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नागौर के मेड़ता में नाड़ी में करंट फैलने से एक भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
रमेश सिंह
नागौर के मेड़ता में नाड़ी में करंट फैलने से एक भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
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- भाजपा समर्थकों और कुछ सोशल मीडिया रिपोर्टों का दावा है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' कोई साधारण छात्र आंदोलन नहीं है। उनका आरोप है कि यह आम आदमी पार्टी और कांग्रेस जैसी विपक्षी पार्टियों द्वारा समर्थित एक सोची-समझी 'सोशल मीडिया टूलकिट' या राजनीतिक प्रयोग है, जिसका सीधा मकसद युवाओं को भड़काना और पीएम मोदी की छवि को नुकसान पहुँचाना है। दूसरी तरफ, आंदोलनकारी छात्रों और स्वतंत्र विश्लेषकों का कहना है कि सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए छात्रों की वास्तविक आवाज और शांतिपूर्ण विरोध को 'राजनीति से प्रेरित' बता रही है। छात्रों का आरोप है कि सरकार इस तरह के दावे करके जनता को असली मुद्दों से गुमराह करने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा, पूरे मामले में 'मोदी विरोध की राजनीति बनाम राहुल गांधी का पीएम चेहरा' का समीकरण भी चर्चा में है। विश्लेषण के अनुसार, भले ही मोदी को टारगेट किया जा रहा हो, लेकिन राहुल गांधी का पीएम बनना अभी दूर की कौड़ी है और विपक्ष की अपनी कई कमजोरियां सामने आ रही हैं।1
- रिया बड़ी में मानसून की पहली बारिश ने ही नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। बारिश के बाद क्षेत्र के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे सड़कों पर पानी बहने लगा और राहगीरों व स्थानीय लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। स्थानीय निवासियों के अनुसार, कई नालों में पानी के बहाव की जगह मिट्टी, घास, छोटे पौधे और अन्य अवरोध दिखाई दे रहे हैं, जिसके कारण बारिश का पानी नालों में जाने के बजाय सड़कों पर जमा हो गया। स्थानीय अधिवक्ता सुखदेव भाटी ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नालों, गलियों और मोहल्लों की नियमित सफाई केवल सरकारी रिकॉर्ड तक सीमित है। कागजों में रोजाना सफाई का दावा किया जाता है और सफाई व्यवस्था के नाम पर बड़ी राशि खर्च की जाती है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल अलग है। नगरवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल नालों की सफाई कराने, जल निकासी सुचारु बनाने, नियमित निगरानी रखने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। इस संबंध में समाचार लिखे जाने तक नगर पालिका प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आ सका है।1
- अजमेर के दांतड़ा डोडियाना स्थित सांवरिया सेठ मंदिर में चल रही संगीतमय भागवत कथा में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। कथा के दौरान कथावाचक शत्रुघ्न जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि भागवत कथा के श्रवण से ही जीवन का उद्धार हो जाता है।1
- अजमेर के पीसांगन स्थित भटसूरी ग्राम पंचायत के बखतावरपुरा गांव में बीते 17 जुलाई को 70 वर्षीय विधवा गांधी देवी का शव घर के आंगन में चारपाई पर संदिग्ध अवस्था में मिला था। परिजनों और ग्रामीणों ने इसे सुनियोजित हत्या करार देते हुए पुलिस जांच की धीमी गति पर गहरा रोष प्रकट किया है। घटना के सात दिन बीत जाने के बाद भी मामले का पर्दाफाश न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने पीसांगन थाना पुलिस को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही इस मामले का खुलासा नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं दूसरी ओर, पुलिस ने एफएसएल (FSL) और फॉरेंसिक साक्ष्यों के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर निष्पक्ष जांच करने और जल्द से जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।1
- सोनम सर ने 26 दिनों की लंबी भूख हड़ताल के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है। इस अनशन के खत्म होने को उनकी बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। उनकी इस सफलता के बाद कॉकरोच पार्टी में जश्न और खुशियों की लहर है, वहीं दबाव के चलते धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा है।1
- राजस्थान के अजमेर में कोर्ट में पेशी से ठीक एक दिन पहले बेटी की मौत हो गई। इस घटना के बाद पिता ने दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया है।1
- रियान बड़ी उपखंड क्षेत्र के लुगिया गांव निवासी मेघवाल परिवार ने अपनी पुश्तैनी अनुसूचित जाति (एससी) भूमि के कथित फर्जी नामांतरण का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा है। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय की गुहार लगाई है। ज्ञापन में नाथूराम मेघवाल, धारूराम मेघवाल और उनकी बहनों चुका देवी व सोहनी देवी ने बताया कि ग्राम बीजाथल स्थित खसरा नंबरों की भूमि पर उनके पूर्वज, जैसे शिवरण पुत्र घिसा, राजस्थान काश्तकारी अधिनियम 1955 लागू होने से पहले से ही काश्तकार रहे हैं। नाथूराम मेघवाल के अनुसार, उनके पिता ने आर्थिक तंगी के कारण जमीन उगमाराम जाट को केवल बटाई पर दी थी। आरोप है कि पिता के निधन के बाद उगमाराम जाट ने कूटचित दस्तावेजों के आधार पर बिना वैधानिक रूपांतरण के एससी वर्ग की भूमि ओबीसी वर्ग में अपने नाम करवा ली। वहीं, सुगनचंद जैन पर आरोप है कि उन्होंने बंटवारे के दौरान पिता की जाति गलत तरीके से जैन दर्ज करवाकर अवैध रूप से भूमि अपने नाम कर ली। पीड़ित पक्ष का दावा है कि प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से सैकड़ों बीघा भूमि का रिकॉर्ड बदला गया है, जबकि नियमतः बिना रूपांतरण के एससी भूमि किसी अन्य वर्ग के नाम दर्ज नहीं की जा सकती। परिवार ने जिला प्रशासन से दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने और पुश्तैनी जमीन वापस दिलाने की मांग की है। इस संबंध में जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने ज्ञापन मिलने की बात स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया है कि मामले की विस्तृत जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग से रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- नागौर के मेड़ता में नाड़ी में करंट फैलने से एक भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।1