खाद की किल्लत रातों में भी लाइन लगा कर बैठे किसान , जिम्मेदारों पर हेरा फेरी,खाद को गोलमाल करने के आरोप, अम्बाह अंचल में इस समय यूरिया खाद की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है गल्ला मंडी परिसर में वेयर हाउस पर किसानों की लगभग 500 मीटर लंबी लाइन लगी हुई है जिसमें लगभग तीन लाइन है एक साथ चल रही है, महिलाएं किसानों का कहना है कि खाद को भाजपा के नेताओं के कहने पर दिया जा रहा है आम किसान दिन भर और रात भर लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है अब किसानों की फसल पर नुकसान और खेतों में बाजरा खड़ा हुआ है,खाद देनी है लेकिन खाद की किल्लत है,यह अब जी का जंजाल बन गया है। वही युवा किसान मनोज सिंह तोमर पूठा का कहना है कि किसानों को समय रहते कखाद नहीं मिली तो उनकी बाजरा की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा किसानों की सिर्फ आजीविका का साधन बाजरा और गेहूं है इनमें समय से खाद नहीं देने पर अच्छी उपज नहीं होगी।
खाद की किल्लत रातों में भी लाइन लगा कर बैठे किसान , जिम्मेदारों पर हेरा फेरी,खाद को गोलमाल करने के आरोप, अम्बाह अंचल में इस समय यूरिया खाद की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है गल्ला मंडी परिसर में वेयर हाउस पर किसानों की लगभग
500 मीटर लंबी लाइन लगी हुई है जिसमें लगभग तीन लाइन है एक साथ चल रही है, महिलाएं किसानों का कहना है कि खाद को भाजपा के नेताओं के कहने पर दिया जा रहा है आम किसान दिन भर और रात भर लाइन में लगने
के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है अब किसानों की फसल पर नुकसान और खेतों में बाजरा खड़ा हुआ है,खाद देनी है लेकिन खाद की किल्लत है,यह अब जी का जंजाल बन गया है। वही युवा किसान मनोज सिंह तोमर पूठा का कहना
है कि किसानों को समय रहते कखाद नहीं मिली तो उनकी बाजरा की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा किसानों की सिर्फ आजीविका का साधन बाजरा और गेहूं है इनमें समय से खाद नहीं देने पर अच्छी उपज नहीं होगी।
- खाद की किल्लत रातों में भी लाइन लगा कर बैठे किसान , जिम्मेदारों पर हेरा फेरी,खाद को गोलमाल करने के आरोप, अम्बाह अंचल में इस समय यूरिया खाद की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है गल्ला मंडी परिसर में वेयर हाउस पर किसानों की लगभग 500 मीटर लंबी लाइन लगी हुई है जिसमें लगभग तीन लाइन है एक साथ चल रही है, महिलाएं किसानों का कहना है कि खाद को भाजपा के नेताओं के कहने पर दिया जा रहा है आम किसान दिन भर और रात भर लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है अब किसानों की फसल पर नुकसान और खेतों में बाजरा खड़ा हुआ है,खाद देनी है लेकिन खाद की किल्लत है,यह अब जी का जंजाल बन गया है। वही युवा किसान मनोज सिंह तोमर पूठा का कहना है कि किसानों को समय रहते कखाद नहीं मिली तो उनकी बाजरा की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा किसानों की सिर्फ आजीविका का साधन बाजरा और गेहूं है इनमें समय से खाद नहीं देने पर अच्छी उपज नहीं होगी।4
- खाद की किल्लत रातों में भी लाइन लगा कर बैठे किसान , जिम्मेदारों पर हेरा फेरी,खाद को गोलमाल करने के आरोप अंबाह। खाद की किल्लत रातों में भी लाइन लगा कर बैठे किसान , जिम्मेदारों पर हेरा फेरी,खाद को गोलमाल करने के आरोप, अंचल में इस समय यूरिया खाद की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है गल्ला मंडी परिसर में वेयर हाउस पर किसानों की लगभग 500 मीटर लंबी लाइन लगी हुई है जिसमें लगभग तीन लाइन है एक साथ चल रही है, महिलाएं किसानों का कहना है कि खाद को भाजपा के नेताओं के कहने पर दिया जा रहा है आम किसान दिन भर और रात भर लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है अब किसानों की फसल पर नुकसान और खेतों में बाजरा खड़ा हुआ है,खाद देनी है लेकिन खाद की किल्लत है,यह अब जी का जंजाल बन गया है। वही युवा किसान मनोज सिंह तोमर पूठा का कहना है कि किसानों को समय रहते कखाद नहीं मिली तो उनकी बाजरा की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा किसानों की सिर्फ आजीविका का साधन बाजरा और गेहूं है इनमें समय से खाद नहीं देने पर अच्छी उपज नहीं होगी।2
