भीलवाड़ा जिले के उदलियास गांव निवासी मोहन सेन के सुपुत्र राहुल सेन का भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में चयन होने पर गांव में एक भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर राहुल सेन का यह चयन उनके परिवार के साथ-साथ पूरे सेन समाज और क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया गया। समारोह के दौरान सेन समाज के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने राहुल सेन का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें साफा पहनाया गया, पुष्पमालाएं अर्पित की गईं और मिठाई खिलाकर सम्मान व्यक्त किया गया। इस कार्यक्रम में त्रिवेणी धाम सेन समाज मंदिर कमेटी के अध्यक्ष कैलाश सेन (बड़लियास), युवा अध्यक्ष एवं नारायणी सैना के कार्यकारी जिलाध्यक्ष विष्णु कुमार सेन (रेणवास), कोषाध्यक्ष नन्दलाल सेन (माण्डलगढ़), सचिव धनजी सेन (गेगाकाखेड़ा), नारायणी सैना के संस्था संयोजक सावर सेन (भीलवाड़ा) और भैरू सेन (ककरोलिया घाटी) सहित त्रिवेणी धाम मंदिर कमेटी के अनेक पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे। वक्ताओं ने राहुल सेन के भारतीय सेना में चयन को देश सेवा का संकल्प बताते हुए उन्हें समाज के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत करार दिया। इस दौरान, उपस्थित लोगों ने केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को देश सेवा का सुनहरा अवसर प्रदान कर रही है, साथ ही युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों ने राहुल सेन को उनके उज्ज्वल भविष्य, सफल सैन्य जीवन और राष्ट्र सेवा के लिए शुभकामनाएं दीं, साथ ही उनके परिवार को भी इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बधाई दी।
भीलवाड़ा जिले के उदलियास गांव निवासी मोहन सेन के सुपुत्र राहुल सेन का भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में चयन होने पर गांव में एक भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर राहुल सेन का यह चयन उनके परिवार के साथ-साथ पूरे सेन समाज और क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया गया। समारोह के दौरान सेन समाज के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने राहुल सेन का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें साफा पहनाया गया, पुष्पमालाएं अर्पित की गईं और मिठाई खिलाकर सम्मान व्यक्त किया गया। इस कार्यक्रम में त्रिवेणी धाम सेन समाज मंदिर कमेटी के अध्यक्ष कैलाश सेन (बड़लियास), युवा अध्यक्ष एवं नारायणी सैना के कार्यकारी जिलाध्यक्ष विष्णु कुमार सेन (रेणवास), कोषाध्यक्ष नन्दलाल सेन (माण्डलगढ़), सचिव धनजी सेन (गेगाकाखेड़ा), नारायणी सैना के संस्था संयोजक
सावर सेन (भीलवाड़ा) और भैरू सेन (ककरोलिया घाटी) सहित त्रिवेणी धाम मंदिर कमेटी के अनेक पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे। वक्ताओं ने राहुल सेन के भारतीय सेना में चयन को देश सेवा का संकल्प बताते हुए उन्हें समाज के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत करार दिया। इस दौरान, उपस्थित लोगों ने केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को देश सेवा का सुनहरा अवसर प्रदान कर रही है, साथ ही युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों ने राहुल सेन को उनके उज्ज्वल भविष्य, सफल सैन्य जीवन और राष्ट्र सेवा के लिए शुभकामनाएं दीं, साथ ही उनके परिवार को भी इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बधाई दी।
