बुजुर्ग महिला से 5 बिस्वा के नाम पर 24 बिस्वा जमीन लिखवाने का आरोप, पीड़िता ने अधिकारियों से लगाई से न्याय की गुहार संग्रामपुर थाना क्षेत्र के मनिकापुर मजरे मड़ौली गांव में जमीन बैनामा में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। गांव निवासी बुजुर्ग महिला ने गांव के ही कुछ लोगों पर पांच बिस्वा जमीन के बैनामा की जगह पीड़िता का गुमराह करके पांच से अधिक कुल 24 बिस्वा भूमि अपने नाम करा लेने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने संग्रामपुर थाने में पहुंचकर पुलिस को तहरीर देकर मामले की जांच और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। पीड़िता गुड्डी देवी द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के मुताबिक, वह गाटा संख्या 263/0.6520 हेक्टेयर, 364/0.0900 हेक्टेयर और 365/0.3560 हेक्टेयर भूमि की भूमिधर/काश्तकार हैं। आरोप है कि उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहने का फायदा उठाकर आरोपितों ने उन्हें करीब पांच बिस्वा जमीन का बैनामा करने की बात बताई, लेकिन उन्हें गुमराह करके कथित तौर पर दस्तावेज में करीब 24 बिस्वा जमीन का बैनामा करा लिया। इस पूरे मामले की जानकारी जब बुजुर्ग महिला के पुत्र और बहू ज्योति को हुई तो उन्होंने उनसे पूछताछ की। बहू का आरोप है कि आरोपितों ने एक लाख रुपये प्रति बिस्वा की दर से पांच बिस्वा जमीन खरीदने की बात तय हुई थी, लेकिन हमारी सांस का दिमाग सही नहीं रहता जिसका फायदा उठाकर धोखे से जमीन का सम्पूर्ण भाग कुल 24 बिस्वा जमीन का बैनामा करा लिया गया । पीड़िता का कहना है कि उसे पूरे दस्तावेज और बैनामे में दर्ज भूमि की जानकारी नहीं थी। जब उसे जानकारी हुई तो वह शिकायत करने संग्रामपुर थाने पहुंची जहां उसका प्रार्थना पत्र नहीं लिया गया। जिस पर उसने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन का सहारा लिया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की जानकारी होने के बाद उसके पुत्र और बहू को धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर बैनामे से संबंधित अभिलेखों की जांच कराने, प्राथमिकी दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस पूरे प्रकरण पर संग्रामपुर थाना प्रभारी संजय सिंह से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि महिला का निवास स्थान मेरे क्षेत्र में है। जमीन की।रिजस्ट्री अमेठी में हुई है इसलिए पीड़िता को संबंधित थाने पर जाकर प्रार्थना पत्र देना चाहिए मामला राजस्व से जुड़ा हुआ है। अगर महिला के साथ धोखाधड़ी की गई है तो इससे जुड़ी कार्यवाही सम्बन्धित थाने पर होगी।
बुजुर्ग महिला से 5 बिस्वा के नाम पर 24 बिस्वा जमीन लिखवाने का आरोप, पीड़िता ने अधिकारियों से लगाई से न्याय की गुहार संग्रामपुर थाना क्षेत्र के मनिकापुर मजरे मड़ौली गांव में जमीन बैनामा में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। गांव निवासी बुजुर्ग महिला ने गांव के ही कुछ लोगों पर पांच बिस्वा जमीन के बैनामा की जगह पीड़िता का गुमराह करके पांच से अधिक कुल 24 बिस्वा भूमि अपने नाम करा लेने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने संग्रामपुर थाने में पहुंचकर पुलिस को तहरीर देकर मामले की जांच और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। पीड़िता गुड्डी देवी द्वारा
दिए गए शिकायती पत्र के मुताबिक, वह गाटा संख्या 263/0.6520 हेक्टेयर, 364/0.0900 हेक्टेयर और 365/0.3560 हेक्टेयर भूमि की भूमिधर/काश्तकार हैं। आरोप है कि उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहने का फायदा उठाकर आरोपितों ने उन्हें करीब पांच बिस्वा जमीन का बैनामा करने की बात बताई, लेकिन उन्हें गुमराह करके कथित तौर पर दस्तावेज में करीब 24 बिस्वा जमीन का बैनामा करा लिया। इस पूरे मामले की जानकारी जब बुजुर्ग महिला के पुत्र और बहू ज्योति को हुई तो उन्होंने उनसे पूछताछ की। बहू का आरोप है कि आरोपितों ने एक लाख रुपये प्रति बिस्वा की दर से पांच बिस्वा जमीन
खरीदने की बात तय हुई थी, लेकिन हमारी सांस का दिमाग सही नहीं रहता जिसका फायदा उठाकर धोखे से जमीन का सम्पूर्ण भाग कुल 24 बिस्वा जमीन का बैनामा करा लिया गया । पीड़िता का कहना है कि उसे पूरे दस्तावेज और बैनामे में दर्ज भूमि की जानकारी नहीं थी। जब उसे जानकारी हुई तो वह शिकायत करने संग्रामपुर थाने पहुंची जहां उसका प्रार्थना पत्र नहीं लिया गया। जिस पर उसने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन का सहारा लिया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की जानकारी होने के बाद उसके पुत्र
