पुलिस दबी इसके दौरान सर्राफा व्यापारी की मौत परियोजना लगाया हत्या शाहजहांपुर में पुलिस दबिश के दौरान सर्राफा व्यापारी की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप शाहजहांपुर। थाना निगोही क्षेत्र की गांधीनगर कॉलोनी में देर रात पुलिस दबिश के दौरान सर्राफा व्यापारी उमेश गुप्ता की छत से गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर व्यापारी को छत से धक्का देकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना से स्थानीय व्यापारियों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में व्यापारी मौके पर पहुंच गए। परिजनों के मुताबिक, पुलिसकर्मी किसी मामले में दबिश देने उमेश गुप्ता के घर पहुंचे थे। इसी दौरान उमेश गुप्ता दूसरी मंजिल की छत पर चले गए। आरोप है कि पुलिसकर्मी भी उनके पीछे छत पर पहुंचे। कुछ देर बाद पुलिसकर्मी अपनी गाड़ियों से मौके से चले गए। इसके बाद उमेश गुप्ता नीचे गली में मृत अवस्था में मिले। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उमेश गुप्ता को छत से धक्का दिया, जिससे उनकी मौत हुई। हालांकि व्यापारी की मौत वास्तव में किन परिस्थितियों में हुई, यह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। बताया जा रहा है कि लखनऊ में हुई एक सर्राफा दुकान की चोरी के मामले में पुलिस को उमेश गुप्ता पर चोरी का कुछ चांदी का सामान खरीदने का शक था। इसी सिलसिले में पुलिस टीम उनके घर दबिश देने पहुंची थी। घटना के बाद बड़ी संख्या में व्यापारी मौके पर एकत्र हो गए। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल पुलिस दबिश के दौरान हुई व्यापारी की मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। पूरे मामले में जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
पुलिस दबी इसके दौरान सर्राफा व्यापारी की मौत परियोजना लगाया हत्या शाहजहांपुर में पुलिस दबिश के दौरान सर्राफा व्यापारी की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप शाहजहांपुर। थाना निगोही क्षेत्र की गांधीनगर कॉलोनी में देर रात पुलिस दबिश के दौरान सर्राफा व्यापारी उमेश गुप्ता की छत से गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर व्यापारी को छत से धक्का देकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना से स्थानीय व्यापारियों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में व्यापारी मौके पर पहुंच गए। परिजनों के मुताबिक, पुलिसकर्मी किसी मामले में दबिश देने उमेश गुप्ता के घर पहुंचे थे। इसी दौरान उमेश गुप्ता दूसरी मंजिल की छत पर चले गए। आरोप है कि पुलिसकर्मी भी उनके पीछे छत पर पहुंचे। कुछ देर बाद पुलिसकर्मी अपनी गाड़ियों से मौके से चले गए। इसके बाद उमेश गुप्ता नीचे गली में मृत अवस्था में मिले। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उमेश गुप्ता को छत से धक्का दिया, जिससे उनकी मौत हुई। हालांकि व्यापारी की मौत वास्तव में किन परिस्थितियों में हुई, यह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। बताया जा रहा है कि लखनऊ में हुई एक सर्राफा दुकान की चोरी के मामले में पुलिस को उमेश गुप्ता पर चोरी का कुछ चांदी का सामान खरीदने का शक था। इसी सिलसिले में पुलिस टीम उनके घर दबिश देने पहुंची थी। घटना के बाद बड़ी संख्या में व्यापारी मौके पर एकत्र हो गए। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल पुलिस दबिश के दौरान हुई व्यापारी की मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। पूरे मामले में जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
- निगोही में पुलिस दबिश के दौरान सर्राफा व्यापारी की मौत, परिजनों ने लगाया धक्का देने का आरोप शाहजहांपुर। थाना निगोही क्षेत्र की गांधीनगर कॉलोनी में देर रात पुलिस दबिश के दौरान सर्राफा व्यापारी उमेश गुप्ता की दूसरी मंजिल की छत से गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी दबिश के दौरान उमेश गुप्ता के पीछे छत पर पहुंचे थे और उन्हें धक्का दिया गया, जिससे उनकी मौत हुई। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। बताया जा रहा है कि लखनऊ में सर्राफा दुकान में हुई चोरी के मामले में पुलिस को शक था कि चोरी की कुछ चांदी उमेश गुप्ता को बेची गई थी। इसी मामले में पुलिस उनके घर दबिश देने पहुंची थी। घटना के बाद बड़ी संख्या में व्यापारी मौके पर पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विरोध जताया। परिजन आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। हैशटैग: #Shahjahanpur #Nigohee #ShahjahanpurNews #UPNews #BreakingNews #CrimeNews #Police #UttarPradesh #SarafaVyapari #UmeshGupta #NigoheeNews #PK24NEWS #PK24NEWSShahjahanpur निगोही में पुलिस दबिश के दौरान सर्राफा व्यापारी की मौत, परिजनों ने लगाया धक्का देने का आरोप शाहजहांपुर। थाना निगोही क्षेत्र की गांधीनगर कॉलोनी में देर रात पुलिस दबिश के दौरान सर्राफा व्यापारी उमेश गुप्ता की दूसरी मंजिल की छत से गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी दबिश के दौरान उमेश गुप्ता के पीछे छत पर पहुंचे थे और उन्हें धक्का दिया गया, जिससे उनकी मौत हुई। