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लार पुलिस व एएनटीएफ की बड़ी कार्रवाई, 328 किलो गांजा बरामद देवरिया पुलिस को नशे के खिलाफ अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। थाना लार पुलिस और एण्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स गोरखपुर की संयुक्त टीम ने एक कंटेनर से भारी मात्रा में गांजा बरामद करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी सलेमपुर मनोज कुमार के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। मुखबिर की सूचना पर थाना लार क्षेत्र में बजाज ऑटो चोरडीहा के पास पुलिस ने कंटेनर नंबर HR38Z5407 को रोका। तलाशी के दौरान कंटेनर में मक्का की बोरियों के अंदर छिपाकर ले जाया जा रहा कुल 328 किलो 730 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने मौके से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पहला अभियुक्त अमरजीत मुखिया, निवासी दरभंगा, बिहार और दूसरा अभियुक्त शैलेश गौड़ उर्फ गोलू, निवासी देवरिया का रहने वाला है। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ थाना लार में मु0अ0सं0 35/2026, धारा 8/20/29/60 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। देवरिया पुलिस की इस कार्रवाई को नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है, वहीं पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई कहां की जानी थी।

4 hrs ago
user_Reporteramit
Reporteramit
पत्रकार देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

लार पुलिस व एएनटीएफ की बड़ी कार्रवाई, 328 किलो गांजा बरामद देवरिया पुलिस को नशे के खिलाफ अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। थाना लार पुलिस और एण्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स गोरखपुर की संयुक्त टीम ने एक कंटेनर से भारी मात्रा में गांजा बरामद करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी सलेमपुर मनोज कुमार के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। मुखबिर की सूचना पर थाना लार क्षेत्र में बजाज ऑटो चोरडीहा के पास पुलिस ने कंटेनर नंबर HR38Z5407 को रोका। तलाशी के दौरान कंटेनर में मक्का

की बोरियों के अंदर छिपाकर ले जाया जा रहा कुल 328 किलो 730 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने मौके से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पहला अभियुक्त अमरजीत मुखिया, निवासी दरभंगा, बिहार और दूसरा अभियुक्त शैलेश गौड़ उर्फ गोलू, निवासी देवरिया का रहने वाला है। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ थाना लार में मु0अ0सं0 35/2026, धारा 8/20/29/60 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। देवरिया पुलिस की इस कार्रवाई को नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है, वहीं पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई कहां की जानी थी।

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  • खबर देवरिया जिले से है, जहां SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में एक गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। शहर के एक मुस्लिम परिवार के पते पर कथित तौर पर 7 हिंदू मतदाताओं के नाम जोड़ दिए गए हैं। मामले की शिकायत पीड़ित परिवार द्वारा अपर जिलाधिकारी प्रशासन से की गई, जिसके बाद जांच के आदेश दिए गए हैं।दरअसल, नगर पालिका क्षेत्र के अबूबकर नगर उत्तरी-4, वार्ड संख्या 32 में स्थित मकान संख्या 501, निवासी अंजुम रहमान के पते पर SIR प्रक्रिया के बाद 7 हिंदू मतदाताओं के नाम दर्ज पाए गए। जब इसकी जानकारी परिवार को हुई तो उन्होंने जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रेम नारायण सिंह को लिखित शिकायत सौंपी। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने इसकी जांच एसडीएम सदर श्रुति शर्मा को सौंपी है। एडीएम प्रशासन: “शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
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    खबर देवरिया जिले से है, जहां SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में एक गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। शहर के एक मुस्लिम परिवार के पते पर कथित तौर पर 7 हिंदू मतदाताओं के नाम जोड़ दिए गए हैं। मामले की शिकायत पीड़ित परिवार द्वारा अपर जिलाधिकारी प्रशासन से की गई, जिसके बाद जांच के आदेश दिए गए हैं।दरअसल, नगर पालिका क्षेत्र के अबूबकर नगर उत्तरी-4, वार्ड संख्या 32 में स्थित मकान संख्या 501, निवासी अंजुम रहमान के पते पर SIR प्रक्रिया के बाद 7 हिंदू मतदाताओं के नाम दर्ज पाए गए। जब इसकी जानकारी परिवार को हुई तो उन्होंने जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रेम नारायण सिंह को लिखित शिकायत सौंपी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने इसकी जांच एसडीएम सदर श्रुति शर्मा को सौंपी है। एडीएम प्रशासन:
“शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
    user_खबर पूर्वांचल
    खबर पूर्वांचल
    Media and News देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • लखनऊ #बेकिंग गाजीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दबंगों के हौसले बुलंद करीब आधा दर्जन से अधिक दबंगों ने इंदिरा नगर आम्रपाली के पास कि मारपीट दबंगों ने किया युवक कि जमकर पिटाई दबंगो ने युवक को बेल्ट और डंटो से पिटा..! @Uppolice @lkopolice @LkoCp @LoJcp @dgpup @igrangealld @digrangelkw
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    लखनऊ #बेकिंग 
गाजीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दबंगों के हौसले बुलंद करीब आधा दर्जन से अधिक दबंगों ने इंदिरा नगर आम्रपाली के पास कि मारपीट दबंगों ने किया युवक कि जमकर पिटाई दबंगो ने युवक को बेल्ट और डंटो से पिटा..!
