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ब्यावरा नेशनल हाईवे पर बारातियों से भरी बस पलटी दूल्हे की दादी सहित तीन लोगों की मौत, करीब 26 लोग घायल मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में 30 अप्रैल गुरुवार की तड़के बारातियों से भरी एक बस पलट गई। इस दुखद हादसे में दूल्हे की दादी सहित तीन लोगों की मौत हो गई और लगभग 26 लोग घायल हुए हैं। यह दुर्घटना ब्यावरा सिटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाईवे पर काचरी गांव के पास हुई। बस बारातियों को लेकर मुरैना के राचेड़ गांव से उज्जैन की ओर जा रही थी। हादसे में दूल्हे की दादी की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों के शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए कुल 26-27 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 8 की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर किया गया है। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और पलट गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है

3 hrs ago
user_भेरुलाल गुर्जर पत्रकार
भेरुलाल गुर्जर पत्रकार
Citizens advice bureau जीरापुर, राजगढ़, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

ब्यावरा नेशनल हाईवे पर बारातियों से भरी बस पलटी दूल्हे की दादी सहित तीन लोगों की मौत, करीब 26 लोग घायल मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में 30 अप्रैल गुरुवार की तड़के बारातियों से भरी एक बस पलट गई। इस दुखद हादसे में दूल्हे की दादी सहित तीन लोगों की मौत हो गई और लगभग 26 लोग घायल हुए हैं। यह दुर्घटना ब्यावरा सिटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाईवे पर काचरी गांव के पास हुई। बस बारातियों को लेकर मुरैना के राचेड़ गांव से उज्जैन की ओर जा रही थी। हादसे में दूल्हे की दादी की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों के शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए कुल 26-27 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 8 की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर किया गया है। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और पलट गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में 30 अप्रैल गुरुवार की तड़के बारातियों से भरी एक बस पलट गई। इस दुखद हादसे में दूल्हे की दादी सहित तीन लोगों की मौत हो गई और लगभग 26 लोग घायल हुए हैं। यह दुर्घटना ब्यावरा सिटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाईवे पर काचरी गांव के पास हुई। बस बारातियों को लेकर मुरैना के राचेड़ गांव से उज्जैन की ओर जा रही थी। हादसे में दूल्हे की दादी की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों के शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए कुल 26-27 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 8 की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर किया गया है। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और पलट गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है
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    मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में 30 अप्रैल गुरुवार की तड़के बारातियों से भरी एक बस पलट गई। इस दुखद हादसे में दूल्हे की दादी सहित तीन लोगों की मौत हो गई और लगभग 26 लोग घायल हुए हैं। 
यह दुर्घटना ब्यावरा सिटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाईवे पर काचरी गांव के पास हुई।
बस बारातियों को लेकर मुरैना के राचेड़ गांव से उज्जैन की ओर जा रही थी।
हादसे में दूल्हे की दादी की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों के शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए 
कुल 26-27 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 8 की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर किया गया है। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और पलट गई। पुलिस मामले की  जांच कर रही है
    user_भेरुलाल गुर्जर पत्रकार
    भेरुलाल गुर्जर पत्रकार