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। बताया जा रहा है कि लखनऊ में सर्राफा दुकान में हुई चोरी के मामले में पुलिस को शक था कि चोरी की कुछ चांदी उमेश गुप्ता को बेची गई थी। इसी मामले में पुलिस उनके घर दबिश देने पहुंची थी। घटना के बाद बड़ी संख्या में व्यापारी मौके पर पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विरोध जताया। परिजन आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। हैशटैग: #Shahjahanpur #Nigohee #ShahjahanpurNews #UPNews #BreakingNews #CrimeNews #Police #UttarPradesh #SarafaVyapari #UmeshGupta #NigoheeNews #PK24NEWS #PK24NEWSShahjahanpur1
- Post by ब्यूरो चीफ एवीपी न्यूज चैनल4
- पुलिस दबी इसके दौरान सर्राफा व्यापारी की मौत परियोजना लगाया हत्या शाहजहांपुर में पुलिस दबिश के दौरान सर्राफा व्यापारी की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप शाहजहांपुर। थाना निगोही क्षेत्र की गांधीनगर कॉलोनी में देर रात पुलिस दबिश के दौरान सर्राफा व्यापारी उमेश गुप्ता की छत से गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर व्यापारी को छत से धक्का देकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना से स्थानीय व्यापारियों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में व्यापारी मौके पर पहुंच गए। परिजनों के मुताबिक, पुलिसकर्मी किसी मामले में दबिश देने उमेश गुप्ता के घर पहुंचे थे। इसी दौरान उमेश गुप्ता दूसरी मंजिल की छत पर चले गए। आरोप है कि पुलिसकर्मी भी उनके पीछे छत पर पहुंचे। कुछ देर बाद पुलिसकर्मी अपनी गाड़ियों से मौके से चले गए। इसके बाद उमेश गुप्ता नीचे गली में मृत अवस्था में मिले। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उमेश गुप्ता को छत से धक्का दिया, जिससे उनकी मौत हुई। हालांकि व्यापारी की मौत वास्तव में किन परिस्थितियों में हुई, यह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। बताया जा रहा है कि लखनऊ में हुई एक सर्राफा दुकान की चोरी के मामले में पुलिस को उमेश गुप्ता पर चोरी का कुछ चांदी का सामान खरीदने का शक था। इसी सिलसिले में पुलिस टीम उनके घर दबिश देने पहुंची थी। घटना के बाद बड़ी संख्या में व्यापारी मौके पर एकत्र हो गए। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल पुलिस दबिश के दौरान हुई व्यापारी की मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। पूरे मामले में जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।1
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- प्रेस विज्ञप्ति जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सम्मेलन कार्यक्रम आयोजित शाहजहांपुर 18 अगस्त। विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 पर त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों/कर्मचारियों को संवेदनशील बनाने हेतु जिला स्तरीय पंच सम्मेलन के आयोजन विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी, जिला विकास अधिकारी ऋषि पाल सिंह, परियोजना निदेशक अवधेश राम, उपायुक्त (श्रम रोजगार) यशोवर्धन सिंह, विकास खंड बंडा, मदनापुर, खुदागंज कटरा, खुटार, तिलहर, मिर्जापुर, कांट तथा पुवायां के मा० ब्लाक प्रमुखगण, प्रत्येक विकास खंड से 5-5 ग्राम प्रधानगण, जिला पंचायत सदस्यगण, समस्त खंड विकास अधिकारी तथा अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन तथा योजना की जानकारी जिला ग्राम्य विकास प्रशिक्षण संस्थान, तिलहर के द्वारा दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 में हुए बदलाव, टठ-ळ त्।ड ळ अधिनियम 2025, का विजन और उद्देश्य, अधिनियम के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं की भूमिकाएँ एवं दायित्व, विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं की तैयारी एवं अनुमोदन, परिवारों का पंजीकरण और ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करना, परिसंपत्तियों की योजना, निष्पादन, निगरानी एवं रखरखाव, अन्य ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के साथ अभिसरण तथा योजना में पारदर्शिता, सामाजिक जवाबदेही, शिकायत निवारण एवं सामाजिक ऑडिट के सम्बन्ध में विस्तृतरूप से बताया गया। जिलाधिकारी द्वारा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया गया कि टठ-ळत्।