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सहारा होटल में पुलिस की दबिश से मचा हड़कंप चार कमरों से युवक-युवतियां बाहर निकाले, संचालक को थाने बुलाकर हुई लंबी पूछताछ शहर के होटलों में चल रही कथित संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतों के बीच मंगलवार को कटंगी पुलिस ने कटंगी-वारासिवनी मार्ग स्थित सहारा होटल में अचानक दबिश देकर जांच की। दोपहर करीब 1 बजे हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने होटल के अलग-अलग चार कमरों से युवक-युवतियों को बाहर निकाला। पुलिस ने मौके पर पूछताछ और समझाइश के बाद उन्हें छोड़ दिया, लेकिन कार्रवाई यहीं खत्म नहीं हुई। पुलिस ने होटल संचालक पिंकी भैरम को थाने बुलाया और काफी देर तक पूछताछ की।

12 hrs ago
user_Dev Anand
Dev Anand
कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
12 hrs ago

सहारा होटल में पुलिस की दबिश से मचा हड़कंप चार कमरों से युवक-युवतियां बाहर निकाले, संचालक को थाने बुलाकर हुई लंबी पूछताछ शहर के होटलों में चल रही कथित संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतों के बीच मंगलवार को कटंगी पुलिस ने कटंगी-वारासिवनी मार्ग स्थित सहारा होटल में अचानक दबिश देकर जांच की। दोपहर करीब 1 बजे हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने होटल के अलग-अलग चार कमरों से युवक-युवतियों को बाहर निकाला। पुलिस ने मौके पर पूछताछ और समझाइश के बाद उन्हें छोड़ दिया, लेकिन कार्रवाई यहीं खत्म नहीं हुई। पुलिस ने होटल संचालक पिंकी भैरम को थाने बुलाया और काफी देर तक पूछताछ की।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, डूण्डासिवनी का कुख्यात गुण्डा बदमाश युवराज उर्फ बहादुर तेकाम गिरफ्तार 17 आपराधिक प्रकरणों वाला बदमाश प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के तहत भेजा गया जेल सिवनी। कोतवाली पुलिस ने डूण्डासिवनी निवासी युवराज उर्फ बहादुर तेकाम \(22\) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और हत्या के प्रयास सहित पहले से 17 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। 8 सितंबर को ग्राम बींझावाड़ा निवासी शिवा कौशिक ने आरोपी के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी की शिकायत दर्ज कराई थी। 29 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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    कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, डूण्डासिवनी का कुख्यात गुण्डा बदमाश युवराज उर्फ बहादुर तेकाम गिरफ्तार