- जयपुर/भीलवाड़ा में शुक्रवार, 26 जून को जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में 'कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान' की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिला कलक्टर ने अभियान के लक्ष्यों को शीघ्र प्राप्त करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला कलक्टर ने योजना के तहत रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया। उन्होंने रिको के अधिकारियों को 500 वर्ग मीटर से अधिक के भवनों में वाटर रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाना अनिवार्य करने के साथ-साथ इनकी ई-पंचायत एप्लीकेशन के माध्यम से जियो-टैगिंग करने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद प्रतिभा वर्मा ने बताया कि अभियान के अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतों में चार-चार वाटर स्ट्रक्चर बनाने हेतु विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया है, तथा शहरी क्षेत्र में भी प्रति वार्ड चार स्ट्रक्चर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। भूजल वैज्ञानिक डॉ. मलेंद्र चौहान ने अभियान के तहत संबंधित विभागों को सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के बारे में जानकारी दी और सभी से लक्ष्यों की शीघ्र पूर्ति करने का आग्रह किया। समीक्षा बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर जयपुर प्रथम राजीव द्विवेदी, अतिरिक्त जिला कलक्टर जयपुर द्वितीय मेघराज मीणा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर चतुर्थ आशीष कुमार सहित सभी संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।1
- भीलवाड़ा जिले के उदलियास गांव निवासी मोहन सेन के सुपुत्र राहुल सेन का भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में चयन होने पर गांव में एक भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर राहुल सेन का यह चयन उनके परिवार के साथ-साथ पूरे सेन समाज और क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया गया। समारोह के दौरान सेन समाज के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने राहुल सेन का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें साफा पहनाया गया, पुष्पमालाएं अर्पित की गईं और मिठाई खिलाकर सम्मान व्यक्त किया गया। इस कार्यक्रम में त्रिवेणी धाम सेन समाज मंदिर कमेटी के अध्यक्ष कैलाश सेन (बड़लियास), युवा अध्यक्ष एवं नारायणी सैना के कार्यकारी जिलाध्यक्ष विष्णु कुमार सेन (रेणवास), कोषाध्यक्ष नन्दलाल सेन (माण्डलगढ़), सचिव धनजी सेन (गेगाकाखेड़ा), नारायणी सैना के संस्था संयोजक सावर सेन (भीलवाड़ा) और भैरू सेन (ककरोलिया घाटी) सहित त्रिवेणी धाम मंदिर कमेटी के अनेक पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे। वक्ताओं ने राहुल सेन के भारतीय सेना में चयन को देश सेवा का संकल्प बताते हुए उन्हें समाज के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत करार दिया। इस दौरान, उपस्थित लोगों ने केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को देश सेवा का सुनहरा अवसर प्रदान कर रही है, साथ ही युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों ने राहुल सेन को उनके उज्ज्वल भविष्य, सफल सैन्य जीवन और राष्ट्र सेवा के लिए शुभकामनाएं दीं, साथ ही उनके परिवार को भी इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बधाई दी।2
- भीलवाड़ा क्षेत्र के पाँसल गांव में आई तेज आंधी-तूफान के कारण मेन रोड पर लगा एक बिजली का लाइट पोल गिर गया। गनीमत रही कि घटना के समय वहां से कोई राहगीर या वाहन पोल की चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, पोल गिरने के चलते मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है और दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है, जिससे आसपास के लोगों में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग और प्रशासन से तत्काल गिरे हुए पोल को हटाकर नया लगाने और बिजली व्यवस्था को शीघ्र बहाल करने की मांग की है, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- गंगापुर के चीडखेड़ा पंचायत स्थित कुमारिया खेड़ा गांव में भेरूलाल हत्याकांड के मृतक के परिजनों ने अपनी जान-माल को गंभीर खतरा बताते हुए प्रशासन से तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। मृतक के भाई ने आरोप लगाया है कि आरोपी पक्ष के भाई, रिश्तेदार और परिचित लगातार गांव के आसपास बाइक तथा