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- ब्रेकिंग न्यूज.....* *जालौन अपने समर्थकों के साथ उरई नगर पालिका की जांच करने पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह रही* *लगभग दो घंटों तक अपने समर्थकों के साथ दस्तावेज खंगालते रहे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट* *जालौन ब्रेकिंग न्यूज.....* *जालौन अपने समर्थकों के साथ उरई नगर पालिका की जांच करने पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह रही* *लगभग दो घंटों तक अपने समर्थकों के साथ दस्तावेज खंगालते रहे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट* *नगर पालिका के ईओ राम अचल कुरील से हुई तीखी नोक झोंक* *EO नगर पालिका ने दस्तावेज दिखाने से किया साफ इनकार* *क्या किसी भी जांच में जांच अधिकारी को अपने समर्थकों के साथ जांच करने का अधिकार है* आपको बता दे कि उरई नगर पालिका में जांच ट्रांसफर होने के बावजूद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही के जांच करने पहुंचने पर नया विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि जांच के दौरान बड़ी संख्या में निजी युवकों को साथ लाया गया, जिन्होंने नगर पालिका परिसर में वीडियो बनाए और उन्हें सोशल मीडिया पर प्रचारित किया। करीब दो घंटे तक विभिन्न कक्षों में दस्तावेजों की जांच की गई, लेकिन शिकायत से जुड़े प्रमुख बिंदुओं पर जांच नहीं होने के आरोप भी लगे। जांच के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही और नगर पालिका के टीएस गणेश प्रसाद मीडिया के कैमरों से बचते नजर आए। वहीं अधिशासी अधिकारी राम अचल कुरील से कथित रूप से तीखी नोकझोंक भी हुई। बताया गया कि अधिशासी अधिकारी ने कुछ अभिलेख दिखाने से इनकार कर दिया, जिस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने उन पर "सेटिंग-गेटिंग" के लगाए आरोप1
- मौखिक आदेशों पर नहीं चलेगा प्रशासन!" — IAS रिंकू सिंह राही का डीएम को दो टूक पत्र, नगर पालिका जांच में मचा प्रशासनिक घमासान उरई (जालौन)। नगर पालिका परिषद उरई की जांच को लेकर जालौन प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी (न्यायिक) IAS रिंकू सिंह राही ने जिलाधिकारी को भेजे अपने पत्र में साफ शब्दों में कहा है कि "दूरभाषीय अथवा मौखिक निर्देशों की कोई विश्वसनीयता नहीं होती, इसलिए केवल लिखित आदेशों के आधार पर ही कार्यवाही की जा सकती है।" इस टिप्पणी के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। 29 जुलाई 2026 को भेजे गए पत्र में रिंकू सिंह राही ने सवाल उठाया कि सोशल मीडिया पर 17 जुलाई 2026 का एक आदेश वायरल हो रहा है, जिसमें नगर पालिका जांच समिति में उनके स्थान पर दूसरे अधिकारी को नामित किए जाने की बात कही गई है। हैरानी की बात यह है कि आदेश की प्रतिलिपि सूची में उनका नाम होने के बावजूद उन्हें आज तक न तो आदेश की आधिकारिक प्रति मिली और न ही कोई औपचारिक सूचना दी गई। राही ने पत्र में स्पष्ट लिखा कि जब तक आदेश की प्रमाणित प्रति उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक यह तय करना संभव नहीं है कि सोशल मीडिया पर वायरल पत्र वास्तविक है या नहीं। उन्होंने अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति) से पत्र की प्रामाणिकता की पुष्टि कराने और उसकी अधिकृत प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सभासदों की शिकायत पर जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में वे लगातार जांच कर रहे थे और इस संबंध में कई पत्राचार भी किए गए, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट लिखित निर्देश प्राप्त नहीं हुआ। सबसे अहम सवाल उन्होंने जिलाधिकारी से यह पूछा है कि यदि जांच का दायित्व वास्तव में किसी दूसरी समिति को सौंप दिया गया है, तो क्या उनके द्वारा की जा रही जांच तत्काल