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*राजस्थान के मशहूर कॉमेडियन पंकु का वीडियो वायरल, साथी पर गंभीर आरोप* *राजस्थान के मशहूर कॉमेडियन पंकु का वीडियो वायरल, साथी पर गंभीर आरोप* अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप (Shuru
Mahi choudhary
*राजस्थान के मशहूर कॉमेडियन पंकु का वीडियो वायरल, साथी पर गंभीर आरोप* *राजस्थान के मशहूर कॉमेडियन पंकु का वीडियो वायरल, साथी पर गंभीर आरोप* अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप (Shuru
More news from Nagaur and nearby areas
- Post by रमेश सिंह1
- is gali mein gandgi se pareshan log gandgi ke Karan gharon mein jahrile Janwar bhi a jaate Hain jese bichhoo noliya saamp aadi janvar2
- शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी पंजाबी भाई का सोंग सिद्धू मूसे वाला।। भाटी पंजाब में महाराणा प्रताप जयंती पर विधायक भोले।।1
- पत्रकार इकबाल खान रेबीज एक गंभीर और जानलेवा बीमारी मानी जाती है, जिसे लेकर लोगों के मन में कई तरह की गलतफहमियां हैं। अक्सर यह सवाल उठता है कि अगर किसी इंसान को रेबीज हो जाए तो क्या वह दूसरों को काटने लगता है और क्या उसे छूना सुरक्षित है।चिकित्सको के अनुसार रेबीज सीधे तौर पर दिमाग (Brain) को प्रभावित करता है, जिससे मरीज में बेचैनी, डर, गुस्सा और असामान्य व्यवहार देखा जा सकता है। कुछ मामलों में मरीज आक्रामक हो सकता है, लेकिन हर व्यक्ति के साथ ऐसा होना जरूरी नहीं है। इसलिए यह कहना गलत होगा कि हर रेबीज मरीज दूसरों को काटने लगता है।संक्रमण के फैलाव को लेकर भी स्पष्ट जानकारी जरूरी है। डॉक्टरों के मुताबिक सामान्य संपर्क जैसे हाथ मिलाना, पास बैठना या छूने से रेबीज नहीं फैलता। यह वायरस मुख्य रूप से संक्रमित लार के संपर्क से फैलता है, खासकर तब जब लार किसी खुले घाव, कट या शरीर के संवेदनशील हिस्सों जैसे आंख या मुंह में पहुंच जाए।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इंसान से इंसान में रेबीज फैलने के मामले बेहद दुर्लभ हैं। ज्यादातर संक्रमण कुत्ते, बंदर या चमगादड़ जैसे जानवरों के काटने से होता है। हालांकि एक बार इसके लक्षण दिखाई देने लगें तो यह बीमारी लगभग जानलेवा साबित होती है। ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। संदिग्ध स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना और संक्रमित व्यक्ति की लार के सीधे संपर्क से बचना बेहद जरूरी माना गया है।1
- रियांबड़ी तहसील के नृसिंह बासनी गांव में राजस्व अभिलेखों के आधुनिकीकरण का कार्य शुरू हो गया है। राज्य सरकार ने राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 106 के तहत एक संशोधित अधिसूचना जारी की है, जिसके अनुसार गांव में डिजिटल सर्वे और पुनः सर्वेक्षण प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। यह पहल डिजिटल इंडिया भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP) का हिस्सा है। जारी आदेशों के अनुसार, पूर्व में किए गए हाई रिजोल्यूशन सैटेलाइट इमेजरी (HRSI) आधारित कार्य को रद्द कर दिया गया है। अब डीजीपीएस (DGPS) और ईटीएस (ETS) तकनीक का उपयोग करते हुए जीआईएस (GIS) प्लेटफॉर्म पर नया डिजिटल सर्वे किया जाएगा। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य गांव के राजस्व नक्शों और जमाबंदी में मौजूद त्रुटियों को ठीक करना और एक सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है। रियांबड़ी के उपखंड अधिकारी ने बताया कि यह सर्वेक्षण कार्य राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी हो गया है। क्षेत्र के सभी भू-धारकों और खातेदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सर्वे टीम को पूरा सहयोग दें। खेतों की सीमाओं के निर्धारण और सत्यापन के समय उनकी उपस्थिति और सही जानकारी प्रदान करना किसानों के लिए हितकारी होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सर्वे से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर नए राजस्व अभिलेख तैयार किए जाएंगे। इससे भविष्य में भूमि संबंधी विवादों में कमी आएगी और प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। यह पहल किसानों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ियों की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को सर्वे कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें, ताकि गांव के भूमि अभिलेख पूरी तरह सटीक और अद्यतन हो सकें। उपखंड अधिकारी सूर्यकांत शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम नृसिंग बासनी में लंबे समय से राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आ रही थीं। कई किसानों ने अपनी जमीन की सीमाओं, खसरा नंबर और स्वामित्व विवरण में त्रुटियों को लेकर प्रशासन से गुहार लगाई थी। इन समस्याओं के समाधान के लिए अब विशेष रिसर्वे अभियान चलाया जाएगा।1
- बीकानेर जिला कलेक्टर कार्यालय को मंगलवार सुबह ईमेल से बम से उड़ाने की धमकी मिली। पुलिस ने तुरंत बिल्डिंग खाली कराकर बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वाड से तलाशी करवाई। जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस ने बताया कि यह धमकी फर्जी थी। साइबर सेल ईमेल भेजने वाले की तलाश कर रही है। इससे पहले भी राजस्थान में कलेक्ट्रेट, कोर्ट और पोस्ट ऑफिस को ऐसी कई फर्जी धमकियां मिल चुकी हैं।1
- नागौर/खाटूबडी,,जान से मारने की नियत से ट्रैक्टर एवं कैम्पर गाड़ी से टक्कर मारने एवं गंभीर मारपीट के प्रकरण में नागौर पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही।चार नामजद आरोपी तुलछीराम,औमप्रकाश, जवानाराम एवं जगदेवाराम गिरफ्तार। वारदात में प्रयुक्त एक ट्रैक्टर एवं दो कैम्पर गाड़ी सहित तीन वाहन जब्त।आरोपियों ने दिनांक 03.मई 2026 को ग्राम मुण्डी में आपसी रंजिश के कारण परिवादी व उसके परिवालों को जान से मारने की नियत से ट्रेक्टर एवं कैम्पर गाड़ियों से टक्कर मारी एवं गंभीर मारपीट की थी जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ थाना खाटूबड़ी पुलिस टीम की रही प्रभावी कार्यवाही।3
- Post by रमेश सिंह1
- गिरल लिग्नाइट माइन्स गेट पर 25 दिन से जारी धरने पर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ❤️1