@Uppolice @lkopolice @LkoCp @LoJcp @dgpup @igrangealld @digrangelkw
    user_Times Update
    Times Update
    Journalist कुशी नगर, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • 🩸 JEFFREY EPSTEIN: इंसान नहीं, एक चलता-फिरता शैतान 🩸एक आदमी नहीं, एक गंदा सिस्टम... जेफ़री एप्स्टीन की कहानी सिर्फ़ एक अपराधी की कहानी नहीं है। यह कहानी है ताक़त, पैसा, सत्ता और इंसानियत के पतन की। वो अकेला नहीं था। वो सिर्फ़ एक चेहरा था — पीछे था एक पूरा अंधेरा नेटवर्क। --- 🔴 Epstein कौन था? दुनिया के सामने वह: ✔️ अरबपति फाइनेंसर था ✔️ नेताओं, राजघरानों और सेलेब्रिटीज़ का दोस्त था ✔️ निजी जेट, प्राइवेट आइलैंड और लग्ज़री लाइफ जीता था लेकिन असल में वह था: ❌ नाबालिग लड़कियों का शिकारी ❌ देह-शोषण का सौदागर ❌ ताक़तवर लोगों का दलाल उसकी “Epstein Island” सिर्फ़ एक द्वीप नहीं था — वो था नरक का दरवाज़ा, जहाँ मासूमियत कुचली जाती थी। --- ⚠️ आरोप क्या थे? 👉 14–15 साल की बच्चियों को बहलाना 👉 पैसों और धमकियों से शोषण 👉 रसूखदार लोगों के लिए “सप्लाई” 👉 सब कुछ रिकॉर्ड करना, ताकि सब चुप रहें यह कोई अफ़वाह नहीं थी। यह कोर्ट रिकॉर्ड, पीड़ितों के बयान और एफ़बीआई की जांच का हिस्सा था। --- 🕳️ फिर भी सज़ा क्यों नहीं? यही सबसे बड़ा सवाल है। Epstein को कई बार पकड़ा गया, लेकिन हर बार: ✔️ हल्की सज़ा ✔️ विशेष सुविधाएँ ✔️ चुप्पी का सौदा क्यों? क्योंकि उसके संपर्क में थे: — राजनेता — उद्योगपति — अंतरराष्ट्रीय हस्तियाँ सिस्टम ने अपराधी को नहीं, अपनी इज़्ज़त बचाने को चुना। --- ⚰️ “आत्महत्या” या सच्चाई की हत्या? 2019 में Epstein जेल में “मर गया”। 👉 कैमरे खराब 👉 गार्ड सो रहे थे 👉 सबूत गायब दुनिया पूछती रह गई: ❓ क्या वह सच में मरा? ❓ या सच को मार दिया गया? एक आदमी मरा, लेकिन सवाल आज भी ज़िंदा हैं। --- 🖤 Epstein क्या सिखाता है? यह कहानी बताती है कि: ❗ शैतान हमेशा डरावने चेहरे के साथ नहीं आता ❗ कभी-कभी वो सूट पहनता है ❗ प्राइवेट जेट में उड़ता है ❗ और दानवी बनकर फोटो खिंचवाता है जब पैसा और सत्ता मिल जाए, तो कानून अंधा नहीं, मजबूर हो जाता है। --- ✊ पीड़ितों की आवाज़ आज भी कई पीड़ित: — डर में जी रहे हैं — इंसाफ़ का इंतज़ार कर रहे हैं — और चाहते हैं कि सच दबे नहीं यह पोस्ट Epstein के लिए नहीं, उन मासूम ज़िंदगियों के लिए है जिनकी आवाज़ दबा दी गई। --- 🔥 आख़िरी सवाल: अगर Epstein अकेला नहीं था, तो बाक़ी कहाँ हैं? क्या वो आज भी: — सत्ता में हैं? — मीडिया में हैं? — हमारे सामने “सम्मानित” हैं? --- 🩸 Epstein मर गया, लेकिन सिस्टम आज भी ज़िंदा है। अगर आपको सच से डर नहीं लगता: 👉 Like करें ❤️ 👉 Share करें 📤 👉 Comment करें: “सच दबाया नहीं जा सकता” #Epstein #DarkTruth #Shaitan #PowerAbuse #JusticeForVictims #HiddenSystem #WakeUpWorld
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    🩸 JEFFREY EPSTEIN: इंसान नहीं, एक चलता-फिरता शैतान 🩸एक आदमी नहीं, एक गंदा सिस्टम...