अन्य वाहनों से चक्कर लगा रहे हैं, जिससे पूरे परिवार में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। परिजनों का यह भी आरोप है कि आरोपी पक्ष से जुड़े कई लोग कथित रूप से बजरी कारोबार में संलिप्त हैं, और हत्याकांड के बाद से ही परिवार पर लगातार दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मृतक के भाई ने स्पष्ट किया है कि उन्हें निरंतर धमकियां मिल रही हैं और आरोपी पक्ष के लोग गांव के इर्द-गिर्द घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके अनुसार, भेरूलाल की हत्या के बाद अब उनके परिवार के अन्य सदस्यों को भी नुकसान पहुँचाने की आशंका प्रबल हो गई है। इसी गंभीर स्थिति के मद्देनजर, परिजनों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उन्हें तुरंत सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, गांव में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।1
- शाहपुरा के कालिंजरी गेट स्थित नहर के पास रहने वाले सोनू धाकड़ ने एक साधारण परिवार से निकलकर भारतीय सेना में चयनित होकर अपने माता-पिता के साथ पूरे शाहपुरा का नाम रोशन किया है। उनके पिता खानाराम धाकड़ टेंपो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे के सपनों को पूरा करने में कोई कमी नहीं छोड़ी। सोनू ने भी अपने पिता के संघर्ष को प्रेरणा बनाते हुए सेना में भर्ती होने का सपना देखा और उसे साकार करने के लिए दिन-रात अथक मेहनत की। सोनू प्रतिदिन सुबह 3 बजे उठकर रामद्वारा तक दौड़ लगाते थे, नियमित व्यायाम करते थे और खुद को शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनाते थे। उनकी इसी लगन, अनुशासन और अथक परिश्रम का परिणाम रहा कि उनका चयन भारतीय सेना में हुआ। सोनू ने एएससी सेंटर (नॉर्थ), बेंगलुरु में 5 जनवरी से 21 जून तक छह माह का कठोर सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। 10वीं उत्तीर्ण बैच के आधार पर सेना में चयनित सोनू शैक्षणिक रूप से 12वीं पास हैं, और उनकी यह सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। प्रशिक्षण पूरा कर आज पहली बार शाहपुरा लौटने पर सोनू धाकड़ का भव्य स्वागत किया गया। शाहपुरा में उनके सम्मान में धूमधाम से जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवा, परिजन, मित्र और क्षेत्रवासी शामिल हुए। पूरे मार्ग में देशभक्ति के नारों की गूंज सुनाई दी और लोगों ने पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया। जगह-जगह स्वागत द्वार लगाए गए तथा नागरिकों ने मालाएं पहनाकर सोनू का सम्मान किया। इस दौरान पटाखे छोड़े गए, मिठाइयां बांटी गईं और लोगों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर खुशी का इजहार किया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने कहा कि टेंपो चालक के बेटे का सेना में चयन यह साबित करता है कि मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर कोई भी युवा अपने सपनों को साकार कर सकता है। धाकड़ समाज के लक्ष्मी नारायण मंदिर से जुलूस प्रारंभ होकर कालिंजरी गेट होते हुए शिक्षक कॉलोनी होते हुए सोनू के घर तक पहुंचा। इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय धाकड़ समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर लाल धाकड़, खाना राम धाकड़, भगवत सिंह लूलास, भेरूलाल धाकड़, मगनलाल धाकड़, हितेश धाकड़, मोती लाल धाकड़, राजू लाल धाकड़, शोभा लाल धाकड़, शंकर लाल धाकड़, गौरव धाकड़, धनराज धाकड़, रामलाल धाकड़, कैलाश पटेल, हेमराज धाकड़, श्री किशन धाकड़ सहित कई प्रबुद्ध जनों और सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया। सोनू की सफलता ने क्षेत्र के युवाओं में नया उत्साह और देशसेवा की भावना जगाई है, जो यह संदेश देती है कि सच्ची लगन, कठोर परिश्रम और मजबूत इरादों के आगे हर कठिनाई छोटी पड़ जाती है।2
- घोसुण्डा में मोहर्रम का जुलूस पूरी अकीदत और भाईचारे के साथ निकाला गया। इस अवसर पर पुलिस, प्रशासन और मीडियाकर्मियों का साफा पहनाकर सम्मान किया गया।1
