महुली थाना पुलिस ने शनिवार को फरार वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत दो आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में महुली गांव निवासी 54 वर्षीय कपिलदेव यादव, पिता- देवनारायण यादव, शामिल हैं, जिनके विरुद्ध न्यायालय से गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी था। दूसरा आरोपित कमालपुर गांव निवासी 46 वर्षीय राजू यादव, पिता- कैलू यादव हैं, जिनके विरुद्ध इस्तेहार जारी किया गया था। महुली थानाध्यक्ष राम प्रवेश भारती ने बताया कि दोनों ही आरोपी महुली थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और काफी समय से पुलिस की निगरानी में थे। गिरफ्तारी के बाद दोनों वारंटियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। शनिवार दोपहर करीब तीन बजे पूछताछ के उपरांत दोनों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से अग्रिम न्यायिक कार्रवाई की गई। महुली थाना पुलिस ने स्पष्ट किया कि जिले में फरार वारंटियों और न्यायालय से वांछित आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने दृढ़ता से कहा है कि कानून से बचने वाले किसी भी आरोपित को बख्शा नहीं जाएगा और न्यायालय के आदेशों का पूरी सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसके साथ ही, पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी फरार वारंटी के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दें ताकि समय पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
महुली थाना पुलिस ने शनिवार को फरार वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत दो आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में महुली गांव निवासी 54 वर्षीय कपिलदेव यादव, पिता- देवनारायण यादव, शामिल हैं, जिनके विरुद्ध न्यायालय से गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी था। दूसरा आरोपित कमालपुर गांव निवासी 46 वर्षीय राजू यादव, पिता- कैलू यादव हैं, जिनके विरुद्ध इस्तेहार जारी किया गया था। महुली थानाध्यक्ष राम प्रवेश भारती ने बताया कि दोनों ही आरोपी महुली थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और काफी समय से पुलिस की निगरानी में थे। गिरफ्तारी के बाद दोनों वारंटियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। शनिवार दोपहर करीब तीन बजे पूछताछ के उपरांत दोनों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से अग्रिम न्यायिक कार्रवाई की गई। महुली थाना पुलिस ने स्पष्ट किया कि जिले में फरार वारंटियों और न्यायालय से वांछित आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने दृढ़ता से कहा है कि कानून से बचने वाले किसी भी आरोपित को बख्शा नहीं जाएगा और न्यायालय के आदेशों का पूरी सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसके साथ ही, पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी फरार वारंटी के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दें ताकि समय पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
- महुली थाना पुलिस ने शनिवार को फरार वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत दो आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में महुली गांव निवासी 54 वर्षीय कपिलदेव यादव, पिता- देवनारायण यादव, शामिल हैं, जिनके विरुद्ध न्यायालय से गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी था। दूसरा आरोपित कमालपुर गांव निवासी 46 वर्षीय राजू यादव, पिता- कैलू यादव हैं, जिनके विरुद्ध इस्तेहार जारी किया गया था। महुली थानाध्यक्ष राम प्रवेश भारती ने बताया कि दोनों ही आरोपी महुली थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और काफी समय से पुलिस की निगरानी में थे। गिरफ्तारी के बाद दोनों वारंटियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। शनिवार दोपहर करीब तीन बजे पूछताछ के उपरांत दोनों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से अग्रिम न्यायिक कार्रवाई की गई। महुली थाना पुलिस ने स्पष्ट किया कि जिले में फरार वारंटियों और न्यायालय से वांछित आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने दृढ़ता से कहा है कि कानून से बचने वाले किसी भी आरोपित को बख्शा नहीं जाएगा और न्यायालय के आदेशों का पूरी सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसके साथ ही, पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी फरार वारंटी के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दें ताकि समय पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।1