जेफ़री एप्स्टीन की कहानी सिर्फ़ एक अपराधी की कहानी नहीं है।
यह कहानी है ताक़त, पैसा, सत्ता और इंसानियत के पतन की।
वो अकेला नहीं था।
वो सिर्फ़ एक चेहरा था —
पीछे था एक पूरा अंधेरा नेटवर्क।
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🔴 Epstein कौन था?
दुनिया के सामने वह: ✔️ अरबपति फाइनेंसर था
✔️ नेताओं, राजघरानों और सेलेब्रिटीज़ का दोस्त था
✔️ निजी जेट, प्राइवेट आइलैंड और लग्ज़री लाइफ जीता था
लेकिन असल में वह था: ❌ नाबालिग लड़कियों का शिकारी
❌ देह-शोषण का सौदागर
❌ ताक़तवर लोगों का दलाल
उसकी “Epstein Island” सिर्फ़ एक द्वीप नहीं था —
वो था नरक का दरवाज़ा, जहाँ मासूमियत कुचली जाती थी।
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⚠️ आरोप क्या थे?
👉 14–15 साल की बच्चियों को बहलाना
👉 पैसों और धमकियों से शोषण
👉 रसूखदार लोगों के लिए “सप्लाई”
👉 सब कुछ रिकॉर्ड करना, ताकि सब चुप रहें
यह कोई अफ़वाह नहीं थी।
यह कोर्ट रिकॉर्ड, पीड़ितों के बयान और एफ़बीआई की जांच का हिस्सा था।
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🕳️ फिर भी सज़ा क्यों नहीं?
यही सबसे बड़ा सवाल है।
Epstein को कई बार पकड़ा गया,
लेकिन हर बार: ✔️ हल्की सज़ा
✔️ विशेष सुविधाएँ
✔️ चुप्पी का सौदा
क्यों?
क्योंकि उसके संपर्क में थे: — राजनेता
— उद्योगपति
— अंतरराष्ट्रीय हस्तियाँ
सिस्टम ने अपराधी को नहीं,
अपनी इज़्ज़त बचाने को चुना।
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⚰️ “आत्महत्या” या सच्चाई की हत्या?
2019 में Epstein जेल में “मर गया”।
👉 कैमरे खराब
👉 गार्ड सो रहे थे
👉 सबूत गायब
दुनिया पूछती रह गई: ❓ क्या वह सच में मरा?
❓ या सच को मार दिया गया?
एक आदमी मरा,
लेकिन सवाल आज भी ज़िंदा हैं।
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🖤 Epstein क्या सिखाता है?
यह कहानी बताती है कि: ❗ शैतान हमेशा डरावने चेहरे के साथ नहीं आता
❗ कभी-कभी वो सूट पहनता है
❗ प्राइवेट जेट में उड़ता है
❗ और दानवी बनकर फोटो खिंचवाता है
जब पैसा और सत्ता मिल जाए, तो कानून अंधा नहीं, मजबूर हो जाता है।
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✊ पीड़ितों की आवाज़
आज भी कई पीड़ित: — डर में जी रहे हैं
— इंसाफ़ का इंतज़ार कर रहे हैं
— और चाहते हैं कि सच दबे नहीं
यह पोस्ट Epstein के लिए नहीं,
उन मासूम ज़िंदगियों के लिए है
जिनकी आवाज़ दबा दी गई।
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🔥 आख़िरी सवाल:
अगर Epstein अकेला नहीं था,
तो बाक़ी कहाँ हैं?
क्या वो आज भी: — सत्ता में हैं?
— मीडिया में हैं?
— हमारे सामने “सम्मानित” हैं?
