चौपाल में गूंजा विकास का मुद्दा, ग्रामीणों ने विधायक के सामने रखीं गांव की जरूरतें बरेली। बिथरीचैनपुर विधानसभा क्षेत्र के हिम्मतपुर और हासमपुर गांवों में आयोजित चौपाल के दौरान विकास और जनसुविधाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठा। ग्रामीणों ने विधायक डॉ.राघवेंद्र शर्मा के कार्यकाल को लेकर अपनी राय रखते हुए संतोष जताया और गांव के विकास से जुड़ी जरूरतों को भी खुलकर सामने रखा। ग्रामीणों ने बेहतर आवागमन के लिए गांव में सीसी रोड़ निर्माण की मांग रखी। वहीं देवचरा गांव में ग्रामीणों ने विधायक निधि से बारात घर निर्माण की मांग उठाई, ताकि शादी-विवाह और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। चौपाल में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और अपेक्षाओं को सीधे तौर पर सामने रखा। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि और जनता के बीच लगातार संवाद से विकास कार्यों को गति मिलती है और गांवों की वास्तविक जरूरतों को प्राथमिकता देने में मदद मिलती है। ग्रामीणों के भरोसे, उनकी उम्मीदों और विकास की मांगों के बीच बिथरीचैनपुर की चौपाल ने एक बार फिर जनता और जनप्रतिनिधि के मजबूत संवाद की तस्वीर पेश की।
चौपाल में गूंजा विकास का मुद्दा, ग्रामीणों ने विधायक के सामने रखीं गांव की जरूरतें बरेली। बिथरीचैनपुर विधानसभा क्षेत्र के हिम्मतपुर और हासमपुर गांवों में आयोजित चौपाल के दौरान विकास और जनसुविधाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठा। ग्रामीणों ने विधायक डॉ.राघवेंद्र शर्मा के कार्यकाल को लेकर अपनी राय रखते हुए संतोष जताया और गांव के विकास से जुड़ी जरूरतों को भी खुलकर सामने रखा। ग्रामीणों ने बेहतर आवागमन के लिए गांव में सीसी रोड़ निर्माण की मांग रखी। वहीं देवचरा गांव में ग्रामीणों ने विधायक निधि से बारात घर निर्माण की
मांग उठाई, ताकि शादी-विवाह और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। चौपाल में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और अपेक्षाओं को सीधे तौर पर सामने रखा। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि और जनता के बीच लगातार संवाद से विकास कार्यों को गति मिलती है और गांवों की वास्तविक जरूरतों को प्राथमिकता देने में मदद मिलती है। ग्रामीणों के भरोसे, उनकी उम्मीदों और विकास की मांगों के बीच बिथरीचैनपुर की चौपाल ने एक बार फिर जनता और जनप्रतिनिधि के मजबूत संवाद की तस्वीर पेश की।
- चौपाल में गूंजा विकास का मुद्दा, ग्रामीणों ने विधायक के सामने रखीं गांव की जरूरतें बरेली। बिथरीचैनपुर विधानसभा क्षेत्र के हिम्मतपुर और हासमपुर गांवों में आयोजित चौपाल के दौरान विकास और जनसुविधाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठा। ग्रामीणों ने विधायक डॉ.राघवेंद्र शर्मा के कार्यकाल को लेकर अपनी राय रखते हुए संतोष जताया और गांव के विकास से जुड़ी जरूरतों को भी खुलकर सामने रखा। ग्रामीणों ने बेहतर आवागमन के लिए गांव में सीसी रोड़ निर्माण की मांग रखी। वहीं देवचरा गांव में ग्रामीणों ने विधायक निधि से बारात घर निर्माण की मांग उठाई, ताकि शादी-विवाह और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। चौपाल में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और अपेक्षाओं को सीधे तौर पर सामने रखा। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि और जनता के बीच लगातार संवाद से विकास कार्यों को गति मिलती है और गांवों की वास्तविक जरूरतों को प्राथमिकता देने में मदद मिलती है। ग्रामीणों के भरोसे, उनकी उम्मीदों और विकास की मांगों के बीच बिथरीचैनपुर की चौपाल ने एक बार फिर जनता और जनप्रतिनिधि के मजबूत संवाद की तस्वीर पेश की।2
- अरिल नदी हादसे में तीनों शव बरामद, एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने दी पूरी जानकारी आंवला। थाना आंवला क्षेत्र में 7 सितंबर 2026 को अरिल नदी के रपटा पुल को बाइक से पार करने के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में बाइक सवार तीन व्यक्ति तेज बहाव में बह गए थे। हादसे के बाद पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की मदद से तीनों की तलाश की गई। हादसे में लापता तीनों व्यक्तियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। मामले में पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पूरे घटनाक्रम, शवों की बरामदगी और पुलिस की कार्रवाई को लेकर एसपी साउथ बरेली श्रीमती अंशिका वर्मा ने बाइट जारी कर जानकारी दी है। देखिए एसपी साउथ बरेली अंशिका वर्मा की पूरी बाइट और हादसे से जुड़ी पूरी जानकारी।1
