151 पदयात्रियों का जत्था अंबाजी धाम के लिए हुआ रवानाः ग्रामीणों ने जुलूस निकाला 151 पदयात्रियों का जत्था अंबाजी धाम के लिए हुआ रवानाः ग्रामीणों ने जुलूस निकाल कर किया स्वागत, 23 सितंबर को पहुंचेंगे माता के दरबार गुजरात के प्रसिद्ध शक्ति पीठ अंबाजी धाम के लिए जय अंबे सेवा संस्थान के तत्वाधान में जय अंबे पदयात्रा संघ का पहला 151 पद यात्रियों का जत्था कटकेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन के बाद शनिवार को रवाना हुए। पद यात्रियों के रवाना होने से पूर्व शुक्रवार को कस्बे में जुलूस निकाला गया व ग्रामीणों द्वारा इस पद यात्रियों का तिलक व माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। जुलूस गांव के मुख्य मार्गों से होते हुए होली चौक पहुंचा। जहां गरबा रास व आरती के कार्यक्रम किए गए। सुबह महादेव मंदिर में दर्शन के बाद रायना ,गड़ा सीयालिया मार्ग से होते हुए अंबाजी के लिए कूच किया। जत्थे में आगे श्रद्धालु ध्वज पताका लेकर चल रहे थे। वहीं डीजे पर धार्मिक गाने के साथ पदयात्री बोल मारी अम्बे जय जय अंबे ,अंबाजी दूर है,जाना जरूर है के साथ जयकारे लगा कर आगे बढ़ रहे है। इस पद यात्रियों के साथ संघ अध्यक्ष विशाल वस्ती,गट्टू सिंह चौहान ,दिनेश पंचाल नंदलाल दर्जी, नरेश जैन, आशाराम यादव, दिलीप खटीक एवं विनोद यादव के सानिध्य में यह दल 23 सितंबर को माता के दरबार में पहुंच कर 51 फिट की लंबी ध्वजा चढ़ाकर क्षेत्र के सुख शांति की कामना करेंगे। वहीं ग्रामीणों ने रवाना करने से पद यात्रियों को तिलक व माल्यार्पण कर प्रसाद देकर रवाना किया। कल दूसरा जत्था होगा रवाना_कतिसौर से जय अंबे मित्र मंडल के तत्वावधान में 101 पद यात्रियों का जत्था रथ के साथ 20 सितंबर रविवार को सवेरे रवाना होगा। भगवती पंड्या ने बताया कि यह पदयात्रा 2001 से प्रति वर्ष की जा रही है।पांच युवकों द्वारा शुरू की गई यात्रा में अब एक सौ से ऊपर पदयात्री जुड़ गए है।खाना ,रहना,गाड़ी सहित व्यवस्थाएं भामाशाहों द्वारा की जा रही है।
151 पदयात्रियों का जत्था अंबाजी धाम के लिए हुआ रवानाः ग्रामीणों ने जुलूस निकाला 151 पदयात्रियों का जत्था अंबाजी धाम के लिए हुआ रवानाः ग्रामीणों ने जुलूस निकाल कर किया स्वागत, 23 सितंबर को पहुंचेंगे माता के दरबार गुजरात के प्रसिद्ध शक्ति पीठ अंबाजी धाम के लिए जय अंबे सेवा संस्थान के तत्वाधान में जय अंबे पदयात्रा संघ का पहला 151 पद यात्रियों का जत्था कटकेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन के बाद शनिवार को रवाना हुए। पद यात्रियों के रवाना होने से पूर्व शुक्रवार को कस्बे में जुलूस निकाला गया व ग्रामीणों द्वारा इस पद यात्रियों का तिलक व माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। जुलूस गांव के मुख्य मार्गों से होते हुए होली चौक पहुंचा। जहां गरबा रास व आरती के कार्यक्रम किए गए। सुबह महादेव मंदिर में दर्शन के बाद रायना ,गड़ा सीयालिया मार्ग से होते हुए अंबाजी के लिए कूच किया। जत्थे में आगे श्रद्धालु ध्वज पताका लेकर चल रहे थे। वहीं डीजे पर धार्मिक गाने के साथ पदयात्री बोल मारी अम्बे जय जय अंबे ,अंबाजी दूर है,जाना जरूर है के साथ जयकारे लगा कर आगे बढ़ रहे है। इस पद यात्रियों के साथ संघ अध्यक्ष विशाल वस्ती,गट्टू सिंह चौहान ,दिनेश पंचाल नंदलाल दर्जी, नरेश जैन, आशाराम यादव, दिलीप खटीक एवं विनोद यादव के सानिध्य में यह दल 23 सितंबर को माता के दरबार में पहुंच कर 51 फिट की लंबी ध्वजा चढ़ाकर क्षेत्र के सुख शांति की कामना करेंगे। वहीं ग्रामीणों ने रवाना करने से पद यात्रियों को तिलक व माल्यार्पण कर प्रसाद देकर रवाना किया। कल दूसरा जत्था होगा रवाना_कतिसौर से जय अंबे मित्र मंडल के तत्वावधान में 101 पद यात्रियों का जत्था रथ के साथ 20 सितंबर रविवार को सवेरे रवाना होगा। भगवती पंड्या ने बताया कि यह पदयात्रा 2001 से प्रति वर्ष की जा रही है।पांच युवकों द्वारा शुरू की गई यात्रा में अब एक सौ से ऊपर पदयात्री जुड़ गए है।खाना ,रहना,गाड़ी सहित व्यवस्थाएं भामाशाहों द्वारा की जा रही है।