रोक दी जाए या समाप्त मान ली जाए? इस संबंध में उन्होंने तत्काल लिखित मार्गदर्शन देने की मांग की है। रिंकू सिंह राही का यह पत्र अब प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। मौखिक आदेशों की विश्वसनीयता पर उठाए गए सवाल और लिखित निर्देशों की मांग को प्रशासनिक पारदर्शिता एवं जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक जिला प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में नगर पालिका परिषद उरई की जांच का भविष्य फिलहाल लिखित आदेशों के इंतजार में अटका हुआ दिखाई दे रहा है।2
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- मारपीट की शिकायत लेकर थाने पहुँचा पीड़ित, कार्रवाई के बजाय अपमान का आरोप; अब एसडीएम से लगाई न्याय की गुहार" ब्रेकिंग न्यूज़ | माधौगढ़ प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल माधौगढ़ (जालौन)। थाना रेढ़र क्षेत्र के ग्राम कन्हरपुरा निवासी अरविंद उर्फ गुड्डू ने उपजिलाधिकारी माधौगढ़ को दिए प्रार्थना पत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है। प्रार्थना पत्र के अनुसार खेत में करंट वाली झटका मशीन बंद कराने की बात कहने पर उसके साथ कथित रूप से लाठी-डंडों से मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित का आरोप है कि घटना की शिकायत लेकर जब वह थाना रेढ़र पहुँचा तो उसकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करने के बजाय उसे कथित रूप से अपमानित किया गया और उचित कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि खेत के चारों ओर लगे तारों में करंट प्रवाहित होने से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, फिर भी अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित ने एसडीएम से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, मेडिकल परीक्षण कराया जाए, आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा खेत में बिछाए गए करंट वाले तारों की तत्काल जांच कराकर उन्हें हटवाया जाए। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोप सही हैं, तो क्या आम नागरिक को न्याय मांगने पर भी अपमान सहना पड़ेगा? क्या जानलेवा खतरे की शिकायत को भी गंभीरता से नहीं लिया जाएगा? अब निगाहें प्रशासन पर हैं कि वह इस मामले में निष्पक्ष जांच कर पीड़ित को न्याय दिलाता है या नहीं जिला संवाददाता देवेंद्र सिंह1
- बदमाशों का शिकार हुआ व्यवसायी डेढ़ लाख की हुई टप्पेवाजी लोगों में असुरक्षा भावना जालौन।बदमाशों की धमा चौकड़ी से जनता परेशान है। आये दिन चोरी टप्पेवाजी व आपराधिक घटनाओं से जनता परेशान है। मंगलवार की रात दुकान बंद कर पिता के साथ घर लौट रहे एक व्यापारी से मुंह बांधे तीन अज्ञात बदमाश स्कूटी में रखे झोला लेकर फरार हो गए। झोले में करीब 1.5 लाख रुपये नकद के साथ जरूरी सामान था। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पुरानी नझाई निवासी दिलीप कुमार अग्रवाल पुत्र रमाशंकर अग्रवाल की मुख्य बाजार में जनरल स्टोर की दुकान है। रमा जनरल स्टोर के मालिक दिलीप कुमार अग्रवाल अपने पिता रमाशंकर अग्रवाल उर्फ रमा के साथ मंगलवार को रात 9 बजे अपनी दुकान बंद कर घर पहुंचे थे। घर के सामने स्कूटी खड़ी कर उस पर झोला रखकर वह दरवाजा खोलने लगे। इसी दौरान एक मोटर साइकिल पर सवार होकर तीन अज्ञात व्यक्ति मुंह बांध कर आये तथा स्कूटी खड़ी देखी ।पहले से रैकी कर रहे बदमाशों ने मौका पाकर स्कूटी पर रखा झोला उठाया और तेजी से भाग निकले।पीड़ित दिलीप अग्रवाल ने बताया कि झोले में लगभग डेढ़ लाख रुपये नकद, स्टील की पानी की बोतल और लंच टिफिन रखा था। झोला जमीन प्रिंट और मेहंदी रंग का था। घटना के बाद पीड़ित ने तत्काल कोतवाली पहुंचकर सूचना दी।घटना की सूचना लगते ही कोतवाली प्रभारी हरीशंकर चन्द पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गये तथा आसपास लगे सी सी टी वी पुटेज खंगाली तथा पुटेज में दिख रहे संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है। मामले के खुलासे के लिए टीम गठित कर दी गयी है।1