    Citizens advice bureau जीरापुर, राजगढ़, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • राठौर क्षत्रिय समाज द्वारा नरसिंह चतुर्दशी के उपलक्ष्य में भगवान नरसिंह जी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई | भक्ति मय हुआ सोयत कला नगर वासियों ने फूलों से पुष्प वर्षा के साथ किया भगवान की झांकी की जगह जगह आरती के साथ ही दर्शन किया
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    राठौर क्षत्रिय समाज द्वारा नरसिंह चतुर्दशी के
उपलक्ष्य में भगवान नरसिंह जी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई |
भक्ति मय हुआ सोयत कला नगर वासियों ने फूलों से 
पुष्प वर्षा के साथ किया भगवान की झांकी की जगह जगह आरती के साथ ही दर्शन किया
    user_Manoj Kumar
    Manoj Kumar
    Teacher सुसनेर, आगर मालवा, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by हर खबर आपके साथ
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    Post by हर खबर आपके साथ
    user_हर खबर आपके साथ
    हर खबर आपके साथ
    Voice of people सुसनेर, आगर मालवा, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • yah bahut badi gufa hai aur Dhyan se nikalna padta hai
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    yah bahut badi gufa hai aur Dhyan se nikalna padta hai
    user_Govind Jatt
    Govind Jatt
    सुसनेर, आगर मालवा, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • बकानी: भानपुरिया गांव निवासी युवक की कीटनाशक का सेवन करने से इलाज के दौरान हुई  मौत बकानी :-भानपुरिया गांव निवासी युवक की कीटनाशक का सेवन करने से इलाज के दौरान मौत हो गई पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के भानपुरिया गांव निवासी एक व्यक्ति ने खेत मे स्प्रे करने वाले कीटनाशक का सेवन कर लिया इससे उसकी झालावाड़ अस्पताल में इलाज के दौरान बीती रात को मौत हो गई। हेड कांस्टेबल घनश्याम ने बताया कि रमेश (50)पुत्र कालू लाल  ने 28 अप्रैल को घर पर ही खेत में स्प्रे करने वाली एंडोसल्फान कीटनाशक का सेवन कर लिया है, इससे उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे बकानी अस्पताल लेकर आए, जहां उसका प्राथमिक उपचार के बाद झालावाड़ भेज दिया, इस पर झालावाड़ के एसआरजी अस्प्ताल में इलाज चल रहा था, ऐसे में बीती रात को गभीर हालात में उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। झालावाड़ अस्पताल चौकी पुलिस ने वार्ड से सूचना मिलने के बाद शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और बकानी पुलिस को सूचना दी, इसके बाद आज गुरुवार  को सुबह बकानी पुलिस झालावाड़ अस्पताल पहुंची, यहां परिजनों से रिपोर्ट लेकर शव का पोस्टमार्टम कराया और अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। मृतक के एक बेटा है 12 साल का जो पढ़ाई कर रहा है। पर जिन्होंने बताया कि मृतक ने शराब के नशे में कीटनाशक दवा का सेवन किया था। इस पर पुलिस ने सदिग्ध अवस्था मे मौत होने के मामले की जांच शुरू कर दी है।
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    बकानी: भानपुरिया गांव निवासी युवक की कीटनाशक का सेवन करने से इलाज के दौरान हुई  मौत
बकानी :-भानपुरिया गांव निवासी युवक की कीटनाशक का सेवन करने से इलाज के दौरान मौत हो गई पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के भानपुरिया गांव निवासी एक व्यक्ति ने खेत मे स्प्रे करने वाले कीटनाशक का सेवन कर लिया इससे उसकी झालावाड़ अस्पताल में इलाज के दौरान बीती रात को मौत हो गई। हेड कांस्टेबल घनश्याम ने बताया कि रमेश (50)पुत्र कालू लाल  ने 28 अप्रैल को घर पर ही खेत में स्प्रे करने वाली एंडोसल्फान कीटनाशक का सेवन कर लिया है, इससे उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे बकानी अस्पताल लेकर आए, जहां उसका प्राथमिक उपचार के बाद झालावाड़ भेज दिया, इस पर झालावाड़ के एसआरजी अस्प्ताल में इलाज चल रहा था, ऐसे में बीती रात को गभीर हालात में उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
