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बाड़मेर जिले के सदर थाना क्षेत्र में केरली नाडी हाजाणियों की ढाणी में शादी के महज पाँच महीने बाद एक 19 वर्षीय विवाहिता सुगनी पत्नी सवाईराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। शुक्रवार शाम को सुगनी का शव खेत में बने एक टांके से बरामद किया गया, जिसके बाद मृतका के पीहर पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि शव को सबूत मिटाने के उद्देश्य से टांके में डाला गया था। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुँची और शव को बाड़मेर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट पर दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतका, जिसका पीहर लूणू गाँव में है, के परिजनों ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही सुगनी को दहेज के लिए लगातार परेशान किया जा रहा था। उनके अनुसार, पति सवाईराम, ससुर गोरधनराम और सास कमला ने मिलकर उसकी हत्या की। घटना के बाद परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की माँग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद शनिवार को पुलिस अधिकारियों की समझाइश पर वे पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए। मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य ने बताया कि मृतका के पिता की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जाँच के दौरान जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस मामले की सभी पहलुओं से जाँच कर रही है।

15 hrs ago
user_Gopal singh jodha
Gopal singh jodha
Local News Reporter फलसूंड, जैसलमेर, राजस्थान•
15 hrs ago
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बाड़मेर जिले के सदर थाना क्षेत्र में केरली नाडी हाजाणियों की ढाणी में शादी के महज पाँच महीने बाद एक 19 वर्षीय विवाहिता सुगनी पत्नी सवाईराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। शुक्रवार शाम को सुगनी का शव खेत में बने एक टांके से बरामद किया गया, जिसके बाद मृतका के पीहर पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि शव को सबूत मिटाने के उद्देश्य से टांके में डाला गया था। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुँची और शव को बाड़मेर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट पर दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतका, जिसका पीहर लूणू गाँव में है, के परिजनों ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही सुगनी को दहेज के लिए लगातार परेशान किया जा रहा था। उनके अनुसार, पति सवाईराम, ससुर गोरधनराम और सास कमला ने मिलकर उसकी हत्या की। घटना के बाद परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की माँग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद शनिवार को पुलिस अधिकारियों की समझाइश पर वे पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए। मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य ने बताया कि मृतका के पिता की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जाँच के दौरान जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस मामले की सभी पहलुओं से जाँच कर रही है।

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  • जैसलमेर जिले की भणियाणा तहसील के रातडिया गांव और आसपास के इलाकों में बीती रात धूल भरी आंधी का भीषण प्रकोप देखने को मिला है। इस तेज आंधी के गुबार ने पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है, जिससे पेड़-पौधों को गंभीर नुकसान पहुँचा है। आंधी के चलते सैकड़ों की संख्या में विद्युत पोल धराशायी हो गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप इन सभी प्रभावित गांवों में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है।
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    जैसलमेर जिले की भणियाणा तहसील के रातडिया गांव और आसपास के इलाकों में बीती रात धूल भरी आंधी का भीषण प्रकोप देखने को मिला है। इस तेज आंधी के गुबार ने पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है, जिससे पेड़-पौधों को गंभीर नुकसान पहुँचा है। आंधी के चलते सैकड़ों की संख्या में विद्युत पोल धराशायी हो गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप इन सभी प्रभावित गांवों में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है।
    user_Bhagwanaram
    Bhagwanaram
    Voice of people भानियाना, जैसलमेर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • जैसलमेर के पोकरण-रामदेवरा सड़क मार्ग पर करीब 300 गोवंश के अवशेष मिलने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे आमजन और गोभक्तों में भारी रोष व्याप्त हो गया है। इस मामले को लेकर लोगों ने जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। गोभक्त प्रदीप सेन ने दावा किया कि उन्होंने 28 मई को खुद अपने मोबाइल फोन से इन अवशेषों का वीडियो बनाया था। उनके अनुसार, यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ही प्रशासन हरकत में आया और आनन-फानन में मौके पर पड़े गोवंश के शवों को दफनाने की कार्रवाई की गई। प्रदीप सेन ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए पास स्थित एक गौशाला के संचालकों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि गोवंश की मौत के वास्तविक कारणों और शवों को खुले में पड़े रहने देने के पीछे की वजहों का पता चल सके। इस वीडियो के सामने आने के बाद क्षेत्र के लोगों और गोभक्तों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और गोवंश के संरक्षण के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, प्रशासन की ओर से इस मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है।
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    जैसलमेर के पोकरण-रामदेवरा सड़क मार्ग पर करीब 300 गोवंश के अवशेष मिलने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे आमजन और गोभक्तों में भारी रोष व्याप्त हो गया है। इस मामले को लेकर लोगों ने जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

