उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र के ग्वालपाड़ा प्रखंड अंतर्गत झलाड़ी गांव स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के नए आश्रम में शनिवार को ज्ञान कथा यज्ञ के दूसरे दिन विदुर-सुलभा प्रसंग का विस्तृत व्याख्यान किया गया। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा शुक्रवार से शुरू हुई यह ज्ञान कथा आगामी 16 जुलाई तक रोजाना संध्या 4 बजे से रात्रि 8 बजे तक चलेगी। कार्यक्रम के दूसरे दिन पूज्य आशुतोष महाराज जी की शिष्या भागवताचार्या महामनस्विनी सुश्री मेरुदेवा भारती ने दीप प्रज्ज्वलित कर कथा का विधिवत शुभारंभ किया। अपने ओजस्वी एवं ज्ञानवर्धक प्रवचन में साध्वी सुश्री मेरूदेवा भारती ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, प्रेम, भक्ति, सेवा और आत्मबोध की दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान का स्रोत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मनुष्य का वास्तविक विकास तभी संभव है जब वह अपनी आत्मा के स्वरूप को पहचानकर परमात्मा से अपना संबंध स्थापित करे। उन्होंने आज के मानव की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भौतिक उपलब्धियों के बावजूद मनुष्य मानसिक अशांति, तनाव, भय और असंतोष से घिरा हुआ है क्योंकि उसने अपने भीतर स्थित परमात्मा को जानने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने बताया कि सद्गुरु की कृपा से प्राप्त ब्रह्मज्ञान के माध्यम से ही मनुष्य अंतर्मन में ईश्वर का साक्षात्कार कर स्थायी सुख एवं शांति प्राप्त कर सकता है। साध्वी ने विदुर के आदर्श जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्म, सत्य, निष्पक्षता, विनम्रता और ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा ही मनुष्य को महान बनाती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में सत्य, सदाचार, करुणा, सेवा, संयम और नैतिक मूल्यों को अपनाकर परिवार, समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने बताया कि परम पूज्य आशुतोष महाराज सदैव इस बात पर बल देते हैं कि वास्तविक अध्यात्म केवल बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि आत्मा में परमात्मा के प्रत्यक्ष अनुभव का विज्ञान है। प्रवचन के दौरान प्रस्तुत संगीतमय भजनों एवं संकीर्तन से श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। कथा के उपरांत विश्व शांति, मानव कल्याण, राष्ट्र की समृद्धि तथा समस्त प्राणियों के मंगल के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई।
उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र के ग्वालपाड़ा प्रखंड अंतर्गत झलाड़ी गांव स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के नए आश्रम में शनिवार को ज्ञान कथा यज्ञ के दूसरे दिन विदुर-सुलभा प्रसंग का विस्तृत व्याख्यान किया गया। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा शुक्रवार से शुरू हुई यह ज्ञान कथा आगामी 16 जुलाई तक रोजाना संध्या 4 बजे से रात्रि 8 बजे तक चलेगी। कार्यक्रम के दूसरे दिन पूज्य आशुतोष महाराज जी की शिष्या भागवताचार्या महामनस्विनी सुश्री मेरुदेवा भारती ने दीप प्रज्ज्वलित कर कथा का विधिवत शुभारंभ किया। अपने ओजस्वी एवं
ज्ञानवर्धक प्रवचन में साध्वी सुश्री मेरूदेवा भारती ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, प्रेम, भक्ति, सेवा और आत्मबोध की दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान का स्रोत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मनुष्य का वास्तविक विकास तभी संभव है जब वह अपनी आत्मा के स्वरूप को पहचानकर परमात्मा से अपना संबंध स्थापित करे। उन्होंने आज के मानव की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भौतिक उपलब्धियों के बावजूद मनुष्य मानसिक अशांति, तनाव, भय और असंतोष
से घिरा हुआ है क्योंकि उसने अपने भीतर स्थित परमात्मा को जानने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने बताया कि सद्गुरु की कृपा से प्राप्त ब्रह्मज्ञान के माध्यम से ही मनुष्य अंतर्मन में ईश्वर का साक्षात्कार कर स्थायी सुख एवं शांति प्राप्त कर सकता है। साध्वी ने विदुर के आदर्श जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्म, सत्य, निष्पक्षता, विनम्रता और ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा ही मनुष्य को महान बनाती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में सत्य, सदाचार, करुणा, सेवा,
संयम और नैतिक मूल्यों को अपनाकर परिवार, समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने बताया कि परम पूज्य आशुतोष महाराज सदैव इस बात पर बल देते हैं कि वास्तविक अध्यात्म केवल बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि आत्मा में परमात्मा के प्रत्यक्ष अनुभव का विज्ञान है। प्रवचन के दौरान प्रस्तुत संगीतमय भजनों एवं संकीर्तन से श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। कथा के उपरांत विश्व शांति, मानव कल्याण, राष्ट्र की समृद्धि तथा समस्त प्राणियों के मंगल के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई।
- उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र के ग्वालपाड़ा प्रखंड अंतर्गत झलाड़ी गांव स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के नए आश्रम में शनिवार को ज्ञान कथा यज्ञ के दूसरे दिन विदुर-सुलभा प्रसंग का विस्तृत व्याख्यान किया गया। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा शुक्रवार से शुरू हुई यह ज्ञान कथा आगामी 16 जुलाई तक रोजाना संध्या 4 बजे से रात्रि 8 बजे तक चलेगी। कार्यक्रम के दूसरे दिन पूज्य आशुतोष महाराज जी की शिष्या भागवताचार्या महामनस्विनी सुश्री मेरुदेवा भारती ने दीप प्रज्ज्वलित कर कथा का विधिवत शुभारंभ किया। अपने ओजस्वी एवं ज्ञानवर्धक प्रवचन में साध्वी सुश्री मेरूदेवा भारती ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, प्रेम, भक्ति, सेवा और आत्मबोध की दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान का स्रोत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मनुष्य का वास्तविक विकास तभी संभव है जब वह अपनी आत्मा के स्वरूप को पहचानकर परमात्मा से अपना संबंध स्थापित करे। उन्होंने आज के मानव की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भौतिक उपलब्धियों के बावजूद मनुष्य मानसिक अशांति, तनाव, भय और असंतोष से घिरा हुआ है क्योंकि उसने अपने भीतर स्थित परमात्मा को जानने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने बताया कि सद्गुरु की कृपा से प्राप्त ब्रह्मज्ञान के माध्यम से ही मनुष्य अंतर्मन में ईश्वर का साक्षात्कार कर स्थायी सुख एवं शांति प्राप्त कर सकता है। साध्वी ने विदुर के आदर्श जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्म, सत्य, निष्पक्षता, विनम्रता और ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा ही मनुष्य को महान बनाती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में सत्य, सदाचार, करुणा, सेवा, संयम और नैतिक मूल्यों को अपनाकर परिवार, समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने बताया कि परम पूज्य आशुतोष महाराज सदैव इस बात पर बल देते हैं कि वास्तविक अध्यात्म केवल बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि आत्मा में परमात्मा के प्रत्यक्ष अनुभव का विज्ञान है। प्रवचन के दौरान प्रस्तुत संगीतमय भजनों एवं संकीर्तन से श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। कथा के उपरांत विश्व शांति, मानव कल्याण, राष्ट्र की समृद्धि तथा समस्त प्राणियों के मंगल के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई।4
- मधेपुरा के आलमनगर सोनबरसा में रोड की हालत पूरी तरह से बंजर हो चुकी है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को आवाजाही में बहुत समस्या हो रही है। आलमनगर नगर पंचायत के वार्ड नंबर 5 में रोड की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिसे देखकर यहाँ की बदहाली का साफ अंदाजा लगाया जा सकता है।1
- Post by User57292
- भागलपुर जिले के नवगछिया को लेकर गहरी आत्मीयता व्यक्त करते हुए इसे एक ऐसी जगह बताया गया है, जिससे अरबों भावनाएं जुड़ी हुई हैं। इस स्थान के प्रति लोगों के मन में असीम प्रेम और एक बेहद खास लगाव देखने को मिलता है।1
- पूर्णिया के बनमनखी में बच्चों के आपसी मजाक और मौज-मस्ती को लेकर यह बात सामने आई है कि बच्चे आपस में ही मजाक कर रहे हैं। उन्हें रोकने या टोकने के बजाय अपनी मौज-मस्ती करने देनी चाहिए क्योंकि वे अभी बच्चे ही हैं।1
- सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित कृषि भवन में शनिवार को उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ पदाधिकारियों और गणमान्य लोगों सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी ओम प्रकाश कुमार ने बताया कि यूरिया खाद की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए सरकार द्वारा नए नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन कर किसान आसानी से खाद प्राप्त कर सकते हैं। इन नियमों के तहत किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके बाद उन्हें जरूरत के अनुसार सरकारी दरों पर यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि यदि कोई खाद विक्रेता गड़बड़ी करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि पहले बिना जरूरत वाले लोग भी यूरिया लेकर उसकी कालाबाजारी करते थे, जिससे किसानों को महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ती थी। इसी शोषण को रोकने और किसानों को उचित मूल्य पर खाद दिलाने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।1
- भागलपुर जिले के नौगछिया अनुमंडल अंतर्गत लत्तीपाकर दरहरा में बारिश होने के बाद सड़क की हालत को दर्शाया गया है। यहाँ हाल ही में हुई बारिश पड़ने के बाद सड़क की स्थिति प्रभावित हुई है।2
- Post by User57291