और बहू को धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर बैनामे से संबंधित अभिलेखों की जांच कराने, प्राथमिकी दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस पूरे प्रकरण पर संग्रामपुर थाना प्रभारी संजय सिंह से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि महिला का निवास स्थान मेरे क्षेत्र में है। जमीन की।रिजस्ट्री अमेठी में हुई है इसलिए पीड़िता को संबंधित थाने पर जाकर प्रार्थना पत्र देना चाहिए मामला राजस्व से जुड़ा हुआ है। अगर महिला के साथ धोखाधड़ी की गई है तो इससे जुड़ी कार्यवाही सम्बन्धित थाने पर होगी।
- हनुमानगढ़ी मंदिर में श्रीकृष्ण की बरही पर भंडारा, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ हनुमानगढ़ी मंदिर में श्रीकृष्ण की बरही पर भंडारा, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ अमेठी। भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी के बाद मंगलवार को अमेठी के हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर में बरही का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। दोपहर दो बजे से शुरू हुए भंडारे में श्रद्धालुओं को पूरी, सब्जी और नुक्ती का प्रसाद वितरित किया गया। मंदिर समिति के सदस्यों के अनुसार भंडारा देर रात 11 बजे तक चलेगा। करीब 4,500 श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई है। शाम होते-होते मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर मंदिर में पहुंचे और जमीन पर बैठकर हरे पत्तल में बरही का प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंजता रहा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। देर रात तक श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद रही।1
- रिश्वत के आरोपों पर भड़कीं कांग्रेस नेत्री, कहा - बिना पैसे काम नहीं करते कानूनगो-लेखपाल तिलोई में राजस्व अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन रिश्वत के आरोपों पर भड़कीं कांग्रेस नेत्री, कहा - बिना पैसे काम नहीं करते कानूनगो-लेखपाल तिलोई में राजस्व अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन अमेठी-तिलोई। तिलोई तहसील परिसर में मंगलवार को किसान समस्याओं और जनहित के मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेत्री एवं जिला पंचायत सदस्य सुनीता सिंह ने राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर निशाना साधा। कांग्रेस नेताओं ने उपजिलाधिकारी अरुणिमा श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने के दौरान सुनीता सिंह ने कहा कि तहसील में किसानों को अपनी जमीन से जुड़े कामों के लिए महीनों चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, आपके कानूनगो और लेखपाल लगातार किसानों को परेशान कर रहे हैं। बिना पैसा लिए वे किसानों का कोई भी काम नहीं करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब किसान पैमाइश, वरासत, भूमि विवाद जैसे कामों के लिए तहसील आते हैं लेकिन भ्रष्टाचार के चलते उनके काम समय से नहीं हो पाते। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने राजस्व व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी भी की। इसके साथ ही अघोषित बिजली कटौती, जलभराव से फसलों को हो रहे नुकसान और आवारा पशुओं की समस्या का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। एसडीएम अरुणिमा श्रीवास्तव ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए सभी समस्याओं के नियमानुसार निस्तारण का आश्वासन दिया। वहीं कांग्रेस पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि भ्रष्टाचार और किसान समस्याओं पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।1
- अमेठी, गौरीगंज में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन अमेठी, गौरीगंज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई समस्याओं को लेकर एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, आवारा पशुओं, बिजली कटौती,समेत राहुल गांधी पर दर्ज एफ आई आर को वापस लेने के संबंध में एसडीएम दिशा श्रीवास्तव के माध्यम से राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन1
