जैसलमेर में कचरा संग्रहण केंद्रों पर दूषित कचरा और प्लास्टिक खाने से हज़ारों की संख्या में गायों की मौत का मामला अब गंभीर होता जा रहा है। इस संवेदनशील मुद्दे पर पूर्व जिला प्रमुख अब्दुल्ला फकीर ने नगर परिषद और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर मीडिया से बात करते हुए इस पूरी घटना के लिए नगर परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों की घोर लापरवाही को सीधे तौर पर ज़िम्मेदार ठहराया। पूर्व जिला प्रमुख फकीर ने बताया कि मीडिया के माध्यम से यह मामला पूरे देश के संज्ञान में आ चुका है, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज भी कचरा केंद्रों पर लगभग 300 से 400 गायें बेसहारा खड़ी हैं और दूषित कचरा खाने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह केवल ठेकेदार पर दोष मढ़कर अपनी ज़िम्मेदारी से भागना चाहता है। इस दौरान उन्होंने सत्ताधारी दल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा गाय के नाम पर सिर्फ राजनीति की है, जबकि ज़मीनी स्तर पर गोवंश की हालत बेहद दयनीय है। अब्दुल्ला फकीर ने राजस्थान और केंद्र सरकार से मांग की है कि इस मामले में लिप्त दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें तुरंत निलंबित किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस पार्टी और उनके संगठनों की ओर से मांग रखी कि गाय को 'राष्ट्रीय पशु' घोषित किया जाए ताकि गोवंश को संवैधानिक संरक्षण और सम्मान मिल सके। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि गायों के साथ हुई इस घटना के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए।
जैसलमेर में कचरा संग्रहण केंद्रों पर दूषित कचरा और प्लास्टिक खाने से हज़ारों की संख्या में गायों की मौत का मामला अब गंभीर होता जा रहा है। इस संवेदनशील मुद्दे पर पूर्व जिला प्रमुख अब्दुल्ला फकीर ने नगर परिषद और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर मीडिया से बात करते हुए इस पूरी घटना के लिए नगर परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों की घोर लापरवाही को सीधे तौर पर ज़िम्मेदार ठहराया। पूर्व जिला प्रमुख फकीर ने बताया कि मीडिया के माध्यम से यह मामला पूरे देश के संज्ञान में आ चुका है, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज भी कचरा केंद्रों पर लगभग 300 से 400 गायें बेसहारा खड़ी हैं और दूषित कचरा खाने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह केवल ठेकेदार पर दोष मढ़कर अपनी ज़िम्मेदारी से भागना चाहता है। इस दौरान उन्होंने सत्ताधारी दल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा गाय के नाम पर सिर्फ राजनीति की है, जबकि ज़मीनी स्तर पर गोवंश की हालत बेहद दयनीय है। अब्दुल्ला फकीर ने राजस्थान और केंद्र सरकार से मांग की है कि इस मामले में लिप्त दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें तुरंत निलंबित किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस पार्टी और उनके संगठनों की ओर से मांग रखी कि गाय को 'राष्ट्रीय पशु' घोषित किया जाए ताकि गोवंश को संवैधानिक संरक्षण और सम्मान मिल सके। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि गायों के साथ हुई इस घटना के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए।
- जैसलमेर में कचरा संग्रहण केंद्रों पर दूषित कचरा और प्लास्टिक खाने से हज़ारों की संख्या में गायों की मौत का मामला अब गंभीर होता जा रहा है। इस संवेदनशील मुद्दे पर पूर्व जिला प्रमुख अब्दुल्ला फकीर ने नगर परिषद और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर मीडिया से बात करते हुए इस पूरी घटना के लिए नगर परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों की घोर लापरवाही को सीधे तौर पर ज़िम्मेदार ठहराया। पूर्व जिला प्रमुख फकीर ने बताया कि मीडिया के माध्यम से यह मामला पूरे देश के संज्ञान में आ चुका है, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज भी कचरा केंद्रों पर लगभग 300 से 400 गायें बेसहारा खड़ी हैं और दूषित कचरा खाने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह