंने कहा कि यहां से प्रशिक्षित होकर कई लोगों ने जालोर का नाम ऊंचा किया है, और इसलिए उन्होंने अभिभावकों से अपने बालक-बालिकाओं को नियमित रूप से संगठन में भेजने का आग्रह किया। दलपत सिंह आर्य ने यह भी बताया कि संगठन बालक-बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए तत्पर है। इस अवसर पर किसान नेता नरपत सिंह आन्वलोज, आहोर किसान संघ के चक्रवर्ती सिंह, हिंदू राम आर्य, हर्षवर्धन सिंह राठौड़ और भावेश सुंदेशा सहित कई आर्य वीर और वीरांगनाएं उपस्थित थे।4
- पाली में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की इकाई ने बीएससी सेमेस्टर परीक्षाओं के परिणामों में भारी धांधली का गंभीर आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने इन परिणामों को संदिग्ध बताते हुए तत्काल पुनर्मूल्यांकन और सुधार की मांग की है। एबीवीपी के भाग संयोजक के अनुसार, शहर के बांगड़ कॉलेज और भंसाली कॉलेज के बीएससी सेमेस्टर परिणामों ने छात्र वर्ग में भारी रोष और चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि उनमें व्यापक अनियमितताएं बरती गई हैं, जिससे मेधावी छात्र भी प्रभावित हुए हैं। राजपुरोहित ने इस स्थिति को अत्यंत चिंताजनक बताया है, जहाँ एक ही विषय में लगभग 90 प्रतिशत विद्यार्थियों को अनुत्तीर्ण कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे छात्र जो पिछली परीक्षाओं में मेधावी रहे हैं, उन्हें भी इस बार फेल कर देना विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि परिणामों में की गई एक बड़ी धांधली है। छात्र संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से संबंधित बीएससी परिणामों की उच्च स्तरीय पुनः जांच की मांग की है, ताकि त्रुटिपूर्ण परिणामों में आवश्यक सुधार कर छात्रों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके। एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही परिणामों की जांच कर न्याय सुनिश्चित नहीं किया गया, तो छात्र संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। इस दौरान प्रांत कार्यकारिणी सदस्य दुर्गेश देवासी, नगर मंत्री मुकेश सिंह, इकाई अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह, नगर सह मंत्री गिरिका, गर्वित जैन, मनप्रीत कौर, हर्षिता, निशा, पीयूष सिंह सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और प्रभावित विद्यार्थी मौजूद रहे।3
- सायला उपखंड क्षेत्र के सांगाना ग्राम स्थित यात ख़ान की ढाणी में एक विद्यालय के पास बने ट्यूबवेल के चारों ओर अचानक मिट्टी धंस गई, जिससे वहां एक बड़ा खड्डा बन गया। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है, और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों की चिंता काफी बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, लगभग एक साल पहले इस विद्यालय के समीप ट्यूबवेल खोदा गया था। मंगलवार को अचानक हुई इस घटना के दौरान जमीन खिसक कर गहरा खड्डा बन गया। गनीमत रही कि इन दिनों विद्यालय में छुट्टियां चल रही हैं, जिससे कोई बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों ने इस प्रकार विद्यालय के पास जमीन धंसने को गंभीर लापरवाही का संकेत बताया है। उनका कहना है कि यदि समय पर सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो भविष्य में बच्चों और राहगीरों के लिए खतरा बढ़ सकता है। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत मौके का निरीक्षण करवाने, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और जमीन धंसने के कारणों की विस्तृत जांच करवाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1
- पाली जिला परिवहन ड्राइवर यूनियन की फालना शाखा ने निंबेश्वर टोल प्लाजा पर अधिक टोल वसूली और भेदभाव का गंभीर आरोप लगाया है। यूनियन ने इस संबंध में सुमेरपुर उपखंड अधिकारी और सांडेराव थाना अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। यूनियन के अध्यक्ष दिनेश सरगरा के अनुसार, फालना से निंबेश्वर टोल पॉइंट की दूरी मात्र 5 किलोमीटर है, जबकि सांडेराव से यह 4 किलोमीटर दूर है। इसके बावजूद, सांडेराव के टैक्सी चालकों और निजी वाहनों से मासिक 400 रुपये का शुल्क लिया जाता है, वहीं फालना के टैक्सी चालकों से प्रति माह 1555 रुपये और निजी वाहनों से 310 रुपये वसूले जा रहे हैं। यूनियन ने इस रवैये को भेदभावपूर्ण बताया है और टोल टैक्स में राहत की मांग की है। यह ज्ञापन पाली जिला परिवहन ड्राइवर यूनियन की फालना शाखा के अध्यक्ष दिनेश सरगरा के नेतृत्व में टैक्सी चालकों और वाहन मालिकों द्वारा हस्ताक्षरित किया गया। ज्ञापन की प्रतियां राजस्थान सरकार के मंत्री जोराराम कुमावत और पाली जिला कलेक्टर को भी भेजी गई हैं। ज्ञापन सौंपते समय राजेंद्र सिंह सेला, दिनेश सरगरा, नारायण मेघवाल, भरत कलाल, गोवर्धन सिंह, कुलदीप, प्रकाश दवे, रफीक और रमेश हीराघर सहित कई सदस्य मौजूद रहे।1