- Bareilly DM karyalay saunpa Gaya gyapan/ vyapariyon ne kya kuchh kaha aaiae jaane/ vyapariyon dwara gyapan saunpa Gaya/ vyapariyon aur Janata ka bahari nuksan/ Bareilly mein Bhari barish se tabahi/ jal bharav Se vyapariyon Ke karodon ke nuksan per Uthe sawal/ Bareilly ki sadkon per samander/ Vyapar thap Janata vihal/1
- नमस्कार आप देख रहे हैं खबर जकशन बरेली नयूज चैनल #उर्स के मौके पर 10 सितंबर को जरूरतमंद बेटियों के सामूहिक विवाह का आयोजन भी होगा। अब तक करीब 40 जोड़ों का#1
- सहसवान में जलभराव की समस्या को लेकर कांग्रेस ने SDM को दिया ज्ञापन बदायूं। सहसवान नगर में कई स्थानों पर हो रही जलभराव की समस्या को लेकर प्रदेश कांग्रेस कॉर्डिनेटर पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह, पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका परिषद प्रत्याशी अजहर अली, जिला कांग्रेस कमेटी जिला महासचिव मोरपाल प्रजापति के संयुक्त नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिकों ने धरना प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी (एसडीएम) श्री सुरेंद्र सिंह को सौंपा है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो जनता आंदोलन के लिए विवश होगी। इस अवसर पर मुख्यवक्ता अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सदस्य निवर्तमान प्रदेश सचिव जितेंद्र कश्यप रहे प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सैफुल्लागंज, नवादा, गोपालगंज, शहवाजपुर, मुहीउद्दीनपुर और प्रमोद की फील्ड सहित कई इलाकों में रास्तों पर जलभराव और गड्ढे छिपे होने के कारण छोटे-छोटे बच्चों का स्कूल जाना बेहद जोखिम भरा हो गया है। इस अवसर पर एआईसीसी सदस्य जितेंद्र कश्यप ने कहा आपात स्थिति में गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाने वाली एम्बुलेंस तक जलभराव के कारण फंस जाती हैं, जिससे बड़ा खतरा पैदा हो रहा है। धरना प्रदर्शन में जिला महासचिव मोरपाल प्रजापति ने कहा सड़कों पर गहरे गड्ढे और पानी भरने के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक और ई-रिक्शा पलट रहे हैं, जिससे महिलाएं और बच्चे चोटिल हो रहे हैं। पूर्व प्रत्याशी अध्यक्ष नगरपालिका सहसवान पूर्व जिला युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष अजहर अली ने आरोप लगाते हुए कहा कि नागरिक जब नगर पालिका या अन्य विभागों में जाते हैं, तो उन्हें जल निगम, पीडब्ल्यूडी और नगर पालिका के बीच जिम्मेदारी टालकर सिर्फ बहाने दिए जाते हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जलभराव वाले सभी प्रमुख स्थलों का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर नगर पालिका, जल निगम और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम द्वारा जांच कराई जाए एवं विभागीय टालमटोल की व्यवस्था को समाप्त कर जनता के लिए स्थायी जलनिकासी और नए नालों का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। बीमारी से बचाव के लिए प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाए।ज्ञापन सौंपने वालों ने स्पष्ट किया कि अब सहसवान की जनता को कोरे आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर स्थायी समाधान चाहिए। संचालन जिला महासचिव इगलास हुसैन ने किया इस अवसर पर शफी अहमद, अरबाज रजी, राजू अहमद, राजेश, महानंद पाल, संजीव, सालिम खान, ओमेंद्र, क़ासिम, सरवर, काशिफ, तैयान खान आदि कांग्रेसजन एवं आमजन मौजूद रहे1
- जिला बदायूं के ब्लॉक म्याऊं के ग्राम पंचायत कोड़ा गुजर में गौशाला में गायों कि बहुत ही हालत खराब ग्राम पंचायत कोड़ा गुजर में गौशाला में बिना टैग बाली 40 गाय मिलीं :कुल एक Viral वीडियो में समाने आई सचाई Viral वीडियो देख कर आये हरकत में पशु प्रेमी विकेन्द्र शर्मा ने कर डाली जाँच की माँग देखा जाये तो प्रधान व सचिव तो गायों के नाम पर लाखों का घोटाला करते हैं अब देखते हैं viral वीडियो को देखकर प्रशासन घोटाला करने वाले अधिकारियों व प्रधान पर कितनी कार्रवाई कि जाती है3
