काशीचक थाना क्षेत्र के बौरी गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ 7 वर्षीय आर्यन राज, जो कारु चौधरी के पुत्र थे, की आँखें फोड़कर हत्या कर दी गई है। बच्चे का शव गांव के पश्चिम में स्थित कब्रिस्तान के समीप एक तालाब के किनारे से बरामद किया गया। मृतक बच्चे के पिता कारु चौधरी के अनुसार, आर्यन राज संध्या 3 बजे से लापता था। उसकी खोजबीन के दौरान, रात लगभग 8 बजे बच्चा तालाब के पास गिरा हुआ मिला। उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र काशीचक बौरी लाया गया, जहाँ डॉक्टर सफीक आलम ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर काशीचक थाना पुलिस, गौतम कुमार के नेतृत्व में, पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुँचा। पुलिस ने बच्चे का शव अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आवश्यक कागजी कार्यवाही पूरी करना शुरू कर दिया है। थाना प्रभारी गौतम कुमार ने बताया कि बच्चे की दोनों आँखों से खून बह रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चे की मृत्यु कैसे हुई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
काशीचक थाना क्षेत्र के बौरी गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ 7 वर्षीय आर्यन राज, जो कारु चौधरी के पुत्र थे, की आँखें फोड़कर हत्या कर दी गई है। बच्चे का शव गांव के पश्चिम में स्थित कब्रिस्तान के समीप एक
तालाब के किनारे से बरामद किया गया। मृतक बच्चे के पिता कारु चौधरी के अनुसार, आर्यन राज संध्या 3 बजे से लापता था। उसकी खोजबीन के दौरान, रात लगभग 8 बजे बच्चा तालाब के पास गिरा हुआ मिला। उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र काशीचक बौरी
लाया गया, जहाँ डॉक्टर सफीक आलम ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर काशीचक थाना पुलिस, गौतम कुमार के नेतृत्व में, पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुँचा। पुलिस ने बच्चे का शव अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आवश्यक कागजी
कार्यवाही पूरी करना शुरू कर दिया है। थाना प्रभारी गौतम कुमार ने बताया कि बच्चे की दोनों आँखों से खून बह रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चे की मृत्यु कैसे हुई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
- काशीचक थाना क्षेत्र के बौरी गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ 7 वर्षीय आर्यन राज, जो कारु चौधरी के पुत्र थे, की आँखें फोड़कर हत्या कर दी गई है। बच्चे का शव गांव के पश्चिम में स्थित कब्रिस्तान के समीप एक तालाब के किनारे से बरामद किया गया। मृतक बच्चे के पिता कारु चौधरी के अनुसार, आर्यन राज संध्या 3 बजे से लापता था। उसकी खोजबीन के दौरान, रात लगभग 8 बजे बच्चा तालाब के पास गिरा हुआ मिला। उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र काशीचक बौरी लाया गया, जहाँ डॉक्टर सफीक आलम ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर काशीचक थाना पुलिस, गौतम कुमार के नेतृत्व में, पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुँचा। पुलिस ने बच्चे का शव अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आवश्यक कागजी कार्यवाही पूरी करना शुरू कर दिया है। थाना प्रभारी गौतम कुमार ने बताया कि बच्चे की दोनों आँखों से खून बह रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चे की मृत्यु कैसे हुई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।4
- महुली थाना पुलिस ने शनिवार को फरार वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत दो आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में महुली गांव निवासी 54 वर्षीय कपिलदेव यादव, पिता- देवनारायण यादव, शामिल हैं, जिनके विरुद्ध न्यायालय से गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी था। दूसरा आरोपित कमालपुर गांव निवासी 46 वर्षीय राजू यादव, पिता- कैलू यादव हैं, जिनके विरुद्ध इस्तेहार जारी किया गया था। महुली थानाध्यक्ष राम प्रवेश भारती ने बताया कि दोनों ही आरोपी महुली थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और काफी समय से पुलिस की निगरानी में थे। गिरफ्तारी के बाद दोनों वारंटियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। शनिवार दोपहर करीब तीन बजे पूछताछ के उपरांत दोनों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से अग्रिम न्यायिक कार्रवाई की गई। महुली थाना पुलिस ने स्पष्ट किया कि जिले में फरार वारंटियों और न्यायालय से वांछित आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने दृढ़ता से कहा है कि कानून से बचने वाले किसी भी आरोपित को बख्शा नहीं जाएगा और न्यायालय के आदेशों का पूरी सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसके साथ ही, पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी फरार वारंटी के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दें ताकि समय पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।1
- यशपाल यादव ने बताया है कि बिहार में भी भरत तिवारी से मिलता-जुलता एक मामला देखा जा रहा है।1
- नवादा जिले के अकबरपुर इलाके में खखंदुआ माइंस के विरोध में ग्रामीण सड़कों पर उतरकर नाकाबंदी करेंगे। ग्रामीणों ने ओवरलोड वाहनों के परिचालन को पूरी तरह बंद कराने की मांग को लेकर यह कदम उठाने का ऐलान किया है, जिसके तहत वे सड़कों पर उतरेंगे।2
