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मधुबनी पुलिस ने वाहन में रुपये गिनते हुए एक वायरल वीडियो के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। यह निलंबन पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई जांच के बाद किया गया है। विभाग ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि अनुशासनहीनता और संदिग्ध आचरण के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी।
Prabhat Times Madhubani
मधुबनी पुलिस ने वाहन में रुपये गिनते हुए एक वायरल वीडियो के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। यह निलंबन पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई जांच के बाद किया गया है। विभाग ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि अनुशासनहीनता और संदिग्ध आचरण के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी।
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- मधुबनी पुलिस ने वाहन में रुपये गिनते हुए एक वायरल वीडियो के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। यह निलंबन पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई जांच के बाद किया गया है। विभाग ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि अनुशासनहीनता और संदिग्ध आचरण के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी।1
- राष्ट्रीय लोक मोर्चा विधायक दल के नेता और मधुबनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री माधव आनंद ने 24 जून को पटना में बिहार सरकार के माननीय पर्यटन मंत्री श्री केदार प्रसाद गुप्ता से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मधुबनी मुख्यालय में 'मिथिला हाट' की स्थापना संबंधी एक विस्तृत प्रस्ताव पर चर्चा की। श्री आनंद ने मंत्री को अवगत कराया कि मिथिला क्षेत्र अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विश्वप्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग, लोककला, हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों और विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है। उन्होंने तर्क दिया कि मधुबनी में 'मिथिला हाट' की स्थापना से स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों, महिला स्वयं सहायता समूहों और युवाओं को अपने उत्पादों के विपणन के लिए एक स्थायी मंच मिलेगा, जिससे क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। श्री आनंद ने 'मिथिला हाट' को केवल एक बाजार नहीं, बल्कि मिथिला की कला, संस्कृति, परंपरा और आर्थिक स्वावलंबन का एक सशक्त केंद्र बताया, जिससे मधुबनी और समूचे मिथिलांचल को पर्यटन मानचित्र पर एक मजबूत पहचान मिलेगी। माननीय पर्यटन मंत्री श्री केदार प्रसाद गुप्ता ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाया और आवश्यकता पड़ने पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के माध्यम से भी आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने बैठक के दौरान ही पर्यटन विभाग के सचिव को निर्देश दिया कि वे आवश्यक कार्रवाई तत्काल प्रारंभ करें और प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करें। श्री माधव आनंद ने मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि राज्य सरकार के सहयोग से यह जनभावनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल शीघ्र ही धरातल पर उतरेगी और क्षेत्र के विकास एवं सांस्कृतिक उत्थान का नया अध्याय लिखेगी।4
- एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहां 17 करोड़ रुपये की एक शादी मात्र 17 सेकंड में ही 'स्वाहा' हो गई। इस प्रकरण को 'कलियुगी आशकी' का नतीजा बताया जा रहा है, जिसे पुणे की 'सिया सोनम' से भी अधिक खतरनाक करार दिया गया है।1
- दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड अंतर्गत वार्ड 3 में बड़े पैमाने पर कचरा और नशे की बोतलें फैली हुई हैं। इस स्थिति को लेकर सवाल उठाया जा रहा है कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि क्या यह पुलिस प्रशासन की लापरवाही है, जनप्रतिनिधियों की, या फिर किसी और की।1
- दरभंगा स्थित डीएमसीएच में एक हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला है। बीएससी नर्सिंग का एक छात्र अपनी मांगों को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। छात्र की इस हरकत के कारण परिसर में काफी देर तक गहमागहमी और तनाव का माहौल बना रहा।1