- राजस्थान के उदयपुर जिले में एक बेहद आक्रोशित कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ कथित तौर पर एक गाय को रस्सी से बांधकर जिंदा जला दिया गया है। इस निर्मम और बर्बरतापूर्ण घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश और रोष का माहौल बना हुआ है।1
- निर्जला एकादशी के पावन पर्व पर, भीलवाड़ा के आकोला स्थित श्री कोटड़ी श्याम के दरबार में आयोजित पंचम नौका विहार महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम बन गया। गुरुवार को दोपहर 12.15 बजे से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी और दिनभर भगवान श्री कोटड़ी श्याम के दर्शन, सेवा तथा विभिन्न धार्मिक मनोरथों का सिलसिला चलता रहा। देर रात तक हजारों श्रद्धालुओं ने नौका विहार के दिव्य दर्शन कर धर्मलाभ प्राप्त किया, जिससे पूरा कोटड़ी भक्ति के सागर में डूबा रहा और आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। महोत्सव का शुभारंभ कन्नौज से मंगवाए गए सुगंधित इत्र से भगवान के अभिषेक के साथ हुआ, जिसके बाद प्रभु का विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर को वृंदावन से मंगाई गई लगभग 150 किलो मोगरे की लड़ियों से सजाकर एक भव्य मोगरा महल का स्वरूप दिया गया था। चारों ओर फैली मोगरे की मनमोहक सुगंध और इत्र के फव्वारों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। दोपहर 12:15 बजे, भगवान श्री कोटड़ी श्याम को आकर्षक रूप से सुसज्जित नौका में विराजमान कर एक विशाल कृत्रिम कुंड में नौका विहार कराया गया। इस कुंड को वृंदावन से लाए गए यमुना जल, ऋषिकेश के गंगाजल तथा एकलिंगजी से मंगाए गए कमल पुष्पों से सजाया गया था। जैसे ही प्रभु की नौका जल में उतरी, पूरा मंदिर परिसर "कोटड़ी श्याम बाबा की जय" के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर प्रभु का स्वागत किया। पूरे दिन प्रभु की सेवा में विशेष मनोरथ आयोजित किए गए, जिसमें हर 15 मिनट के अंतराल में लगभग 50 प्रकार के व्यंजनों जैसे माखन-मिश्री, श्रीखंड, मैंगो क्रीम, मैसूर पाक, ठंडाई, गुलाब शरबत, रबड़ी, पंजीरी, रसगुल्ला, बेसन चक्की का भोग अर्पित किया गया। दोपहर 1 बजे, सात प्रकार की मठरियों से सुसज्जित 108 थालों का भव्य मठरी मनोरथ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना, और शाम 4 बजे विभिन्न किस्मों के 501 किलो आमों (केसर, हाफुस, तोतापुरी, कलमी) से सजा भव्य आम मनोरथ प्रस्तुत किया गया। नौका विहार कार्यक्रम की शुरुआत के साथ आयोजित भजन संध्या में वृंदावन से पधारे नंदरायदास (चैतन्य शर्मा) के साथ भीलवाड़ा के जिम्मी दाधीच और कोटड़ी के लखन टेलर एंड पार्टी ने अपनी मधुर भजनों की प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा। इत्र के फव्वारों, पुष्प सज्जा और शाम की संध्या आरती के बाद की गई भव्य आतिशबाजी ने पूरे आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया, जिससे नौका में विराजमान प्रभु का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन गया। भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए, आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के लिए ठंडाई प्रसाद की विशेष व्यवस्था की, जिसका वितरण संध्या आरती के बाद बड़ी संख्या में किया गया। इस पंचम नौका विहार महोत्सव को सफल बनाने में श्री चारभुजा मंदिर ट्रस्ट, आयोजन समिति, युवा भक्त मंडल तथा अनेक सेवाभावी श्रद्धालुओं ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिन्होंने व्यवस्थाओं से लेकर सजावट, प्रसाद वितरण, सुरक्षा एवं दर्शन व्यवस्था तक सभी कार्य सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न किए। आयोजन समिति ने बताया कि अपेक्षा से अधिक श्रद्धालु पहुंचे और पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति, सेवा और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण बना रहा, तथा भगवान श्री कोटड़ी श्याम की कृपा से यह महोत्सव ऐतिहासिक, भव्य और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।4