राजपुर में नगर को अतिक्रमण मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के उद्देश्य से नगर परिषद ने रविवार से विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का नेतृत्व स्वयं डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) आकाश यादव ने मौके पर पहुंचकर किया। कार्रवाई की शुरुआत नगर के सबसे व्यस्त श्रीराम चौराहा से हुई, जहाँ सड़क पर किए गए अतिक्रमण, दुकानों के बाहर रखी सामग्री, अव्यवस्थित पार्किंग और यातायात में बाधा डालने वाले सामान को हटाने के सख्त निर्देश दिए गए। अभियान के दौरान नगर परिषद की टीम ने दुकानदारों को नियमों का पालन करने की चेतावनी दी और इसी क्रम में गोकुल स्वीट्स पर प्रतीकात्मक रूप से ₹50 का चालान काटा। प्रशासन ने चेतावनी दी कि दोबारा अतिक्रमण करने या यातायात बाधित करने पर भारी चालान किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर वाहनों को जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वाहनों के लिए सीमा तय करने के उद्देश्य से सड़क किनारे चूने की लाइन भी डलवाई गई। कार्रवाई के दौरान नगर परिषद के अधिकारी, इंजीनियर राजू डावर, सफाई अमला और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। डिप्टी कलेक्टर आकाश यादव ने व्यापारियों से अपनी दुकानों के सामने अतिक्रमण न करने और ग्राहकों के वाहन व्यवस्थित पार्क कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि नगर की यातायात व्यवस्था बेहतर बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है और व्यापारी किसी भी सुझाव या समस्या के लिए सीधे नगर परिषद से संपर्क कर सकते हैं, लेकिन सड़क पर अतिक्रमण स्वीकार नहीं होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान अब नगर के विभिन्न इलाकों में बिना किसी भेदभाव के नियमित रूप से चलाया जाएगा।
राजपुर में नगर को अतिक्रमण मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के उद्देश्य से नगर परिषद ने रविवार से विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का नेतृत्व स्वयं डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) आकाश यादव ने मौके पर पहुंचकर किया। कार्रवाई की शुरुआत नगर के सबसे व्यस्त श्रीराम चौराहा से हुई, जहाँ सड़क पर किए गए अतिक्रमण, दुकानों के बाहर रखी सामग्री, अव्यवस्थित पार्किंग और यातायात में बाधा डालने वाले सामान को हटाने के सख्त निर्देश दिए गए। अभियान के दौरान नगर परिषद की टीम ने दुकानदारों को नियमों का पालन करने की चेतावनी दी और इसी क्रम में गोकुल स्वीट्स पर प्रतीकात्मक रूप से ₹50 का चालान काटा। प्रशासन ने चेतावनी दी कि दोबारा अतिक्रमण करने या यातायात बाधित करने पर भारी चालान किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर वाहनों को जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वाहनों के लिए सीमा तय करने के उद्देश्य से सड़क किनारे चूने की लाइन भी डलवाई गई। कार्रवाई के दौरान नगर परिषद के अधिकारी, इंजीनियर राजू डावर, सफाई अमला और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। डिप्टी कलेक्टर आकाश यादव ने व्यापारियों से अपनी दुकानों के सामने अतिक्रमण न करने और ग्राहकों के वाहन व्यवस्थित पार्क कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि नगर की यातायात व्यवस्था बेहतर बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है और व्यापारी किसी भी सुझाव या समस्या के लिए सीधे नगर परिषद से संपर्क कर सकते हैं, लेकिन सड़क पर अतिक्रमण स्वीकार नहीं होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान अब नगर के विभिन्न इलाकों में बिना किसी भेदभाव के नियमित रूप से चलाया जाएगा।
- राजपुर में नगर को अतिक्रमण मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के उद्देश्य से नगर परिषद ने रविवार से विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का नेतृत्व स्वयं डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) आकाश यादव ने मौके पर पहुंचकर किया। कार्रवाई की शुरुआत नगर के सबसे व्यस्त श्रीराम चौराहा से हुई, जहाँ सड़क पर किए गए अतिक्रमण, दुकानों के बाहर रखी सामग्री, अव्यवस्थित पार्किंग और यातायात में बाधा डालने वाले सामान को हटाने के सख्त निर्देश दिए गए। अभियान के दौरान नगर परिषद की टीम ने दुकानदारों को नियमों का पालन करने की चेतावनी दी और इसी क्रम में गोकुल स्वीट्स पर प्रतीकात्मक रूप