निरसा थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-19 पर चोपड़ा कॉलोनी के समीप बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। यह हादसा तब हुआ जब तीन दोस्त एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर मैथन से निरसा लौट रहे थे और चोपड़ा कॉलोनी के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर से टकरा गई। इस भीषण टक्कर से तीनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए। घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर निरसा थाना प्रभारी अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। एंबुलेंस के आने में हो रही देरी को देखते हुए, थाना प्रभारी ने मानवीयता का परिचय देते हुए घायलों को अपने निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया, जिससे उन्हें समय पर तत्काल उपचार मिल सका। हादसे में गुरुदास नगर निवासी मंतोष कुमार सिंह उर्फ मोचू (35 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि संतोष पोद्दार (30 वर्ष) और राजा कॉलियरी, निरसा निवासी अरमान शेख भी घायल हुए। संतोष पोद्दार और अरमान शेख को स्थानीय नर्सिंग होम में प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। हालांकि, मंतोष कुमार सिंह उर्फ मोचू की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच, धनबाद रेफर किया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। थाना प्रभारी की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने जमकर प्रशंसा की है, ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस का यह मानवीय चेहरा समाज में विश्वास को मजबूत करता है। फिलहाल, निरसा पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
निरसा थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-19 पर चोपड़ा कॉलोनी के समीप बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। यह हादसा
तब हुआ जब तीन दोस्त एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर मैथन से निरसा लौट रहे थे और चोपड़ा कॉलोनी के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर से टकरा
गई। इस भीषण टक्कर से तीनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए। घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर निरसा थाना प्रभारी अपनी
पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। एंबुलेंस के आने में हो रही देरी को देखते हुए, थाना प्रभारी ने मानवीयता का परिचय देते हुए घायलों को अपने निजी वाहन
से अस्पताल पहुंचाया, जिससे उन्हें समय पर तत्काल उपचार मिल सका। हादसे में गुरुदास नगर निवासी मंतोष कुमार सिंह उर्फ मोचू (35 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि संतोष
पोद्दार (30 वर्ष) और राजा कॉलियरी, निरसा निवासी अरमान शेख भी घायल हुए। संतोष पोद्दार और अरमान शेख को स्थानीय नर्सिंग होम में प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। हालांकि,
मंतोष कुमार सिंह उर्फ मोचू की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच, धनबाद रेफर किया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी
मौत हो गई। थाना प्रभारी की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने जमकर प्रशंसा की है, ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस का यह मानवीय चेहरा समाज में विश्वास
को मजबूत करता है। फिलहाल, निरसा पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
- झारखंड के निरसा प्रखंड की रांगामटिया पंचायत में हड़क तोरिया से जैनरा आश्रम तक बन रही सड़क के निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग और अनियमितता का आरोप लगाते हुए संवेदक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, साथ ही शिकायत करने पर ठेकेदार के लोगों द्वारा धमकाने की भी बात कही है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल नहीं हो रहा है, जिसमें खराब गुणवत्ता वाली गिट्टी, नाममात्र का सीमेंट और धूल मिश्रित बालू का उपयोग शामिल है। उनका आरोप है कि सड़क पूरी होने से पहले ही कई जगहों पर दरारें आ गई हैं और लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद यह सड़क छह महीने भी नहीं टिकेगी। यह स्थिति तब है जब निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने इस परियोजना का उद्घाटन करते समय ग्रामीणों से स्वयं कार्य की निगरानी करने और गड़बड़ी पाए जाने पर सीधे शिकायत करने की अपील की थी। शिकायत करने वाले एक ग्रामीण ने बताया कि जब वे गुणवत्ता पर सवाल उठाते हैं, तो ठेकेदार के लोग उन्हें 'ज्यादा बोलने पर अंजाम भुगतने' की धमकी देते हैं। अब ग्रामीण निर्माण कार्य से जुड़े सबूत इकट्ठा कर सीधे विधायक अरूप चटर्जी से मिलने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करने का फैसला कर चुके हैं। वे यह भी सवाल उठा रहे हैं कि यदि काम मानकों के अनुरूप हो रहा है, तो जूनियर इंजीनियर की नियमित निगरानी क्यों नहीं है और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है। साथ ही, शिकायतकर्ताओं को धमकाने वाले लोगों की पहचान पर भी सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क क्षेत्र के लोगों और स्कूली बच्चों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो केवल आवागमन का साधन नहीं बल्कि भरोसे और विकास की उम्मीदों का प्रतीक है। इसलिए, वे चाहते हैं कि निर्माण कार्य पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पूरा हो, ताकि जनता के पैसे का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।8