- 151 पदयात्रियों का जत्था अंबाजी धाम के लिए हुआ रवानाः ग्रामीणों ने जुलूस निकाला 151 पदयात्रियों का जत्था अंबाजी धाम के लिए हुआ रवानाः ग्रामीणों ने जुलूस निकाल कर किया स्वागत, 23 सितंबर को पहुंचेंगे माता के दरबार गुजरात के प्रसिद्ध शक्ति पीठ अंबाजी धाम के लिए जय अंबे सेवा संस्थान के तत्वाधान में जय अंबे पदयात्रा संघ का पहला 151 पद यात्रियों का जत्था कटकेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन के बाद शनिवार को रवाना हुए। पद यात्रियों के रवाना होने से पूर्व शुक्रवार को कस्बे में जुलूस निकाला गया व ग्रामीणों द्वारा इस पद यात्रियों का तिलक व माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। जुलूस गांव के मुख्य मार्गों से होते हुए होली चौक पहुंचा। जहां गरबा रास व आरती के कार्यक्रम किए गए। सुबह महादेव मंदिर में दर्शन के बाद रायना ,गड़ा सीयालिया मार्ग से होते हुए अंबाजी के लिए कूच किया। जत्थे में आगे श्रद्धालु ध्वज पताका लेकर चल रहे थे। वहीं डीजे पर धार्मिक गाने के साथ पदयात्री बोल मारी अम्बे जय जय अंबे ,अंबाजी दूर है,जाना जरूर है के साथ जयकारे लगा कर आगे बढ़ रहे है। इस पद यात्रियों के साथ संघ अध्यक्ष विशाल वस्ती,गट्टू सिंह चौहान ,दिनेश पंचाल नंदलाल दर्जी, नरेश जैन, आशाराम यादव, दिलीप खटीक एवं विनोद यादव के सानिध्य में यह दल 23 सितंबर को माता के दरबार में पहुंच कर 51 फिट की लंबी ध्वजा चढ़ाकर क्षेत्र के सुख शांति की कामना करेंगे। वहीं ग्रामीणों ने रवाना करने से पद यात्रियों को तिलक व माल्यार्पण कर प्रसाद देकर रवाना किया। कल दूसरा जत्था होगा रवाना_कतिसौर से जय अंबे मित्र मंडल के तत्वावधान में 101 पद यात्रियों का जत्था रथ के साथ 20 सितंबर रविवार को सवेरे रवाना होगा। भगवती पंड्या ने बताया कि यह पदयात्रा 2001 से प्रति वर्ष की जा रही है।पांच युवकों द्वारा शुरू की गई यात्रा में अब एक सौ से ऊपर पदयात्री जुड़ गए है।खाना ,रहना,गाड़ी सहित व्यवस्थाएं भामाशाहों द्वारा की जा रही है।1
- पैंथर का आतंक, बकरियों का किया शिकार 3 बकरियों की हुई मौत संवाददाता प्रफुल चौबीसा पैंथर की दहशत, वन विभाग बना लापरवाह 3 बकरियो को किया शिकार साबला तहसील क्षेत्र के नांदली अहाड़ा ग्राम पंचायत के जसपुर भांटोका गांव माइंस बस्ती में बीती रात एक घर में घुस कर बंधी हुई बकरियों का शिकार करते हुवे 3 बकरियो की मृत्यु हो गई वही दो बकरियों की हालात गंभीर है आये दिन पैंथर नांदली अहाड़ा, जसपुर भांटोका, वरवासा माफी, संवेला, माकड़ी निचली, मुंगेड के क्षेत्र में पैंथरों ने आतंक मचा रखा है आए दिन रोजाना घर से उठाकर गाय के बछड़ों बकरियों को अपना शिकार बनाता है आस पास के गांव वालों ने साबला वन विभाग के अधिकारियों को अनेकों बार लिखित मौखित रूप से शिकायत करी है पर वन विभाग के अधिकारियों को सिर्फ अपनी मौज मस्ती की पड़ी है एक गरीब परिवार जो बकरियों पर ही अपना परिवार व बच्चों का गुजारा कर रहा है ऐसे परिवारों पर इस तरह की आफत आ जाए तो परिवार को कैसे पाला जाए परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है बकरियों के शिकार की सूचना समाजसेवी वालजी पाटीदार को मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंच कर वन विभाग व पशु चिकित्सक को सूचना दी दोनों विभागों से कार्मिक मौके पर पहुंच कर आवश्यक कार्यवाही पूरी करी वही आसपुर वन विभाग रेंजर सोनम मीणा से दूरभाष पर संपर्क किया तो उन्होंने जल्द ही पिंजरा लगाकर पैंथरों को पकड़ने की बात करी3
