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मौखिक आदेशों पर नहीं चलेगा प्रशासन!" — IAS रिंकू सिंह राही का डीएम को दो टूक पत्र, नगर पालिका जांच में मचा प्रशासनिक घमासान उरई (जालौन)। नगर पालिका परिषद उरई की जांच को लेकर जालौन प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी (न्यायिक) IAS रिंकू सिंह राही ने जिलाधिकारी को भेजे अपने पत्र में साफ शब्दों में कहा है कि "दूरभाषीय अथवा मौखिक निर्देशों की कोई विश्वसनीयता नहीं होती, इसलिए केवल लिखित आदेशों के आधार पर ही कार्यवाही की जा सकती है।" इस टिप्पणी के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। 29 जुलाई 2026 को भेजे गए पत्र में रिंकू सिंह राही ने सवाल उठाया कि सोशल मीडिया पर 17 जुलाई 2026 का एक आदेश वायरल हो रहा है, जिसमें नगर पालिका जांच समिति में उनके स्थान पर दूसरे अधिकारी को नामित किए जाने की बात कही गई है। हैरानी की बात यह है कि आदेश की प्रतिलिपि सूची में उनका नाम होने के बावजूद उन्हें आज तक न तो आदेश की आधिकारिक प्रति मिली और न ही कोई औपचारिक सूचना दी गई। राही ने पत्र में स्पष्ट लिखा कि जब तक आदेश की प्रमाणित प्रति उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक यह तय करना संभव नहीं है कि सोशल मीडिया पर वायरल पत्र वास्तविक है या नहीं। उन्होंने अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति) से पत्र की प्रामाणिकता की पुष्टि कराने और उसकी अधिकृत प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सभासदों की शिकायत पर जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में वे लगातार जांच कर रहे थे और इस संबंध में कई पत्राचार भी किए गए, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट लिखित निर्देश प्राप्त नहीं हुआ। सबसे अहम सवाल उन्होंने जिलाधिकारी से यह पूछा है कि यदि जांच का दायित्व वास्तव में किसी दूसरी समिति को सौंप दिया गया है, तो क्या उनके द्वारा की जा रही जांच तत्काल रोक दी जाए या समाप्त मान ली जाए? इस संबंध में उन्होंने तत्काल लिखित मार्गदर्शन देने की मांग की है। रिंकू सिंह राही का यह पत्र अब प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। मौखिक आदेशों की विश्वसनीयता पर उठाए गए सवाल और लिखित निर्देशों की मांग को प्रशासनिक पारदर्शिता एवं जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक जिला प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में नगर पालिका परिषद उरई की जांच का भविष्य फिलहाल लिखित आदेशों के इंतजार में अटका हुआ दिखाई दे रहा है।

2 hrs ago
user_दैनिक जागरण रजनीश द्विवेदी
दैनिक जागरण रजनीश द्विवेदी
माधौगढ़, जालौन, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

मौखिक आदेशों पर नहीं चलेगा प्रशासन!" — IAS रिंकू सिंह राही का डीएम को दो टूक पत्र, नगर पालिका जांच में मचा प्रशासनिक घमासान उरई (जालौन)। नगर पालिका परिषद उरई की जांच को लेकर जालौन प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी (न्यायिक) IAS रिंकू सिंह राही ने जिलाधिकारी को भेजे अपने पत्र में साफ शब्दों में कहा है कि "दूरभाषीय अथवा मौखिक निर्देशों की कोई विश्वसनीयता नहीं होती, इसलिए केवल लिखित आदेशों के आधार पर ही कार्यवाही की जा सकती है।" इस टिप्पणी के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। 29 जुलाई 2026 को भेजे गए पत्र में रिंकू सिंह राही ने सवाल उठाया कि सोशल मीडिया पर 17 जुलाई 2026 का एक आदेश वायरल हो रहा है, जिसमें नगर पालिका जांच समिति में उनके स्थान पर दूसरे अधिकारी को नामित किए जाने की बात कही गई है। हैरानी की बात यह है कि आदेश की प्रतिलिपि सूची में उनका नाम होने के बावजूद उन्हें आज तक न तो आदेश की आधिकारिक प्रति मिली और न ही कोई औपचारिक सूचना दी गई। राही ने पत्र में स्पष्ट लिखा कि जब तक आदेश की प्रमाणित प्रति उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक यह तय करना संभव नहीं है कि सोशल मीडिया

