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टोंक डीएसटी और नासिरदा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में लाखों की अवैध स्मैक और नकदी के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। नासिरदा के हिसामपुर रोड पर पकड़े गए विक्रम नामक आरोपी से 2 लाख रुपये की स्मैक और 1.20 लाख रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस अब नशे के स्रोत और उसकी आपूर्ति श्रृंखला की जांच कर रही है।

6 hrs ago
user_आपणी दूनी@आवाज आपकी , हिम्मत स
आपणी दूनी@आवाज आपकी , हिम्मत स
Reporter दूनी, टोंक, राजस्थान•
6 hrs ago
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टोंक डीएसटी और नासिरदा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में लाखों की अवैध स्मैक और नकदी के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। नासिरदा के हिसामपुर रोड पर पकड़े गए विक्रम नामक आरोपी से 2 लाख रुपये की स्मैक और 1.20 लाख रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस अब नशे के स्रोत और उसकी आपूर्ति श्रृंखला की जांच कर रही है।

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  • टोंक डीएसटी और नासिरदा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में लाखों की अवैध स्मैक और नकदी के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। नासिरदा के हिसामपुर रोड पर पकड़े गए विक्रम नामक आरोपी से 2 लाख रुपये की स्मैक और 1.20 लाख रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस अब नशे के स्रोत और उसकी आपूर्ति श्रृंखला की जांच कर रही है।
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    टोंक डीएसटी और नासिरदा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में लाखों की अवैध स्मैक और नकदी के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। नासिरदा के हिसामपुर रोड पर पकड़े गए विक्रम नामक आरोपी से 2 लाख रुपये की स्मैक और 1.20 लाख रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस अब नशे के स्रोत और उसकी आपूर्ति श्रृंखला की जांच कर रही है।
    user_आपणी दूनी@आवाज आपकी , हिम्मत स
    आपणी दूनी@आवाज आपकी , हिम्मत स
    Reporter दूनी, टोंक, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • पोकरण में गजेंद्र सिंह शेखावत का भव्य स्वागत, उमड़ा जनसैलाब,#rajasthan #jaiselmer #pokarannews पोकरण में गजेंद्र सिंह शेखावत का भव्य स्वागत, उमड़ा जनसैलाब,#rajasthan #jaiselmer #pokarannews
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    पोकरण में गजेंद्र सिंह शेखावत का भव्य स्वागत, उमड़ा जनसैलाब,#rajasthan #jaiselmer #pokarannews
पोकरण में गजेंद्र सिंह शेखावत का भव्य स्वागत, उमड़ा जनसैलाब,#rajasthan #jaiselmer #pokarannews
    user_Etv9 national news
    Etv9 national news
    News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • बूंदी के नैनवा अस्पताल में जंगली जानवरों के घुसने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वार्डों में कुत्ते और बिल्ली के घूमने से खासकर प्रसव के मरीजों को दिक्कतें आ रही हैं। स्थानीय लोग अस्पताल प्रशासन से इस समस्या का जल्द समाधान करने की मांग कर रहे हैं।
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    बूंदी के नैनवा अस्पताल में जंगली जानवरों के घुसने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वार्डों में कुत्ते और बिल्ली के घूमने से खासकर प्रसव के मरीजों को दिक्कतें आ रही हैं। स्थानीय लोग अस्पताल प्रशासन से इस समस्या का जल्द समाधान करने की मांग कर रहे हैं।
    user_Ashu Prajapati
    Ashu Prajapati
    नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • बूंदी में देर रात हाईवे गोलियों की आवाज से गूंज उठा… पुलिस और तस्करों के बीच ऐसी भिड़ंत हुई कि पूरा इलाका दहल गया। स्कॉर्पियो में भरकर ले जाए जा रहे 431 किलो डोडा चूरा को पकड़ने पहुंची पुलिस पर तस्करों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी… लेकिन पुलिस भी पीछे हटने वाली नहीं थी। बूंदी जिले के हिंडोली थाना क्षेत्र में देर रात पुलिस और मादक पदार्थ तस्करों के बीच फिल्मी अंदाज़ में मुठभेड़ हो गई। नाकाबंदी के दौरान स्कॉर्पियो सवार तस्करों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। हालांकि पुलिस की सतर्कता और बहादुरी के चलते बड़ा हादसा टल गया। दरअसल डीएसटी प्रभारी राजाराम जाट को सूचना मिली थी कि एक सफेद स्कॉर्पियो में भारी मात्रा में डोडा चूरा ले जाया जा रहा है। सूचना पर हिंडोली थाना अधिकारी मुकेश कुमार यादव और डीएसटी टीम ने चैनपुरिया रास्ते और टरडक्या रोड तिराहे पर बुलेट प्रूफ जैकेट के साथ नाकाबंदी की। रात करीब दो बजे संदिग्ध स्कॉर्पियो वहां पहुंची। पुलिस ने गाड़ी रोकने का इशारा किया, लेकिन तस्करों ने अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस जवान बाल-बाल बच गए। जवाबी कार्रवाई के बीच तस्कर अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मौके से स्कॉर्पियो वाहन जब्त कर लिया। तलाशी के दौरान गाड़ी से 431 किलो 400 ग्राम अवैध डोडा चूरा बरामद हुआ। साथ ही पुलिस पर फायरिंग में इस्तेमाल 12 बोर का हथियार और दो जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में तस्करों का संबंध किसी बड़े गिरोह से माना जा रहा है। पूरे मामले की मॉनिटरिंग बूंदी एसपी अवनीश कुमार शर्मा कर रहे हैं। फिलहाल जिला स्पेशल टीम और हिंडोली थाना पुलिस जंगल क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाकर फरार तस्करों की तलाश में जुटी हुई है।
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    बूंदी में देर रात हाईवे गोलियों की आवाज से गूंज उठा… पुलिस और तस्करों के बीच ऐसी भिड़ंत हुई कि पूरा इलाका दहल गया। स्कॉर्पियो में भरकर ले जाए जा रहे 431 किलो डोडा चूरा को पकड़ने पहुंची पुलिस पर तस्करों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी… लेकिन पुलिस भी पीछे हटने वाली नहीं थी।
बूंदी जिले के हिंडोली थाना क्षेत्र में देर रात पुलिस और मादक पदार्थ तस्करों के बीच फिल्मी अंदाज़ में मुठभेड़ हो गई। नाकाबंदी के दौरान स्कॉर्पियो सवार तस्करों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। हालांकि पुलिस की सतर्कता और बहादुरी के चलते बड़ा हादसा टल गया।
दरअसल डीएसटी प्रभारी राजाराम जाट को सूचना मिली थी कि एक सफेद स्कॉर्पियो में भारी मात्रा में डोडा चूरा ले जाया जा रहा है। सूचना पर हिंडोली थाना अधिकारी मुकेश कुमार यादव और डीएसटी टीम ने चैनपुरिया रास्ते और टरडक्या रोड तिराहे पर बुलेट प्रूफ जैकेट के साथ नाकाबंदी की।
रात करीब दो बजे संदिग्ध स्कॉर्पियो वहां पहुंची। पुलिस ने गाड़ी रोकने का इशारा किया, लेकिन तस्करों ने अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस जवान बाल-बाल बच गए। जवाबी कार्रवाई के बीच तस्कर अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने मौके से स्कॉर्पियो वाहन जब्त कर लिया। तलाशी के दौरान गाड़ी से 431 किलो 400 ग्राम अवैध डोडा चूरा बरामद हुआ। साथ ही पुलिस पर फायरिंग में इस्तेमाल 12 बोर का हथियार और दो जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं।
प्रारंभिक जांच में तस्करों का संबंध किसी बड़े गिरोह से माना जा रहा है। पूरे मामले की मॉनिटरिंग बूंदी एसपी अवनीश कुमार शर्मा कर रहे हैं। फिलहाल जिला स्पेशल टीम और हिंडोली थाना पुलिस जंगल क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाकर फरार तस्करों की तलाश में जुटी हुई है।
    user_JP prajapat
    JP prajapat
    Court reporter बूंदी, बूंदी, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • बूंदी किंग विजय सेन का हाड़ौती कॉमेडी वीडियो इन दिनों खूब चर्चा में है। बूंदी की स्थानीय हाड़ौती भाषा में बनी यह वीडियो दर्शकों को जमकर हंसा रही है।
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    बूंदी किंग विजय सेन का हाड़ौती कॉमेडी वीडियो इन दिनों खूब चर्चा में है। बूंदी की स्थानीय हाड़ौती भाषा में बनी यह वीडियो दर्शकों को जमकर हंसा रही है।
    user_Vijay sain Bundi
    Vijay sain Bundi