- उमस भरी गर्मी में प्रशासन की मानवीय पहल, खाद की लाइन में खड़े किसानों को पिलाया शरबत और ठंडा पानी 🌾 अम्बाह। उमस भरी गर्मी और खाद लेने के लिए उमड़ी किसानों की भीड़ के बीच अम्बाह प्रशासन ने संवेदनशीलता और मानवता की मिसाल पेश की। थाना परिसर में चल रही खाद वितरण व्यवस्था के दौरान तहसीलदार नरेश शर्मा स्वयं किसानों के बीच पहुंचे और लाइन में खड़े महिला एवं पुरुष किसानों को ठंडा पानी व मीठा शरबत पिलाया। प्रशासन की इस पहल से किसानों को बड़ी राहत मिली और उन्होंने इसका स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। कृषि उपज मंडी स्थित मार्कफेड गोदाम पर बढ़ती भीड़ और उमस को देखते हुए प्रशासन ने ई-टोकन जमा करने, भुगतान तथा पीओएस मशीन से सत्यापन की व्यवस्था थाना परिसर में कर दी है। यहां दो काउंटर बनाए गए हैं, जहां प्रक्रिया पूरी करने के बाद किसानों को गोदाम से खाद उपलब्ध कराई जा रही है। यह व्यवस्था कलेक्टर लोकेश जांगिड़ के निर्देश एवं एसडीएम प्रतिज्ञा शर्मा के मार्गदर्शन में शुरू की गई है। थाना परिसर में पर्याप्त स्थान, खुला वातावरण और महिला एवं पुरुष किसानों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था होने से भीड़ व्यवस्थित रही और किसानों को सुविधा मिली। तहसीलदार नरेश शर्मा तथा थाना प्रभारी वीरेश कुशवाह की मौजूदगी में पूरे दिन खाद वितरण सुचारु रूप से चलता रहा। उमस से राहत देने के लिए ठंडा पानी और मीठे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी किसानों ने खुले दिल से सराहना की। तहसीलदार नरेश शर्मा ने बताया कि प्रशासन के पास खाद का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसी भी किसान को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने किसानों से शांतिपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। खाद वितरण की नई व्यवस्था और किसानों के प्रति प्रशासन के इस मानवीय व्यवहार की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।1
- उमस भरी गर्मी में तहसीलदार ने पेश की मानवता, खाद की लाइन में खड़े किसानों को पिलाया शरबत और ठंडा पानी मुरैना अम्बाह। उमस भरी गर्मी और बढ़ती भीड़ के बीच खाद लेने पहुंचे किसानों को राहत देने के लिए अम्बाह प्रशासन ने मानवीय पहल की। थाना परिसर में खाद वितरण व्यवस्था के दौरान तहसीलदार नरेश शर्मा ने स्वयं मौजूद रहकर लाइन में खड़े महिला-पुरुष किसानों को ठंडा पानी और मीठा शरबत पिलाया। इस पहल की किसानों ने सराहना करते हुए प्रशासन का आभार व्यक्त किया। कृषि उपज मंडी स्थित मार्कफेड गोदाम पर किसानों की अधिक भीड़ और उमस के कारण हो रही परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने ई-टोकन जमा करने, भुगतान और पीओएस मशीन से सत्यापन की व्यवस्था थाना परिसर में कर दी है। यहां दो काउंटर स्थापित किए गए हैं, जहां किसान अपनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गोदाम से खाद प्राप्त कर रहे हैं। यह व्यवस्था कलेक्टर लोकेश जांगिड़ के निर्देश और एसडीएम प्रतिज्ञा शर्मा के मार्गदर्शन में शुरू की गई है। थाना परिसर में पर्याप्त स्थान, खुला वातावरण और महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था होने से किसानों को काफी राहत मिली है। तहसीलदार नरेश शर्मा और थाना प्रभारी वीरेश कुशवाह की मौजूदगी में पूरे दिन खाद वितरण सुचारु रूप से चलता रहा। उमस भरी गर्मी से परेशान किसानों के लिए ठंडा पानी और मीठे शरबत की व्यवस्था की गई, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली। तहसीलदार नरेश शर्मा ने बताया कि प्रशासन के पास खाद का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने किसानों से शांतिपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील भी की। खाद वितरण की नई व्यवस्था और किसानों के प्रति प्रशासन के मानवीय व्यवहार की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।1
- राजाखेड़ा विधायक रोहित बोहरा ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस राजस्थान सरकार को घेरा राजाखेड़ा विधायक रोहित बोहरा नेप्रेस कॉन्फ्रेंस कर राजस्थान सरकार को घेरा1
- गुरु पूर्णिमा पर गुरुओं के चरणों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब बरीपुरा, गढ़ी गोदना व कुडौल में श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद, गुरु महिमा का किया गुणगान फतेहाबाद : गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न आश्रमों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। शिष्यों ने अपने गुरुओं का पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा गुरु महिमा का गुणगान किया। बरीपुरा स्थित श्री अन्नपूर्णेश्वरी गोशाला एवं वृद्धाश्रम सेवा समिति में संत महेशानंद जी महाराज के सान्निध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद लिया। महाराज ने कहा कि गुरु ही जीवन को सही दिशा देने वाले प्रकाश स्तंभ हैं। गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही मनुष्य सच्चे ज्ञान और सफलता को प्राप्त कर सकता है। वहीं गढ़ी गोदना में सुदामा जी महाराज के आश्रम पर भी श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ा। भजन-कीर्तन, सत्संग और गुरु वंदना के बीच भक्तों ने गुरु का पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। इधर कुडौल में गायत्री परिवार की ओर से आयोजित गुरु पूर्णिमा समारोह में संयोजक श्रीकृष्ण शर्मा के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने वेदमंत्रों के बीच गुरु पूजन किया। कार्यक्रम में गायत्री मंत्र जप, यज्ञ तथा आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार और जीवन मूल्यों का भी संचार करते हैं। तीनों स्थानों पर दिनभर श्रद्धालुओं का आवागमन लगा रहा। प्रसाद वितरण और भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पूरा क्षेत्र श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर नजर आया।1