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🩸 Epstein मर गया,
लेकिन सिस्टम आज भी ज़िंदा है।
अगर आपको सच से डर नहीं लगता: 👉 Like करें ❤️
👉 Share करें 📤
👉 Comment करें: “सच दबाया नहीं जा सकता”
#Epstein #DarkTruth #Shaitan #PowerAbuse
#JusticeForVictims #HiddenSystem #WakeUpWorld
    user_SARTAJ ALAM 'JOURNALIST'
    SARTAJ ALAM 'JOURNALIST'
    पत्रकार हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्व. दिनेश चंद श्रीवास्तव को सर्वदलीय भावभीनी श्रद्धांजलि, शहर के गण्यमान्य लोग रहे मौजूद
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    वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्व. दिनेश चंद श्रीवास्तव को सर्वदलीय भावभीनी श्रद्धांजलि, शहर के गण्यमान्य लोग रहे मौजूद
    user_EN Daily National
    EN Daily National
    Journalist वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कोतवाली में अगर मीडिया कर्मी को कोई जानकारी लेना है तो अपनी योग्यता बतानी पड़ेगी। बिल्थरारोड (बलिया): पत्रकार द्वारा पुलिस व्यवहार को लेकर शिकायत, जांच की प्रतीक्षा उभांव थाना क्षेत्र से पुलिस-मीडिया संवाद को लेकर एक प्रकरण संज्ञान में आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार द्वारा एक घटना के संबंध में जानकारी हेतु उभांव थाने पर तैनात उपनिरीक्षक से दूरभाष पर संपर्क किया गया था। आरोप है कि आवश्यक तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने के स्थान पर संबंधित पुलिसकर्मी द्वारा पत्रकार की शैक्षणिक योग्यता से संबंधित प्रश्न किए गए। इस संबंध में पत्रकार द्वारा उच्चाधिकारियों को शिकायत प्रेषित किए जाने की बात कही जा रही है। शिकायत के बाद कथित रूप से थाने की ओर से एक कर्मचारी के माध्यम से फोन कर यह संदेश दिए जाने का भी उल्लेख किया गया है कि “साहब मुकदमा भी करते हैं।” इस कथन को पत्रकार पक्ष ने दबाव की स्थिति के रूप में प्रस्तुत किया है। हालांकि, इस विषय में आधिकारिक स्तर पर अभी तक कोई लिखित स्पष्टीकरण जारी नहीं हुआ है। प्रकरण के संबंध में उभांव थाना प्रभारी से पूछे जाने पर उन्होंने स्वयं को क्षेत्र में नवीन तैनाती बताया और संबंधित पत्रकार को व्यक्तिगत रूप से न पहचान पाने की बात कही। इस पर स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों के बीच यह प्रश्न उठ रहा है कि पुलिस-मीडिया संवाद की कोई औपचारिक व्यवस्था या अधिकृत सूची उपलब्ध है या नहीं। यदि ऐसी सूची उपलब्ध नहीं है, तो सूचना विभाग अथवा प्रशासनिक स्तर पर समन्वय स्थापित कर औपचारिक परिचय बैठक आयोजित किए जाने का सुझाव भी दिया जा रहा है, जिससे भविष्य में संवाद संबंधी भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। बताया गया है कि प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी रसड़ा को सौंपी गई है। शिकायत के लगभग 72 घंटे पश्चात भी जांच की प्रगति को लेकर कोई सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है। संबंधित पक्षों द्वारा निष्पक्ष जांच की अपेक्षा व्यक्त की गई है। प्रशासनिक दृष्टि से पुलिस एवं मीडिया दोनों की भूमिकाएं जनहित से जुड़ी हैं। ऐसे मामलों में स्पष्ट संवाद, निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन तथा पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक माना जाता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की परिस्थितियों की पुनरावृत्ति न हो।
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    कोतवाली में अगर मीडिया कर्मी को कोई जानकारी लेना है तो अपनी योग्यता बतानी पड़ेगी।
बिल्थरारोड (बलिया): पत्रकार द्वारा पुलिस व्यवहार को लेकर शिकायत, जांच की प्रतीक्षा
उभांव थाना क्षेत्र से पुलिस-मीडिया संवाद को लेकर एक प्रकरण संज्ञान में आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार द्वारा एक घटना के संबंध में जानकारी हेतु उभांव थाने पर तैनात उपनिरीक्षक से दूरभाष पर संपर्क किया गया था। आरोप है कि आवश्यक तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने के स्थान पर संबंधित पुलिसकर्मी द्वारा पत्रकार की शैक्षणिक योग्यता से संबंधित प्रश्न किए गए।
इस संबंध में पत्रकार द्वारा उच्चाधिकारियों को शिकायत प्रेषित किए जाने की बात कही जा रही है। शिकायत के बाद कथित रूप से थाने की ओर से एक कर्मचारी के माध्यम से फोन कर यह संदेश दिए जाने का भी उल्लेख किया गया है कि “साहब मुकदमा भी करते हैं।” इस कथन को पत्रकार पक्ष ने दबाव की स्थिति के रूप में प्रस्तुत किया है। हालांकि, इस विषय में आधिकारिक स्तर पर अभी तक कोई लिखित स्पष्टीकरण जारी नहीं हुआ है।
