मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार द्वारा बड़े पैमाने पर जमीन खरीदे जाने के आरोपों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर पाँच बड़े सवाल उठाए हैं। पटवारी ने पूछा है कि क्या मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहन यादव के परिवार ने बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी है, और क्या खरीदी गई जमीनों का बड़ा हिस्सा उन इलाकों में है जहाँ बाद में सड़क, हाईवे और अन्य विकास परियोजनाएं आई हैं? जीतू पटवारी ने सरकार से इन सभी विकास परियोजनाओं की पूरी टाइमलाइन सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने यह भी पूछा है कि यदि सब कुछ पारदर्शी है, तो क्या भाजपा सरकार स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने को तैयार है। इसके अतिरिक्त, कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री से 2023 के बाद परिवार द्वारा खरीदी गई जमीनों पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। कांग्रेस का दावा है कि 2021 से 2025 के बीच मुख्यमंत्री के परिवार और उनसे जुड़ी संस्थाओं द्वारा बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी गई है। वहीं, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें राजनीतिक हमला बताया है और कहा है कि सभी खरीद-फरोख्त कानूनी तरीके से हुई हैं।
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार द्वारा बड़े पैमाने पर जमीन खरीदे जाने के आरोपों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर पाँच बड़े सवाल उठाए हैं। पटवारी ने पूछा है कि क्या मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहन यादव के परिवार ने बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी है, और क्या खरीदी गई जमीनों का बड़ा हिस्सा उन इलाकों में है जहाँ बाद में सड़क, हाईवे और अन्य विकास परियोजनाएं आई हैं? जीतू पटवारी ने सरकार से इन सभी विकास परियोजनाओं की पूरी टाइमलाइन सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने यह भी पूछा है कि यदि सब कुछ पारदर्शी है, तो क्या भाजपा सरकार स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने को तैयार है। इसके अतिरिक्त, कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री से 2023 के बाद परिवार द्वारा खरीदी गई जमीनों पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। कांग्रेस का दावा है कि 2021 से 2025 के बीच मुख्यमंत्री के परिवार और उनसे जुड़ी संस्थाओं द्वारा बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी गई है। वहीं, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें राजनीतिक हमला बताया है और कहा है कि सभी खरीद-फरोख्त कानूनी तरीके से हुई हैं।
- चित्रकूट थाना क्षेत्र की खरहा ग्राम पंचायत में दारू के नशे में एक परिवार के साथ खूनी संघर्ष हुआ, जिसमें परिवार के सदस्य बुरी तरह पीट गए और गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए। अपनी चोटों के साथ मदद की उम्मीद में घायल व्यक्ति चित्रकूट थाना पहुंचे, लेकिन वहाँ पहुँचने पर पता चला कि थाने से सभी पुलिसकर्मी नदारद थे, जिससे उन्हें कोई सहायता नहीं मिल पाई।1
- साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों के मद्देनजर, सतना पुलिस ने प्रदेशव्यापी 'Safe Click 2.0' अभियान के तहत एक साइबर जागरूकता रैली का आयोजन किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, फिशिंग लिंक और डिजिटल अरेस्ट जैसे विभिन्न साइबर अपराधों से सतर्क रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। साथ ही, उन्होंने लोगों को किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल प्रभाव से साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया। यह 'Safe Click 2.0' अभियान पूरे मध्यप्रदेश राज्य में 24 जून से 8 जुलाई तक चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल दुनिया में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।1
- आज, दिनांक 24 जून 2026 को, जगत जननी माँ शारदा भवानी जी के मैहर स्थित श्री शारदा शक्तिपीठ में प्रातः काल के दिव्य दर्शन हुए। इस अवसर पर भक्तों ने माता रानी के भव्य रूप का दर्शन लाभ प्राप्त किया।2
- मध्य प्रदेश के मैहर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम इटमा में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहाँ नवनिर्मित पानी की टंकी अपने निर्माण के कुछ ही दिनों के भीतर ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि घटना के समय मौके पर मौजूद लोग सतर्कता दिखाते हुए समय रहते हट गए, जिससे एक बड़ा जन-धन का नुकसान होने से बच गया। मिली जानकारी के अनुसार, यह पानी की टंकी ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनाई गई थी, लेकिन इसकी निर्माण गुणवत्ता इतनी घटिया थी कि वह अपना भार भी नहीं सह सकी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टंकी गिरने के दौरान एक व्यक्ति वहाँ से गुजर रहा था, जो चमत्कारिक ढंग से बाल-बाल बच गया। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में प्रशासन और संबंधित ठेकेदार के प्रति गहरा आक्रोश है, और लोग इसे सरकारी धन के सीधे-सीधे बंदरबांट और भ्रष्टाचार का मामला बता रहे हैं। ग्राम इटमा के नागरिकों ने अब जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। वे दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी गंभीर दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इस घटना ने निर्माण कार्य की देखरेख करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और घटिया सामग्री के उपयोग पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के पद संभालने के बाद उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों द्वारा उज्जैन में बड़े पैमाने पर जमीन खरीदने का मामला चर्चा में है। रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री बनने के बाद परिवार और संबद्ध कंपनियों ने लगभग 168 एकड़ क्षेत्र में फैले 137 प्लॉट खरीदे हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 45 करोड़ रुपये बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि खरीदी गई कई जमीनें सरकारी परियोजनाओं और विकास योजनाओं के आसपास स्थित हैं। इस खुलासे के बाद भूमि खरीद और संभावित हितों के टकराव को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हालांकि, इस मामले में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक स्थिति पर भी नजर बनी हुई है।1
- भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने 21 जून को अपने स्थापना दिवस के अवसर पर देश के सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।1
- सतना जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में सोनोग्राफी जांच के लिए दो माह बाद का नंबर दिया जा रहा है, जो स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदा स्थिति पर प्रश्नचिह्न लगाता है।1
- शारदा सिंह ने चित्रकूट में वर्तमान विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार और पूर्व विधायक नीलांशू चतुर्वेदी सहित कुछ अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, शारदा सिंह ने इन सभी के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का दावा किया है। इन आरोपों में चित्रकूट थाना पुलिस को भी नहीं छोड़ा गया है, जिन पर शारदा सिंह ने गंभीर आरोप लगाए हैं।1
- सतना जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र में एक आदिवासी युवक के साथ कथित मारपीट के मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। जानकारी के अनुसार, सिंहपुर थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत भंवर के युवक पप्पू आदिवासी ने प्रारंभिक तौर पर ग्राम पंचायत भंवर के सरपंच पति विकास सिंह और उनके परिजनों पर मारपीट का आरोप लगाया था। हालांकि, बाद में युवक और उसके परिजनों के कथित तौर पर दिए गए बयान में बदलाव की बात सामने आई है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि घटना के समय युवक नशे की हालत में था। सूत्रों के अनुसार, पुलिस द्वारा कराए गए चिकित्सीय परीक्षण (एमएलसी) में युवक को कोई गंभीर अथवा स्पष्ट चोट के निशान नहीं मिले हैं। इस बीच, स्थानीय लोगों का एक वर्ग इस पूरे मामले को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से जोड़कर देख रहा है और आरोप लगा रहा है कि यह सरपंच पति की छवि खराब करने तथा मामला दर्ज कराने का प्रयास हो सकता है।1