जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण के तहत ‘हुड्डी नदी संरक्षण अभियान’ का शुभारंभ, बाढ़ से सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम: हुड्डी नदी चैनलाइजेशन कार्य शुरु। चंपावत 06 अप्रैल 2026, सूवि। टनकपुर क्षेत्र अंतर्गत छीनीगोठ से प्रारंभ हुआ ‘हुड्डी नदी संरक्षण अभियान’ आज जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन के तहत मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन तथा स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी की स्मृति में छीनीगोठ, आनंदपुर, चंदनी, बमनपुरी, पचपकरियाँ एवं देवीपुरा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर नदी चैनलाइजेशन कार्य के साथ प्रारंभ कर दिया गया है। आगामी वर्षा ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए समय रहते यह ठोस पहल की गई है, जिससे हुड्डी नदी के बढ़ते जलस्तर एवं संभावित बाढ़ के खतरे को नियंत्रित किया जा सके। विशेष बात यह है कि इस अभियान में स्थानीय जनता ने अभूतपूर्व उत्साह के साथ भाग लेते हुए श्रमदान किया। छीनीगोठ स्थित हुड्डी नदी तट से प्रारंभ हुए इस अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवकों ने भाग लिया। मशीनरी एवं श्रमिकों की सहायता से नदी के प्रवाह को व्यवस्थित करने का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है, जिससे नदी के बहाव को मध्य भाग में केंद्रित कर किनारों पर दबाव कम किया जा सके। इस पहल से जहां एक ओर संभावित बाढ़ से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर जल संरक्षण एवं सतत विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। ‘सारा’ के अंतर्गत संचालित जल संरक्षण गतिविधियों को भी इस कार्य से मजबूती मिलेगी। उल्लेखनीय है कि हुड्डी नदी के किनारे बसे इन क्षेत्रों में प्रत्येक वर्ष मानसून के दौरान जलस्तर में अत्यधिक वृद्धि होती है, जिससे तेज बहाव के कारण कृषि भूमि का कटाव, तटबंधों पर अत्यधिक दबाव तथा आवासीय क्षेत्रों में जलभराव जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती रही हैं। कई बार ग्रामीणों को विस्थापन तक झेलना पड़ता है, जिससे सामाजिक एवं आर्थिक क्षति होती है। ऐसे में यह चैनलाइजेशन कार्य न केवल आपदा न्यूनीकरण का सशक्त उपाय है, बल्कि दीर्घकालिक सुरक्षा एवं क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना हेतु जिला खनिज न्यास निधि (DMF) के अंतर्गत ₹10 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिससे कार्यों को गति प्रदान की जा रही है। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार द्वारा स्वयं स्थल निरीक्षण करते हुए छीनीगोठ एवं चंदनी क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 6 से 9 अप्रैल तक संचालित इस विशेष अभियान को पूर्ण गुणवत्ता, निर्धारित तकनीकी मानकों एवं समयबद्धता के साथ संपन्न किया जाए। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता या गुणवत्ता से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा इसकी सतत निगरानी की जाएगी, जिससे प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित हो सके। सहायक अभियंता सिंचाई खंड टनकपुर श्री मनोज तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि चैनलाइजेशन के तहत नदी के प्रवाह को नियंत्रित एवं संतुलित किया जा रहा है, जिससे तटवर्ती क्षेत्रों में जल का दबाव कम होगा। इससे न केवल गांवों के आवास, सड़कों एवं कृषि भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि कटाव की समस्या में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। इस दौरान मा दर्जा राज्य मंत्री हेमा जोशी, मा जिला पंचायत सदस्य, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती, उप जिलाधिकारी टनकपुर अनुराग आर्या, खंड विकास अधिकारी चंपावत अशोक अधिकारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व अन्य उपस्थित रहे।
जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण के तहत ‘हुड्डी नदी संरक्षण अभियान’ का शुभारंभ, बाढ़ से सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम: हुड्डी नदी चैनलाइजेशन कार्य शुरु। चंपावत 06 अप्रैल 2026, सूवि। टनकपुर क्षेत्र अंतर्गत छीनीगोठ से प्रारंभ हुआ ‘हुड्डी नदी संरक्षण अभियान’ आज जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन के तहत मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन तथा स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी की स्मृति में छीनीगोठ, आनंदपुर, चंदनी, बमनपुरी, पचपकरियाँ एवं देवीपुरा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर नदी चैनलाइजेशन कार्य के साथ प्रारंभ कर दिया गया