झालावाड़ अस्पताल चौकी पुलिस ने वार्ड से सूचना मिलने के बाद शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और बकानी पुलिस को सूचना दी, इसके बाद आज गुरुवार  को सुबह बकानी पुलिस झालावाड़ अस्पताल पहुंची, यहां परिजनों से रिपोर्ट लेकर शव का पोस्टमार्टम कराया और अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। मृतक के एक बेटा है 12 साल का जो पढ़ाई कर रहा है। पर जिन्होंने बताया कि मृतक ने शराब के नशे में कीटनाशक दवा का सेवन किया था। इस पर पुलिस ने सदिग्ध अवस्था मे मौत होने के मामले की जांच शुरू कर दी है।
    user_Giriraj regar reporter
    Giriraj regar reporter
    Reporter बकानी, झालावाड़, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • Post by Jagdish nagar
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    Post by Jagdish nagar
    user_Jagdish nagar
    Jagdish nagar
    पत्रकारिता,सोशल मीडिया पचोर, राजगढ़, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • रायपुर क्षेत्र में हाड़ौती के झालावाड़ जिले में करीब 25 हजार हेक्टेयर में लहसुन की बुवाई होती है। इस बार किसानों को मंडियों में अच्छे भाव मिल रहे हैं, जिससे वे खुश भी हैं, लेकिन उत्पादन कम और क्वालिटी खराब होने से निराशा भी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाड़ौती के लहसुन की अच्छी मांग रहती है, लेकिन निर्यात ठप होने से किसानों को फायदा नहीं मिल पा रहा है। मंडियों में अच्छी आवक, लेकिन सप्लाई में कमी इस साल मंडियों में लहसुन की जोरदार आवक हो रही है। देशी लहसुन का भाव 3000 से 12000 रुपये प्रति क्विंटल और ऊटी किस्म का 5000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहा है। हालांकि खराब क्वालिटी के कारण अन्य राज्यों और विदेशों में सप्लाई नहीं हो पा रही है। लहसुन एक्सपोर्ट लायक नहीं होने से बांग्लादेश, कजाकिस्तान और अमेरिका जैसे देशों में डिमांड के अनुसार सप्लाई नहीं हो पा रही है। किसानों को पड़ोसी राज्यों की मंडियों का सहारा झालावाड़ के किसान खानपुर और मनोहरथाना की मंडियों के बेचान करते हैं। पिछले साल से कम हुई पैदावार किसान राजेश दांगी कालीतलाई के अनुसार इस बार लहसुन की पैदावार पिछले साल से कम रही है। जहां पहले एक बीघा में 25 से 26 कट्टे निकलते थे, वहीं इस बार केवल 20 से 22 कट्टे ही मिल रहे हैं। मंडियों में लहसुन का भाव 2500 से 12500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है। एमएसपी नहीं होने से किसानों की परेशानी लहसुन एमएसपी वाली फसलों में शामिल नहीं है, इसलिए किसानों को मजबूरी में कम भाव पर भी बिक्री करनी पड़ती है। कटाई के बाद लहसुन को सुरक्षित रखना भी चुनौती है, क्योंकि नमी या अधिक गर्मी से यह जल्दी खराब हो जाता है। एक हेक्टेयर में लागत का आंकड़ा किसानों के अनुसार एक हेक्टेयर में लहसुन की बुवाई, कटाई, निराई-गुड़ाई पर करीब 35 हजार रुपये खर्च होते हैं। इसमें 10 से 15 हजार रुपये बीज, 10 हजार रुपये कीटनाशक और करीब 5-5 हजार रुपये अन्य खर्चों में लगते हैं। लहसुन की बुवाई अक्टूबर में होती है और मार्च में फसल तैयार हो जाती है। औसत भाव, लेकिन क्वालिटी पर निर्भर कमाई इस बार लहसुन के औसत भाव 10-11 हजार रुपये प्रति क्विंटल हैं, जबकि उच्च गुणवत्ता वाले लहसुन के भाव 18 हजार रुपये तक जा रहे हैं। किसानों के अनुसार लाभ इस बात पर निर्भर करता है कि फसल की क्वालिटी कैसी है और निर्यात की स्थिति क्या रहती है। बुवाई और उत्पादन पर क्यों पड़ रहा असर? फरवरी में बढ़े तापमान के कारण लहसुन का आकार सही नहीं बन पाया। इससे उत्पादन और क्वालिटी दोनों पर नकारात्मक असर पड़ा। 2025-26 में कुल 26,038 हेक्टेयर में लहसुन की बुवाई की गई। इस बार औसतन प्रति हेक्टेयर केवल 5 क्विंटल उत्पादन हुआ। सामान्य स्थिति में 10 से 12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन होने पर किसानों को बेहतर लाभ मिलता है। कम पैदावार के कारण किसानों की आय और मुनाफा प्रभावित हुआ। अब पैकेजिंग से बढ़ेगी बिक्री लहसुन की बिक्री बढ़ाने के लिए अब किसान ग्रेडिंग और पैकेजिंग पर ध्यान दे रहे हैं। अलग-अलग क्वालिटी के लहसुन को 1 किलो से 20 किलो तक के पैकेट में तैयार किया जा रहा है। सही तरीके से पैक किया गया लहसुन करीब 6 महीने तक खराब नहीं होता। इससे व्यापारियों को सप्लाई में आसानी होगी और किसानों को भी बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद है। पहले किसान बिना क्वालिटी पर ध्यान दिए लहसुन बेच देते थे, लेकिन अब बेहतर गुणवत्ता के साथ बाजार में भेज रहे हैं।