- थाना परिसर से हो रहा खाद वितरण, किसानों को मिली राहत; दो काउंटरों से ई-टोकन और सत्यापन की सुविधा अम्बाह। कृषि उपज मंडी स्थित मार्कफेड खाद गोदाम पर किसानों की अधिक भीड़ और गर्मी से होने वाली असुविधा को देखते हुए प्रशासन ने खाद वितरण व्यवस्था में बदलाव किया है। अब तहसील अम्बाह के किसानों के लिए थाना परिसर में दो काउंटर स्थापित कर ई-टोकन जमा करने, भुगतान और पीओएस मशीन से सत्यापन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसान मार्कफेड गोदाम से खाद प्राप्त कर रहे हैं। यह व्यवस्था कलेक्टर लोकेश जांगिड़ के निर्देश एवं अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) प्रतिज्ञा शर्मा के मार्गदर्शन में लागू की गई है। बुधवार को थाना परिसर में तहसीलदार नरेश शर्मा और थाना प्रभारी वीरेश कुशवाह की मौजूदगी में खाद वितरण कराया गया। थाना परिसर में पर्याप्त जगह और खुला वातावरण होने से किसानों को गर्मी और भीड़ से राहत मिली। किसानों की सुविधा के लिए महिला और पुरुषों की अलग-अलग कतारें बनाई गईं, जिससे वितरण प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हुई। तहसीलदार नरेश शर्मा ने बताया कि प्रशासन के पास खाद का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने किसानों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए थाना परिसर में मीठे शरबत की भी व्यवस्था कराई। नई व्यवस्था की किसानों ने सराहना करते हुए कहा कि थाना परिसर में पर्याप्त स्थान, सुव्यवस्थित कतारें और तेज़ प्रक्रिया के कारण उन्हें पहले की अपेक्षा अधिक सुविधा मिल रही है।3
- अंबाह वेयरहाउस में यूरिया खाद के लिए किसान परेशान, निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली के आरोप, घंटों लाइन में लगने को मजबूर अम्बाह। खरीफ सीजन के दौरान अंबाह वेयरहाउस में यूरिया खाद वितरण व्यवस्था को लेकर किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसान प्रतिदिन यूरिया खाद लेने के लिए वेयरहाउस पहुंच रहे हैं, लेकिन अव्यवस्थित व्यवस्था के कारण उन्हें घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। कई किसानों को पूरे दिन इंतजार करने के बाद भी समय पर खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे उनका कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है। किसान बृजेश परमार और गुंज बंदा सहित कई किसानों ने आरोप लगाया कि यूरिया खाद के एक कट्टे का निर्धारित बिक्री मूल्य ₹264.50 है, जबकि उनसे ₹280 प्रति कट्टा वसूले जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि निर्धारित मूल्य से अधिक राशि लेना पूरी तरह अनुचित है और इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। वेयरहाउस परिसर में सुबह से ही किसानों की लंबी-लंबी लाइनें लग जाती हैं। धूप और उमस के बीच घंटों इंतजार करना किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। बुजुर्ग किसान, महिलाएं और दूर-दराज के गांवों से आने वाले कृषकों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि खरीफ फसलों में समय पर यूरिया डालना अत्यंत आवश्यक होता है, लेकिन वितरण व्यवस्था की खामियों के कारण खेतों का काम प्रभावित हो रहा है। किसानों ने बताया कि यदि समय पर यूरिया उपलब्ध नहीं हुई तो फसलों की बढ़वार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और उत्पादन में भी कमी आ सकती है। उनका कहना है कि सरकार किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं हैं। किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वेयरहाउस में खाद वितरण व्यवस्था को तत्काल सुधारा जाए, अतिरिक्त वितरण काउंटर शुरू किए जाएं, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती की जाए तथा निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और निर्धारित मूल्य पर समय से यूरिया उपलब्ध नहीं कराई गई, तो वे प्रशासन के खिलाफ आंदोलन और प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। हालांकि, निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली के आरोप किसानों द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित विभाग या वेयरहाउस प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो प्रशासनिक कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।1