पर वायरल पत्र वास्तविक है या नहीं। उन्होंने अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति) से पत्र की प्रामाणिकता की पुष्टि कराने और उसकी अधिकृत प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सभासदों की शिकायत पर जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में वे लगातार जांच कर रहे थे और इस संबंध में कई पत्राचार भी किए गए, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट लिखित निर्देश प्राप्त नहीं हुआ। सबसे अहम सवाल उन्होंने जिलाधिकारी से यह पूछा है कि यदि जांच का दायित्व वास्तव में किसी दूसरी समिति को सौंप दिया गया है, तो क्या उनके द्वारा की जा रही जांच तत्काल रोक दी जाए या समाप्त मान ली जाए? इस संबंध में उन्होंने तत्काल लिखित मार्गदर्शन देने की मांग की है। रिंकू सिंह राही का यह पत्र अब प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। मौखिक आदेशों की विश्वसनीयता पर उठाए गए सवाल और लिखित निर्देशों की मांग को प्रशासनिक पारदर्शिता एवं जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक जिला प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में नगर पालिका परिषद उरई की जांच का भविष्य फिलहाल लिखित आदेशों के इंतजार में अटका हुआ दिखाई दे रहा है।

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  • मौखिक आदेशों पर नहीं चलेगा प्रशासन!" — IAS रिंकू सिंह राही का डीएम को दो टूक पत्र, नगर पालिका जांच में मचा प्रशासनिक घमासान उरई (जालौन)। नगर पालिका परिषद उरई की जांच को लेकर जालौन प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी (न्यायिक) IAS रिंकू सिंह राही ने जिलाधिकारी को भेजे अपने पत्र में साफ शब्दों में कहा है कि "दूरभाषीय अथवा मौखिक निर्देशों की कोई विश्वसनीयता नहीं होती, इसलिए केवल लिखित आदेशों के आधार पर ही कार्यवाही की जा सकती है।" इस टिप्पणी के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। 29 जुलाई 2026 को भेजे गए पत्र में रिंकू सिंह राही ने सवाल उठाया कि सोशल मीडिया पर 17 जुलाई 2026 का एक आदेश वायरल हो रहा है, जिसमें नगर पालिका जांच समिति में उनके स्थान पर दूसरे अधिकारी को नामित किए जाने की बात कही गई है। हैरानी की बात यह है कि आदेश की प्रतिलिपि सूची में उनका नाम होने के बावजूद उन्हें आज तक न तो आदेश की आधिकारिक प्रति मिली और न ही कोई औपचारिक सूचना दी गई। राही ने पत्र में स्पष्ट लिखा कि जब तक आदेश की प्रमाणित प्रति उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक यह तय करना संभव नहीं है कि सोशल मीडिया पर वायरल पत्र वास्तविक है या नहीं। उन्होंने अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति) से पत्र की प्रामाणिकता की पुष्टि कराने और उसकी अधिकृत प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सभासदों की शिकायत पर जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में वे लगातार जांच कर रहे थे और इस संबंध में कई पत्राचार भी किए गए, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट लिखित निर्देश प्राप्त नहीं हुआ। सबसे अहम सवाल उन्होंने जिलाधिकारी से यह पूछा है कि यदि जांच का दायित्व वास्तव में किसी दूसरी समिति को सौंप दिया गया है, तो क्या उनके द्वारा की जा रही जांच तत्काल रोक दी जाए या समाप्त मान ली जाए? इस संबंध में उन्होंने तत्काल लिखित मार्गदर्शन देने की मांग की है। रिंकू सिंह राही का यह पत्र अब प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। मौखिक आदेशों की विश्वसनीयता पर उठाए गए सवाल और लिखित निर्देशों की मांग को प्रशासनिक पारदर्शिता एवं जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक जिला प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में नगर पालिका परिषद उरई की जांच का भविष्य फिलहाल लिखित आदेशों के इंतजार में अटका हुआ दिखाई दे रहा है।
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    मौखिक आदेशों पर नहीं चलेगा प्रशासन!" — IAS रिंकू सिंह राही का डीएम को दो टूक पत्र, नगर पालिका जांच में मचा प्रशासनिक घमासान
