कैमूर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए ग्रामीण जन सहयोग शिक्षा संघ समिति का गठन हेतु सहयोग एवं समर्थन करें ग्रामीण जन सहयोग शिक्षा संघ समिति,इचांव चांद कैमूर प्रस्ताव कैमूर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बहुत निराशाजनक है। लगभग 15% बच्चे ऐसे हैं जिन्हें नाम लिखना आता ही नहीं, 10% बच्चों को अक्षर ज्ञान की जानकारी नहीं है, 25% बच्चे हिंदी पढ़ सकते हैं और सवाल हल कर सकते हैं, और 50% बच्चे ग्रामीण क्षेत्रों में इधर-उधर घूमते हैं। लेकिन हम हार नहीं मानेंगे! हम ग्रामीण जन सहयोग शिक्षा संघ समिति का गठन करने जा रहे हैं ताकि हम अपने बच्चों को आत्मनिर्भर बना सकें और उन्हें शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ा सकें। हमारा मानना है कि शिक्षा एक ऐसा मूल मंत्र है जिससे अज्ञानता और बेरोजगारी दूर की जा सकती है। हम बच्चों को सामाजिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा देना चाहते हैं ताकि वे अपने सपनों को पूरा कर सकें। हम जानते हैं कि अभिभावक अपने बच्चों की शिक्षा के लिए अनगिनत रुपए खर्च कर रहे हैं, लेकिन फिर भी बच्चे प्राइवेट स्कूलों में नहीं पढ़ पा रहे हैं और सरकारी विद्यालयों में समय से नहीं जा पा रहे हैं। इस समिति के गठन से, हम स्थानीय युवाओं को संविदा पर शिक्षक के रूप में नियुक्त करेंगे और उनकी नियमित जांच करेंगे। हम बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता की जांच करेंगे और लिखित परीक्षा लेंगे। हम यह देखेंगे कि बच्चों को क्या नहीं आ रहा है और उनकी कमजोरियों को कैसे दूर किया जा सकता है। हम आपका सहयोग और समर्थन चाहते हैं ताकि हम कैमूर जिले के ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षा को बढ़ावा दे सकें। आइए, हम साथ मिलकर अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करें। *हमारे साथ जुड़ें और अपने बच्चों के भविष्य को बदलें! 😊* - हमारा उद्देश्य: ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाना। - हमारा लक्ष्य: कैमूर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बढ़ाना। - हमारा सपना: एक उज्ज्वल भविष्य, एक आत्मनिर्भर समाज। *आइए, हम साथ मिलकर इस सपने को पूरा करें!* *संपर्क करें:* प्रमोद कुमार सिंह यादव मोबाइल नंबर: 9931791977
कैमूर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए ग्रामीण जन सहयोग शिक्षा संघ समिति का गठन हेतु सहयोग एवं समर्थन करें ग्रामीण जन सहयोग शिक्षा संघ समिति,इचांव चांद कैमूर प्रस्ताव कैमूर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बहुत निराशाजनक है। लगभग 15% बच्चे ऐसे हैं जिन्हें नाम लिखना आता ही नहीं, 10% बच्चों को अक्षर ज्ञान की जानकारी नहीं है, 25% बच्चे हिंदी पढ़ सकते हैं और सवाल हल कर सकते हैं, और 50% बच्चे ग्रामीण क्षेत्रों में इधर-उधर घूमते हैं। लेकिन हम हार नहीं मानेंगे! हम ग्रामीण जन सहयोग शिक्षा संघ समिति का गठन करने जा रहे हैं ताकि हम अपने बच्चों को आत्मनिर्भर बना सकें और उन्हें शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ा सकें। हमारा मानना है कि शिक्षा एक ऐसा मूल मंत्र है जिससे अज्ञानता और बेरोजगारी दूर की जा सकती है। हम बच्चों को सामाजिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा देना चाहते हैं ताकि वे अपने सपनों को पूरा कर सकें। हम जानते हैं कि अभिभावक अपने बच्चों की शिक्षा के लिए अनगिनत रुपए खर्च कर रहे हैं, लेकिन फिर भी बच्चे प्राइवेट स्कूलों में नहीं पढ़ पा रहे हैं और सरकारी विद्यालयों में समय से नहीं जा पा रहे हैं। इस समिति के गठन से, हम स्थानीय युवाओं को संविदा पर शिक्षक के रूप में