- जालौन: लौना रोड बना लोगों के लिए जी का जंजाल, गड्ढों में सफर करना बना बड़ी चुनौती जालौन नगर का लौना रोड इन दिनों बदहाल स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे और बड़े गड्ढों के कारण रोज़ाना ई-रिक्शा चालक, बाइक सवार, ट्रैक्टर चालक और अन्य वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से गुजरना किसी जंग जीतने से कम नहीं है। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाज़ा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अब तक सड़क की मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया। क्षेत्रवासियों का कहना है कि आखिर प्रशासन और जनप्रतिनिधि किस बड़े हादसे या किसी की मौत का इंतजार कर रहे हैं। उनका सवाल है कि जब आम जनता रोज़ इस सड़क से जूझ रही है तो इसकी मरम्मत कब होगी। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि लौना रोड के गड्ढों को तत्काल भरवाकर सड़क की मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनआंदोलन करने पर भी विचार किया जाएगा।1
- जालौन: युवक ने प्रधान व सचिव पर लगाए गंभीर आरोप, वीडियो वायरल कर पीएम आवास योजना में नाम कटवाने की जांच की मांग जालौन। विकासखंड जालौन के ग्राम रेंडर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक ने ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि गांव निवासी पूनम देवी को पिछले लगभग 10 वर्षों से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ नहीं मिल सका है। युवक का आरोप है कि पात्र होने के बावजूद पूनम देवी का नाम जानबूझकर योजना की सूची से कटवा दिया गया, जिसके कारण उन्हें आज तक आवास का लाभ नहीं मिल पाया। वीडियो में उसने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और यदि कोई अनियमितता हुई हो तो दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो पात्र लाभार्थी को तत्काल योजना का लाभ दिलाया जाना चाहिए। हालांकि, इस मामले में ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव अथवा संबंधित विभाग की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी।1
- कोंच के नया पटेल नगर में मामा के घर फंदे पर लटका मिला 17 वर्षीय किशोरी का शव, हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस मामा के घर 9 की छात्रा का फंदे से लटकता मिला शव कोंच(जालौन)मामा के घर आई एक नावलिक किशोरी ने संदिग्ध परस्थितियों के चलते फांसी लगाकर अपनी जीबन लीला को समाप्त कर लिया सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी पहलुओं पर जांच करने में जुट गयी। प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहल्ला नया पटेल नगर में मां के घर पर एक नाबालिक 17 वर्षीय किशोरी एक दिन पहले किसी युवक से मोबाइल पर बात कर रही थी इसी दौरान किशोरी के मामा आ गए और उन्होंने मोबाइल छीन लिया इसके बाद यह घटना सामने आई बताया जा रहा है कि किशोरी ने घर के अंदर आंगन में लगे जल से साड़ी का फंदा बनाकर झूल गई और अपनी जीवन लीला को समाप्त कर लिया है जैसे ही परिजनों ने किशोरी को फंदे से लटकते हुए देखा तो तत्काल ही उन्होंने किशोरी को फंदे से नीचे उतारा और पुलिस को सूचना दी वही उक्त घटना की जानकारी जैसे ही पड़ोसियों को हुई तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुए साक्ष्य जुटाये और शव को कब्जे में लेकर पंचायत नामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है वहीं पुलिस का कहना है की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी और लोगों के ब्यानों को लिया जा रहा है उनके आधार पर ही बास्तविक मृत्यु के कारणों का पता लगाया जाएगा।1