- बिजली कटौती के खिलाफ विधायक घोघरा का धरना तीसरे दिन एसडीएम व एसई से वार्ता के बाद समाप्त 21-22 घंटे सिंगल फेज और 6 घंटे थ्री फेज बिजली देने का दिया आश्वासन संवाददाता – संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले में अघोषित बिजली कटौती के विरोध में अधीक्षण अभियंता (एसई) कार्यालय के बाहर कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा की ओर से चल रहा धरना शनिवार को तीसरे दिन समाप्त हो गया। कलेक्टर के निर्देश पर डूंगरपुर एसडीएम सोनू गुर्जर और बिजली विभाग के एसई वी.के. दोसी धरना स्थल पर पहुंचे और विधायक से वार्ता कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद विधायक घोघरा ने धरना समाप्त कर दिया। विधायक घोघरा ने कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली की गंभीर समस्या बनी हुई है। इस संबंध में उन्होंने अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता और कनिष्ठ अभियंता से कई बार बात की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी के चलते उन्होंने 16 सितंबर से धरना शुरू किया था। वार्ता के दौरान एसडीएम और एसई ने आश्वासन दिया कि बिजली कटौती की स्थिति में कम से कम 21 से 22 घंटे सिंगल फेज बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, खेती सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए प्रतिदिन छह घंटे थ्री फेज बिजली देने का भी भरोसा दिलाया गया। धरना समाप्त करने से पहले विधायक घोघरा ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिजली, स्वास्थ्य, चिकित्सा और रोजगार सहित विभिन्न मोर्चों पर सरकार विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर घंटों बिजली कटौती की जा रही है, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को 2,500 से लेकर 10 हजार और 15 हजार रुपए तक के बिजली बिल दिए जा रहे हैं। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि अधिकारियों की ओर से दिए गए आश्वासन के बावजूद बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे आमजन के साथ मिलकर इससे बड़ा आंदोलन करेंगे।1
- वार्ड नंबर 35 के नागरिक अघोषित बिजली कटौती को लेकर पहुंचे सागवाड़ा विधुत विभाग के ऑफिस, किया घेराव सागवाड़ा नगरपालिका के वार्ड नंबर 35 के नागरिक अघोषित विद्युत कटौती से परेशान होकर शहरी विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचे। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बार-बार बिजली जाने से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनकी शिकायतों पर भी सुनवाई नहीं हो रही है। मामले को लेकर सहायक अभियंता लोकेश भटेवरा ने कहा कि उन्हें इस समस्या की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर शीघ्र समाधान किया जाएगा। क्या आपके क्षेत्र में भी अघोषित विद्युत कटौती की समस्या है? अपनी राय टिप्पणी में जरूर बताएं1
