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सुगौली थाना क्षेत्र में रविवार को हुई एक सड़क दुर्घटना में बाइक सवार सहित कुल चार लोग घायल हो गए। यह घटना सुगौली-छपरा बहास बायपास रोड पर घटित हुई। मिली जानकारी के अनुसार, सुगौली के छपरा बहास बायपास रोड पर एक मैजिक वैन और बाइक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस टक्कर के परिणामस्वरूप मैजिक वैन पलट गई और दुर्घटना में कुल चार व्यक्ति घायल हुए।
Shambhu sharan
सुगौली थाना क्षेत्र में रविवार को हुई एक सड़क दुर्घटना में बाइक सवार सहित कुल चार लोग घायल हो गए। यह घटना सुगौली-छपरा बहास बायपास रोड पर घटित हुई। मिली जानकारी के अनुसार, सुगौली के छपरा बहास बायपास रोड पर एक मैजिक वैन और बाइक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस टक्कर के परिणामस्वरूप मैजिक वैन पलट गई और दुर्घटना में कुल चार व्यक्ति घायल हुए।
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- पश्चिमी चंपारण जिले के मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के अमवा मझार स्थित गंडक नहर के 55 पुल बड़ा केवड़ा के समीप एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहाँ रील (वीडियो) बनाने के दौरान दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अंचलाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतकों की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बारी टोला निवासी धर्म कुमार (18 वर्ष), पिता विनोद यादव, और करण कुमार (19 वर्ष), पिता नंद लाल महतो के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों युवक अपने कुछ साथियों के साथ गंडक नहर के 55 पुल बड़ा केवड़ा के पास गए थे। वे मोबाइल से रील बनाने में व्यस्त थे, तभी उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नहर के गहरे पानी में जा गिरे। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण वे सफल नहीं हो सके। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। काफी खोजबीन के बाद दोनों युवकों के शवों को नहर से बाहर निकाला गया। मुफस्सिल थाना पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए बेतिया जीएमसीएच भेज दिया। इस दुखद घटना के बाद मृतकों के गांव बारी टोला में गहरा मातम पसरा हुआ है, जहाँ परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीण भी इस हादसे से स्तब्ध हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदियों, नहरों और अन्य जलाशयों के किनारे वीडियो या रील बनाते समय विशेष सावधानी बरतें, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।4
- अपनी मांगों को लेकर वैश्य समाज ने जोरदार आवाज उठाई है, जिसमें उन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में शामिल करने की मांग प्रमुख है। इस मांग को लेकर वैश्य समाज की हुंकार सुपौल से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक गूंजी है, जो समुदाय के दृढ़ संकल्प को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।1
- ख़ान सर और रौशन आनंद के बीच चल रहे विवाद को लेकर छात्रों की क्या राय या इच्छाएँ हैं, यह जानने का प्रयास किया जा रहा है।1
- बलिया शहर के कुंवर सिंह इंटर कॉलेज परिसर में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ के सहयोग से पंडित पारसनाथ उपाध्याय स्मृति न्यास द्वारा एक संगीत प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। म्यूजिक प्लेनेट संगीत प्रशिक्षण केंद्र के सचिव और संगीत शिरोमणि डॉ. अरविंद उपाध्याय के निर्देशन में संचालित इस कार्यशाला के सत्रहवें दिन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस कार्यशाला में बच्चों को गीत, संगीत, नृत्य और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। कार्यक्रम में कुंवर सिंह डिग्री कॉलेज के प्रो. मंजीत सिंह मुख्य अतिथि तथा सनबीम स्कूल के शिक्षक एवं साहित्यकार डॉ. नवचंद्र तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिनका स्वागत टीडी कॉलेज के बायोटेक विभागाध्यक्ष डॉ. राहुल पांडेय ने पुष्पहार अर्पित कर किया। अपने संबोधन में प्रो. मंजीत सिंह ने गीत-संगीत को मानव जीवन का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि शिक्षा के साथ कला का ज्ञान विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और उन्हें एक अतिरिक्त योग्यता प्रदान करता है। वहीं, डॉ. नवचंद्र तिवारी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रीष्मावकाश बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें नई दिशा देने का सबसे उपयुक्त समय होता है, और ऐसे प्रशिक्षण शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होते हैं। इस कार्यशाला के सफल संचालन में पंडित पारसनाथ उपाध्याय स्मृति न्यास की अध्यक्षा श्रीमती जया उपाध्याय, आनंद जी वर्मा, सुशील कुमार तिवारी, श्याम कुमार वर्मा, सूरज सिंह और अदिति मिश्रा का सराहनीय योगदान रहा। इस अवसर पर एससी कॉलेज के प्रो. रामकुमार सिंह, सुदिष्टि पुरी महाविद्यालय के प्रो. विवेकानंद देव पांडेय, मीरा देवी डिग्री कॉलेज के प्रो. शैलेंद्र श्रीवास्तव, कुंवर सिंह इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य शशि प्रेमदेव, कवयित्री सुशील पाल, नम्रता राय, निकिता, कृष्णदत्त पांडेय, राजेश सहित अनेक गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।1
- BPSC शिक्षिका गुंजा कुमारी ने अपनी जान को खतरे में बताया है।1
- आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वास्थ्य और पोषण सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने पोषण वाटिका के महत्व पर जोर देते हुए इसे 'कुपोषण मुक्त भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने का सबसे सरल उपाय बताया है। डॉ. सिंह के अनुसार, पोषण वाटिका घर के आस-पास की खाली भूमि पर या जमीन उपलब्ध न होने पर छत पर भी बनाई जा सकती है। प्राकृतिक तरीके और बिना रसायन के उगाई गई सब्जियों व फलों का सेवन परिवार के स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है। गोबर की खाद, जीवामृत और प्राकृतिक विधि से उगाई गई ये फसलें कीटनाशकों के अवशेषों से मुक्त होती हैं, जिससे कैंसर, किडनी और लीवर जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है। ताजी हरी सब्जियां, सहजन, पालक, गाजर, पपीता, अमरूद, नींबू और आंवला विटामिन-A, C, आयरन, कैल्शियम व जिंक के प्रमुख स्रोत हैं। इनके नियमित सेवन से बच्चों में कुपोषण और महिलाओं में खून की कमी दूर होती है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विटामिन-C से भरपूर आंवला, नींबू, अमरूद और सहजन का सेवन मौसमी बीमारियों से बचाव में सहायक है। इसके अतिरिक्त, किसान अतिरिक्त उत्पादन को स्थानीय बाजार में बेचकर आय अर्जित कर सकते हैं और बाजार पर निर्भरता कम कर सकते हैं। नौतन प्रखंड के बैकुंठवा गांव के किसान राघोशरण प्रसाद ने बताया कि लगभग 250 वर्ग मीटर की पोषण वाटिका से उनके पूरे परिवार की साल भर की सब्जी-फल की जरूरत पूरी हो जाती है और अतिरिक्त उत्पादन बेचकर उन्हें लाभ मिलता है। वे प्रतिमाह 2000-2500 रुपये की बचत भी कर रहे हैं। वहीं, बैरिया प्रखंड के पुजहा गांव की श्रीमति विंदा देवी ने तो अपने घर की छत पर पोषण वाटिका बनाकर एक मिसाल पेश की है। डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने सुझाव दिया कि सहजन, पपीता, नींबू, आंवला और करौंदा जैसे बड़े पौधों को वाटिका की उत्तर और पश्चिम दिशा में लगाना चाहिए ताकि उनकी छाया अन्य सब्जियों पर न पड़े। वहीं, हल्दी, अदरक और पत्तेदार साग-भाजी को छायादार स्थान पर लगाना उचित रहता है। कृषि विज्ञान केंद्र 'एक घर, एक पोषण वाटिका' अभियान के तहत चयनित गांवों में महिलाओं को सब्जी बीज किट और तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान कर रहा है। डॉ. सिंह ने अंत में कहा कि हर घर में पोषण वाटिका का होना अनिवार्य है, क्योंकि रसायन-मुक्त सब्जियों का सेवन करने से डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाती है।4
- सुगौली थाना क्षेत्र में रविवार को हुई एक सड़क दुर्घटना में बाइक सवार सहित कुल चार लोग घायल हो गए। यह घटना सुगौली-छपरा बहास बायपास रोड पर घटित हुई। मिली जानकारी के अनुसार, सुगौली के छपरा बहास बायपास रोड पर एक मैजिक वैन और बाइक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस टक्कर के परिणामस्वरूप मैजिक वैन पलट गई और दुर्घटना में कुल चार व्यक्ति घायल हुए।1