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कोनेहटा गांव की सड़के बहुत की खराब है जैसे की आप लोग विडियो के माध्यम से देख पा रहे हैं कोनेहटा जिला हमीरपुर उत्तर प्रदेश
GULAB KUMAR
कोनेहटा गांव की सड़के बहुत की खराब है जैसे की आप लोग विडियो के माध्यम से देख पा रहे हैं कोनेहटा जिला हमीरपुर उत्तर प्रदेश
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- कोनेहटा गांव की सड़के बहुत की खराब है जैसे की आप लोग विडियो के माध्यम से देख पा रहे हैं कोनेहटा जिला हमीरपुर उत्तर प्रदेश1
- आईटीआई में गंदगी देख डीएम ने लगाई फटकार छात्र संख्या की सही जानकारी न दे पाने पर प्रभारी प्रधानाचार्य से जताई नाराजगी हमीरपुर। जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने मंगलवार शाम करीब चार बजे एसडीएम सदर अभिषेक कुमार के साथ सुमेरपुर कस्बे में हाईवे किनारे संचालित आईटीआई का औचक निरीक्षण किया। परिसर में गंदगी का अंबार मिलने पर उन्होंने प्रभारी प्रधानाचार्य शैलेंद्र कुमार को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आईटीआई में अध्ययनरत छात्रों की संख्या की जानकारी मांगी, लेकिन प्रभारी प्रधानाचार्य सही संख्या नहीं बता सके। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कार्यप्रणाली में सुधार लाने और संस्थान की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। अचानक जिलाधिकारी के पहुंचने से आईटीआई कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।2
- ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में वेतन कटौती को लेकर वर्करों का हंगामा रिपोर्टर शुभम साहू कानपुर कानपुर। अरमापुर स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में बुधवार को वेतन कटौती के मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में वर्करों ने हंगामा शुरू कर दिया। वेतन में कटौती किए जाने से नाराज सैकड़ों वर्कर फैक्ट्री के बाहर एकत्र होकर विरोध जताने लगे। अचानक बड़ी संख्या में कर्मचारियों के एक साथ प्रदर्शन करने से फैक्ट्री परिसर के बाहर माहौल गरमा गया। बताया जा रहा है कि वर्करों के बीच वेतन कटौती को लेकर नाराजगी बनी हुई थी। बुधवार को मामला उस समय बढ़ गया, जब कर्मचारियों ने एकजुट होकर फैक्ट्री के बाहर विरोध शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे वर्करों का कहना था कि वेतन से कटौती किए जाने को लेकर उन्हें स्पष्ट जानकारी और उचित जवाब चाहिए। सैकड़ों कर्मचारियों के एकत्र होने से फैक्ट्री के बाहर काफी भीड़ जमा हो गई। वर्कर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराते रहे। कर्मचारियों ने वेतन में की गई कटौती को लेकर संबंधित अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने और उनकी समस्या का समाधान कराने की मांग उठाई। हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई। फैक्ट्री के बाहर कर्मचारियों की भीड़ को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी रही, जिससे स्थिति पर नजर रखी जा सके। अधिकारियों की ओर से कर्मचारियों से बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास किए जाने की बात सामने आई है। वेतन कटौती को लेकर शुरू हुआ यह विरोध कितना आगे बढ़ता है, यह कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगा। फिलहाल बड़ी संख्या में वर्करों के फैक्ट्री के बाहर जुटने से इलाके में हलचल बनी हुई है। हालांकि, वेतन में कितनी कटौती हुई, कितने कर्मचारियों पर इसका असर पड़ा और प्रबंधन की ओर से इस संबंध में क्या निर्णय लिया गया है, इसकी आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।1
- सड़क निर्माण को लेकर कलेक्ट पर संग्राम सड़क नहीं तो प्रदर्शन जारी 🔴 चंदूपुर के ग्रामीणों ने तिरंगा यात्रा निकालकर कलेक्ट्रेट का किया घेराव 🔴 कलेक्ट्रेट गेट पर कई घंटे से डटे स्कूली बच्चे और ग्रामीण 🔴 जिलाधिकारी से मिलने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी 🔴 सड़क निर्माण का आश्वासन मिलने के बाद भी काम न होने से नाराजगी 🔴 बच्चों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर की नारेबाजी 🔴 ग्रामीणों की चेतावनी—मांग पूरी होने तक जारी रहेगा प्रदर्शन 🔴 बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों का सवाल—आखिर कब बनेगी हमारे गांव की सड़क?1
- अपने देश के लिए युवा शहीद का बलिदान भुलाया नहीं जा सकता हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे में देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका के तहत वर्णिता संस्था ने मंगलवार को ‘विमर्श विविधा’ कार्यक्रम आयोजित कर स्वतंत्रता संग्राम के युवा क्रांतिकारी खुदीराम बोस की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। संस्था अध्यक्ष डॉ. भवानीदीन ने कहा कि खुदीराम बोस सही मायने में युवा शहीद थे। देश की आजादी के लिए उनका योगदान और बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि खुदीराम बोस का जन्म 3 दिसंबर 1889 को बंगाल के मिदनापुर जिले के बहुवैनी गांव में त्रैलोक्यनाथ बोस और लक्ष्मीप्रिया देवी के घर हुआ था। कक्षा नौ तक पढ़ाई करने के बाद वह स्वदेशी आंदोलन से जुड़ गए। अंग्रेजी शासन की दमनकारी नीतियों के विरोध में उन्होंने क्रांतिकारी गतिविधियों में भाग लिया। बोस ने अपने साथी प्रफुल्ल कुमार चाकी के साथ मुजफ्फरपुर के जज किंग्सफोर्ड को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। हालांकि, जिस बग्घी को निशाना बनाया गया, उसमें किंग्सफोर्ड के बजाय दो महिलाएं सवार थीं, जिनकी मौत हो गई। घटना के बाद बोस को गिरफ्तार कर लिया गया और 11 अगस्त 1908 को मुजफ्फरपुर जेल में करीब 18 वर्ष की आयु में फांसी दे दी गई। कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, बाबूलाल प्रजापति, महावीर प्रजापति, रामनारायण सोनकर, रामबाबू, होरीलाल, राहुल, शुभम सोनकर, पंकज सिंह, भोलू सिंह, रिचा, सतेंद्र और अखिलेश आदि मौजूद रहे।1
- हमीरपुर - सड़क बनवाने की मांग को लेकर स्कूली बच्चे और ग्रामीण हाथों पर तिरंगा ले करने के लिए ।। सड़क बनवाने की मांग को लेकर स्कूली बच्चे और ग्रामीण हाथों पर तिरंगा ले करने के लिए, गांव से जिलाधिकारी कार्यालय के लिए हाथों पर तिरंगा लेकर नारेबाजी करते हुए रवाना हुए ग्रामीण, बारिश होने की वजह से दोबारा रस्ते की स्थिति हुई जस की तस ग्रामीणों में आक्रोश, पूर्व में स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर सड़क बनवाने की मांग की थी, पूर्व में आनन फानन में जिला प्रशासन ने मिट्टी डालकर रास्ते में फैले कीचड़ को कराया था साफ, गंगवा का डेरा,बच्ची का डेरा ग्राम पंचायत चंदूपुर के रहने वाले हैं ग्रामीण व स्कूली बच्चे, हमीरपुर मुख्यालय के चंदूपुर - हमीरपुर मार्ग का मामला।4