प्रकरण के संबंध में उभांव थाना प्रभारी से पूछे जाने पर उन्होंने स्वयं को क्षेत्र में नवीन तैनाती बताया और संबंधित पत्रकार को व्यक्तिगत रूप से न पहचान पाने की बात कही। इस पर स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों के बीच यह प्रश्न उठ रहा है कि पुलिस-मीडिया संवाद की कोई औपचारिक व्यवस्था या अधिकृत सूची उपलब्ध है या नहीं। यदि ऐसी सूची उपलब्ध नहीं है, तो सूचना विभाग अथवा प्रशासनिक स्तर पर समन्वय स्थापित कर औपचारिक परिचय बैठक आयोजित किए जाने का सुझाव भी दिया जा रहा है, जिससे भविष्य में संवाद संबंधी भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
बताया गया है कि प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी रसड़ा को सौंपी गई है। शिकायत के लगभग 72 घंटे पश्चात भी जांच की प्रगति को लेकर कोई सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है। संबंधित पक्षों द्वारा निष्पक्ष जांच की अपेक्षा व्यक्त की गई है।
प्रशासनिक दृष्टि से पुलिस एवं मीडिया दोनों की भूमिकाएं जनहित से जुड़ी हैं। ऐसे मामलों में स्पष्ट संवाद, निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन तथा पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक माना जाता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की परिस्थितियों की पुनरावृत्ति न हो।
    user_धीरज कुमार गुप्ता / पत्रकार
    धीरज कुमार गुप्ता / पत्रकार
    Food Manufacturing Company बेल्थरा रोड, बलिया, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • माननीय न्यायालय के आदेश के बावजूद पीड़िता को नहीं मिला न्याय, घर में दाखिले और सुरक्षा की लगाई गुहार | गोरखपुर आजमगढ़ के ग्राम न्यायालय द्वारा 12 नवंबर 2024 को पारित आदेश के बावजूद दहेज उत्पीड़न की शिकार पीड़िता शाल्वी बरनवाल को अब तक ससुराल में सुरक्षा के साथ दाखिल नहीं कराया गया। स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता के कारण पीड़िता खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। पीड़िता ने माननीय न्यायालय से आदेश के अनुपालन और सुरक्षा की मांग की है।
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    माननीय न्यायालय के आदेश के बावजूद पीड़िता को नहीं मिला न्याय, घर में दाखिले और सुरक्षा की लगाई गुहार | गोरखपुर
आजमगढ़ के ग्राम न्यायालय द्वारा 12 नवंबर 2024 को पारित आदेश के बावजूद दहेज उत्पीड़न की शिकार पीड़िता शाल्वी बरनवाल को अब तक ससुराल में सुरक्षा के साथ दाखिल नहीं कराया गया। स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता के कारण पीड़िता खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। पीड़िता ने माननीय न्यायालय से आदेश के अनुपालन और सुरक्षा की मांग की है।
    user_जय हिन्द न्यूज़
    जय हिन्द न्यूज़
    पत्रकार Gorakhpur, Uttar Pradesh•
    9 hrs ago
  • बिहार के समस्तीपुर में बिहार पुलिस के होमगार्ड जवान का लोगों ने कर दिया पकड़ौआ विवाह।
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    बिहार के समस्तीपुर में बिहार पुलिस के होमगार्ड जवान का लोगों ने कर दिया पकड़ौआ विवाह।
    user_Times Update
    Times Update
    Journalist कुशी नगर, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • आप भी देखिए स्टार पब्लिक स्कूल पैकौली,सुकरौली,कुशीनगर के नन्हे मुन्ने बच्चों द्वारा शानदार कार्यक्रम
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    आप भी देखिए स्टार पब्लिक स्कूल पैकौली,सुकरौली,कुशीनगर के नन्हे मुन्ने बच्चों द्वारा शानदार कार्यक्रम
    user_SARTAJ ALAM 'JOURNALIST'
    SARTAJ ALAM 'JOURNALIST'
    पत्रकार हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्व. दिनेश चंद श्रीवास्तव को सर्वदलीय भावभीनी श्रद्धांजलि
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    वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्व. दिनेश चंद श्रीवास्तव को सर्वदलीय भावभीनी श्रद्धांजलि
    user_EN Daily National
    EN Daily National
    Journalist वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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