उरई (जालौन)। नगर पालिका परिषद उरई की जांच को लेकर जालौन प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी (न्यायिक) IAS रिंकू सिंह राही ने जिलाधिकारी को भेजे अपने पत्र में साफ शब्दों में कहा है कि "दूरभाषीय अथवा मौखिक निर्देशों की कोई विश्वसनीयता नहीं होती, इसलिए केवल लिखित आदेशों के आधार पर ही कार्यवाही की जा सकती है।" इस टिप्पणी के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
29 जुलाई 2026 को भेजे गए पत्र में रिंकू सिंह राही ने सवाल उठाया कि सोशल मीडिया पर 17 जुलाई 2026 का एक आदेश वायरल हो रहा है, जिसमें नगर पालिका जांच समिति में उनके स्थान पर दूसरे अधिकारी को नामित किए जाने की बात कही गई है। हैरानी की बात यह है कि आदेश की प्रतिलिपि सूची में उनका नाम होने के बावजूद उन्हें आज तक न तो आदेश की आधिकारिक प्रति मिली और न ही कोई औपचारिक सूचना दी गई।
राही ने पत्र में स्पष्ट लिखा कि जब तक आदेश की प्रमाणित प्रति उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक यह तय करना संभव नहीं है कि सोशल मीडिया पर वायरल पत्र वास्तविक है या नहीं। उन्होंने अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति) से पत्र की प्रामाणिकता की पुष्टि कराने और उसकी अधिकृत प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सभासदों की शिकायत पर जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में वे लगातार जांच कर रहे थे और इस संबंध में कई पत्राचार भी किए गए, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट लिखित निर्देश प्राप्त नहीं हुआ।
सबसे अहम सवाल उन्होंने जिलाधिकारी से यह पूछा है कि यदि जांच का दायित्व वास्तव में किसी दूसरी समिति को सौंप दिया गया है, तो क्या उनके द्वारा की जा रही जांच तत्काल रोक दी जाए या समाप्त मान ली जाए? इस संबंध में उन्होंने तत्काल लिखित मार्गदर्शन देने की मांग की है।
रिंकू सिंह राही का यह पत्र अब प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। मौखिक आदेशों की विश्वसनीयता पर उठाए गए सवाल और लिखित निर्देशों की मांग को प्रशासनिक पारदर्शिता एवं जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, खबर लिखे जाने तक जिला प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में नगर पालिका परिषद उरई की जांच का भविष्य फिलहाल लिखित आदेशों के इंतजार में अटका हुआ दिखाई दे रहा है।
    user_दैनिक जागरण रजनीश द्विवेदी
    दैनिक जागरण रजनीश द्विवेदी
    माधौगढ़, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • up.sarkar.phasalnuksan.ole
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    up.sarkar.phasalnuksan.ole
    user_Tilaksingh
    Tilaksingh
    माधौगढ़, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मारपीट की शिकायत लेकर थाने पहुँचा पीड़ित, कार्रवाई के बजाय अपमान का आरोप; अब एसडीएम से लगाई न्याय की गुहार" ब्रेकिंग न्यूज़ | माधौगढ़ प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल माधौगढ़ (जालौन)। थाना रेढ़र क्षेत्र के ग्राम कन्हरपुरा निवासी अरविंद उर्फ गुड्डू ने उपजिलाधिकारी माधौगढ़ को दिए प्रार्थना पत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है। प्रार्थना पत्र के अनुसार खेत में करंट वाली झटका मशीन बंद कराने की बात कहने पर उसके साथ कथित रूप से लाठी-डंडों से मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित का आरोप है कि घटना की शिकायत लेकर जब वह थाना रेढ़र पहुँचा तो उसकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करने के बजाय उसे कथित रूप से अपमानित किया गया और उचित कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि खेत के चारों ओर लगे तारों में करंट प्रवाहित होने से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, फिर भी अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित ने एसडीएम से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, मेडिकल परीक्षण कराया जाए, आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा खेत में बिछाए गए करंट वाले तारों की तत्काल जांच कराकर उन्हें हटवाया जाए। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोप सही हैं, तो क्या आम नागरिक को न्याय मांगने पर भी अपमान सहना पड़ेगा? क्या जानलेवा खतरे की शिकायत को भी गंभीरता से नहीं लिया जाएगा? अब निगाहें प्रशासन पर हैं कि वह इस मामले में निष्पक्ष जांच कर पीड़ित को न्याय दिलाता है या नहीं जिला संवाददाता देवेंद्र सिंह
