सपोटरा में खाद्य सुरक्षा टीम ने किया औचक दौरा, चार दुकानों से खाद्य पदार्थ के लिए नमूने। सपोटरा में खाद्य सुरक्षा टीम की कार्रवाई, चार दुकानों से लिए सैंपल; फिर भी मिलावटखोरों पर कार्रवाई का इंतजार! ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान के तहत औचक निरीक्षण, दुकानदारों को स्वच्छता और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश सपोटरा, करौली। सपोटरा क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने दौरा कर विभिन्न दुकानों का औचक निरीक्षण किया। ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में चार दुकानों से खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए। सीएमएचओ डॉ. सतीश चंद मीणा के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार मीना, संतोष बिश्नोई, तनुजा जैन, पूजा मीना, प्रियंका चौधरी और देवाशीष कुमार की टीम ने दुकानों पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों की जांच के लिए नमूने एकत्रित किए। निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों की पालना करने, खाद्य पदार्थों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने तथा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही खाद्य सामग्री बेचने के निर्देश दिए गए। सवाल अब भी बरकरार: खुले में बिक रही मिठाइयों पर कब होगी सख्त कार्रवाई? खाद्य सुरक्षा टीम की इस कार्रवाई के बीच सपोटरा में खुले में रखी मिठाइयों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर मिठाइयों पर भिनभिनाती मक्खियां, कड़ाहियों में कीड़े गिरने और खाद्य पदार्थों पर धूल-मिट्टी जमने जैसी स्थितियों को लेकर चिंता जताई जा रही है। ऐसे हालात में सवाल उठता है कि क्या खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई केवल सैंपल लेने और दुकानदारों को निर्देश देने तक सीमित रहेगी, या खुले में अस्वच्छ तरीके से खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे? आमजन की सेहत से खिलवाड़ पर कब लगेगी लगाम? त्योहारी सीजन और मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच खाद्य पदार्थों की स्वच्छता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। दूषित या मानकों के विपरीत खाद्य सामग्री लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग से अपेक्षा है कि वह नियमित निरीक्षण करे, शिकायतों को गंभीरता से ले और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करे। अब बड़ा सवाल यही है—सपोटरा में खाद्य सुरक्षा विभाग की अगली कार्रवाई कब होगी? क्या खुले में अस्वच्छ तरीके से मिठाइयां बेचने वाले दुकानदारों की भी जांच होगी, या आमजन को इसी तरह अपनी सेहत के जोखिम के बीच खरीदारी करनी पड़ेगी? फिलहाल, चार दुकानों से लिए गए सैंपल की जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
सपोटरा में खाद्य सुरक्षा टीम ने किया औचक दौरा, चार दुकानों से खाद्य पदार्थ के लिए नमूने। सपोटरा में खाद्य सुरक्षा टीम की कार्रवाई, चार दुकानों से लिए सैंपल; फिर भी मिलावटखोरों पर कार्रवाई का इंतजार! ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान के तहत औचक निरीक्षण, दुकानदारों को स्वच्छता और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश सपोटरा, करौली। सपोटरा क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने दौरा कर विभिन्न दुकानों का औचक निरीक्षण किया। ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में चार दुकानों से खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए। सीएमएचओ डॉ. सतीश चंद मीणा के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार मीना, संतोष बिश्नोई, तनुजा जैन, पूजा मीना, प्रियंका चौधरी और देवाशीष कुमार की टीम ने दुकानों पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों की जांच के लिए नमूने एकत्रित किए। निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों की पालना करने, खाद्य पदार्थों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने तथा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही खाद्य सामग्री बेचने के निर्देश दिए गए। सवाल अब भी बरकरार: खुले में बिक रही मिठाइयों पर कब होगी सख्त कार्रवाई? खाद्य सुरक्षा टीम की इस कार्रवाई के बीच सपोटरा में खुले में रखी मिठाइयों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर मिठाइयों पर भिनभिनाती मक्खियां, कड़ाहियों में कीड़े गिरने और खाद्य पदार्थों पर धूल-मिट्टी