- जमुई में कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में चन्द्रदीप थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष सहित दो पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल द्वारा की गई इस कार्रवाई में, एफआईआर दर्ज करने में देरी, शिकायतकर्ता को कथित रूप से अवैध रूप से थाने में घंटों रोके रखने और थाना परिसर में सीसीटीवी व्यवस्था के रखरखाव में लापरवाही को आधार बनाया गया है। निलंबित किए गए दोनों अधिकारियों का मुख्यालय पुलिस केंद्र, जमुई निर्धारित किया गया है। यह कार्रवाई सुरेश यादव द्वारा दिए गए एक शिकायत आवेदन की विस्तृत जांच के बाद की गई। सुरेश यादव ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि 17 जून को उनकी मां के साथ हुई मारपीट की घटना की सूचना चन्द्रदीप थाना को देने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद 18 जून को लिखित आवेदन देने पर उन्हें 19 जून को थाना बुलाया गया, जहाँ प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय उन्हें कई घंटे तक थाने में बैठाकर समझौते का दबाव बनाया गया। मामले की गहन जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), जमुई से कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में तत्कालीन थानाध्यक्ष पुलिस अवर निरीक्षक अरविन्द कुमार एवं पुलिस अवर निरीक्षक अमरजीत कुमार के विरुद्ध लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी, और शिकायतकर्ता को बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के लगभग आठ घंटे तक थाने में रोके रखना एक गंभीर अनियमितता थी। इसके अतिरिक्त, थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव में भी गंभीर लापरवाही सामने आई थी। इन्हीं सभी तथ्यों के आधार पर, पुलिस अधीक्षक ने दोनों पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल निलंबित करने का आदेश जारी किया है। इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में जवाबदेही और अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- नालंदा जिले के हरनौत थाना क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों ने एक युवक सोनू कुमार की चाकू गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक 37 वर्षीय सोनू कुमार चेरण गांव का निवासी था और एक पैथोलॉजी में कार्यरत था। इस जघन्य घटना से गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने बिहारशरीफ-बख्तियारपुर एनएच-20 को करीब दो घंटे तक जाम कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद ही जाम समाप्त कराया जा सका। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार की रात करीब सवा दस बजे सोनू के मोबाइल पर एक फोन आया, जिसके बाद वह शिवाजी मोहल्ला जाने की बात कहकर घर से निकला। कुछ देर बाद परिवार की एक महिला को फोन पर सूचना मिली कि सोनू सड़क किनारे खून से लथपथ पड़ा है और उसका एक्सीडेंट हो गया है। इसके तुरंत बाद पुलिस ने भी घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि सोनू गंभीर रूप से घायल था और उसके शरीर पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। उसे आनन-फानन में कल्याण बिगहा रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति के कारण पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान सोनू की मौत हो गई। इस हत्या के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने पुनः बिहारशरीफ-बख्तियारपुर एनएच-20 को जाम कर हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।2
- एक पोस्ट में बेहद मुखर और सीधा आरोप लगाते हुए कहा गया है कि 'गुस्ताखी माफ हो' लेकिन 'मोदी' और 'चंपत' की दोस्ती दरअसल 'भगवान राम से गद्दारी' है। यह बयान 'मोदी' और 'चंपत' के संबंधों को भगवान राम के प्रति विश्वासघात के तौर पर पेश करता है।1
- चेवाड़ा पुलिस ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार सुबह थाना के समीप एक विशेष वाहन जांच अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान बिना आवश्यक कागजात के वाहन चला रहे चालकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल ₹7,500 का जुर्माना वसूला गया। चेवाड़ा थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने बताया कि यह सघन जांच अभियान सुबह करीब 9 बजे तक जारी रहा, जिसमें दोपहिया और चारपहिया दोनों तरह के वाहनों की पड़ताल की गई। पुलिस ने वाहन चालकों से उनके ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन निबंधन प्रमाणपत्र (आरसी), बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की गहन जांच की। जांच के क्रम में जिन वाहन चालकों के पास आवश्यक कागजात नहीं पाए गए या जिनके द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन किया गया, उन पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई और कुल ₹7,500 का जुर्माना लगाया गया। थानाध्यक्ष ने यह भी बताया कि सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाने और यातायात व्यवस्था में सुधार लाने के लिए इस प्रकार के अभियान भविष्य में भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे। उन्होंने सभी वाहन चालकों से अपील की कि वे वाहन चलाते समय सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं से बचा जा सके।1