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बिहार के समस्तीपुर में बिहार पुलिस के होमगार्ड जवान का लोगों ने कर दिया पकड़ौआ विवाह।
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बिहार के समस्तीपुर में बिहार पुलिस के होमगार्ड जवान का लोगों ने कर दिया पकड़ौआ विवाह।
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- 🩸 JEFFREY EPSTEIN: इंसान नहीं, एक चलता-फिरता शैतान 🩸एक आदमी नहीं, एक गंदा सिस्टम... जेफ़री एप्स्टीन की कहानी सिर्फ़ एक अपराधी की कहानी नहीं है। यह कहानी है ताक़त, पैसा, सत्ता और इंसानियत के पतन की। वो अकेला नहीं था। वो सिर्फ़ एक चेहरा था — पीछे था एक पूरा अंधेरा नेटवर्क। --- 🔴 Epstein कौन था? दुनिया के सामने वह: ✔️ अरबपति फाइनेंसर था ✔️ नेताओं, राजघरानों और सेलेब्रिटीज़ का दोस्त था ✔️ निजी जेट, प्राइवेट आइलैंड और लग्ज़री लाइफ जीता था लेकिन असल में वह था: ❌ नाबालिग लड़कियों का शिकारी ❌ देह-शोषण का सौदागर ❌ ताक़तवर लोगों का दलाल उसकी “Epstein Island” सिर्फ़ एक द्वीप नहीं था — वो था नरक का दरवाज़ा, जहाँ मासूमियत कुचली जाती थी। --- ⚠️ आरोप क्या थे? 👉 14–15 साल की बच्चियों को बहलाना 👉 पैसों और धमकियों से शोषण 👉 रसूखदार लोगों के लिए “सप्लाई” 👉 सब कुछ रिकॉर्ड करना, ताकि सब चुप रहें यह कोई अफ़वाह नहीं थी। यह कोर्ट रिकॉर्ड, पीड़ितों के बयान और एफ़बीआई की जांच का हिस्सा था। --- 🕳️ फिर भी सज़ा क्यों नहीं? यही सबसे बड़ा सवाल है। Epstein को कई बार पकड़ा गया, लेकिन हर बार: ✔️ हल्की सज़ा ✔️ विशेष सुविधाएँ ✔️ चुप्पी का सौदा क्यों? क्योंकि उसके संपर्क में थे: — राजनेता — उद्योगपति — अंतरराष्ट्रीय हस्तियाँ सिस्टम ने अपराधी को नहीं, अपनी इज़्ज़त बचाने को चुना। --- ⚰️ “आत्महत्या” या सच्चाई की हत्या? 2019 में Epstein जेल में “मर गया”। 👉 कैमरे खराब 👉 गार्ड सो रहे थे 👉 सबूत गायब दुनिया पूछती रह गई: ❓ क्या वह सच में मरा? ❓ या सच को मार दिया गया? एक आदमी मरा, लेकिन सवाल आज भी ज़िंदा हैं। --- 🖤 Epstein क्या सिखाता है? यह कहानी बताती है कि: ❗ शैतान हमेशा डरावने चेहरे के साथ नहीं आता ❗ कभी-कभी वो सूट पहनता है ❗ प्राइवेट जेट में उड़ता है ❗ और दानवी बनकर फोटो खिंचवाता है जब पैसा और सत्ता मिल जाए, तो कानून अंधा नहीं, मजबूर हो जाता है। --- ✊ पीड़ितों की आवाज़ आज भी कई पीड़ित: — डर में जी रहे हैं — इंसाफ़ का इंतज़ार कर रहे हैं — और चाहते हैं कि सच दबे नहीं यह पोस्ट Epstein के लिए नहीं, उन मासूम ज़िंदगियों के लिए है जिनकी आवाज़ दबा दी गई। --- 🔥 आख़िरी सवाल: अगर Epstein अकेला नहीं था, तो बाक़ी कहाँ हैं? क्या वो आज भी: — सत्ता में हैं? — मीडिया में हैं? — हमारे सामने “सम्मानित” हैं? --- 🩸 Epstein मर गया, लेकिन सिस्टम आज भी ज़िंदा है। अगर आपको सच से डर नहीं लगता: 👉 Like करें ❤️ 👉 Share करें 📤 👉 Comment करें: “सच दबाया नहीं जा सकता” #Epstein #DarkTruth #Shaitan #PowerAbuse #JusticeForVictims #HiddenSystem #WakeUpWorld1
- देवरिया। सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और मोटरसाइकिल चालकों को सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से देवरिया इनरव्हील क्लब की प्रेसिडेंट चांदनी कौर और सेकेट्री अंजना मिश्रा ने अपनी टीम के साथ देवरिया यातायात कार्यालय पर हेलमेट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया। इस पहल के तहत दोपहिया वाहन चालकों को निःशुल्क हेलमेट प्रदान किए गए और उन्हें यातायात नियमों का पालन करने की सलाह दी गई। कार्यक्रम के दौरान यातायात इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह एवं कांस्टेबल सलमान खान भी उपस्थित रहे। उन्होंने हेलमेट के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोटें सबसे घातक होती हैं, जिन्हें हेलमेट पहनकर काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे स्वयं भी हेलमेट पहनें और अपने परिवारजनों को भी इसके लिए प्रेरित करें। इनरव्हील क्लब की इस सराहनीय पहल की स्थानीय लोगों ने प्रशंसा की और इसे सड़क सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया और सुरक्षित यात्रा का संकल्प दिलाया गया।1
- सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स नंगे हाथों और मुंह से विशाल सांप को पकड़ता नजर आ रहा है. यह वीडियो ओडीशा, बालासोर के रेमुना का है. इस आदमी की पहचान खागा भाई के रूप में हुई है.1
- खबर देवरिया जिले से है, जहां SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में एक गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। शहर के एक मुस्लिम परिवार के पते पर कथित तौर पर 7 हिंदू मतदाताओं के नाम जोड़ दिए गए हैं। मामले की शिकायत पीड़ित परिवार द्वारा अपर जिलाधिकारी प्रशासन से की गई, जिसके बाद जांच के आदेश दिए गए हैं।दरअसल, नगर पालिका क्षेत्र के अबूबकर नगर उत्तरी-4, वार्ड संख्या 32 में स्थित मकान संख्या 501, निवासी अंजुम रहमान के पते पर SIR प्रक्रिया के बाद 7 हिंदू मतदाताओं के नाम दर्ज पाए गए। जब इसकी जानकारी परिवार को हुई तो उन्होंने जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रेम नारायण सिंह को लिखित शिकायत सौंपी। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने इसकी जांच एसडीएम सदर श्रुति शर्मा को सौंपी है। एडीएम प्रशासन: “शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”1
- बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के आह्वान पर बेतिया जिला मुख्यालय में बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पश्चिम चंपारण जिले के सभी राजस्व कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए और अपनी लंबित मांगों एवं समस्याओं को उठाया। कर्मचारियों ने विशेष रूप से वर्तमान ग्रेड पे 1900 (लेवल-2) को बढ़ाकर 2800 (लेवल-5) किए जाने, स्नातक योग्यता वाले कर्मचारियों को ग्रेड पे 4200 दिए जाने और नवनियुक्त कर्मचारियों का गृह जिले में शीघ्र स्थानांतरण करने की मांग की। साथ ही, कार्य के लिए आवश्यक संसाधन, लैपटॉप, मोबाइल, इंटरनेट, प्रिंटर, कागज-कलम, टेबल-कुर्सी और भ्रमण की सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की भी आवश्यकता बताई। धरना-प्रदर्शन में कर्मचारियों ने अवकाश और निर्धारित समय से अधिक कार्य, कई हल्का और पंचायतों का प्रभार मिलने के कारण बढ़े कार्यभार, और अत्यधिक दबाव के चलते शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ने की समस्या भी उजागर की। उनका कहना था कि संसाधनों की कमी और अत्यधिक दबाव के कारण पारिवारिक जिम्मेदारियों का पालन भी कठिन हो रहा है। अंत में, बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने जिला प्रशासन से अपील की कि इन सभी लंबित मांगों और समस्याओं की जानकारी विभागीय स्तर तक पहुंचाई जाए ताकि शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।1
- परीक्षा देने गए छात्र को रोड पर कितनी भीड़ का सामना करना पड़ रहा है1
- यह कैसी मन है जो अपने ही बच्ची को वेश्यावृत्ति में धकेल दी1
- आप भी देखिए स्टार पब्लिक स्कूल पैकौली,सुकरौली,कुशीनगर के नन्हे मुन्ने बच्चों द्वारा शानदार कार्यक्रम1
- रिक्शा मजदूर सभा भवन, बेतिया में आज 5 फ़रवरी गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे संयुक्त किसान मोर्चा, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और खेत मजदूर संगठनों के संयुक्त मंच द्वारा 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने के लिए जिला स्तरीय कन्वेंशन आयोजित किया गया। कन्वेंशन में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी दबाव में झुककर अमेरिकी कृषि उत्पादों पर शून्य प्रतिशत आयात शुल्क स्वीकार कर किसानों के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। नेताओं ने कहा कि जहां अमेरिका भारतीय उत्पादों पर भारी टैरिफ लगा रहा है, वहीं मोदी सरकार अमेरिकी हितों के आगे आत्मसमर्पण कर भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रही है। संयुक्त किसान मोर्चा ने ऐलान किया कि 4 से 11 फरवरी तक गांव-गांव जनसभाएं आयोजित कर मोदी सरकार के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा और मोदी व डोनाल्ड ट्रम्प के पुतले जलाए जाएंगे। साथ ही 12 फरवरी की आम हड़ताल को ऐतिहासिक बनाने के लिए गांवों और शहरों में बड़े पैमाने पर जन-प्रदर्शन किए जाएंगे। कन्वेंशन के अंत में किसानों-मजदूरों ने एकजुट होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का संकल्प लिया।1