है। आगामी वर्षा ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए समय रहते यह ठोस पहल की गई है, जिससे हुड्डी नदी के बढ़ते जलस्तर एवं संभावित बाढ़ के खतरे को नियंत्रित किया जा सके। विशेष बात यह है कि इस अभियान में स्थानीय जनता ने अभूतपूर्व उत्साह के साथ भाग लेते हुए श्रमदान किया। छीनीगोठ स्थित हुड्डी नदी तट से प्रारंभ हुए इस अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवकों ने भाग लिया। मशीनरी एवं श्रमिकों की सहायता से नदी के प्रवाह को व्यवस्थित करने का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है, जिससे नदी के बहाव को मध्य भाग में केंद्रित कर किनारों पर दबाव कम किया जा सके। इस पहल से जहां एक ओर संभावित बाढ़ से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर जल संरक्षण एवं सतत विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। ‘सारा’ के अंतर्गत संचालित जल संरक्षण गतिविधियों को भी इस कार्य से मजबूती मिलेगी। उल्लेखनीय है कि हुड्डी नदी के किनारे बसे इन क्षेत्रों में प्रत्येक वर्ष मानसून के दौरान जलस्तर में अत्यधिक वृद्धि होती है, जिससे तेज बहाव के कारण कृषि भूमि का कटाव, तटबंधों पर अत्यधिक दबाव तथा आवासीय क्षेत्रों में जलभराव जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती रही हैं। कई बार ग्रामीणों को विस्थापन तक झेलना पड़ता है, जिससे सामाजिक एवं आर्थिक क्षति होती है। ऐसे में यह चैनलाइजेशन कार्य न केवल आपदा न्यूनीकरण का सशक्त उपाय है, बल्कि दीर्घकालिक सुरक्षा एवं क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना हेतु जिला खनिज न्यास निधि (DMF) के अंतर्गत ₹10 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिससे कार्यों को गति प्रदान की जा रही है। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार द्वारा स्वयं स्थल निरीक्षण करते हुए छीनीगोठ एवं चंदनी क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 6 से 9 अप्रैल तक संचालित इस विशेष अभियान को पूर्ण गुणवत्ता, निर्धारित तकनीकी मानकों एवं समयबद्धता के साथ संपन्न किया जाए। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता या गुणवत्ता से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा इसकी सतत निगरानी की जाएगी, जिससे प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित हो सके। सहायक अभियंता सिंचाई खंड टनकपुर श्री मनोज तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि चैनलाइजेशन के तहत नदी के प्रवाह को नियंत्रित एवं संतुलित किया जा रहा है, जिससे तटवर्ती क्षेत्रों में जल का दबाव कम होगा। इससे न केवल गांवों के आवास, सड़कों एवं कृषि भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि कटाव की समस्या में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। इस दौरान मा दर्जा राज्य मंत्री हेमा जोशी, मा जिला पंचायत सदस्य, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती, उप जिलाधिकारी टनकपुर अनुराग आर्या, खंड विकास अधिकारी चंपावत अशोक अधिकारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व अन्य उपस्थित रहे।
- चंपावत 06 अप्रैल 2026, सूवि। टनकपुर क्षेत्र अंतर्गत छीनीगोठ से प्रारंभ हुआ ‘हुड्डी नदी संरक्षण अभियान’ आज जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन के तहत मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन तथा स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी की स्मृति में छीनीगोठ, आनंदपुर, चंदनी, बमनपुरी, पचपकरियाँ एवं देवीपुरा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर नदी चैनलाइजेशन कार्य के साथ प्रारंभ कर दिया गया है। आगामी वर्षा ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए समय रहते यह ठोस पहल की गई है, जिससे हुड्डी नदी के बढ़ते जलस्तर एवं संभावित बाढ़ के खतरे को नियंत्रित किया जा सके। विशेष बात यह है कि इस अभियान में स्थानीय जनता ने अभूतपूर्व उत्साह के साथ भाग लेते हुए श्रमदान किया। छीनीगोठ स्थित हुड्डी नदी तट से प्रारंभ हुए इस अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवकों ने भाग लिया। मशीनरी एवं श्रमिकों की सहायता से नदी के प्रवाह को व्यवस्थित करने का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है, जिससे नदी के बहाव को मध्य भाग में केंद्रित कर किनारों पर दबाव कम किया जा सके। इस पहल से जहां एक ओर संभावित बाढ़ से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर जल संरक्षण एवं सतत विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। ‘सारा’ के अंतर्गत संचालित जल संरक्षण गतिविधियों को भी इस कार्य से मजबूती मिलेगी। उल्लेखनीय