    बूंदी, बूंदी, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • बूँदी के छत्रपुरा स्थित श्री वीर तेजाजी महाराज मंदिर में रामलीला मंचन चल रहा है। परशुराम-लक्ष्मण संवाद और सीता विवाह जैसे दृश्यों ने क्षेत्रवासियों को भक्ति से सराबोर कर दिया है। लोग इस धार्मिक आयोजन का भरपूर आनंद ले रहे हैं।
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    बूँदी के छत्रपुरा स्थित श्री वीर तेजाजी महाराज मंदिर में रामलीला मंचन चल रहा है। परशुराम-लक्ष्मण संवाद और सीता विवाह जैसे दृश्यों ने क्षेत्रवासियों को भक्ति से सराबोर कर दिया है। लोग इस धार्मिक आयोजन का भरपूर आनंद ले रहे हैं।
    user_समाज की हलचल लोकेश कुमार सेन
    समाज की हलचल लोकेश कुमार सेन
    बूंदी, बूंदी, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • सवाई माधोपुर में पेड़ों की कटाई पर बढ़ता विवाद: केवल तहसीलदार की अनुमति पर्याप्त नहीं, पर्यावरण कानूनों की अनदेखी के आरोप सवाई माधोपुर शहर में जारी व्यापक वृक्ष कटाई को लेकर स्थानीय नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। बजरिया क्षेत्र सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में अब तक लगभग 400 पेड़ काटे जा चुके हैं। जानकारी के अनुसार पहले 311 पेड़ों की कटाई की गई तथा 5 मई से 9 मई 2026 के बीच लगभग 70 और पेड़ काट दिए गए। सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई केवल तहसीलदार की कथित अनुमति के आधार पर की जा रही है, जबकि पर्यावरणीय और न्यायिक दृष्टि से ऐसी अनुमति पर्याप्त नहीं मानी जा सकती। इस संदर्भ में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT), केंद्रीय क्षेत्र पीठ, भोपाल के महत्वपूर्ण निर्णय Jabbu Lal Meena vs. State of Rajasthan & Ors. (O.A. No. 227/2024/CZ, निर्णय दिनांक 3 नवंबर 2025) का उल्लेख किया गया है। उक्त मामले में NGT ने स्पष्ट माना कि केवल तहसीलदार द्वारा दी गई अनुमति पर्यावरणीय दृष्टि से पर्याप्त नहीं है और भविष्य में सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना एक भी पेड़ नहीं काटा जा सकता। उस मामले में PWD द्वारा सड़क चौड़ीकरण हेतु पेड़ों की कटाई की गई थी। विभाग ने राजस्थान राजस्व अधिनियम, 1955 के तहत तहसीलदार से अनुमति लेने का दावा किया था, लेकिन NGT ने FSI की सैटेलाइट इमेजरी के आधार पर वास्तविक वृक्ष क्षति का आकलन करते हुए 2000 पेड़ लगाने का आदेश दिया। ट्रिब्यूनल ने यह भी स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों में केवल राजस्व अनुमति पर्याप्त नहीं मानी जा सकती। सवाई माधोपुर का मामला और भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि यह क्षेत्र रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान एवं संरक्षित वन क्षेत्र की लगभग 10 किलोमीटर परिधि में आता है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि संवेदनशील अथवा शहरी क्षेत्रों में 50 से अधिक पेड़ों की कटाई के लिए उच्च स्तरीय वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृति आवश्यक है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इन महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों एवं सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी करते हुए बड़े पैमाने पर वृक्षों का कटान किया गया। यह भी आरोप लगाया गया कि न्यायालय में पूर्ण एवं स्पष्ट तथ्य प्रस्तुत नहीं किए जा रहे तथा वास्तविक स्थिति को छिपाया जा रहा है। वर्तमान में मामला स्थायी लोक अदालत में लंबित है, लेकिन इसके बावजूद वृक्ष कटाई लगातार जारी रहने से लोगों में निराशा एवं असंतोष बढ़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर न्याय नहीं मिला तो वे इस मामले को NGT और सर्वोच्च न्यायालय तक लेकर जाएंगे। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि बजरिया क्षेत्र में वर्षों पुराने पेड़ों की कटाई से स्थानीय तापमान में वृद्धि होगी, आमजन को छाया नहीं मिलेगी, दुकानदारों एवं राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा तथा शहर की पर्यावरणीय पहचान समाप्त हो जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विकास कार्यों का कोई स्पष्ट सार्वजनिक मॉडल प्रस्तुत नहीं किया जा रहा। कई स्थानों पर पुरानी सड़कों के ऊपर सड़कें बनाई जा रही हैं तथा दुकानों के सामने गहरी नालियां खोदी जा रही हैं, जिससे आगामी वर्षा ऋतु में जलभराव एवं बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में विपक्षी दलों से जुड़े जनप्रतिनिधियों, पूर्व विधायकों एवं सांसदों की ओर से भी अब तक कोई स्पष्ट और ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनका कहना है कि इस चुप्पी से यह संदेश जा रहा है कि वृक्ष कटाई को लेकर राजनीतिक स्तर पर व्यापक सहमति बनी हुई है। साथ ही यह भी कहा गया कि बाजार क्षेत्र के अनेक लोगों ने भी इस मुद्दे को संगठित रूप से उठाने में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई। यदि व्यापारी, स्थानीय नागरिक और सामाजिक संगठन एकजुट होकर प्रभावी जनदबाव बनाते तो संभवतः इतने बड़े स्तर पर पेड़ों की कटाई को रोका जा सकता था। मामले से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश भूप्रेमी, रत्नाकर गोयल, राजेश पहाड़िया, अवधेश शर्मा, अजय शर्मा सहित अन्य लोगों ने कहा कि पिछले दो महीनों से लगातार ज्ञापन, शिकायतें एवं कानूनी प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, वन विभाग तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि “विकास” के नाम पर शहर की हरियाली को समाप्त किया जा रहा है और जनभावनाओं की अनदेखी करते हुए खुलेआम पेड़ों का कत्ल किया जा रहा है। पर्यावरण प्रेमियों ने मांग की है कि: तत्काल प्रभाव से वृक्ष कटाई पर रोक लगाई जाए। संपूर्ण परियोजना की सार्वजनिक जानकारी जारी की जाए। सक्षम पर्यावरणीय एवं वन प्राधिकारियों की अनुमति सार्वजनिक की जाए। काटे गए पेड़ों का वैज्ञानिक आकलन कराया जाए। जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए। रणथंभौर क्षेत्र की पर्यावरणीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्र जांच कराई जाए।
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    सवाई माधोपुर में पेड़ों की कटाई पर बढ़ता विवाद: केवल तहसीलदार की अनुमति पर्याप्त नहीं, पर्यावरण कानूनों की अनदेखी के आरोप
सवाई माधोपुर शहर में जारी व्यापक वृक्ष कटाई को लेकर स्थानीय नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। बजरिया क्षेत्र सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में अब तक लगभग 400 पेड़ काटे जा चुके हैं। जानकारी के अनुसार पहले 311 पेड़ों की कटाई की गई तथा 5 मई से 9 मई 2026 के बीच लगभग 70 और पेड़ काट दिए गए।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई केवल तहसीलदार की कथित अनुमति के आधार पर की जा रही है, जबकि पर्यावरणीय और न्यायिक दृष्टि से ऐसी अनुमति पर्याप्त नहीं मानी जा सकती।
इस संदर्भ में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT), केंद्रीय क्षेत्र पीठ, भोपाल के महत्वपूर्ण निर्णय Jabbu Lal Meena vs. State of Rajasthan & Ors. (O.A. No. 227/2024/CZ, निर्णय दिनांक 3 नवंबर 2025) का उल्लेख किया गया है। उक्त मामले में NGT ने स्पष्ट माना कि केवल तहसीलदार द्वारा दी गई अनुमति पर्यावरणीय दृष्टि से पर्याप्त नहीं है और भविष्य में सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना एक भी पेड़ नहीं काटा जा सकता।
उस मामले में PWD द्वारा सड़क चौड़ीकरण हेतु पेड़ों की कटाई की गई थी। विभाग ने राजस्थान राजस्व अधिनियम, 1955 के तहत तहसीलदार से अनुमति लेने का दावा किया था, लेकिन NGT ने FSI की सैटेलाइट इमेजरी के आधार पर वास्तविक वृक्ष क्षति का आकलन करते हुए 2000 पेड़ लगाने का आदेश दिया। ट्रिब्यूनल ने यह भी स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों में केवल राजस्व अनुमति पर्याप्त नहीं मानी जा सकती।