से ₹50 का चालान काटा। प्रशासन ने चेतावनी दी कि दोबारा अतिक्रमण करने या यातायात बाधित करने पर भारी चालान किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर वाहनों को जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वाहनों के लिए सीमा तय करने के उद्देश्य से सड़क किनारे चूने की लाइन भी डलवाई गई। कार्रवाई के दौरान नगर परिषद के अधिकारी, इंजीनियर राजू डावर, सफाई अमला और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। डिप्टी कलेक्टर आकाश यादव ने व्यापारियों से अपनी दुकानों के सामने अतिक्रमण न करने और ग्राहकों के वाहन व्यवस्थित पार्क कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि नगर की यातायात व्यवस्था बेहतर बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है और व्यापारी किसी भी सुझाव या समस्या के लिए सीधे नगर परिषद से संपर्क कर सकते हैं, लेकिन सड़क पर अतिक्रमण स्वीकार नहीं होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान अब नगर के विभिन्न इलाकों में बिना किसी भेदभाव के नियमित रूप से चलाया जाएगा।1
- धामनोद रोटरी क्लब ने विनायक ब्लड बैंक के सहयोग से एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में 32 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। शिविर का शुभारंभ वरिष्ठ चिकित्सक डॉ विष्णु पाटीदार, सीबीएमओ डॉ कीर्ति बौरासी, डॉ मीनाक्षी डांगी, डॉ हेमंत सोनी और विनायक ब्लड बैंक के डॉ अंतरसिंह भालेराव ने किया। मंच पर रोटरी के अध्यक्ष राधेश्याम धाडीया और सचिव विजय शर्मा भी उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत रोटरी साथियों ने किया। अध्यक्ष धाडीया ने रोटरी कार्यों और शिविर के बारे में बताया। विजय शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। मनीष छाबड़ा ने शिविर के बारे में जानकारी दी। डॉ हेमंत सोनी ने रक्तदान के प्रति आ रही भ्रांतियों से बचने का आह्वान किया। अतिथि डॉ विष्णु पाटीदार ने रक्तदान से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें बताई और एकत्रित रक्त के उपयोग के बारे में बताया। डॉ बौरासी ने शिविर की तारीफ की और कहा कि ऐसे शिविर चलते रहना चाहिए। सहयोग के लिए आशीष मंडलोई, डॉ राजेश पत्तरवाला और संयोजन के लिए राजू केवट का सम्मान किया गया। संचालन विकास पटेल ने किया और आभार संजय पाटीदार ने माना। अतिथि डॉ हेमंत सोनी ने भी रक्तदान किया। रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र दिए गए। राजू केवट और उनकी पत्नी साक्षी, विकास पटेल और उनकी पत्नी ममता ने भी जोड़े से रक्तदान किया। पार्षद नीतू महेंद्र राठौड़ और ममता अजय पाटीदार ने भी रक्तदान किया। केंद्रीय राज्य मंत्री के निज सहायक योगेन्द्र मुकाती ने 32वीं बार रक्तदान किया। कई रोटरी सदस्य उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि रोटरी क्लब प्रति वर्ष जुलाई माह में रक्तदान शिविर का आयोजन करता है।1
- मध्य प्रदेश के बरवानी जिले के पाटी थाने का सामाजिक संगठनों ने घेराव किया है। इस घटना के पीछे की वजह और इसके परिणामों के बारे में स्रोत में कोई और जानकारी नहीं दी गई है। इस घटना से स्थानीय प्रशासन और पुलिस की ओर से कोई प्रतिक्रिया या बयान भी स्रोत में नहीं दिया गया है। इस प्रकार, इस घटना का पूरा विवरण और इसके निहितार्थ पूरी तरह से स्रोत की जानकारी पर आधारित हैं।1
- देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और लीक-रहित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रसिद्ध तकनीकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है। सरकार का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग करके पेपर लीक, गड़बड़ियों और अन्य अनियमितताओं पर स्थायी रोक लगाना है, ताकि देश के करोड़ों विद्यार्थियों का विश्वास परीक्षा व्यवस्था में और मजबूत हो सके। इस टास्क फोर्स को परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण—प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परिणाम घोषित करने तक—को अधिक सुरक्षित और जवाबदेह बनाने का काम सौंपा गया है। यह समिति अत्याधुनिक तकनीक और डिजिटल समाधान लागू करने के संबंध में अपनी रिपोर्ट शीघ्र सरकार को सौंपेगी। नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में गठित इस विशेषज्ञ समिति में इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ, इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व निदेशक तपन डेका, IIT मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीना शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से भविष्य में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाएं अधिक सुरक्षित होंगी, पेपर लीक पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा और योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सकेगा। सरकार का कहना है कि टास्क फोर्स की सिफारिशों के आधार पर जल्द ही व्यापक सुधार लागू किए जाएंगे, जिससे देश की परीक्षा व्यवस्था को वैश्विक स्तर की विश्वसनीय और आधुनिक प्रणाली बनाया जा सके।1
- मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के सताजना में शासकीय प्राथमिक शाला में हुए दर्दनाक हादसे को एक साल पूरा होने को है, लेकिन शासन-प्रशासन की सुस्ती और लापरवाही में कोई कमी नहीं आई है। 11 जून 2025 को एनटीपीसी सेल्दा पावर प्लांट से आ रहे एक तेज रफ्तार ओवरलोड डंपर गाड़ी नम्बर सी जी 12 बी आर 2720 ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए शाला भवन की बाउंड्री वॉल को जोरदार टक्कर मार दी थी। इस हादसे में स्कूल भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। यह गनीमत समझो कि बच्चों की छुट्टी का समय था नहीं तो बहुत बड़ा हादसा हो जाता। एक वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो बाउंड्री वॉल का पुनर्निर्माण कराया गया और न ही क्षतिग्रस्त भवन की मरम्मत की गई। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों द्वारा बार-बार अवगत कराने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी मूंदकर बैठे हुए हैं। बाउंड्री वॉल टूटी होने के कारण स्कूल परिसर अब असुरक्षित हो चुका है। शाम ढलते ही यहाँ असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है, जिससे स्कूल की संपत्ति को नुकसान पहुँचने के साथ-साथ आसपास के माहौल पर भी बुरा असर पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि एनटीपीसी सेल्दा पावर प्लांट की ओर जाने वाले भारी वाहन रोजाना इस मार्ग पर बेखौफ और अनियंत्रित गति से दौड़ते हैं, जिससे हमेशा बड़े हादसों का डर बना रहता है। पहले भी प्रशासन को लिखित व मौखिक रूप से इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द स्कूल भवन और बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।2
- खरगोन के ठीबगांव में जिला सहकारी बैंक शाखा में गबन का मामला सामने आया है। जैतापुर पुलिस ने इस मामले में कई माह से फरार चल रहे आरोपी शाखा प्रबंधक राजेश राठौड़ को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसकी रिमांड ली जा रही है। इस मामले में पुलिस पहले ही मुख्य आरोपी केशियर रितु गोयल और सहायक गणक त्रयंबक वाणी को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों फिलहाल जेल में हैं। हालांकि, अभी तक तीनों आरोपियों से राशि बरामद नहीं हुई है। यह मामला जैतापुर थानाक्षेत्र के ठीबगांव का है।1
- बड़वानी जिला मुख्यालय के समीप कसरावद बसाहट में रविवार को एक हादसा हो गया, जहां घर के पास खेल रहा 4 वर्षीय मासूम आर्यन 20 फीट गहरे खुले कुएं में जा गिरा। बच्चे की चीख सुनकर पहुंचे ग्रामीणों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम ने करीब आधे घंटे के मशक्कत भरे बचाव अभियान के बाद उसे कुएं से बाहर निकाला। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी देते हुए ग्रामीण बसीर ने बताया कि आर्यन के माता-पिता झाड़ू बनाने और बेचने का काम करते हैं और वे कुछ दिन पहले काम के सिलसिले में मुंबई गए हुए थे। आर्यन गांव में अपने दादा-दादी के साथ रह रहा था। खेलते समय पैर फिसलने से वह सीधे खुले कुएं में गिर गया था। सूचना मिलने पर शहर कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। हादसे के बाद परिवार में शोक छा गया और ग्रामीणों का गुस्सा प्रशासन पर फूटा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस कुएं में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद पंचायत और जिला प्रशासन ने इसकी सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया। कुएं के चारों ओर न तो कोई बाउंड्री बनी है और ना ही मुंडेर, जिससे यह छोटे बच्चों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के सभी खुले कुओं को तत्काल चिन्हित कर उन पर बाउंड्री और मुंडेर बनाई जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।1