है कि हुड्डी नदी के किनारे बसे इन क्षेत्रों में प्रत्येक वर्ष मानसून के दौरान जलस्तर में अत्यधिक वृद्धि होती है, जिससे तेज बहाव के कारण कृषि भूमि का कटाव, तटबंधों पर अत्यधिक दबाव तथा आवासीय क्षेत्रों में जलभराव जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती रही हैं। कई बार ग्रामीणों को विस्थापन तक झेलना पड़ता है, जिससे सामाजिक एवं आर्थिक क्षति होती है। ऐसे में यह चैनलाइजेशन कार्य न केवल आपदा न्यूनीकरण का सशक्त उपाय है, बल्कि दीर्घकालिक सुरक्षा एवं क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना हेतु जिला खनिज न्यास निधि (DMF) के अंतर्गत ₹10 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिससे कार्यों को गति प्रदान की जा रही है। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार द्वारा स्वयं स्थल निरीक्षण करते हुए छीनीगोठ एवं चंदनी क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 6 से 9 अप्रैल तक संचालित इस विशेष अभियान को पूर्ण गुणवत्ता, निर्धारित तकनीकी मानकों एवं समयबद्धता के साथ संपन्न किया जाए। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता या गुणवत्ता से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा इसकी सतत निगरानी की जाएगी, जिससे प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित हो सके। सहायक अभियंता सिंचाई खंड टनकपुर श्री मनोज तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि चैनलाइजेशन के तहत नदी के प्रवाह को नियंत्रित एवं संतुलित किया जा रहा है, जिससे तटवर्ती क्षेत्रों में जल का दबाव कम होगा। इससे न केवल गांवों के आवास, सड़कों एवं कृषि भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि कटाव की समस्या में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। इस दौरान मा दर्जा राज्य मंत्री हेमा जोशी, मा जिला पंचायत सदस्य, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती, उप जिलाधिकारी टनकपुर अनुराग आर्या, खंड विकास अधिकारी चंपावत अशोक अधिकारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व अन्य उपस्थित रहे।1
- थाना पाटी व तामली पुलिस की कार्यवाही ऑपरेशन प्रहार के तहत बाहरी व्यक्तियों का किया गया सत्यापन*1
- चंपावत में भारतीय जनता पार्टी अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही है। स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर पार्टी कार्यालय को आकर्षक ढंग से सजाया गया और दीपोत्सव भी आयोजित हुआ। आज सोमवार को पार्टी कार्यालय में झंडारोहण सहित कई कार्यक्रम होंगे। इन कार्यक्रमों में कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। जिलाध्यक्ष ने बताया कि जिले में पार्टी के 57 हजार से अधिक सदस्य हैं।1
- Post by अशोक सरकार1
- मथुरा में 15 बीघा गेहूं जलकर राख हो गए किसान का रो रो के बुरा हाल हो गया दमकल की टीम नहीं पहुंची तो खुद लोगों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास किया नहीं आग पर काबू पाया गया,1
- Post by Jagdish Ballabh Sharma1
- अल्मोड़ा। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की हड़ताल सोमवार को पंद्रहवें दिन भी जारी रही। शक्ति सदन में आयोजित धरना-प्रदर्शन में लोक निर्माण, सिंचाई और ग्रामीण निर्माण विभाग समेत विभिन्न घटक संघों के अभियंता शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता गणेश जोशी ने की। इस दौरान अभियंताओं ने 27 सूत्रीय मांगों के पूर्ण होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि हड़ताल के चलते विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन इसकी जिम्मेदारी उनकी नहीं होगी। अभियंताओं की प्रमुख मांगों में 10 वर्ष में प्रथम एसीपी के तहत 5400 ग्रेड पे, 16 वर्ष में 6600 और 26 वर्ष में 8700 ग्रेड पे, अभियंत्रण विभागों में न्यूनतम तीन पदोन्नति, पेयजल एवं जल संस्थान का राजकीयकरण, पुरानी पेंशन बहाली, आईटी भत्ता, फील्ड स्टाफ की नियुक्ति और गैर तकनीकी कार्यों से मुक्ति शामिल हैं। अभियंताओं ने चेतावनी दी कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांगों की अनदेखी होने पर हड़ताल जारी रहेगी, भले ही इससे विकास कार्य और आवश्यक सेवाएं प्रभावित हों। धरना-प्रदर्शन में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने भी पहुंचकर अभियंताओं की मांगों का समर्थन किया। इस दौरान दीपक मटियाली, रिनी पांडे, हिमांशु जोशी, जीएस मेहरा, सूरज रावत, हितांशी नैलवाल, मयंक जोशी, मिनिका टाकुली, स्वाति पटवाल, कुंदन सिंह बिष्ट, प्रेमा पाटनी और नीरू थापा सहित अन्य मौजूद रहे।1
- क्षेत्राधिकारी महोदया टनकपुर वंदना वर्मा द्वारा किया गया थाना बनबसा का अर्धवार्षिक निरीक्षण।1