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    रायपुर क्षेत्र में हाड़ौती के झालावाड़ जिले में करीब 25 हजार हेक्टेयर में लहसुन की बुवाई होती है। इस बार किसानों को मंडियों में अच्छे भाव मिल रहे हैं, जिससे वे खुश भी हैं, लेकिन उत्पादन कम और क्वालिटी खराब होने से निराशा भी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाड़ौती के लहसुन की अच्छी मांग रहती है, लेकिन निर्यात ठप होने से किसानों को फायदा नहीं मिल पा रहा है।
मंडियों में अच्छी आवक, लेकिन सप्लाई में कमी
इस साल मंडियों में लहसुन की जोरदार आवक हो रही है। देशी लहसुन का भाव 3000 से 12000 रुपये प्रति क्विंटल और ऊटी किस्म का 5000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहा है। हालांकि खराब क्वालिटी के कारण अन्य राज्यों और विदेशों में सप्लाई नहीं हो पा रही है।  लहसुन एक्सपोर्ट लायक नहीं होने से बांग्लादेश, कजाकिस्तान और अमेरिका जैसे देशों में डिमांड के अनुसार सप्लाई नहीं हो पा रही है।
किसानों को पड़ोसी राज्यों की मंडियों का सहारा
झालावाड़ के किसान खानपुर और मनोहरथाना की मंडियों के बेचान करते हैं।
पिछले साल से कम हुई पैदावार
किसान राजेश दांगी कालीतलाई  के अनुसार इस बार लहसुन की पैदावार पिछले साल से कम रही है। जहां पहले एक बीघा में 25 से 26 कट्टे निकलते थे, वहीं इस बार केवल 20 से 22 कट्टे ही मिल रहे हैं। मंडियों में लहसुन का भाव 2500 से 12500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है।
एमएसपी नहीं होने से किसानों की परेशानी
लहसुन एमएसपी वाली फसलों में शामिल नहीं है, इसलिए किसानों को मजबूरी में कम भाव पर भी बिक्री करनी पड़ती है। कटाई के बाद लहसुन को सुरक्षित रखना भी चुनौती है, क्योंकि नमी या अधिक गर्मी से यह जल्दी खराब हो जाता है।
एक हेक्टेयर में लागत का आंकड़ा
किसानों के अनुसार एक हेक्टेयर में लहसुन की बुवाई, कटाई, निराई-गुड़ाई पर करीब 35 हजार रुपये खर्च होते हैं। इसमें 10 से 15 हजार रुपये बीज, 10 हजार रुपये कीटनाशक और करीब 5-5 हजार रुपये अन्य खर्चों में लगते हैं। लहसुन की बुवाई अक्टूबर में होती है और मार्च में फसल तैयार हो जाती है।
औसत भाव, लेकिन क्वालिटी पर निर्भर कमाई
इस बार लहसुन के औसत भाव 10-11 हजार रुपये प्रति क्विंटल हैं, जबकि उच्च गुणवत्ता वाले लहसुन के भाव 18 हजार रुपये तक जा रहे हैं। किसानों के अनुसार लाभ इस बात पर निर्भर करता है कि फसल की क्वालिटी कैसी है और निर्यात की स्थिति क्या रहती है।
बुवाई और उत्पादन पर क्यों पड़ रहा असर?
फरवरी में बढ़े तापमान के कारण लहसुन का आकार सही नहीं बन पाया।
इससे उत्पादन और क्वालिटी दोनों पर नकारात्मक असर पड़ा।
2025-26 में कुल 26,038 हेक्टेयर में लहसुन की बुवाई की गई।
इस बार औसतन प्रति हेक्टेयर केवल 5 क्विंटल उत्पादन हुआ।
सामान्य स्थिति में 10 से 12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन होने पर किसानों को बेहतर लाभ मिलता है।
कम पैदावार के कारण किसानों की आय और मुनाफा प्रभावित हुआ।
अब पैकेजिंग से बढ़ेगी बिक्री
लहसुन की बिक्री बढ़ाने के लिए अब किसान ग्रेडिंग और पैकेजिंग पर ध्यान दे रहे हैं। अलग-अलग क्वालिटी के लहसुन को 1 किलो से 20 किलो तक के पैकेट में तैयार किया जा रहा है। सही तरीके से पैक किया गया लहसुन करीब 6 महीने तक खराब नहीं होता। इससे व्यापारियों को सप्लाई में आसानी होगी और किसानों को भी बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद है। पहले किसान बिना क्वालिटी पर ध्यान दिए लहसुन बेच देते थे, लेकिन अब बेहतर गुणवत्ता के साथ बाजार में भेज रहे हैं।
    user_Mukesh Mehar
    Mukesh Mehar
    रायपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • Post by हर खबर आपके साथ
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    Post by हर खबर आपके साथ
    user_हर खबर आपके साथ
    हर खबर आपके साथ
    Voice of people सुसनेर, आगर मालवा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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