जालौन जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम जायघा में गुरुवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। घर के बाहर चारपाई पर सो रही 50 वर्षीय मीना देवी, जो स्वर्गीय कल्लू सिंह राजावत की पत्नी थीं, की अज्ञात हमलावर ने सिर पर किसी भारी हथियार से वार कर हत्या कर दी। इस घटना का पता गुरुवार सुबह पड़ोसियों को चला, जिसके बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई। मीना देवी अपने घर में अकेली रहती थीं, क्योंकि उनके दोनों पुत्र, 30 वर्षीय देवेंद्र सिंह और 25 वर्षीय विकेश सिंह, गुजरात के अंकलेश्वर में पत्थर और टाइल्स लगाने का काम करते हैं। गुरुवार रात जब मीना देवी अपने घर के बाहर चारपाई पर सो रही थीं, तभी अज्ञात व्यक्ति ने उनके सिर पर कई वार किए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। सिर पर गंभीर चोट लगने से काफी रक्त बह गया और उसके छींटे आसपास तक फैल गए। गुरुवार देर सुबह जब मोहल्ले के लोगों ने उन्हें काफी देर तक एक ही अवस्था में पड़े देखा तो संदेह हुआ और पड़ोसी उनके घर पहुंचे तो मीना देवी को मृत अवस्था में देखकर सन्न रह गए। सूचना मिलते ही रामपुरा थाना पुलिस, क्षेत्राधिकारी अंबुज यादव, थाना प्रभारी निरीक्षक शिव प्रकाश सिंह और उपनिरीक्षक रमाशंकर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए तथा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मृतका के पारिवारिक देवर, छोटे सिंह के पुत्र रूपेंद्र सिंह उर्फ लला, से घटना की सूचना संबंधी प्रार्थना पत्र लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। थाना प्रभारी निरीक्षक शिव प्रकाश सिंह ने मृतका के पुत्र देवेंद्र सिंह से दूरभाष पर संपर्क किया, जिन्होंने बताया कि वे अभी अंकलेश्वर, गुजरात में हैं और शुक्रवार सुबह तक गांव पहुंच जाएंगे। देवेंद्र ने पुलिस से आग्रह किया है कि उनके पहुंचने तक आवश्यक कार्रवाई जारी रखी जाए और गांव आने के बाद वे घटना के संबंध में तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराएंगे। फिलहाल, पुलिस हत्या के कारणों और हमलावर की तलाश में जुटी है, ग्रामीणों से पूछताछ के साथ-साथ आसपास के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इस हृदय विदारक घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और शोक का माहौल है।
जालौन जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम जायघा में गुरुवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। घर के बाहर चारपाई पर सो रही 50 वर्षीय मीना देवी, जो स्वर्गीय कल्लू सिंह राजावत की पत्नी थीं, की अज्ञात हमलावर ने सिर पर किसी भारी हथियार से वार कर हत्या कर दी। इस घटना का पता गुरुवार सुबह पड़ोसियों को चला, जिसके बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई। मीना देवी अपने घर में अकेली रहती थीं, क्योंकि उनके दोनों पुत्र, 30 वर्षीय देवेंद्र सिंह और 25 वर्षीय विकेश सिंह, गुजरात के अंकलेश्वर में पत्थर और टाइल्स लगाने का काम करते हैं। गुरुवार रात जब मीना देवी अपने घर के बाहर चारपाई पर सो रही थीं, तभी अज्ञात व्यक्ति ने उनके सिर पर कई वार किए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। सिर पर गंभीर चोट लगने से काफी रक्त बह गया और उसके छींटे आसपास तक फैल गए। गुरुवार देर सुबह जब मोहल्ले के लोगों ने उन्हें काफी देर तक एक ही अवस्था में पड़े देखा तो संदेह हुआ और पड़ोसी उनके घर पहुंचे तो मीना देवी को मृत अवस्था में देखकर सन्न रह गए। सूचना मिलते ही रामपुरा थाना पुलिस, क्षेत्राधिकारी अंबुज यादव, थाना प्रभारी निरीक्षक शिव प्रकाश सिंह और उपनिरीक्षक रमाशंकर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए तथा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मृतका के पारिवारिक देवर, छोटे सिंह के पुत्र रूपेंद्र सिंह उर्फ लला, से घटना की सूचना संबंधी प्रार्थना पत्र लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। थाना प्रभारी निरीक्षक शिव प्रकाश सिंह ने मृतका के पुत्र देवेंद्र सिंह से दूरभाष पर संपर्क किया, जिन्होंने बताया कि वे अभी अंकलेश्वर, गुजरात में हैं और शुक्रवार सुबह तक गांव पहुंच जाएंगे। देवेंद्र ने पुलिस से आग्रह किया है कि उनके पहुंचने तक आवश्यक कार्रवाई जारी रखी जाए और गांव आने के बाद वे घटना के संबंध में तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराएंगे। फिलहाल, पुलिस हत्या के कारणों और हमलावर की तलाश में जुटी है, ग्रामीणों से पूछताछ के साथ-साथ आसपास के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इस हृदय विदारक घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और शोक का माहौल है।
- फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज में एक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।1
- दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में जिन लोगों ने इस्तीफे दिए हैं, वे अभी भी मंदिर का संचालन कर रहे हैं।1
- भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि को लेकर लगातार तनाव बना हुआ है, क्योंकि भारत ने इस मामले में अपना सख्त रुख अपनाया है, जिससे पाकिस्तान में बेचैनी बढ़ गई है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने इस संधि को निलंबित करने का फैसला लिया था। वहीं, पाकिस्तान लगातार यह दावा कर रहा है कि दोनों देशों की सहमति के बिना इस संधि को न तो समाप्त किया जा सकता है और न ही इसमें कोई बदलाव किया जा सकता है। दूसरी ओर, भारत अपने रुख पर कायम है और साफ संकेत दे चुका है कि मौजूदा परिस्थितियों में संधि को बहाल करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सिंधु जल संधि के तहत छह नदियों का बंटवारा किया गया था, जिसमें पश्चिमी नदियां—सिंधु, झेलम और चिनाब—का अधिकांश उपयोग पाकिस्तान के हिस्से में है, जबकि पूर्वी नदियां—सतलुज, ब्यास और रावी—भारत के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत भारत इस संधि को एकतरफा निलंबित या समाप्त कर सकता है। इस मुद्दे पर कानूनी और कूटनीतिक बहस लगातार तेज होती जा रही है, और पाठकों से इस विषय पर अपनी राय कमेंट में बताने का आग्रह किया गया है।1
- मैनपुरी में कथित भू-माफियाओं के खिलाफ अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला है, जिसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और अवैध कब्जा हटाने की मांग की। अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत भैंसरोली के ग्राम प्रधान यशपाल उर्फ अजय पाल सहित कुछ लोगों ने सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। उनके अनुसार, वर्ष 2014 में सांसद निधि से आम जनता की सुविधा के लिए बनाए गए यात्री प्रतीक्षालय के एक हिस्से को भी बुलडोज़र चलाकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह ने यह भी दावा किया कि जिला अधिकारी द्वारा 19 जनवरी 2026 को निर्माण कार्य पर रोक (स्टे) लगाने के बावजूद, संबंधित लोगों ने निर्माण कार्य जारी रखा और लैंटर डालने तक की तैयारी कर ली। अधिवक्ताओं ने इस पूरे प्रकरण में प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया है, और एसडीएम भोगांव पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने की बात कही है। अधिवक्ताओं का यह भी आरोप है कि शिकायत करने पर कार्रवाई करने के बजाय, पीड़ित अधिवक्ता को ही ₹47,333 का नोटिस जारी कर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है। नोट किया गया है कि ये सभी आरोप अधिवक्ता पक्ष द्वारा लगाए गए हैं, और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों या आरोपित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- जालौन जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम जायघा में गुरुवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। घर के बाहर चारपाई पर सो रही 50 वर्षीय मीना देवी, जो स्वर्गीय कल्लू सिंह राजावत की पत्नी थीं, की अज्ञात हमलावर ने सिर पर किसी भारी हथियार से वार कर हत्या कर दी। इस घटना का पता गुरुवार सुबह पड़ोसियों को चला, जिसके बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई। मीना देवी अपने घर में अकेली रहती थीं, क्योंकि उनके दोनों पुत्र, 30 वर्षीय देवेंद्र सिंह और 25 वर्षीय विकेश सिंह, गुजरात के अंकलेश्वर में पत्थर और टाइल्स लगाने का काम करते