- जामताड़ा नगर क्षेत्र के निवासियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और राहत भरी पहल की शुरुआत की गई है, जहाँ अब उन्हें 24 घंटे निशुल्क एंबुलेंस सेवा मिलेगी। नगर पंचायत अध्यक्ष आशा गुप्ता और समाजसेवी तरुण कुमार गुप्ता ने अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए इस सेवा का शुभारंभ किया है। बुधवार शाम 4 बजे से दुमका रोड स्थित शिव मंदिर प्रांगण से यह सेवा आम लोगों के लिए उपलब्ध करा दी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में जरूरतमंद लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना है, ताकि किसी भी मरीज को आर्थिक तंगी या वाहन की अनुपलब्धता के कारण किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जामताड़ा नगरवासियों के लिए इस 24 घंटे निशुल्क एंबुलेंस सेवा को एक बड़ी सौगात के रूप में देखा जा रहा है, जो निश्चित रूप से स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में सुधार लाएगी।1
- झारखंड के जामताड़ा में साइबर अपराधियों पर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। ये अपराधी बैंक अधिकारी बनकर साइबर ठगी को अंजाम देते थे।1
- राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत ने धनबाद में अवैध कोयला तस्करी और इस वजह से पत्रकारों की जान को हो रहे खतरे पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। संघ ने इस पूरे मामले को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है। इसी क्रम में, राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत ने घोषणा की है कि वह जल्द ही धनबाद में सक्रिय कोयला तस्करों की एक विस्तृत सूची जारी करेगा और उनका पर्दाफाश करेगा।1
- धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने का दिशा-निर्देश दिया है।1
- झारखंड के धनबाद जिले में स्थित खानुडीह फाटक पर विकास कार्य पूरी तरह से रुक गया है, जिसके चलते स्थानीय निवासियों में भारी जनाक्रोश देखने को मिल रहा है। क्षेत्र के लोग विकास की इस थम चुकी गति से बेहद नाराज हैं, और उनकी यह नाराजगी अब खुलकर सामने आ गई है। यह जनविरोध मुख्य रूप से प्रस्तावित ओवरब्रिज के निर्माण में हो रही देरी और उस पर पूरी तरह से काम रुक जाने के कारण है। लंबे समय से ओवरब्रिज के लिए की जा रही मांग के बावजूद, इस महत्वपूर्ण परियोजना पर कोई प्रगति नहीं हुई है, जिससे पूरे क्षेत्र का विकास अवरुद्ध हो गया है। खानुडीह फाटक पर ओवरब्रिज के रुके काम ने लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया है। जनता की यह उबलती हुई भावना दर्शाती है कि वे जल्द से जल्द ओवरब्रिज का निर्माण चाहते हैं ताकि क्षेत्र में विकास फिर से पटरी पर आ सके और उन्हें असुविधा से मुक्ति मिल सके।1
- धनबाद के उपायुक्त अपनी सादगी और संस्कृति के प्रति गहरी संवेदनशीलता दिखाते हुए मंगलवार को समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में नजर आए। उन्होंने अफसरशाही से दूर रहते हुए एक गरीब महिला की फरियाद पर उसकी खोरठा भाषा में ही जवाब दिया, जिससे उनकी जमीन से जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान के प्रति सम्मान स्पष्ट दिखा। यह घटना तब हुई जब एक गरीब महिला अपनी जमीन पर दूसरे व्यक्ति द्वारा जबरन बाउंड्री किए जाने की शिकायत लेकर उपायुक्त के पास पहुंची थी। उपायुक्त ने महिला को आश्वस्त किया कि उनके मामले में उचित और न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त आदित्य रंजन का यह सहज अंदाज जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याओं को सुना गया। भूमि, पेंशन, आवास, राशन कार्ड, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों से संबंधित दर्जनों मामलों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष मामलों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निपटान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। धनबाद उपायुक्त में झारखंडी संस्कृति और सादगी का यह एक मिसाल देखने को मिला।1
- निरसा थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-19 पर चोपड़ा कॉलोनी के समीप बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। यह हादसा तब हुआ जब तीन दोस्त एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर मैथन से निरसा लौट रहे थे और चोपड़ा कॉलोनी के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर से टकरा गई। इस भीषण टक्कर से तीनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए। घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर निरसा थाना प्रभारी अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। एंबुलेंस के आने में हो रही देरी को देखते हुए, थाना प्रभारी ने मानवीयता का परिचय देते हुए घायलों को अपने निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया, जिससे उन्हें समय पर तत्काल उपचार मिल सका। हादसे में गुरुदास नगर निवासी मंतोष कुमार सिंह उर्फ मोचू (35 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि संतोष पोद्दार (30 वर्ष) और राजा कॉलियरी, निरसा निवासी अरमान शेख भी घायल हुए। संतोष पोद्दार और अरमान शेख को स्थानीय नर्सिंग होम में प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। हालांकि, मंतोष कुमार सिंह उर्फ मोचू की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच, धनबाद रेफर किया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। थाना प्रभारी की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने जमकर प्रशंसा की है, ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस का यह मानवीय चेहरा समाज में विश्वास को मजबूत करता है। फिलहाल, निरसा पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।9