- 29 हजार प्राथमिक स्कूलों के विलय का विरोध, छात्रसंघ चुनाव बहाली समेत 16 सूत्रीय मांगों को लेकर सपा छात्रसभा का प्रदर्शन 29 हजार प्राथमिक स्कूलों के विलय का विरोध, छात्रसंघ चुनाव बहाली समेत 16 सूत्रीय मांगों को लेकर सपा छात्रसभा का प्रदर्शन1
- कलम पर खाकी का कहर! महिला पत्रकारों से कथित मारपीट पर बरेली में फूटा आक्रोश साकेत थाने की कथित बर्बरता के खिलाफ कलेक्ट्रेट में गरजे पत्रकार, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषी पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की मांग आंवला। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की आवाज को दबाने के आरोपों ने सोमवार को बरेली में पुलिस व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े कर दिए। दिल्ली के साकेत थाना क्षेत्र में स्वतंत्र महिला पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान के साथ कथित मारपीट और अभद्रता के विरोध में बरेली के पत्रकारों का आक्रोश कलेक्ट्रेट तक पहुंचा। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद (रजि.) के बैनर तले बड़ी संख्या में पत्रकारों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध जताया और सिटी मजिस्ट्रेट राजेश वर्मा के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। परिषद की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि दोनों महिला पत्रकार दिल्ली के साकेत थाना क्षेत्र स्थित मैक्स अस्पताल में गृहमंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कार्यक्रम की कवरेज के लिए पहुंची थीं। आरोप है कि इसी दौरान साकेत थाना पुलिस के कुछ कर्मियों ने उनके साथ अभद्रता की और उन्हें कथित रूप से घसीटकर पुलिस जीप में डाल दिया। इसके बाद थाने ले जाकर उनके साथ दोबारा मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि जिस पुलिस से आम नागरिक अपनी सुरक्षा की उम्मीद करता है, उसी पर महिला पत्रकारों के साथ कथित बर्बरता के आरोप लगना बेहद गंभीर और शर्मनाक है। वायरल वीडियो का हवाला देते हुए परिषद ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि यदि आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो वर्दी की आड़ में कानून को हाथ में लेने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे भविष्य में किसी पत्रकार या नागरिक के साथ इस तरह का व्यवहार करने की हिम्मत न हो। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के जिलाध्यक्ष अवनीश शर्मा ने कहा कि पत्रकारों को खबर दिखाने और सवाल पूछने की कीमत हिंसा के रूप में चुकानी पड़े, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी कानून की रक्षा करना है, न कि कानून के नाम पर किसी के साथ कथित ज्यादती करना। महिला पत्रकारों के साथ हुई घटना के आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई जरूरी है। जिला मीडिया प्रभारी आदित्य भारद्वाज ने कहा कि पत्रकारों पर हमला सिर्फ किसी व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि सवाल पूछने के अधिकार और लोकतंत्र की आवाज पर हमला है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो इससे पुलिस की जवाबदेही और पत्रकारों की सुरक्षा दोनों पर गंभीर सवाल खड़े होंगे। परिषद ने राष्ट्रपति से मांग की कि मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले थाना प्रभारी समेत संबंधित पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने के साथ कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। परिषद ने चेतावनी दी कि यदि मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकार संगठन राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इस दौरान अरुण कुमार सिंह, आकाश शर्मा, सुमित शर्मा, सचिन वर्मा, जसवीर मौर्य, संदीप उपाध्याय, सुखवीर यादव, दीपक शर्मा, मनीष, अली पुकार, शंशाक शर्मा, नंदन शर्मा, संतोष शाक्य, मनोज शाक्य, राहुल कुमार, अनुज कुमार, प्रदीप, अजय, दिव्यांशु, शरन सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।2