- काशीचक थाना क्षेत्र के बौरी गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ 7 वर्षीय आर्यन राज, जो कारु चौधरी के पुत्र थे, की आँखें फोड़कर हत्या कर दी गई है। बच्चे का शव गांव के पश्चिम में स्थित कब्रिस्तान के समीप एक तालाब के किनारे से बरामद किया गया। मृतक बच्चे के पिता कारु चौधरी के अनुसार, आर्यन राज संध्या 3 बजे से लापता था। उसकी खोजबीन के दौरान, रात लगभग 8 बजे बच्चा तालाब के पास गिरा हुआ मिला। उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र काशीचक बौरी लाया गया, जहाँ डॉक्टर सफीक आलम ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर काशीचक थाना पुलिस, गौतम कुमार के नेतृत्व में, पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुँचा। पुलिस ने बच्चे का शव अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आवश्यक कागजी कार्यवाही पूरी करना शुरू कर दिया है। थाना प्रभारी गौतम कुमार ने बताया कि बच्चे की दोनों आँखों से खून बह रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चे की मृत्यु कैसे हुई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।4
- जमुई में कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में चन्द्रदीप थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष सहित दो पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल द्वारा की गई इस कार्रवाई में, एफआईआर दर्ज करने में देरी, शिकायतकर्ता को कथित रूप से अवैध रूप से थाने में घंटों रोके रखने और थाना परिसर में सीसीटीवी व्यवस्था के रखरखाव में लापरवाही को आधार बनाया गया है। निलंबित किए गए दोनों अधिकारियों का मुख्यालय पुलिस केंद्र, जमुई निर्धारित किया गया है। यह कार्रवाई सुरेश यादव द्वारा दिए गए एक शिकायत आवेदन की विस्तृत जांच के बाद की गई। सुरेश यादव ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि 17 जून को उनकी मां के साथ हुई मारपीट की घटना की सूचना चन्द्रदीप थाना को देने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद 18 जून को लिखित आवेदन देने पर उन्हें 19 जून को थाना बुलाया गया, जहाँ प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय उन्हें कई घंटे तक थाने में बैठाकर समझौते का दबाव बनाया गया। मामले की गहन जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), जमुई से कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में तत्कालीन थानाध्यक्ष पुलिस अवर निरीक्षक अरविन्द कुमार एवं पुलिस अवर निरीक्षक अमरजीत कुमार के विरुद्ध लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी, और शिकायतकर्ता को बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के लगभग आठ घंटे तक थाने में रोके रखना एक गंभीर अनियमितता थी। इसके अतिरिक्त, थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव में भी गंभीर लापरवाही सामने आई थी। इन्हीं सभी तथ्यों के आधार पर, पुलिस अधीक्षक ने दोनों पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल निलंबित करने का आदेश जारी किया है। इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में जवाबदेही और अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- मोकामा नगर परिषद के तीनों कर्मियों को दिनभर चले एक ‘हाई वोल्टेज ड्रामे’ के बाद आखिरकार बाढ़ न्यायालय से जमानत मिल गई है। जमानत की प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत सभी कर्मी मोकामा लौट आए हैं। गौरतलब है कि इन तीनों कर्मियों को शराब के सेवन और एक महिला सिपाही के साथ अभद्र व्यवहार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इनकी गिरफ्तारी के बाद यह पूरा मामला दिनभर सुर्खियों में बना रहा और इसकी चर्चा पूरे शहर में होती रही। अब जमानत मिलने के बाद लोगों की निगाहें प्रशासन और नगर परिषद की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि विभागीय स्तर पर इस मामले में आगे क्या निर्णय लिया जाता है।1