गोभक्त प्रदीप सेन ने दावा किया कि उन्होंने 28 मई को खुद अपने मोबाइल फोन से इन अवशेषों का वीडियो बनाया था। उनके अनुसार, यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ही प्रशासन हरकत में आया और आनन-फानन में मौके पर पड़े गोवंश के शवों को दफनाने की कार्रवाई की गई। प्रदीप सेन ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए पास स्थित एक गौशाला के संचालकों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि गोवंश की मौत के वास्तविक कारणों और शवों को खुले में पड़े रहने देने के पीछे की वजहों का पता चल सके।

इस वीडियो के सामने आने के बाद क्षेत्र के लोगों और गोभक्तों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और गोवंश के संरक्षण के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, प्रशासन की ओर से इस मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है।
    user_गिरिराज
    गिरिराज
    पोकरण, जैसलमेर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • कोटा के तलवंडी स्थित आयुर्वेदिक महाविद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय साहित्य परिषद के 9वें प्रदेश महाधिवेशन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारतीय साहित्य, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में साहित्यकारों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि साहित्य केवल ज्ञान का स्रोत नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने वाली एक सशक्त शक्ति है। बिरला ने भारतीय साहित्य को देश की संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों का मजबूत आधार बताया, साथ ही कहा कि साहित्यकारों और लेखकों ने अपनी लेखनी के माध्यम से विभिन्न कालखंडों में भारतीय संस्कृति को संरक्षित और संवर्धित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। लोकसभा अध्यक्ष ने आगे कहा कि साहित्य राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और आने वाली पीढ़ियों को उनकी जड़ों, संस्कृति और गौरवशाली विरासत से जोड़ता है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि साहित्य हमारी पहचान और सभ्यता को जीवंत बनाए रखने का एक सशक्त माध्यम है। वर्तमान समय में युवाओं को साहित्य से जुड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए, बिरला ने कहा कि यह न केवल ज्ञान प्रदान करता है, बल्कि व्यक्ति में संवेदनशीलता, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करता है। उन्होंने युवाओं से भारतीय साहित्य का अध्ययन कर जीवन के लिए सकारात्मक प्रेरणा प्राप्त करने का आह्वान किया। इस महाधिवेशन में प्रदेशभर से आए साहित्यकारों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और साहित्य प्रेमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान भारतीय साहित्य, भाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने साहित्य साधकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
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    कोटा के तलवंडी स्थित आयुर्वेदिक महाविद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय साहित्य परिषद के 9वें प्रदेश महाधिवेशन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारतीय साहित्य, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में साहित्यकारों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि साहित्य केवल ज्ञान का स्रोत नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने वाली एक सशक्त शक्ति है। बिरला ने भारतीय साहित्य को देश की संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों का मजबूत आधार बताया, साथ ही कहा कि साहित्यकारों और लेखकों ने अपनी लेखनी के माध्यम से विभिन्न कालखंडों में भारतीय संस्कृति को संरक्षित और संवर्धित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।

लोकसभा अध्यक्ष ने आगे कहा कि साहित्य राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और आने वाली पीढ़ियों को उनकी जड़ों, संस्कृति और गौरवशाली विरासत से जोड़ता है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि साहित्य हमारी पहचान और सभ्यता को जीवंत बनाए रखने का एक सशक्त माध्यम है। वर्तमान समय में युवाओं को साहित्य से जुड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए, बिरला ने कहा कि यह न केवल ज्ञान प्रदान करता है, बल्कि व्यक्ति में संवेदनशीलता, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करता है। उन्होंने युवाओं से भारतीय साहित्य का अध्ययन कर जीवन के लिए सकारात्मक प्रेरणा प्राप्त करने का आह्वान किया।