ड ळ अधिनियम 2025 में सरकार द्वारा 318 प्रकार के कार्यों को कराये जाने का प्राविधान किया गया है। विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (टठ-ळ त्।ड ळ ।बज) पूर्ववर्ती श्मनरेगा (डळछत्म्ळ।), 2005श् का आधुनिक रूप है, जिसे ग्रामीण भारत को श्विकसित भारत /2047श् के राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने के लिए लागू किया गया है। इस ऐतिहासिक कानून के तहत ग्रामीण परिवारों के लिए प्रति वित्तीय वर्ष गारंटीकृत अकुशल रोजगार की सीमा को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। यह अधिनियम केवल मजदूरी आधारित रोजगार तक सीमित न रहकर जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना और जलवायु-अनुकूल टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष ध्यान देता है। पीएम गति शक्ति और श्विकसित ग्राम पंचायत योजनाश् के साथ एकीकृत यह कानून बायोमेट्रिक उपस्थिति, जिओ-टैगिंग और डिजिटल ट्रैकिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृद्ध बनाने और पलायन रोकने में मदद मिलेगी। -----4
- क्या ब्राह्मणों ने जाति बनाकर समाज को बांटा ?फिर प्रशासन से जाति प्रमाण पत्र क्यों लेने जाते हो1
- राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार को रवाना हुआ वाहन शाहजहांपुर। 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से प्रचार वाहन रवाना किया गया। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने हरी झंडी दिखाकर वाहन को रवाना किया।1
- रास्ता न दिला पाएं तो लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार सबको सस्पेंड करो... सीएम योगी का सख्त निर्देश, गोरखपुर जनता दर्शन में भूमि विवाद पर नाराजगी गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान भूमि संबंधी मामलों में अधिकारियों की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि रास्ता दिलाने में देरी या हीलाहवाली करने वाले लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार को निलंबित किया जाए। मुख्यमंत्री ने भूमि विवाद के मामलों में आम लोगों की पीड़ा को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं। इनमें भूमि विवाद, सरकारी योजनाओं से संबंधित शिकायतें और अन्य प्रशासनिक मुद्दे शामिल थे। एक महिला शिकायतकर्ता भूमि विवाद लेकर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उनके खेत या मकान तक पहुंचने वाला रास्ता बंद कर दिया गया है और संबंधित राजस्व अधिकारियों द्वारा समय पर रास्ता उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। महिला की बात सुनकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाराज हुए। सीएम ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, “रास्ता न दिला पाएं तो लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार सबको सस्पेंड करो।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भूमि संबंधी मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में तुरंत जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि आम आदमी की समस्या का समाधान प्राथमिकता है और प्रशासन को जमीनी स्तर पर संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई अन्य शिकायतों पर भी संबंधित विभागों को निर्देश दिए। भूमि विवाद के अलावा उन्होंने अवैध कब्जे, सरकारी योजनाओं के लाभ न मिलने और स्थानीय प्रशासन की अनदेखी जैसे मुद्दों पर भी ध्यान दिया। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि राजस्व विभाग के अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। रास्ता, सीमांकन या भूमि संबंधी किसी भी शिकायत में देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ निलंबन सहित कठोर कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री के इन निर्देशों के बाद जिला प्रशासन और राजस्व विभाग को सतर्क रहने का संकेत मिला है। गोरखपुर समेत पूरे प्रदेश में भूमि विवाद के लंबित मामलों को प्राथमिकता देने और समयबद्ध तरीके से निपटाने के निर्देश जारी किए जाने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार जनता दर्शन के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुन रहे हैं और अधिकारियों को जवाबदेह बना रहे हैं। यह घटना मुख्यमंत्री के उस रुख को रेखांकित करती है जिसमें वे प्रशासनिक लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करते। भूमि विवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों में रास्ता न मिलने से प्रभावित परिवारों को राहत दिलाने के लिए उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि दोषी अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।3