जमने जैसी स्थितियों को लेकर चिंता जताई जा रही है। ऐसे हालात में सवाल उठता है कि क्या खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई केवल सैंपल लेने और दुकानदारों को निर्देश देने तक सीमित रहेगी, या खुले में अस्वच्छ तरीके से खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे? आमजन की सेहत से खिलवाड़ पर कब लगेगी लगाम? त्योहारी सीजन और मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच खाद्य पदार्थों की स्वच्छता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। दूषित या मानकों के विपरीत खाद्य सामग्री लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग से अपेक्षा है कि वह नियमित निरीक्षण करे, शिकायतों को गंभीरता से ले और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करे। अब बड़ा सवाल यही है—सपोटरा में खाद्य सुरक्षा विभाग की अगली कार्रवाई कब होगी? क्या खुले में अस्वच्छ तरीके से मिठाइयां बेचने वाले दुकानदारों की भी जांच होगी, या आमजन को इसी तरह अपनी सेहत के जोखिम के बीच खरीदारी करनी पड़ेगी? फिलहाल, चार दुकानों से लिए गए सैंपल की जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
- सपोटरा में खाद्य सुरक्षा टीम ने किया औचक दौरा, चार दुकानों से खाद्य पदार्थ के लिए नमूने। सपोटरा में खाद्य सुरक्षा टीम की कार्रवाई, चार दुकानों से लिए सैंपल; फिर भी मिलावटखोरों पर कार्रवाई का इंतजार! ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान के तहत औचक निरीक्षण, दुकानदारों को स्वच्छता और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश सपोटरा, करौली। सपोटरा क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने दौरा कर विभिन्न दुकानों का औचक निरीक्षण किया। ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में चार दुकानों से खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए। सीएमएचओ डॉ. सतीश चंद मीणा के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार मीना, संतोष बिश्नोई, तनुजा जैन, पूजा मीना, प्रियंका चौधरी और देवाशीष कुमार की टीम ने दुकानों पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों की जांच के लिए नमूने एकत्रित किए। निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों की पालना करने, खाद्य पदार्थों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने तथा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही खाद्य सामग्री बेचने के निर्देश दिए गए। सवाल अब भी बरकरार: खुले में बिक रही मिठाइयों पर कब होगी सख्त कार्रवाई? खाद्य सुरक्षा टीम की इस कार्रवाई के बीच सपोटरा में खुले में रखी मिठाइयों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर मिठाइयों पर भिनभिनाती मक्खियां, कड़ाहियों में कीड़े गिरने और खाद्य पदार्थों पर धूल-मिट्टी जमने जैसी स्थितियों को लेकर चिंता जताई जा रही है। ऐसे हालात में सवाल उठता है कि क्या खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई केवल सैंपल लेने और दुकानदारों को निर्देश देने तक सीमित रहेगी, या खुले में अस्वच्छ तरीके से खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे? आमजन की सेहत से खिलवाड़ पर कब लगेगी लगाम? त्योहारी सीजन और मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच खाद्य पदार्थों की स्वच्छता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। दूषित या मानकों के विपरीत खाद्य सामग्री लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग से अपेक्षा है कि वह नियमित निरीक्षण करे, शिकायतों को गंभीरता से ले और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करे। अब बड़ा सवाल यही है—सपोटरा में खाद्य सुरक्षा विभाग की अगली कार्रवाई कब होगी? क्या खुले में अस्वच्छ तरीके से मिठाइयां बेचने वाले दुकानदारों की भी जांच होगी, या आमजन को इसी तरह अपनी सेहत के जोखिम के बीच खरीदारी करनी पड़ेगी? फिलहाल, चार दुकानों से लिए गए सैंपल की जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।1
- गंगापुर सिटी में राहुल गोयल ने सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित, राष्ट्रीय और गौ सेवा के संकल्प को दोहराया1
- कांचरौली मोक्ष धाम का बुरा हाल आप देख सकते हैं सीधी तस्वीरें में1
- जिला परिषद सदस्य थान सिंह जाटव के पक्ष में पूर्व विधायक लखन सिंह मीणा ने किया प्रचार करौली जिला परिषद सदस्य वार्ड संख्या 29 से कांग्रेस प्रत्याशीथान सिंह जाटव के पक्ष में वोट डालने की अपील पूर्व विधायक लाखन सिंह मीणा गांव शेरपुर में पहुंचे और सभा को संबोधित किया1