केवल ठेकेदार पर दोष मढ़कर अपनी ज़िम्मेदारी से भागना चाहता है। इस दौरान उन्होंने सत्ताधारी दल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा गाय के नाम पर सिर्फ राजनीति की है, जबकि ज़मीनी स्तर पर गोवंश की हालत बेहद दयनीय है। अब्दुल्ला फकीर ने राजस्थान और केंद्र सरकार से मांग की है कि इस मामले में लिप्त दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें तुरंत निलंबित किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस पार्टी और उनके संगठनों की ओर से मांग रखी कि गाय को 'राष्ट्रीय पशु' घोषित किया जाए ताकि गोवंश को संवैधानिक संरक्षण और सम्मान मिल सके। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि गायों के साथ हुई इस घटना के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए।1
- दवाडा के लुबाली फीडर क्षेत्र में एक नई ट्यूबवेल होल की खुदाई सफलतापूर्वक पूरी होने पर गहरा आभार और बधाई व्यक्त की गई है। इस कार्य के लिए भगवान सिंह और सुजान सिंह को विशेष रूप से धन्यवाद दिया गया है।1
- बाजार में बिक रहे कथित 'शुद्ध देसी घी' की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। चिंता व्यक्त की गई है कि क्या लोगों की थालियों तक नकली घी पहुँच रहा है और क्या 'शुद्ध देसी घी' के नाम पर धीरे-धीरे ज़हर परोसा जा रहा है। ये सवाल हर चमकदार टिन और हर नामी ब्रांड पर उठते हैं, जिनकी शुद्धता के दावों पर संदेह किया जा रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि लोगों के भरोसे, स्वास्थ्य और उनकी जिंदगी के साथ एक बहुत बड़ा खिलवाड़ किया जा रहा है।1
- डॉ. प्रियंका जी चौधरी और स्वरूप सिंह खारा बाड़मेर में चल रहे धरना स्थल पर पहुंचे हैं।1
- जिला चिकित्सालय फलोदी में साफ-सफाई की दैनिक स्थिति बेहद खराब है। अस्पताल परिसर में चिकित्सालय की सफाई बहुत बुरी हालत में है, विशेष रूप से शौचालयों की स्थिति तो अत्यंत बदहाल है।1
- गाँव में इस समय पानी का भीषण संकट गहरा गया है, जहाँ सरकार की “हर घर जल” योजना के तहत पाइपलाइनें तो बिछाई गई हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं आ रहा। हालात इतने खराब हैं कि दो घंटे तक लाइन चलने के बाद भी मुश्किल से केवल 500 लीटर पानी ही मिलता है, जो एक परिवार के पूरे महीने के लिए कतई पर्याप्त नहीं है। इस भीषण गर्मी में इंसान और पशु दोनों ही प्यास से बुरी तरह तड़प रहे हैं। गाँव वालों का सीधा आरोप है कि प्रशासन के कर्मचारी पानी का दबाव पूरा नहीं खोलते, जिस कारण पानी आखिरी घरों तक पहुँच ही नहीं पाता। इसके ऊपर, नई पाइपलाइन के बिछने से गाँव की पुरानी पानी की व्यवस्था और पुराने कनेक्शन भी बंद कर दिए गए हैं, जिससे अब लोगों के पास पानी का कोई दूसरा सहारा भी नहीं बचा है। इस विकट स्थिति में, पशुओं को साफ पानी नसीब नहीं हो रहा और उन्हें मजबूरी में गंदा पानी पीना पड़ रहा है। कई परिवारों को तो महंगे पानी के टैंकर मँगवाने पड़ रहे हैं, लेकिन गरीब लोग हर बार हज़ारों रुपये खर्च करके पानी खरीदने में असमर्थ हैं। सबसे दुखद बात यह है कि अभी तक गाँव में कोई आपातकालीन सरकारी टैंकर भी नहीं पहुँचा है। ग्रामीण उम्मीद लगाए बैठे हैं कि शायद प्रशासन उनकी समस्या सुनेगा, मगर हर दिन यह परेशानी बढ़ती ही जा रही है, और गाँव का हर व्यक्ति यही सवाल पूछ रहा है कि अगर पानी ही नहीं मिलेगा तो “हर घर जल” योजना का लाभ आखिर किसे मिल रहा है?1
- ऑल इंडिया मजलिस ऐ ईतेहादुल मुस्लिम (AIMIM) पार्टी ने जोधपुर में होने वाले नगर निगम चुनाव 2026 में पूरे दम-खम के साथ उतरने की घोषणा की है। पार्टी ने इस दौरान इच्छुक लोगों से जुड़ने का आह्वान भी किया है। पार्टी के जिला प्रभारी फिरोज खान अब्बासी और जिला अध्यक्ष इमरान खान खिलजी ने बताया कि किसी भी समाज के जो भाई-बहन इस सेकुलर पार्टी से जुड़ना चाहते हैं, वे उनसे संपर्क कर सकते हैं। संपर्क के लिए 93147 17678 और 89499 19113 मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए गए हैं।1
- राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित शिव शक्ति धाम पर निर्जला एकादशी मेले का आयोजन किया गया।1