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    मारपीट की शिकायत लेकर थाने पहुँचा पीड़ित, कार्रवाई के बजाय अपमान का आरोप; अब एसडीएम से लगाई न्याय की गुहार"
ब्रेकिंग न्यूज़ | 
माधौगढ़ प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल 
माधौगढ़ (जालौन)। थाना रेढ़र क्षेत्र के ग्राम कन्हरपुरा निवासी अरविंद उर्फ गुड्डू ने उपजिलाधिकारी माधौगढ़ को दिए प्रार्थना पत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है। प्रार्थना पत्र के अनुसार खेत में करंट वाली झटका मशीन बंद कराने की बात कहने पर उसके साथ कथित रूप से लाठी-डंडों से मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई।
पीड़ित का आरोप है कि घटना की शिकायत लेकर जब वह थाना रेढ़र पहुँचा तो उसकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करने के बजाय उसे कथित रूप से अपमानित किया गया और उचित कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि खेत के चारों ओर लगे तारों में करंट प्रवाहित होने से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, फिर भी अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ित ने एसडीएम से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, मेडिकल परीक्षण कराया जाए, आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा खेत में बिछाए गए करंट वाले तारों की तत्काल जांच कराकर उन्हें हटवाया जाए।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोप सही हैं, तो क्या आम नागरिक को न्याय मांगने पर भी अपमान सहना पड़ेगा? क्या जानलेवा खतरे की शिकायत को भी गंभीरता से नहीं लिया जाएगा?
अब निगाहें प्रशासन पर हैं कि वह इस मामले में निष्पक्ष जांच कर पीड़ित को न्याय दिलाता है या नहीं
जिला संवाददाता देवेंद्र सिंह
    user_दविंदर सिंह जालौन
    दविंदर सिंह जालौन
    Court reporter माधौगढ़, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • जालौन: लौना रोड बना लोगों के लिए जी का जंजाल, गड्ढों में सफर करना बना बड़ी चुनौती जालौन नगर का लौना रोड इन दिनों बदहाल स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे और बड़े गड्ढों के कारण रोज़ाना ई-रिक्शा चालक, बाइक सवार, ट्रैक्टर चालक और अन्य वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से गुजरना किसी जंग जीतने से कम नहीं है। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाज़ा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अब तक सड़क की मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया। क्षेत्रवासियों का कहना है कि आखिर प्रशासन और जनप्रतिनिधि किस बड़े हादसे या किसी की मौत का इंतजार कर रहे हैं। उनका सवाल है कि जब आम जनता रोज़ इस सड़क से जूझ रही है तो इसकी मरम्मत कब होगी। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि लौना रोड के गड्ढों को तत्काल भरवाकर सड़क की मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनआंदोलन करने पर भी विचार किया जाएगा।
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    जालौन: लौना रोड बना लोगों के लिए जी का जंजाल, गड्ढों में सफर करना बना बड़ी चुनौती
जालौन नगर का लौना रोड इन दिनों बदहाल स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे और बड़े गड्ढों के कारण रोज़ाना ई-रिक्शा चालक, बाइक सवार, ट्रैक्टर चालक और अन्य वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से गुजरना किसी जंग जीतने से कम नहीं है।
बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाज़ा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अब तक सड़क की मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि आखिर प्रशासन और जनप्रतिनिधि किस बड़े हादसे या किसी की मौत का इंतजार कर रहे हैं। उनका सवाल है कि जब आम जनता रोज़ इस सड़क से जूझ रही है तो इसकी मरम्मत कब होगी।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि लौना रोड के गड्ढों को तत्काल भरवाकर सड़क की मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनआंदोलन करने पर भी विचार किया जाएगा।
    user_Bheem rajawat 9628800458
    Bheem rajawat 9628800458
    पत्रकार जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    50 min ago
  • डॉ गोबिंद सिंह ने दतिया में निष्पक्ष चुनाव के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखा पत्र.. ​मध्य प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविन्द सिंह ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (नई दिल्ली) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (भोपाल) को पत्र लिखकर 22-दतिया विधानसभा उपचुनाव में गंभीर अनियमितता की आशंका जताई है
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    डॉ गोबिंद सिंह ने दतिया में निष्पक्ष चुनाव के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखा पत्र..
​मध्य प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविन्द सिंह ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (नई दिल्ली) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (भोपाल) को पत्र लिखकर 22-दतिया विधानसभा उपचुनाव में गंभीर अनियमितता की आशंका जताई है
    user_DHARMENDRA SINGH KAURAV
    DHARMENDRA SINGH KAURAV
    Local News Reporter लहार, भिंड, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • आलमपुर में ABVP के छात्रों ने बिजली समस्या को लेकर चलाया हस्ताक्षर अभियान बिजली घर जाकर किया धरना प्रदर्शन कांग्रेसी बोले धरना प्रदर्शन, ज्ञापन देना ये सब विपक्ष का काम है
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    आलमपुर में ABVP  के छात्रों ने बिजली समस्या को लेकर चलाया हस्ताक्षर अभियान बिजली घर जाकर किया धरना प्रदर्शन 
कांग्रेसी बोले धरना प्रदर्शन, ज्ञापन देना  ये सब विपक्ष का काम है
    user_विजय झा
    विजय झा
    Voice of people लहार, भिंड, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • जालौन: युवक ने प्रधान व सचिव पर लगाए गंभीर आरोप, वीडियो वायरल कर पीएम आवास योजना में नाम कटवाने की जांच की मांग जालौन। विकासखंड जालौन के ग्राम रेंडर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक ने ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि गांव निवासी पूनम देवी को पिछले लगभग 10 वर्षों से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ नहीं मिल सका है। युवक का आरोप है कि पात्र होने के बावजूद पूनम देवी का नाम जानबूझकर योजना की सूची से कटवा दिया गया, जिसके कारण उन्हें आज तक आवास का लाभ नहीं मिल पाया। वीडियो में उसने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और यदि कोई अनियमितता हुई हो तो दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो पात्र लाभार्थी को तत्काल योजना का लाभ दिलाया जाना चाहिए। हालांकि, इस मामले में ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव अथवा संबंधित विभाग की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी।
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    जालौन: युवक ने प्रधान व सचिव पर लगाए गंभीर आरोप, वीडियो वायरल कर पीएम आवास योजना में नाम कटवाने की जांच की मांग
जालौन। विकासखंड जालौन के ग्राम रेंडर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक ने ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि गांव निवासी पूनम देवी को पिछले लगभग 10 वर्षों से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ नहीं मिल सका है।