इस महाधिवेशन में प्रदेशभर से आए साहित्यकारों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और साहित्य प्रेमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान भारतीय साहित्य, भाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने साहित्य साधकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
    user_GORDHAN SINGH BANGRWA
    GORDHAN SINGH BANGRWA
    Media company बायतू, बाड़मेर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • राजस्थान के फायर ब्रांड नेता रविंद्र सिंह भाटी ने शिव में प्रदेश की सरकार को अनुष्ठान के माध्यम से जगाने का प्रयास किया है।
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    राजस्थान के फायर ब्रांड नेता रविंद्र सिंह भाटी ने शिव में प्रदेश की सरकार को अनुष्ठान के माध्यम से जगाने का प्रयास किया है।
    user_पत्रकार खेत सिंह राजपुरोहित
    पत्रकार खेत सिंह राजपुरोहित
    शेओ, बाड़मेर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • सीतामढ़ी के बथनाहा प्रखंड कार्यालय में नए प्रखंड भवन के निर्माण की शुरुआत से ही गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर कीचड़ के ऊपर घटिया किस्म की ईंटों का उपयोग किया जा रहा है, जो इसकी गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। आरोपों के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान मौके पर कोई जिम्मेदार इंजीनियर भी मौजूद नहीं था, जिससे कार्य की देखरेख और मानकों के पालन पर संदेह पैदा होता है। इन शुरुआती अनियमितताओं के चलते भवन की गुणवत्ता और जनता के टैक्स के पैसे की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। यह पूछा जा रहा है कि क्या सरकारी योजनाओं में जनता के पैसे का खर्च इसी तरह होगा और क्या निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि बथनाहा का यह प्रखंड विकास भवन 'भ्रष्टाचार की आड़ में' बन रहा है।
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    सीतामढ़ी के बथनाहा प्रखंड कार्यालय में नए प्रखंड भवन के निर्माण की शुरुआत से ही गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर कीचड़ के ऊपर घटिया किस्म की ईंटों का उपयोग किया जा रहा है, जो इसकी गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