- डूंगरपुर विधायक गणेश घोगरा का धरना समाप्त होते ही बिजली गुल ,धरना जारी रहा बिजली सुचारू रूप से चली अब वापस बिजली कटौती के वहीं हाल वापस सुचारू रूप से बिजली देने के आश्वासन के बाद भी बिल कटौती लगातार जारी, ग्रामीण क्षेत्र में जनता की परेशानी नहीं हुई दूर , ग्रामीणजन बीना लाइट के अंधेरे में खाना बनाने और खानें के लिए वापस मजबूर, बिजली कटौती शाम 6.00 बजें से लेकर अभी तक निरंतर जारी। हल्की बारिश होने के आधे घंटे पहले ही बिजली कटौती हुई, किसी प्रकार की न कोई जनहानी , नहीं कोई तेज हवा , नहीं बारिश, कही कोई पेड़ नहीं गिरने के बावजूद भी बिजली कटौती जारी, नही किसी प्रकार की बिजली कटौती की कोई सुचना डूंगरपुर जिले की अधिकांश जनसंख्या गांवों में निवास करती हैं बिना बिजली की बहुत होती हैं परेशानी, जानवरों का डर, मच्छर काटने का डर, खाना बनाने एवं खाने की समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं। इन समस्याओं को देखते हुए वापस ग्रामीणजन आक्रोश में हैं। बिजली व्यवस्था सुचारू रूप से चालूं की जाएं1
- भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 वर्षों से गंदगी की आड़ में पड़े कुएं को युवाओं ने लिया संवारने का संकल्प 4 घंटे की मेहनत से निकाला ढेरों कचरा, अब कुएं के पानी को फिर से उपयोगी बनाने की तैयारी । भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 वर्षों से गंदगी की आड़ में पड़े कुएं को युवाओं ने लिया संवारने का संकल्प 4 घंटे की मेहनत से निकाला ढेरों कचरा, अब कुएं के पानी को फिर से उपयोगी बनाने की तैयारी । भासोर। एक ओर सरकार और प्रशासन द्वारा परंपरागत जलस्रोतों, तालाबों और कुओं को पुनर्जीवित करने के लिए विभिन्न योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा पंचायत समिति अन्तर्गत भासोर गांव में युवाओं ने अपनी पहल से वर्षों से उपेक्षित पड़े एक पुराने कुएं की सफाई का बीड़ा उठाया है। गांव का यह प्राचीन कुआं “गड़गड़ी वाव” के नाम से जाना जाता है। ग्रामीणों के अनुसार एक समय आसपास के कई घरों के लोग इसी कुएं से पीने का पानी भरते थे। समय के साथ घर-घर नल की सुविधा पहुंचने के बाद कुएं की ओर लोगों का ध्यान कम होता गया। धीरे-धीरे कुएं में प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन और अन्य कचरा जमा होता गया, जिससे जलस्रोत गंदगी की चपेट में आ गया। इसी स्थिति को देखते हुए गांव के युवा एवं आमजन युवा शक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश कुमार ने इस पुराने जलस्रोत को फिर से साफ-सुथरा और उपयोगी बनाने का संकल्प लिया। खास बात यह रही कि उन्होंने इसकी शुरुआत किसी इंतजार के बजाय खुद सफाई अभियान में उतरकर की। मुकेश कुमार अपने 7 वर्षीय भतीजे वेदांश जोशी के साथ कुएं की सफाई में जुट गए। सफाई का कार्य चल ही रहा था कि उनके मित्र मोहित दवे भी सहयोग के लिए पहुंच गए। इसके बाद प्रकाश दवे, सुशील जोशी और कमलेश पंड्या भी अभियान में शामिल हुए। सभी ने मिलकर करीब चार घंटे तक कड़ी मेहनत की और कुएं से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, पॉलीथिन सहित अन्य कचरा बाहर निकाला। लगातार मेहनत के बाद कुएं का काफी हिस्सा साफ हो गया और वर्षों से गंदगी में दबा यह पुराना जलस्रोत फिर से दिखाई देने लगा। युवाओं की इस पहल को गांव में स्वच्छता और जल संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। अब पानी की भी होगी सफाई मुकेश कुमार ने बताया कि लंबे समय से कुएं में गंदगी जमा होने के कारण पानी से दुर्गंध आने लगी थी। फिलहाल कुएं से ऊपर जमा कचरा और गंदगी हटाई गई है। आगामी चरण में कुएं का पानी बाहर निकालकर अंदर की पूरी तरह सफाई करने की योजना है। इसके बाद पानी की स्थिति की जांच कर इसे फिर से उपयोगी बनाने का प्रयास किया जाएगा। युवाओं की इस पहल ने यह संदेश भी दिया कि जलस्रोतों को बचाने के लिए केवल सरकारी योजनाओं का इंतजार जरूरी नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर सामूहिक प्रयास भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं2
