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खैरथल की एक महिला को उसके ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया है। इस घटना के बाद, महिला पिछले आठ दिनों से अपने ससुराल के मुख्य दरवाजे पर ही बैठी हुई है। बताया गया है कि महिला के ससुराल पक्ष के लोग घर पर ताला लगाकर वहां से फरार हो गए हैं।
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खैरथल की एक महिला को उसके ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया है। इस घटना के बाद, महिला पिछले आठ दिनों से अपने ससुराल के मुख्य दरवाजे पर ही बैठी हुई है। बताया गया है कि महिला के ससुराल पक्ष के लोग घर पर ताला लगाकर वहां से फरार हो गए हैं।
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- खैरथल की एक महिला को उसके ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया है। इस घटना के बाद, महिला पिछले आठ दिनों से अपने ससुराल के मुख्य दरवाजे पर ही बैठी हुई है। बताया गया है कि महिला के ससुराल पक्ष के लोग घर पर ताला लगाकर वहां से फरार हो गए हैं।1
- Hiring Job Title : मोबाइल से घर बैठे काम Company / Shop : हेल्थ वेल्थ कंपनी Job Field : मोबाइल से घर बैठे काम Locality : अलवर Job Type : Part Time Required Work Experience : 1-2 Years अधिक जानकारी के लिए हमें संपर्क करें2
- अलवर जिले के मालाखेड़ा स्थित बड़ेर गांव के एक ग्रामीण ने मालाखेड़ा थाने के एएसआई जाकिर हुसैन पर एक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि सूचना दिए जाने के बावजूद आरोपी को थाने नहीं लाया गया। ग्रामीण ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से कथित तौर पर यह कहा गया कि "सिर्फ शराब पीने वालों को थाने में बंद नहीं कर सकते, वे कुछ भी कर सकते हैं।" इस पूरे मामले को लेकर बड़ेर गांव के ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।1
- राजस्थान के खैरथल स्थित मातोर रोड पर बसों के खड़े होने के कारण यातायात जाम की गंभीर समस्या सामने आ रही है। इस स्थिति से लगातार प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना हो रही है, जिससे सड़क पर आवागमन बाधित हो रहा है।1
- आज के सोशल मीडिया और रीलबाजी के दौर में भी, खैरथल के कुछ युवा निःस्वार्थ भाव से गौसेवा के कार्य में लगे हुए हैं। इन युवाओं ने सड़कों पर घूमते निराश्रित और घायल गौवंश की सेवा का संकल्प लिया है। जो टीम शुरुआत में पाँच-छह युवकों के साथ बनी थी, वह आज बढ़कर बीस-पच्चीस सदस्यों तक पहुँच गई है। इस टीम को जहाँ कहीं भी घायल या बीमार गौवंश की सूचना मिलती है, वे तुरंत वहाँ पहुँचकर उनका इलाज करते हैं। करण छंगाणी ने बताया कि अब कई लोग गायों के लिए चारा और हरी सब्ज़ियाँ जैसी चीज़ें उपलब्ध कराकर सहयोग कर रहे हैं, वहीं सोनू प्रदनानी के अनुसार सरकारी डॉक्टर भी दवाइयों के लिए हमेशा मदद को तैयार रहते हैं। इन युवाओं ने मिलकर 'श्री गोविन्दम् गौशाला ट्रस्ट' नाम से एक ट्रस्ट का गठन भी किया है। जगह की कमी के कारण, फिलहाल वे पुलिस थाने के पास अनुपयोगी पड़ी एक सरकारी भूमि का उपयोग गौवंश को लाकर उनका इलाज करने और उनके चारे-पानी की व्यवस्था करने के लिए कर रहे हैं। इस सेवा कार्य में राकेश शर्मा, करण छंगाणी (कालू), हरीश छंगाणी, डिंपल लोढ़ा, राजू थावनानी, सुरेन्द्र सैन, मुन्ना सैन, जीतू कुरचानी, सोनू प्रदनानि, दीपू मुर्जानी, विजय राठौड़, बाबू चंदवानी, ध्रुव पोपटानी, रोनित ट भारती, जय, जतिन, चिराग दीपांश, संदीप, छोटू, गौरव, नरेश धर्मानी, गोतम लालवानी, विशाल लालवानी, दिव्यांश लालवानी, लक्की रामानी और सचिन हल्द्वानी जैसे अनेक युवक सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं।1