- बिहार के दरभंगा से सामने आए एक वायरल वीडियो ने एक कथित 'जनप्रतिनिधि' के दोहरे चरित्र को उजागर कर दिया है। इस घटना ने समाज के एक 'उभरते नेता' की असलियत जनता के सामने ला दी है, जिसके बाद उनकी सोच और व्यवहार पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। न्यूज़18 के वरिष्ठ पत्रकार विपिन कुमार जी ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो को साझा करते हुए अपने 'भ्रम टूटने' की बात कही है। पत्रकार विपिन जी के अनुसार, ये 'नेताजी' जनता के बीच अक्सर खुद को जिंदादिल, हंसमुख और मिलनसार दिखाते थे। वे एससी-एसटी से जुड़े मामलों में आक्रामक रहते थे और दलित-वंचितों के हक की बातें सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक करते थे। पत्रकार का यह भी कहना है कि 'नेताजी' जब भी उनसे मिलते थे तो बेहद सम्मान देते थे। हालाँकि, वायरल वीडियो में उनका 'असली रूप' सामने आने के बाद पत्रकार का भ्रम हमेशा-हमेशा के लिए टूट गया। वायरल वीडियो में 'नेताजी' को सड़क पर खड़े होकर 'रौब झाड़ते' हुए देखा जा सकता है, जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग अब उनसे तीखे सवाल पूछ रहे हैं कि कैमरे के सामने खुद को 'मसीहा' दिखाने वाले नेता बंद कमरों में या विवादों के वक्त इतने आक्रामक और संकीर्ण कैसे हो जाते हैं। जनता यह पूछ रही है कि क्या इसी सोच के दम पर वे समाज का नेतृत्व करेंगे, जिससे एक जिम्मेदार 'जनप्रतिनिधि' की भाषा और व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- भरत भूषण तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर मामले को लेकर एक बार फिर जोरदार आवाज उठाई गई है। मैथिल परशुराम सेना के बैनर तले कई प्रमुख व्यक्तियों, जिनमें समाजसेवी इंद्र शेखर झा, नलिनी रंजन झा, विजय श्री टुन्ना, राजेश कुमार झा उर्फ मोहन और राजू झा शामिल हैं, साथ ही डिप्टी मेयर अमानुल्लाह खान और मनोज मिश्रा जैसे नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। इन सभी ने एक स्वर में घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान यह भी साफ तौर पर कहा गया कि 'न्याय के बिना लोकतंत्र अधूरा है, सत्य सामने आना चाहिए', जो इस मामले में न्याय और सच्चाई को सामने लाने की प्रबल इच्छा को दर्शाता है।1
- केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने आज भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर अपनी बात रखी है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद मधुबनी पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए एक महिला पुलिस अवर निरीक्षक (SI) और दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही इन सभी के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। यह पूरा मामला 24 जून 2026 को सामने आए एक सोशल मीडिया वीडियो से संबंधित है, जिसमें अररिया संग्राम थाना की एक महिला पुलिस पदाधिकारी वाहन के भीतर बैठकर रुपए गिनते हुए दिखाई दे रही थीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, मधुबनी के पुलिस अधीक्षक ने इसका अत्यंत गंभीरता से संज्ञान लिया और झंझारपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) को इस पूरे प्रकरण की त्वरित जांच का जिम्मा सौंपा। जांच और सत्यापन के अनुसार, यह वायरल वीडियो करीब दो महीने पुराना बताया जा रहा है। वीडियो में दिख रही महिला पुलिस पदाधिकारी की पहचान पु०अ०नि० सोनल कुमारी के रूप में हुई है, जो अररिया संग्राम थाना में पदस्थापित हैं और फिलहाल अवकाश पर चल रही हैं। गहन जांच से यह भी पता चला कि जिस वक्त का यह वीडियो है, उस दौरान वाहन पर ड्यूटी के क्रम में उनके साथ महिला सिपाही सौन्दर्या राय और सिपाही गौतम कुमार भी तैनात थे। आधिकारिक बयान के अनुसार, ऑन-ड्यूटी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों द्वारा किया गया इस प्रकार का आचरण न केवल अत्यंत संदेहास्पद गतिविधि को दर्शाता है, बल्कि इससे आम जनता के बीच पुलिस की छवि भी धूमिल होती है। इस गंभीर अनुशासनहीनता और संदिग्ध आचरण को देखते हुए, एसपी मधुबनी ने कड़ा रुख अपनाया है। आदेश के अनुसार, पु०अ०नि० सोनल कुमारी, सिपाही गौतम कुमार और महिला सिपाही सौन्दर्या राय को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर लाइन हाजिर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस विभाग के इस त्वरित एक्शन से भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के खिलाफ एक सख्त संदेश देने का प्रयास किया गया है।1