बयाना शहर में एक भव्य मेगा ट्रेड फेयर का धूमधाम से शुभारंभ हो गया है, जिसके उद्घाटन के साथ ही बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस मेले में घरेलू उपयोग की वस्तुओं से लेकर रेडीमेड परिधान, हस्तशिल्प, किचन आइटम, इलेक्ट्रॉनिक्स, बच्चों के खिलौने और फर्नीचर सहित विभिन्न आकर्षक उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। खरीदारी के अलावा, मेले में मनोरंजन की भी विशेष व्यवस्था की गई है, जहाँ बच्चों और युवाओं के लिए विभिन्न प्रकार के झूले प्रमुख आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। साथ ही, फूड स्टॉल पर लोग कई तरह के व्यंजनों का भी आनंद ले रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, इस मेगा ट्रेड फेयर में देश के अलग-अलग राज्यों से आए व्यापारी अपने उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को एक ही स्थान पर गुणवत्तापूर्ण और विविध प्रकार के उत्पाद उपलब्ध कराना है। मेले के उद्घाटन के अवसर पर कई गणमान्य नागरिक, व्यापारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
बयाना शहर में एक भव्य मेगा ट्रेड फेयर का धूमधाम से शुभारंभ हो गया है, जिसके उद्घाटन के साथ ही बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस मेले में घरेलू उपयोग की वस्तुओं से लेकर रेडीमेड परिधान, हस्तशिल्प, किचन आइटम, इलेक्ट्रॉनिक्स, बच्चों के खिलौने और फर्नीचर सहित विभिन्न आकर्षक उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। खरीदारी के अलावा, मेले में मनोरंजन की भी विशेष व्यवस्था की गई है, जहाँ बच्चों और युवाओं के लिए विभिन्न प्रकार के झूले प्रमुख आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। साथ ही, फूड स्टॉल पर लोग कई तरह के व्यंजनों का भी आनंद ले रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, इस मेगा ट्रेड फेयर में देश के अलग-अलग राज्यों से आए व्यापारी अपने उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को एक ही स्थान पर गुणवत्तापूर्ण और विविध प्रकार के उत्पाद उपलब्ध कराना है। मेले के उद्घाटन के अवसर पर कई गणमान्य नागरिक, व्यापारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
- बयाना शहर में एक भव्य मेगा ट्रेड फेयर का धूमधाम से शुभारंभ हो गया है, जिसके उद्घाटन के साथ ही बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस मेले में घरेलू उपयोग की वस्तुओं से लेकर रेडीमेड परिधान, हस्तशिल्प, किचन आइटम, इलेक्ट्रॉनिक्स, बच्चों के खिलौने और फर्नीचर सहित विभिन्न आकर्षक उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। खरीदारी के अलावा, मेले में मनोरंजन की भी विशेष व्यवस्था की गई है, जहाँ बच्चों और युवाओं के लिए विभिन्न प्रकार के झूले प्रमुख आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। साथ ही, फूड स्टॉल पर लोग कई तरह के व्यंजनों का भी आनंद ले रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, इस मेगा ट्रेड फेयर में देश के अलग-अलग राज्यों से आए व्यापारी अपने उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को एक ही स्थान पर गुणवत्तापूर्ण और विविध प्रकार के उत्पाद उपलब्ध कराना है। मेले के उद्घाटन के अवसर पर कई गणमान्य नागरिक, व्यापारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।1
- शुरू ऐप पर नदबई, भरतपुर से आज, यानी 05/07/2026 का संपूर्ण पंचांग संबंधी जानकारी लाइव अपडेट की जा रही है। उपयोगकर्ताओं से इस जानकारी को पसंद करने, साझा करने और टिप्पणी करने का आग्रह किया गया है। संपूर्ण पंचांग जानकारी प्राप्त करने और अपडेटेड रहने के लिए ऐप को फॉलो करने के लिए कहा गया है।1
- राजस्थान के दौसा जिले के मंडावर थाना क्षेत्र के रसीदपुर ग्राम पंचायत और राजगढ़ क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। चोरों के निशाने पर किसानों के नलकूप, फार्म हाउस, बिजली की केबल और सरकारी जलापूर्ति व्यवस्था तक हैं। लगातार हो रही वारदातों के बावजूद अपराधियों की गिरफ्तारी न होने से ग्रामीणों में पुलिस की कार्यशैली के प्रति गहरा रोष पनप रहा है। जनसेवक भुवनेश त्रिवेदी ने बताया कि पिछले एक वर्ष में अकेले रसीदपुर ग्राम पंचायत क्षेत्र में लगभग 100 चोरी की वारदातें हो चुकी हैं, और मंडावर पुलिस इन पर प्रभावी अंकुश लगाने में पूरी तरह नाकाम रही है। उनके अनुसार, हर 10 से 15 दिन में चोरी की कोई न कोई घटना सामने आती है, जिसकी मुख्य वजह रसीदपुर के पास पुलिस चौकी होने के बावजूद नियमित गश्त का अभाव है, जिससे चोर बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इसी क्रम में, 2 जुलाई 2026 की रात राजगढ़ निवासी रामजीलाल मीणा के फार्म हाउस का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने 70 हजार रुपये नकद के साथ उनकी पत्नी के टीका, मंगलसूत्र, चूड़ियां, झुमके और अन्य सोने के जेवरात चुरा लिए, जब पूरा परिवार पत्नी के उपचार के लिए नारायण अस्पताल में था। अगली ही रात, 3 जुलाई को, ग्राम राजगढ़ में दो नलकूपों से अज्ञात चोरों ने 60 से 70 फीट बिजली की केबल काट ली। इसके अतिरिक्त, रसीदपुर में गंभीर नदी स्थित पंप हाउस के सामने लगी मोटर की केबल भी चोरी हो गई, जिससे गांव की पेयजल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि मोटरों की केबल चोरी होने की घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं, लेकिन अब तक किसी भी गिरोह का पर्दाफाश नहीं हो सका है। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने, चोरी की घटनाओं का शीघ्र खुलासा करने और सक्रिय चोर गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करने पर विवश होंगे।3
- रूपबास उपखण्ड क्षेत्र के रामनगर गांव में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय इन दिनों बेहद खराब स्थिति का सामना कर रहा है। स्कूल के मुख्य गेट और रास्ते में चारों ओर कीचड़ और गंदा पानी फैला हुआ है, वहीं स्कूल के कई कमरों में बड़ी दरारें पड़ गई हैं और कुछ कमरे पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। इस गंभीर स्थिति के कारण स्कूल के बच्चों और स्टाफ दोनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों को प्रतिदिन कीचड़ और गंदे पानी के बीच से होकर स्कूल आना-जाना पड़ता है, जबकि दरार वाले और जर्जर कमरे किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ ने शिक्षा विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन से अपील की है कि वे इस समस्या पर तुरंत ध्यान दें। उनकी मांग है कि स्कूल के रास्ते से कीचड़ और पानी की तत्काल निकासी करवाई जाए और जर्जर कमरों की अविलंब मरम्मत की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रह सके और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।1
- हिंडौन सिटी के वर्धमान नगर से 2 जुलाई को लापता हुए छात्र जयंत जैन को नई मंडी थाना पुलिस ने रविवार को जयपुर से दस्तयाब कर लिया है। नई मंडी थाना अधिकारी नरेश पोसवाल ने बताया कि जयंत जैन के परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका पुत्र 2 जुलाई को कॉलेज जाने की कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा था। पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देश पर एक टीम गठित की गई थी, जिसमें शामिल एएसआई बलवीर सिंह की सूझबूझ और दो दिन की मेहनत के बाद छात्र जयंत जैन को खोज निकाला गया। पुलिस ने जयंत जैन को उसके परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।1
- gaon semara mafi jila Bharatpur tahsil rupvas4
- राजस्थान के डीग जिले की कुम्हेर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत पाहुआ में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत स्वीकृत ग्रेवल सड़क का निर्माण कार्य चार साल बाद भी शुरू नहीं हो सका है। इस पर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और वे निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं, क्योंकि इसे एक बहुत बड़ी धांधली बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, सरकार ने 10 मई 2022 को पाहुआ ग्राम पंचायत में ग्रेवल सड़क निर्माण के लिए 14.20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की थी, जिसका कार्य कोड 112908335232 है। मौके पर नागरिक सूचना पट्ट भी लगाया गया था, जो कार्य की स्वीकृति की पुष्टि करता है। हालांकि, सड़क का निर्माण आज तक शुरू न होने से योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले की शिकायत पहले भी संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है। 28 अक्टूबर 2024 को यह मामला समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुआ था, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे प्रकरण में अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है, तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से आमजन तक पहुंच सके। इस संबंध में ठाकुर ज्योतिष कुमार ने बताया कि वर्षों बाद भी सड़क का निर्माण न होना ग्रामीण विकास योजनाओं की निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है और जनहित में पारदर्शी जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आवश्यक है।1
- भरतपुर जिले के रुपबास उप-जिले के घाटोली PHC से इब्राहिमपुर, मिल्समा और मैरथा जैसे गाँवों को जोड़ने वाली सड़क की खराब स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं। पोस्ट में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया है कि यह सड़क बीजेपी सरकार के कार्यकाल के दौरान बनाई गई थी और इसकी गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगाया गया है। सड़क की वर्तमान हालत का पूरा विवरण जानने के लिए वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।1