नियुक्त करेंगे और उनकी नियमित जांच करेंगे। हम बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता की जांच करेंगे और लिखित परीक्षा लेंगे। हम यह देखेंगे कि बच्चों को क्या नहीं आ रहा है और उनकी कमजोरियों को कैसे दूर किया जा सकता है। हम आपका सहयोग और समर्थन चाहते हैं ताकि हम कैमूर जिले के ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षा को बढ़ावा दे सकें। आइए, हम साथ मिलकर अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करें। *हमारे साथ जुड़ें और अपने बच्चों के भविष्य को बदलें! 😊* - हमारा उद्देश्य: ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाना। - हमारा लक्ष्य: कैमूर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बढ़ाना। - हमारा सपना: एक उज्ज्वल भविष्य, एक आत्मनिर्भर समाज। *आइए, हम साथ मिलकर इस सपने को पूरा करें!* *संपर्क करें:* प्रमोद कुमार सिंह यादव मोबाइल नंबर: 9931791977
- ग्रामीण जन सहयोग शिक्षा संघ समिति,इचांव चांद कैमूर प्रस्ताव कैमूर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बहुत निराशाजनक है। लगभग 15% बच्चे ऐसे हैं जिन्हें नाम लिखना आता ही नहीं, 10% बच्चों को अक्षर ज्ञान की जानकारी नहीं है, 25% बच्चे हिंदी पढ़ सकते हैं और सवाल हल कर सकते हैं, और 50% बच्चे ग्रामीण क्षेत्रों में इधर-उधर घूमते हैं। लेकिन हम हार नहीं मानेंगे! हम ग्रामीण जन सहयोग शिक्षा संघ समिति का गठन करने जा रहे हैं ताकि हम अपने बच्चों को आत्मनिर्भर बना सकें और उन्हें शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ा सकें। हमारा मानना है कि शिक्षा एक ऐसा मूल मंत्र है जिससे अज्ञानता और बेरोजगारी दूर की जा सकती है। हम बच्चों को सामाजिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा देना चाहते हैं ताकि वे अपने सपनों को पूरा कर सकें। हम जानते हैं कि अभिभावक अपने बच्चों की शिक्षा के लिए अनगिनत रुपए खर्च कर रहे हैं, लेकिन फिर भी बच्चे प्राइवेट स्कूलों में नहीं पढ़ पा रहे हैं और सरकारी विद्यालयों में समय से नहीं जा पा रहे हैं। इस समिति के गठन से, हम स्थानीय युवाओं को संविदा पर शिक्षक के रूप में नियुक्त करेंगे और उनकी नियमित जांच करेंगे। हम बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता की जांच करेंगे और लिखित परीक्षा लेंगे। हम यह देखेंगे कि बच्चों को क्या नहीं आ रहा है और उनकी कमजोरियों को कैसे दूर किया जा सकता है। हम आपका सहयोग और समर्थन चाहते हैं ताकि हम कैमूर जिले के ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षा को बढ़ावा दे सकें। आइए, हम साथ मिलकर अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करें। *हमारे साथ जुड़ें और अपने बच्चों के भविष्य को बदलें! 😊* - हमारा उद्देश्य: ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाना। - हमारा लक्ष्य: कैमूर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बढ़ाना। - हमारा सपना: एक उज्ज्वल भविष्य, एक आत्मनिर्भर समाज। *आइए, हम साथ मिलकर इस सपने को पूरा करें!* *संपर्क करें:* प्रमोद कुमार सिंह यादव मोबाइल नंबर: 99317919771
- Post by Awaaz -e-Bharat1
- Post by VIKESH DAS1