हैं। गुरुवार रात जब मीना देवी अपने घर के बाहर चारपाई पर सो रही थीं, तभी अज्ञात व्यक्ति ने उनके सिर पर कई वार किए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। सिर पर गंभीर चोट लगने से काफी रक्त बह गया और उसके छींटे आसपास तक फैल गए। गुरुवार देर सुबह जब मोहल्ले के लोगों ने उन्हें काफी देर तक एक ही अवस्था में पड़े देखा तो संदेह हुआ और पड़ोसी उनके घर पहुंचे तो मीना देवी को मृत अवस्था में देखकर सन्न रह गए। सूचना मिलते ही रामपुरा थाना पुलिस, क्षेत्राधिकारी अंबुज यादव, थाना प्रभारी निरीक्षक शिव प्रकाश सिंह और उपनिरीक्षक रमाशंकर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए तथा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मृतका के पारिवारिक देवर, छोटे सिंह के पुत्र रूपेंद्र सिंह उर्फ लला, से घटना की सूचना संबंधी प्रार्थना पत्र लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। थाना प्रभारी निरीक्षक शिव प्रकाश सिंह ने मृतका के पुत्र देवेंद्र सिंह से दूरभाष पर संपर्क किया, जिन्होंने बताया कि वे अभी अंकलेश्वर, गुजरात में हैं और शुक्रवार सुबह तक गांव पहुंच जाएंगे। देवेंद्र ने पुलिस से आग्रह किया है कि उनके पहुंचने तक आवश्यक कार्रवाई जारी रखी जाए और गांव आने के बाद वे घटना के संबंध में तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराएंगे। फिलहाल, पुलिस हत्या के कारणों और हमलावर की तलाश में जुटी है, ग्रामीणों से पूछताछ के साथ-साथ आसपास के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इस हृदय विदारक घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और शोक का माहौल है।1
- अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में एक नया मोड़ सामने आया है, जहाँ गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला के भाई अमित शुक्ला का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अमित शुक्ला को नोटों के बंडलों के साथ देखा जा सकता है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न चर्चाएँ छिड़ गई हैं। यह वीडियो कथित तौर पर अगस्त 2025 में बनाया गया था, लेकिन अब राम मंदिर दान चोरी का यह मामला सामने आने के बाद इसे लेकर फिर से बहस तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामले की जांच कर रही अयोध्या पुलिस और एसआईटी अब आरोपी के परिवार से भी पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही, प्रतापगढ़ में भी इस जांच को लेकर सरगर्मियाँ तेज बताई जा रही हैं। फिलहाल, वायरल वीडियो और इस पूरे मामले की जांच आधिकारिक एजेंसियों द्वारा की जा रही है। सभी तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर जाँच पूरी होने के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।1
- एटा शहर के आगरा रोड स्थित रोडवेज बस स्टैंड के सामने सड़क पर लंबे समय से बने बड़े-बड़े गड्ढे गुरुवार को एक बार फिर हादसे का कारण बन गए। गड्ढों से बचने के प्रयास में एक ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उसमें सवार एक वृद्ध महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि उनके साथ मौजूद एक छोटी बच्ची सुरक्षित बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ई-रिक्शा आगरा रोड की ओर जा रहा था जब रोडवेज बस स्टैंड के सामने गहरे गड्ढों के कारण चालक उस पर नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल महिला को ई-रिक्शा से बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। बताया गया है कि महिला के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं, वहीं बच्ची को कोई गंभीर चोट नहीं लगी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रोडवेज बस स्टैंड के सामने आगरा रोड की सड़क काफी समय से बदहाल स्थिति में है। बड़े-बड़े गड्ढों के कारण इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन संबंधित विभाग ने अब तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई है। नागरिकों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से सड़क के गड्ढों को तत्काल भरवाने और मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।1