- दीपावली से पहले सरमथुरा में स्वच्छता की बड़ी मुहिम, घर-घर पहुंचेगी कचरा संग्रहण गाड़ी चेयरमैन रामकला गुर्जर और तहसीलदार भींवाराम ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना सरमथुरा। दीपावली के त्योहार को देखते हुए सरमथुरा नगरपालिका ने कस्बे को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में सफाई अभियान शुरू कर दिया है। अभियान के तहत घर-घर कचरा संग्रहण करने वाले वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस पहल का उद्देश्य कस्बे की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ कचरे का उचित निस्तारण सुनिश्चित करना है, ताकि दीपावली के दौरान शहर की गलियां और सार्वजनिक स्थान साफ-सुथरे नजर आएं। प्रकाश पर्व दीपावाली को देखते हुए नगरपालिका द्वारा विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है इसको लेकर चेयरमैन रामकला गुर्जर और कार्यवाहक अधिशाषी अधिकारी तहसीलदार भींवाराम ने कचरा संग्रहण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने त्योहार के मद्देनजर स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया नगरपालिका की इस पहल के तहत घरों से कचरा संग्रहण और उसके उचित निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दीपावली के दौरान घरों और बाजारों में साफ-सफाई का महत्व बढ़ जाता है। ऐसे में नियमित कचरा संग्रहण से कस्बे में गंदगी की समस्या कम करने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में मदद मिलेगी।नगरपालिका की ओर से शुरू की गई इस मुहिम को त्योहार से पहले सफाई व्यवस्था मजबूत करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। अभियान की सफलता के लिए नियमित कचरा संग्रहण के साथ नागरिकों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण रहेगी। इस अवसर पर नगरपालिका कर्मचारी अभिषेक दुबे, रूपेश शर्मा, मुरारी मीणा सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।1
- विद्यालय में ईसीसीई बाल मेले का आयोजन, नन्हे-मुन्नों ने दिखाई प्रतिभा बामनवास :मुख्यालय बामनवास के पट्टी कला स्थित महात्मा गाँधी विद्यालय में ईसीसीई (ECCE) बाल मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि यूसीईईओ ओमप्रकाश मीना तथा विशिष्ट अतिथि कालू राम मीणा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बामनवास पट्टीकलां के प्रधानाचार्य रहे। मेले में बालवाटिका में अध्ययनरत विद्यार्थियों द्वारा स्वयं निर्मित विभिन्न शिक्षण सामग्रियों एवं रचनात्मक वस्तुओं का प्रदर्शन किया गया। नन्हे-मुन्नों की प्रतिभा और रचनात्मकता ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। निर्णायक दल ने प्रस्तुतियों का मूल्यांकन कर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पारितोषिक प्रदान किए।4
- श्योपुर के कराहल सामान्य वनमंडल में पौधरोपण के नाम पर कथित फर्जीवाड़े के आरोप! कागजों पर लहलहाती हरियाली, धरातल पर गायब पौधे! श्योपुर जिले के कराहल सामान्य वनमंडल में पौधरोपण कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।करोड़ों के बजट और हरियाली बढ़ाने के विभागीय दावों के बीच जमीनी हकीकत पर सवाल उठाए जा रहे हैं।आरोप हैं कि पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और रखरखाव के नाम पर लाखों रुपये खर्च दर्शाए गए, लेकिन मौके पर पौधे और उनकी सुरक्षा व्यवस्था नजर नहीं आ रही।यदि ये आरोप सही हैं, तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला हो सकता है। आखिर सवाल यह है कि जब धरातल पर पौधे ही नहीं हैं, तो उनके रखरखाव और सिंचाई के नाम पर खर्च की गई राशि कहां गई? क्या विभागीय रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत का मिलान होगा?पौधरोपण पर खर्च हुई राशि का सामाजिक ऑडिट कराया जाएगा?जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी? मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए। दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि सरकारी धन की बंदरबांट पर रोक लग सके। हरियाली के नाम पर बजट खर्च करने से नहीं, धरातल पर पेड़ बचाने से पर्यावरण सुरक्षित होगा।1
- गंगापुर सिटी में 25 साल बाद भी अधूरी चंबल पेयजल परियोजना दो-तीन दिन में मिल रहा है पानी जलापूर्ति व्यवस्था पर सवाल लिफ्ट सिस्टम पर बड़े पंप लगाने की मांग को लेकर वेद प्रकाश मंगल ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र1