- गोरखपुर से काशी घूमने आए थे 15 लोगों का परिवार; गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा, एनडीआरएफ और जल पुलिस कर रही सर्च ऑपरेशनकाशी के Tulsi Ghat (तुलसी घाट) पर रविवार सुबह गंगा स्नान के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। Gorakhpur (गोरखपुर) से परिवार के साथ काशी घूमने आए दो युवक गहरे पानी में चले जाने के कारण डूब गए। हादसे के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई। डूबने वालों में निखिल गुप्ता (18 वर्ष) पुत्र पिंटू गुप्ता निवासी ग्राम पाण्डेयपार, पोस्ट कौड़ीराम थाना कौड़ीराम जिला गोरखपुर और आयुष उर्फ भोले (12 वर्ष) पुत्र अनिल कुमार गुप्ता निवासी ग्राम खरकूटा पोस्ट डुमरैला थाना झगहां जिला गोरखपुर शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ (National Disaster Response Force) और जल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने गंगा नदी से निखिल गुप्ता का शव बरामद कर लिया है, जबकि 12 वर्षीय आयुष की तलाश जारी है।गंगा स्नान के दौरान हुआ हादसा मिली जानकारी के अनुसार गोरखपुर से करीब 15 लोगों का एक परिवार काशी घूमने और गंगा स्नान करने के लिए वाराणसी आया था। रविवार सुबह करीब सात बजे सभी लोग तुलसी घाट पर स्नान कर रहे थे। इसी दौरान निखिल और आयुष नहाते-नहाते आगे बढ़ गए और अचानक गहरे पानी में चले गए। घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों के अनुसार वहां मौजूद लोगों ने दोनों को चेतावनी दी थी कि आगे पानी गहरा है और वहां न जाएं। इस पर युवक ने कहा कि उसे तैरना आता है। इसके बाद वह छोटे बच्चे के साथ आगे बढ़ गया। कुछ ही देर बाद दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे डूबने लगे। घाट पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज धारा और गहराई के कारण सफलता नहीं मिल सकी।परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल घटना की सूचना मिलते ही परिवार के अन्य सदस्य और घाट पर मौजूद लोग सदमे में आ गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस और राहत-बचाव टीम लगातार आयुष की तलाश में जुटी हुई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गंगा स्नान के दौरान सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और गहरे पानी में जाने से बचें।1
- मुगलसराय: नियामताबाद क्षेत्र स्थित लाल बहादुर शास्त्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा को लेकर परीक्षा केंद्र के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। केंद्र के आसपास पुलिस बल तैनात रहा और अभ्यर्थियों की सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।3
- Post by Chandan Prasad1
- Post by Dk1
- *पक्षी की परीक्षा* सुबह का टाइम था, मैं रास्ते से जा रहा था। तभी मेरी नजर एक गांव के बगल में लगे बोरिंग मशीन के घरों पर पड़ी। एक कबूतर ने उस अलमारी के अंदर अपना आशियाना बना रखा था। मैं उसका रिकॉर्डिंग करता रहा, और उसने मुझे प्रेम दुलार दिया। मैं समझा कि वह मुझे देखकर भाग जाएगा, लेकिन उसने मुझे आश्चर्यचकित कर दिया। वह मेरे पास आया, और गुटुर गु गुटुर गु करके मेरे हाथ से दाना खाने लगा। मेरे दिलों में दया आई, और मैंने उसके लिए पानी और दाना लाया। *पक्षी की परीक्षा, इंसान की जीत* यह घटना मुझे समझा गई कि पक्षी भी इंसान की परीक्षा लेते हैं। वे हमें सिखाते हैं कि प्रेम और दया के साथ कैसे जीना है। मैं आप लोगों से आग्रह करता हूं कि आप भी पक्षियों के लिए ऐसा ही कदम उठाएं। उनके लिए पानी और दाना रखें, और उन्हें प्रेम दें। *पक्षियों के साथ जुड़ें, और पर्यावरण को सुरक्षित रखें* पक्षी हमारे पर्यावरण के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। वे हमें स्वच्छ हवा, पानी, और भोजन देते हैं। आइए, हम पक्षियों के साथ जुड़ें, और पर्यावरण को सुरक्षित रखें। 😊 *आप क्या कर सकते हैं?* - अपने घर के आसपास पानी और दाना रखें - पक्षियों के लिए अलमारी या घोंसला बनाएं - पक्षियों को प्रेम और दया दें - पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए काम करें *पक्षियों के साथ जुड़ें, और जीवन को बनाएं प्यार*1