आरोपों के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान मौके पर कोई जिम्मेदार इंजीनियर भी मौजूद नहीं था, जिससे कार्य की देखरेख और मानकों के पालन पर संदेह पैदा होता है। इन शुरुआती अनियमितताओं के चलते भवन की गुणवत्ता और जनता के टैक्स के पैसे की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। यह पूछा जा रहा है कि क्या सरकारी योजनाओं में जनता के पैसे का खर्च इसी तरह होगा और क्या निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि बथनाहा का यह प्रखंड विकास भवन 'भ्रष्टाचार की आड़ में' बन रहा है।
    user_Bathnaha Page
    Bathnaha Page
    Local News Reporter India•
    8 hrs ago
  • तिंवरी क्षेत्र में इस समय बहुत ही भयानक तूफान और बारिश का प्रकोप देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सभी से आग्रह किया गया है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें और अपने बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
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    तिंवरी क्षेत्र में इस समय बहुत ही भयानक तूफान और बारिश का प्रकोप देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सभी से आग्रह किया गया है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें और अपने बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
    user_Khan baba
    Khan baba
    टिनवारी, जोधपुर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • सरहदी क्षेत्र में मानवता और वन्यजीव संरक्षण की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली है, जहाँ एक परिवार ने जंगली कुत्तों से बचाई गई हिरणी के बच्चे को लगभग नौ महीने तक अपने परिवार के सदस्य की तरह पाला-पोसा। यह घटना नाचना गाँव से करीब 30 किलोमीटर दूर सातर फांटा स्थित चक 8 एनएलडी में खेतसिंह चौहान के परिवार के साथ हुई। जानकारी के अनुसार, परिवार को अपने खेतों के पास से किसी वन्यजीव के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। जब वे मौके पर पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि जंगली कुत्तों ने एक हिरणी के बच्चे पर हमला कर रखा था। परिवार के सदस्यों ने तुरंत साहस दिखाते हुए कुत्तों को भगाया और घायल तथा असहाय हिरणी के बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। इसके बाद, चौहान परिवार ने हिरणी के बच्चे को अपने घर लाकर उसकी देखभाल शुरू की, उसे अपने बच्चों की तरह स्नेह दिया और करीब 8-9 महीने तक उसका पालन-पोषण किया, जिससे वह पूरी तरह स्वस्थ हो गया। हिरणी के स्वस्थ होने पर परिवार ने इसकी सूचना जीव प्रेमी धर्मेंद्र पुनिया को दी। सूचना मिलते ही धर्मेंद्र पुनिया वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुँचे और हिरणी का रेस्क्यू कर उसे वन विभाग के सुपुर्द किया गया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने चौहान परिवार की सराहना करते हुए कहा कि वन्यजीवों के संरक्षण में आमजन की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। वहीं, क्षेत्र के लोगों ने भी परिवार की इस संवेदनशील पहल की प्रशंसा की और इसे वन्यजीव प्रेम एवं मानवता का प्रेरणादायी उदाहरण बताया। परिवार को हिरणी के बच्चे को वन विभाग को सौंपते हुए भावुकता के कारण रोना आ गया।
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    सरहदी क्षेत्र में मानवता और वन्यजीव संरक्षण की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली है, जहाँ एक परिवार ने जंगली कुत्तों से बचाई गई हिरणी के बच्चे को लगभग नौ महीने तक अपने परिवार के सदस्य की तरह पाला-पोसा। यह घटना नाचना गाँव से करीब 30 किलोमीटर दूर सातर फांटा स्थित चक 8 एनएलडी में खेतसिंह चौहान के परिवार के साथ हुई।

जानकारी के अनुसार, परिवार को अपने खेतों के पास से किसी वन्यजीव के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। जब वे मौके पर पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि जंगली कुत्तों ने एक हिरणी के बच्चे पर हमला कर रखा था। परिवार के सदस्यों ने तुरंत साहस दिखाते हुए कुत्तों को भगाया और घायल तथा असहाय हिरणी के बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। इसके बाद, चौहान परिवार ने हिरणी के बच्चे को अपने घर लाकर उसकी देखभाल शुरू की, उसे अपने बच्चों की तरह स्नेह दिया और करीब 8-9 महीने तक उसका पालन-पोषण किया, जिससे वह पूरी तरह स्वस्थ हो गया।

हिरणी के स्वस्थ होने पर परिवार ने इसकी सूचना जीव प्रेमी धर्मेंद्र पुनिया को दी। सूचना मिलते ही धर्मेंद्र पुनिया वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुँचे और हिरणी का रेस्क्यू कर उसे वन विभाग के सुपुर्द किया गया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने चौहान परिवार की सराहना करते हुए कहा कि वन्यजीवों के संरक्षण में आमजन की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। वहीं, क्षेत्र के लोगों ने भी परिवार की इस संवेदनशील पहल की प्रशंसा की और इसे वन्यजीव प्रेम एवं मानवता का प्रेरणादायी उदाहरण बताया। परिवार को हिरणी के बच्चे को वन विभाग को सौंपते हुए भावुकता के कारण रोना आ गया।
    user_गिरिराज
    गिरिराज
    पोकरण, जैसलमेर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • राजस्थान के चूरू जिले में एक तेज़ बवंडर तूफान देखा गया। इस दौरान हवा और आंधी की गति 80 से 100 तक रही।
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    राजस्थान के चूरू जिले में एक तेज़ बवंडर तूफान देखा गया। इस दौरान हवा और आंधी की गति 80 से 100 तक रही।
    user_@sawai parihar 🆔 youtub chena
    @sawai parihar 🆔 youtub chena
    Taxi Driver बाड़मेर ग्रामीण, बाड़मेर, राजस्थान•
    10 hrs ago
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