- किशनगढ़ बास क्षेत्र में एक मामले को लेकर पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली पर स्थानीय समाज और सर्वसमाज के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। घटना को 48 घंटे बीत जाने के बावजूद, पुलिस अभी तक कोई गिरफ्तारी (ZERO Arrest) नहीं कर पाई है, जिससे लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। पुलिस प्रशासन के इस ढीले रवैये से नाराज समाज के प्रबुद्ध लोगों और युवाओं ने एकजुट होकर किशनगढ़ बास थानाधिकारी (SHO) को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि आज शाम तक आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो कल सुबह बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होकर किशनगढ़ बास थाने का घेराव करेंगे। एक स्थानीय समाज प्रतिनिधि ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा, "प्रशासन हमारी शांतिप्रियता को हमारी कमजोरी न समझे। 48 घंटे का समय बहुत होता है, लेकिन पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं। अगर आज शाम तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो कल होने वाले प्रदर्शन और थाने के घेराव की पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।" अब देखना यह होगा कि समाज के इस कड़े अल्टीमेटम के बाद किशनगढ़ बास पुलिस हरकत में आती है या फिर कल थाने पर जनता का भारी सैलाब देखने को मिलेगा।1
- बानसूर तहसील के ईसराकाबास विद्युत फीडर पर बन रहे सोलर प्लांट को लेकर क्षेत्र के किसान लामबंद हो गए हैं। किसान नेता राकेश दायमा के नेतृत्व में ईसराकाबास, बबेड़ी, मोयोढी और मांची गांव के किसानों ने सामूहिक मेजरनामा तैयार कर राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा है। किसानों की मुख्य मांग है कि फीडर पर सोलर प्लांट का काम तत्काल बंद किया जाए और उसकी कनेक्टिविटी फीडर से हटाई जाए। राकेश दायमा ने बताया कि ग्राम मांची में उद्योगपतियों द्वारा ईसराकाबास फीडर पर सोलर प्लांट लगाया जा रहा है, लेकिन इसे स्थापित करते समय न तो किसानों से कोई सहमति ली गई और न ही उन किसानों को मुआवजा दिया गया जिनकी जमीनें लाइन खींचने से खराब हुई हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि इस सोलर प्लांट के कारण फीडर को दिन में बिजली मिलेगी, जबकि बानसूर क्षेत्र के किसान मुख्य रूप से गाजर की खेती करते हैं। गाजर की फसल के लिए रात में पानी देना फायदेमंद होता है, क्योंकि दिन में तेज हवा के कारण फव्वारे से सिंचाई नहीं हो पाती और वोल्टेज भी कम रहता है। किसानों के अनुसार, दिन में सिंचाई करने से फसल खराब होने और मोटर-पाइपलाइन के जलने का खतरा बना रहता है। किसान नेता ने यह भी बताया कि दिन में बिजली मिलने से शाम और सुबह फसल पर जमी ओस के समय लोड बदलना भी संभव नहीं होगा, जिससे सिंचाई का पूरा सिस्टम बिगड़ जाएगा। राकेश दायमा ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की मांगें नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इस ज्ञापन की प्रतियां जिला कलेक्टर कोटपूतली-बहरोड़, उपखंड अधिकारी बानसूर और तहसीलदार बानसूर को भी भेजी गई हैं।1
- अलवर के एमआईए क्षेत्र स्थित धनखेड़ा गांव में एक विवाद सामने आया है, जिसके बारे में स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इसका मुख्य कारण पानी की टंकी से जुड़ा मामला है। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर इस दावे की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में चर्चा का माहौल बना हुआ है, और लोग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। 'वॉइस ऑफ लेबर' की टीम इस मामले की जमीनी हकीकत सामने लाने का प्रयास कर रही है। यह जानकारी स्थानीय ग्रामीणों द्वारा दी गई है और बताया गया है कि आधिकारिक जांच व प्रशासनिक रिपोर्ट के आधार पर तथ्य अलग भी हो सकते हैं।1