- बाडिया भैरूनाथ मंदिर मे "एक शाम श्री खेजडा भैरूनाथ पीपली का श्याम के नाम " भजन संध्या सम्पन्न धनराज मीणा भावेश पाराशर के भजनो पर झूमे हजारो श्रद्धालु। डूंगरपुर संवाददाता तेजसिंह राठौड 9929285157 बाड़िया भैरूनाथ मंदिर में "एक शाम श्री खेजड़ा भैरूनाथ पीपली का श्याम के नाम" भजन संध्या सम्पन्न *धनराज मीणा, भावेश पाराशर के भजनों पर झूमे हजारों श्रद्धालु* *रायपुर* | *जय श्री खेजड़ा भैरूनाथ पीपली श्याम विकास सेवा समिति* के तत्वावधान में बाड़िया भैरूनाथ मंदिर परिसर में मंगलवार रात "एक शाम श्री खेजड़ा भैरूनाथ पीपली का श्याम के नाम" के अंतर्गत विशाल भजन संध्या का आयोजन धूमधाम से सम्पन्न हुआ। बाड़िया भैरूनाथ मन्दिर, गांव बाड़िया, तह. रायपुर कार्यक्रम में क्षेत्र के हजारों भक्तों ने भाग लिया। पूरा मंदिर परिसर लाइटों और फूलों से सजाया गया था सुप्रसिद्ध भजन गायक: धनराज मीणा और भावेश पाराशर ने एक से बढ़कर एक कृष्ण-श्याम भजन प्रस्तुत कर भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया बबलू शर्मा ने पूरे कार्यक्रम का संचालन किया राखी रंगीली, शालु नागौरी और सोनू सैनी के राजस्थानी डांस पर दर्शक खूब झूमे सांवर सेन ने अपने कॉमेडी से सबको हँसाया पुजारी पोखर गुर्जर ने बताया कि भक्तों के सहयोग से कार्यक्रम ऐतिहासिक रहापूजारी (भोपाजी ) पोखर लाल गुर्जर , शंकर लाल शर्मा, सूरेश कूमावत ,नारायण जी गुर्जर, भेरु सिह कैलाश प्रजापत , लादूलाल शर्मा सहाड़ा , रामनिवास सेन कोशीथल , भोपाल सिह ,कन्हैया लाल प्रजापत, जगदीश गुर्जर रतन, जगदीश गुर्जर समिति ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बाबा के दरबार में भव्य आयोजन करवाया गया और सभी भक्तों ने बाबा का आशीर्वाद प्राप्त कीया।2
- डूंगरपुर में कांग्रेस पार्षदों के गायब होने की अफवाह पर लगा विराम, होटल के कमरे में साथ नजर आए सभी पार्षद, वीडियो जारी कर दिखाई एकजुटता संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। नगर परिषद सभापति चुनाव से पहले कांग्रेस पार्षदों की बाड़ेबंदी से कुछ पार्षदों के गायब होने की चर्चाओं के बीच शनिवार को कांग्रेस ने वीडियो और तस्वीरें जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। वीडियो में कांग्रेस के सभी पार्षद एक होटल के कमरे में साथ बैठे नजर आ रहे हैं। कांग्रेस ने पार्षदों के गायब होने की चर्चाओं को महज अफवाह बताया है। डूंगरपुर नगर परिषद में कुल 40 वार्ड हैं। निकाय चुनाव में भाजपा ने 24 वार्डों में जीत दर्ज की है, जबकि भाजपा के बागी निर्दलीय प्रत्याशी सुनील जैन ने भी भाजपा को समर्थन दिया है। वहीं, कांग्रेस के 12 और बीएपी के 3 पार्षद हैं। सभापति पद के लिए भाजपा की सुशीला गुप्ता और कांग्रेस के भरत नागदा के बीच मुकाबला है। - वीडियो जारी कर कांग्रेस ने दिया जवाब शनिवार को कांग्रेस पार्षदों के बाड़ेबंदी स्थल से कुछ पार्षदों के गायब होने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में तेज हो गई। इसके बाद कांग्रेस के सभापति प्रत्याशी भरत नागदा ने इसे अफवाह बताते हुए वीडियो जारी किया। वीडियो में कांग्रेस के पार्षद होटल के कमरे में एक साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं। नागदा ने पार्षदों के साथ अपनी तस्वीरें भी जारी की हैं। गौरतलब है कि एक दिन पहले कांग्रेस ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर भाजपा पर कांग्रेस पार्षदों को डराने-धमकाने और दबाव बनाने के आरोप लगाए थे। ऐसे में सभापति चुनाव से पहले दोनों दलों की बाड़ेबंदी और पार्षदों की गतिविधियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं।1