- थाना कोतवाली देहात पुलिस द्वारा फर्जी फर्मों के नाम पर करेण्ट/कॉर्पोरेट खाते खुलवाकर देशभर में ऑनलाइन सट्टेबाजी, ट्रेडिंग फ्रॉड व साइबर ठगी की रकम की हेराफेरी करने वाले गिरोह के 02 सदस्य गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्यवाही के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) श्री आलोक कुमार की बाइट। *प्रेस नोट दिनांक: 16 सितम्बर 2026* *संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश : फर्जी फर्मों के नाम पर करेण्ट/कॉर्पोरेट खाते खुलवाकर देशभर में ऑनलाइन सट्टेबाजी, ट्रेडिंग फ्रॉड व साइबर ठगी की रकम की हेराफेरी करने वाले गिरोह के 02 सदस्य गिरफ्तार-* जनपद प्रतापगढ़ की क्राईम ब्रान्च द्वारा दिनांक 15.09.2026 को की गई कार्यवाही में एक संगठित साइबर अपराध गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 02 अभियुक्तों — शाकिब खान पुत्र स्व0 सगीर खान, निवासी फ्रेजर रोड, पटना (मूल निवासी थाना लासा, जनपद वाराणसी) तथा संदीप कुमार पुत्र टुनटुन लाल रजक, निवासी बन्दर बगीचा, पटना, बिहार — को गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्तगण के विरुद्ध धारा 318(4)/319(2) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 66डी सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत है। *घटना का संक्षिप्त विवरण-* थाना कोतवाली देहात, जनपद प्रतापगढ़ पर दिनांक 16.07.2026 को वादी डॉ0 सुमनेश सिंह पुत्र महादेव सिंह, निवासी भुवालपुर डोमीपुर के बड़ौदा यू0पी0 बैंक, शाखा मोहनगंज स्थित बैंक खाते से साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से बिना सूचना के ₹2,50,000/- निकाले जाने के संबंध में मु0अ0सं0 0190/2026, धारा 318(4)/319(2) बीएनएस व 66डी आईटी एक्ट बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया था। *बरामदगी का विवरण-* *अभियुक्तगण की तलाशी व उनके वाहन की जांच में पुलिस टीम द्वारा भारी मात्रा में अभिलेख व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:* * 01 लैपटॉप (लेनोवो) मय चार्जर तथा 01 POS मशीन मय चार्जर * 06 मोबाइल फोन (एक खराब स्थिति में), जिनकी प्रारंभिक जांच में विभिन्न सिम व IMEI नम्बरों से जुड़े होने की पुष्टि हुई * 06 पेन ड्राइव, 01 कार्ड रीडर, 01 डिजिटल सिग्नेचर डिवाइस तथा 01 चिप (8 जीबी) कई बैंकों की चेकबुकें, ATM, QR कोड इत्यादि *अपराध की कार्यप्रणाली-* पूछताछ व साक्ष्यों के विश्लेषण में सामने आया कि अभियुक्त शाकिब खान अपने पिता के विज्ञापन (एडवरटाइजिंग) व्यवसाय की आड़ में एक संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का संचालन कर रहा था। गिरोह की कार्यप्रणाली मुख्यतः निम्न चरणों में सामने आई: *गिरोह का एक सहयोगी अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइट, फर्जी ट्रेडिंग/निवेश स्कीमों, कोरियर के नाम पर ठगी व वायरस-युक्त APK फाइलों के माध्यम से साइबर फ्रॉड संचालित करता था तथा पुलिस से बचने हेतु विदेशी/फर्जी सिम व बदले हुए पतों का प्रयोग करता था।* इस नेटवर्क को अपने संग्रहित/धोखे से प्राप्त फर्जी दस्तावेजों (जाली किरायानामा, फर्जी उद्यम/एमएसएमई/जीएसटी पंजीकरण) के आधार पर विभिन्न व्यक्तियों — अधिकांशतः अपने अनपढ़ या आश्रित कर्मचारियों व परिचितों — के नाम पर फर्जी फर्में पंजीकृत कर बैंकों में करेण्ट व कॉर्पोरेट खाते खुलवाकर उपलब्ध कराए जाते थे, क्योंकि ऐसे खाते सामान्य बचत खातों की तुलना में बड़ी व संदिग्ध राशि के लेन-देन पर आसानी से बैंकों द्वारा फ्रीज नहीं किए जाते। *जांच में एक ही पते पर कई-कई फर्मों के तथा एक ही मोबाइल नम्बर पर कई फर्जी फर्मों के पंजीकरण की पुष्टि हुई है, जिससे स्पष्ट है कि सभी खातों का वास्तविक नियंत्रण अभियुक्तगण के पास ही केंद्रित था, जबकि कागजों में खाते अलग-अलग व्यक्तियों के नाम दर्शाए गए थे।* इन फर्जी फर्मों/खातों के आधार पर बैंक खाते, उनसे जुड़े सिम कार्ड व ई-मेल आईडी उपलब्ध कराने के एवज में अभियुक्तगण को कुल लेन-देन राशि में कमीशन में प्राप्त होता था। प्रारंभिक विश्लेषण में एक वर्ष की अवधि में अभियुक्तों द्वारा नियंत्रित खातों के माध्यम से लगभग ₹42.65 करोड़ (₹426523649/-) की साइबर फ्रॉड राशि का लेन-देन होना पाया गया है, तथा कुल 109 फर्मों के खाते विभिन्न बैंकों में सक्रिय पाए गए हैं। *समन्वय पोर्टल विश्लेषण —* अखिल भारतीय स्तर पर संलिप्तता- गृह मंत्रालय के समन्वय (Samanvaya) पोर्टल पर की गई प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि अभियुक्तगण द्वारा संचालित/नियंत्रित बैंक खाते व मोबाइल नम्बर देशभर में 500 से अधिक साइबर अपराध शिकायतों से लिंक पाए गए हैं। यह तथ्य गिरोह की गतिविधियों की व्यापकता तथा अखिल भारतीय स्तर पर पीड़ितों की संख्या को दर्शाता है। सम्बंधित राज्यों की साइबर क्राइम इकाइयों से समन्वय स्थापित कर अग्रिम विवेचना की जा रही है। *विधिक कार्यवाही-* अभियुक्तगण के विरुद्ध पूर्व में पंजीकृत धारा 318(4)/319(2) बीएनएस व 66डी आईटी एक्ट के अतिरिक्त, विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 336(3), 338, 340(2), 112(2), 61(2), 45 व 3(5) की भी बढ़ोतरी की गई है।2