सवाई माधोपुर का मामला और भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि यह क्षेत्र रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान एवं संरक्षित वन क्षेत्र की लगभग 10 किलोमीटर परिधि में आता है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि संवेदनशील अथवा शहरी क्षेत्रों में 50 से अधिक पेड़ों की कटाई के लिए उच्च स्तरीय वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृति आवश्यक है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इन महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों एवं सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी करते हुए बड़े पैमाने पर वृक्षों का कटान किया गया। यह भी आरोप लगाया गया कि न्यायालय में पूर्ण एवं स्पष्ट तथ्य प्रस्तुत नहीं किए जा रहे तथा वास्तविक स्थिति को छिपाया जा रहा है।
वर्तमान में मामला स्थायी लोक अदालत में लंबित है, लेकिन इसके बावजूद वृक्ष कटाई लगातार जारी रहने से लोगों में निराशा एवं असंतोष बढ़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर न्याय नहीं मिला तो वे इस मामले को NGT और सर्वोच्च न्यायालय तक लेकर जाएंगे।
पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि बजरिया क्षेत्र में वर्षों पुराने पेड़ों की कटाई से स्थानीय तापमान में वृद्धि होगी, आमजन को छाया नहीं मिलेगी, दुकानदारों एवं राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा तथा शहर की पर्यावरणीय पहचान समाप्त हो जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विकास कार्यों का कोई स्पष्ट सार्वजनिक मॉडल प्रस्तुत नहीं किया जा रहा। कई स्थानों पर पुरानी सड़कों के ऊपर सड़कें बनाई जा रही हैं तथा दुकानों के सामने गहरी नालियां खोदी जा रही हैं, जिससे आगामी वर्षा ऋतु में जलभराव एवं बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में विपक्षी दलों से जुड़े जनप्रतिनिधियों, पूर्व विधायकों एवं सांसदों की ओर से भी अब तक कोई स्पष्ट और ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनका कहना है कि इस चुप्पी से यह संदेश जा रहा है कि वृक्ष कटाई को लेकर राजनीतिक स्तर पर व्यापक सहमति बनी हुई है।
साथ ही यह भी कहा गया कि बाजार क्षेत्र के अनेक लोगों ने भी इस मुद्दे को संगठित रूप से उठाने में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई। यदि व्यापारी, स्थानीय नागरिक और सामाजिक संगठन एकजुट होकर प्रभावी जनदबाव बनाते तो संभवतः इतने बड़े स्तर पर पेड़ों की कटाई को रोका जा सकता था।
मामले से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश भूप्रेमी, रत्नाकर गोयल, राजेश पहाड़िया, अवधेश शर्मा, अजय शर्मा सहित अन्य लोगों ने कहा कि पिछले दो महीनों से लगातार ज्ञापन, शिकायतें एवं कानूनी प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, वन विभाग तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि “विकास” के नाम पर शहर की हरियाली को समाप्त किया जा रहा है और जनभावनाओं की अनदेखी करते हुए खुलेआम पेड़ों का कत्ल किया जा रहा है।
पर्यावरण प्रेमियों ने मांग की है कि:
तत्काल प्रभाव से वृक्ष कटाई पर रोक लगाई जाए।
संपूर्ण परियोजना की सार्वजनिक जानकारी जारी की जाए।
सक्षम पर्यावरणीय एवं वन प्राधिकारियों की अनुमति सार्वजनिक की जाए।
काटे गए पेड़ों का वैज्ञानिक आकलन कराया जाए।
जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए।
रणथंभौर क्षेत्र की पर्यावरणीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्र जांच कराई जाए।
    user_Rakesh Agarwal
    Rakesh Agarwal
    पत्रकारिता Sawai Madhopur, Rajasthan•
    3 hrs ago
  • टोंक जिले के दूनी स्थित श्री सरदार सिंह माध्यमिक विद्यालय के दो छात्रों ने भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में जिला टॉप किया है। राधिका मीणा और खुशीराम रैगर ने यह उपलब्धि हासिल कर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
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    टोंक जिले के दूनी स्थित श्री सरदार सिंह माध्यमिक विद्यालय के दो छात्रों ने भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में जिला टॉप किया है। राधिका मीणा और खुशीराम रैगर ने यह उपलब्धि हासिल कर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
    user_आपणी दूनी@आवाज आपकी , हिम्मत स
    आपणी दूनी@आवाज आपकी , हिम्मत स
    Reporter दूनी, टोंक, राजस्थान•
    7 hrs ago
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