- लखीसराय पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कवैया थाना क्षेत्र के बड़ी कवैया वार्ड संख्या-32 निवासी टिंकू कुमार को शराब के नशे में एक लोडेड देसी पिस्टल और चार जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उत्पाद विभाग से मिली सूचना के आधार पर गश्ती और छापेमारी अभियान के दौरान उसे हिरासत में लिया। तलाशी लेने पर उसकी कमर से 7.65 एमएम का लोडेड देसी पिस्टल और मैगजीन में चार जिंदा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी टिंकू कुमार हथियार से संबंधित कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। उत्पाद थाना में ब्रेथ एनालाइजर जांच और सदर अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसके शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने अवैध हथियार और कारतूस जब्त कर आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस फिलहाल इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी के पास यह हथियार कहां से आया और उसका इस्तेमाल किस मकसद से किया जाना था।1
- लखीसराय के रामगढ़ चौक प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय बरतारा की छात्रा सिमरन पांडेय ने जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त कर पूरे प्रखंड का नाम रोशन किया है। संसाधनों की कमी के बावजूद हासिल की गई इस उपलब्धि के साथ, सिमरन इस विद्यालय की पहली छात्रा बन गई हैं जिनका नवोदय में चयन हुआ है, जिससे उन्होंने एक नया इतिहास रचा है। इस ऐतिहासिक सफलता पर शनिवार को बरतारा गांव और विद्यालय में खुशी का माहौल रहा। प्रधानाध्यापक संजय कुमार के नेतृत्व में विद्यालय परिवार, छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने सिमरन तथा उनके पिता बम बम पांडेय को अंगवस्त्र, फूल-माला और मोमेंटो भेंट कर भव्य सम्मान किया। बच्चों ने गीत-संगीत के माध्यम से अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। इस सम्मान समारोह में सिमरन के कक्षा 5 के वर्ग शिक्षक गुलशन कुमार, सहायक शिक्षक रवींद्र यादव, विजय कुमार, विवेक कुमार, अरुण कुमार सहित सभी शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित थे। प्रधानाध्यापक संजय कुमार ने सिमरन की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह बचपन से ही बरतारा के सरकारी विद्यालय की एक नियमित छात्रा रही है और पढ़ाई के साथ-साथ गीत-संगीत में भी आगे रहती थी, जिसने आज सभी को गौरवान्वित किया है। वर्ग शिक्षक गुलशन कुमार ने 'अनुशासन ही सफलता की कुंजी' बताते हुए कहा कि अनुशासित होकर चलने वाला पथिक अपने लक्ष्य तक अवश्य पहुंचता है। सहायक शिक्षक रवींद्र यादव ने उम्मीद जताई कि सिमरन की यह सफलता यहां के अन्य बच्चों को भी प्रेरणा देगी और भविष्य में और भी बच्चे ऐसे ही इतिहास रचेंगे। सिमरन के पिता बम बम पांडेय ने भावुक होते हुए अपनी बेटी पर गर्व व्यक्त किया और कहा कि उनकी बेटी गांव के सरकारी विद्यालय में पढ़कर ही नवोदय जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफल हुई है। अपनी सफलता के बाद सिमरन ने डॉक्टर बनने की इच्छा जताई और कहा कि वह समाज की सेवा करने के लिए डॉक्टर बनना चाहती हैं और इसके लिए जितनी भी मेहनत करनी पड़े, वह करने को तैयार हैं। बरतारा की यह बेटी उन सभी सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए प्रेरणा स्रोत है जो बड़े सपने देखते हैं।1
- लखीसराय जिले के तेतरहाट थाना ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर एक रक्तदान शिविर और पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया।1
- चेवाड़ा पुलिस ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार सुबह थाना के समीप एक विशेष वाहन जांच अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान बिना आवश्यक कागजात के वाहन चला रहे चालकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल ₹7,500 का जुर्माना वसूला गया। चेवाड़ा थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने बताया कि यह सघन जांच अभियान सुबह करीब 9 बजे तक जारी रहा, जिसमें दोपहिया और चारपहिया दोनों तरह के वाहनों की पड़ताल की गई। पुलिस ने वाहन चालकों से उनके ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन निबंधन प्रमाणपत्र (आरसी), बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की गहन जांच की। जांच के क्रम में जिन वाहन चालकों के पास आवश्यक कागजात नहीं पाए गए या जिनके द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन किया गया, उन पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई और कुल ₹7,500 का जुर्माना लगाया गया। थानाध्यक्ष ने यह भी बताया कि सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाने और यातायात व्यवस्था में सुधार लाने के लिए इस प्रकार के अभियान भविष्य में भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे। उन्होंने सभी वाहन चालकों से अपील की कि वे वाहन चलाते समय सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं से बचा जा सके।1