युवक का आरोप है कि पात्र होने के बावजूद पूनम देवी का नाम जानबूझकर योजना की सूची से कटवा दिया गया, जिसके कारण उन्हें आज तक आवास का लाभ नहीं मिल पाया। वीडियो में उसने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और यदि कोई अनियमितता हुई हो तो दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।
वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो पात्र लाभार्थी को तत्काल योजना का लाभ दिलाया जाना चाहिए।
हालांकि, इस मामले में ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव अथवा संबंधित विभाग की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी।
    user_Bheem rajawat 9628800458
    Bheem rajawat 9628800458
    पत्रकार जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • कोंच के नया पटेल नगर में मामा के घर फंदे पर लटका मिला 17 वर्षीय किशोरी का शव, हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस मामा के घर 9 की छात्रा का फंदे से लटकता मिला शव कोंच(जालौन)मामा के घर आई एक नावलिक किशोरी ने संदिग्ध परस्थितियों के चलते फांसी लगाकर अपनी जीबन लीला को समाप्त कर लिया सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी पहलुओं पर जांच करने में जुट गयी। प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहल्ला नया पटेल नगर में मां के घर पर एक नाबालिक 17 वर्षीय किशोरी एक दिन पहले किसी युवक से मोबाइल पर बात कर रही थी इसी दौरान किशोरी के मामा आ गए और उन्होंने मोबाइल छीन लिया इसके बाद यह घटना सामने आई बताया जा रहा है कि किशोरी ने घर के अंदर आंगन में लगे जल से साड़ी का फंदा बनाकर झूल गई और अपनी जीवन लीला को समाप्त कर लिया है जैसे ही परिजनों ने किशोरी को फंदे से लटकते हुए देखा तो तत्काल ही उन्होंने किशोरी को फंदे से नीचे उतारा और पुलिस को सूचना दी वही उक्त घटना की जानकारी जैसे ही पड़ोसियों को हुई तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुए साक्ष्य जुटाये और शव को कब्जे में लेकर पंचायत नामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है वहीं पुलिस का कहना है की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी और लोगों के ब्यानों को लिया जा रहा है उनके आधार पर ही बास्तविक मृत्यु के कारणों का पता लगाया जाएगा।
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    कोंच के नया पटेल नगर में मामा के घर फंदे पर लटका मिला 17 वर्षीय किशोरी का शव, हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस
मामा के घर  9 की छात्रा का फंदे से लटकता मिला शव
कोंच(जालौन)मामा के घर आई एक नावलिक किशोरी ने संदिग्ध परस्थितियों के चलते फांसी लगाकर अपनी जीबन लीला को समाप्त कर लिया सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी पहलुओं पर जांच करने में जुट गयी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहल्ला नया पटेल नगर में मां के घर पर एक नाबालिक 17 वर्षीय किशोरी एक दिन पहले किसी युवक से मोबाइल पर बात कर रही थी इसी दौरान किशोरी के मामा आ गए और उन्होंने मोबाइल छीन लिया इसके बाद यह घटना सामने आई बताया जा रहा है कि किशोरी ने घर के अंदर आंगन में लगे जल से साड़ी का फंदा बनाकर झूल गई और अपनी जीवन लीला को समाप्त कर लिया है जैसे ही परिजनों ने किशोरी को फंदे से लटकते हुए देखा तो तत्काल ही उन्होंने किशोरी को फंदे से नीचे उतारा और पुलिस को सूचना दी वही उक्त घटना की जानकारी जैसे ही पड़ोसियों को हुई तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुए साक्ष्य जुटाये और शव को कब्जे में लेकर पंचायत नामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है वहीं पुलिस का कहना है की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी और लोगों के ब्यानों को लिया जा रहा है उनके आधार पर ही बास्तविक मृत्यु के कारणों का पता लगाया जाएगा।
    user_Vivek Dwivedi public news
    Vivek Dwivedi public news
    पत्रकार Konch, Jalaun•
    2 hrs ago
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