- प्रतापगढ़ में ऑनलाइन सट्टेबाजी और ट्रेडिंग फ्रॉड का भंडाफोड़, 2 साइबर ठग गिरफ्तार, ASP ने दी जानकारी थाना कोतवाली देहात पुलिस द्वारा फर्जी फर्मों के नाम पर करेण्ट/कॉर्पोरेट खाते खुलवाकर देशभर में ऑनलाइन सट्टेबाजी, ट्रेडिंग फ्रॉड व साइबर ठगी की रकम की हेराफेरी करने वाले गिरोह के 02 सदस्य गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्यवाही के संबंध में-अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) आलोक कुमार की बाइट-1
- *अमेठी, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर शव वाहन में लगी भीषण आग, बड़ा हादसा टला* *शुकुल बाजार, अमेठी।* पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। लखनऊ से आजमगढ़ शव लेकर जा रहे एक शव वाहन में अचानक चलते समय भीषण आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगते ही चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए गाड़ी को एक्सप्रेसवे पर रोक दिया। वाहन में सवार लोगों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला गया। साथ ही वाहन में रखी डेड बॉडी को भी समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया और वाहन धू-धू कर जलने लगा। सूचना पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यह पूरा मामला बाजार शुक्ल थाना क्षेत्र अंतर्गत पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 70 का बताया जा रहा है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।1
- स्टेशन रोड पर नाले के ऊपर किये गये अतिक्रमण हटाने की मांग। प्रतापगढ़। स्टेशन रोड पर नाले के ऊपर बनी सीढ़ी की वजह से नाला साफ नहीं हो पाता है जिससे आम जनमानस की दुकान पर पानी का जल भराव हो जाता है। नगर पालिका प्रशासन से अनुरोध है स्टेशन रोड पर नाली पर ऊपर जितने भी अतिक्रमण हैं सबको हटाया जाए ताकि नाले का साफ सफाई हो सके।1
- किशोरी से दुष्कर्म और अपहरण के दोषी को 10 साल की सजा: कोर्ट ने 13 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया, पूरी रकम पीड़िता को मिलेगी सुल्तानपुर में आठ साल पहले एक किशोरी का अपहरण और दुष्कर्म करने के मामले में बुधवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया है। स्पेशल पॉक्सो एक्ट कोर्ट के जज नीरज कुमार श्रीवास्तव ने दोषी मोनू उर्फ मित्रसेन को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 13 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह पूरी रकम पीड़िता को दी जाएगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 3 मई 2018 को गोसाईगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। गांव के ही मोनू उर्फ मित्रसेन ने एक किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया था। किशोरी की मां ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया था। केस की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक रमेशचंद्र सिंह ने घटना साबित करने के लिए कोर्ट में सात गवाह पेश किए।1
- अजगर के चंगुल में फंसने से बकरी की मौत, गांव में दहशत अजगर के चंगुल में फंसने से बकरी की मौत, गांव में दहशत अमेठी। संग्रामपुर थाना क्षेत्र के केशवपुर गांव में अजगर के चंगुल में फंसने से एक बकरी की मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे गांव में हड़कंप मचा हुआ है और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार केशवपुर निवासी पीड़ित राम बचन वर्माकी बकरी को अजगर ने अपना शिकार बना लिया। अजगर के चंगुल में फंसने से बकरी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना पीड़ित ने तत्काल वन विभाग को फोन कर दी। आरोप है कि सूचना देने के बावजूद विभाग की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला और न ही मौके पर टीम पहुंची। इधर ग्रामीणों ने अजगर और मृत बकरी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है, जिसके बाद से मामला चर्चा में आ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अजगर की मौजूदगी से बच्चों और पशुओं को खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द से जल्द अजगर को पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ने और पीड़ित को मुआवजा देने की मांग की है।1