17 आपराधिक प्रकरणों वाला बदमाश प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के तहत भेजा गया जेल
सिवनी। कोतवाली पुलिस ने डूण्डासिवनी निवासी युवराज उर्फ बहादुर तेकाम \(22\) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और हत्या के प्रयास सहित पहले से 17 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
8 सितंबर को ग्राम बींझावाड़ा निवासी शिवा कौशिक ने आरोपी के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी की शिकायत दर्ज कराई थी। 29 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Chhindwara News: UGC रोलबैक समेत 5 मांगों को लेकर छिंदवाड़ा में प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
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    Chhindwara News: UGC रोलबैक समेत 5 मांगों को लेकर छिंदवाड़ा में प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
    user_BS News Network
    BS News Network
    Local News Reporter सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • भारत देश का प्रिय खेल कुश्ती प्रेमी कुश्ती देखना बड़ी संख्या में एकत्रित ऐसी भीड़ आपने कहीं नहीं देखी होगी छिंदवाड़ा के इमली खेड़ा ग्राम में कुश्ती का आयोजन किया गया जिसमें देश भर के पहलवान ने जोर राजमाइश की कुश्ती के प्रेमी ग्रामीणों की भीड़ देखकर मानो ऐसा लग रहा हो जैसे लगान फिल्म का सीन हो इतनी बड़ी तादाद में लोग कुश्ती देखना दूर-दूर के ग्रामीण क्षेत्र से वहां पहुंचे थे बड़ी बात यह थी कि यह कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया गया था
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    भारत देश का प्रिय खेल कुश्ती प्रेमी कुश्ती देखना बड़ी संख्या में एकत्रित ऐसी भीड़ आपने कहीं नहीं देखी होगी
छिंदवाड़ा के इमली खेड़ा ग्राम में कुश्ती का आयोजन किया गया जिसमें देश भर के पहलवान ने जोर राजमाइश की कुश्ती के प्रेमी ग्रामीणों की भीड़ देखकर मानो ऐसा लग रहा हो जैसे लगान फिल्म का सीन हो इतनी बड़ी तादाद में लोग कुश्ती देखना दूर-दूर के ग्रामीण क्षेत्र से वहां पहुंचे थे बड़ी बात यह थी कि यह कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया गया था
    user_Cwa
    Cwa
    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • छिंदवाड़ा जिले की जनपद पंचायत चौरई अंतर्गत ग्राम पंचायत धनोरा बारेवर के ग्रामीणों ने माचागोरा बांध से जुड़ी अपनी समस्याओं को लेकर जनसुनवाई में प्रशासन के सामने अपनी बात रखी। बांध बनने के बाद पिछले करीब 10 से 12 वर्षों से डूब क्षेत्र से प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि पुनर्वास के बावजूद उनके सामने आजीविका और भरण-पोषण का संकट बना हुआ है। वहीं स्थानीय मछुआरों ने भी जलाशय में मछली पकड़ने के लिए रोजगार और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है। दरअसल, चौरई क्षेत्र के ग्राम पंचायत धनोरा बारेवर में माचागोरा बांध के निर्माण के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बांध बनने के बाद उन्हें अपने पुराने गांव और पारंपरिक जीवन से विस्थापित होना पड़ा। करीब एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रभावित परिवारों की आजीविका का स्थाई समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन-प्रशासन की ओर से उन्हें जिस स्थान पर पुनर्वासित किया गया, वहां भी कई तरह की समस्याएं बनी हुई हैं। ग्रामीणों के मुताबिक पुनर्वास स्थल पर मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ रोजगार और भरण-पोषण के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जनसुनवाई में ग्राम पंचायत धनोरा के सरपंच परसराम वर्मा ने ग्रामीणों और स्थानीय मछुआरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कई परिवारों का पारंपरिक और पैतृक व्यवसाय मछली पकड़ना रहा है। ऐसे परिवारों के लिए माचागोरा जलाशय रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है, लेकिन स्थानीय मछुआरों को इसका पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलाशय में पानी भरने के बाद मछली पकड़ने का काम तो संभव है, लेकिन स्थानीय लोगों के पास इसके लिए जरूरी साधन ही उपलब्ध नहीं हैं। कई परिवारों के पास नाव और मछली पकड़ने के लिए जाल तक नहीं है। ऐसे में वे अपने पारंपरिक व्यवसाय को आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। वहीं मछुआरों के संगठन और समिति से जुड़े लोगों की संख्या को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों द्वारा करीब 862 लोगों के समिति से जुड़े होने की बात कही जाती है, लेकिन इनमें ऐसे लोगों के नाम भी शामिल होने की बात सामने आ रही है जो स्थानीय निवासी नहीं हैं या वास्तव में मछली पकड़ने के काम से जुड़े नहीं हैं। स्थानीय मछुआरों की मांग है कि वास्तविक रूप से मछली पकड़ने का काम करने वाले स्थानीय परिवारों का अलग से सर्वे और पंजीकरण कराया जाए। इसके बाद पात्र मछुआरों को नाव, जाल और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे जलाशय में अपने पारंपरिक व्यवसाय के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर सकें। ग्रामीणों का कहना है कि बांध निर्माण से प्रभावित होने के बाद उन्होंने विकास के लिए अपना क्षेत्र और अपनी जमीन छोड़ी है। ऐसे में शासन की जिम्मेदारी है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के साथ-साथ उनकी आजीविका का भी स्थाई इंतजाम किया जाए। ग्रामीणों की मांग है कि पुनर्वास से जुड़ी समस्याओं का दोबारा परीक्षण किया जाए और जहां मूलभूत सुविधाओं की कमी है, वहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही प्रभावित परिवारों को रोजगार के स्थाई साधन उपलब्ध कराने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएं। ग्रामीणों की ओर से मांग रखी गई है कि स्थानीय मछुआरों की वास्तविक स्थिति की जांच कर पात्र लोगों का अलग से पंजीकरण किया जाए। जिन परिवारों का पुश्तैनी काम मछली पकड़ना है, उन्हें नाव और जाल उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। जनसुनवाई में ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि माचागोरा बांध से प्रभावित परिवारों और स्थानीय मछुआरों की समस्याओं को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रखा जाए, बल्कि मौके पर वास्तविक स्थिति का सर्वे कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या झेल रहे परिवारों को रोजगार से जोड़ना जरूरी है। खासकर उन मछुआरा परिवारों को, जिनका पारंपरिक व्यवसाय मछली पकड़ना रहा है, जलाशय से रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए स्थानीय मछुआरों की पहचान, पंजीकरण और उन्हें नाव-जाल उपलब्ध कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जनसुनवाई में रखी गई उनकी समस्याओं पर प्रशासन गंभीरता से विचार करेगा और प्रभावित परिवारों की आजीविका से जुड़े मुद्दों का स्थाई समाधान निकाला जाएगा। माचागोरा बांध से प्रभावित धनोरा बारेवर के ग्रामीणों ने जनसुनवाई के माध्यम से पुनर्वास, भरण-पोषण और रोजगार से जुड़े मुद्दे प्रशासन के सामने रखे हैं। अब देखना होगा कि स्थानीय मछुआरों के पंजीकरण, नाव-जाल उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों की आजीविका से जुड़ी इन मांगों पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।
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    छिंदवाड़ा जिले की जनपद पंचायत चौरई अंतर्गत ग्राम पंचायत धनोरा बारेवर के ग्रामीणों ने माचागोरा बांध से जुड़ी अपनी समस्याओं को लेकर जनसुनवाई में प्रशासन के सामने अपनी बात रखी। बांध बनने के बाद पिछले करीब 10 से 12 वर्षों से डूब क्षेत्र से प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि पुनर्वास के बावजूद उनके सामने आजीविका और भरण-पोषण का संकट बना हुआ है। वहीं स्थानीय मछुआरों ने भी जलाशय में मछली पकड़ने के लिए रोजगार और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है।
दरअसल, चौरई क्षेत्र के ग्राम पंचायत धनोरा बारेवर में माचागोरा बांध के निर्माण के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बांध बनने के बाद उन्हें अपने पुराने गांव और पारंपरिक जीवन से विस्थापित होना पड़ा। करीब एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रभावित परिवारों की आजीविका का स्थाई समाधान नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि शासन-प्रशासन की ओर से उन्हें जिस स्थान पर पुनर्वासित किया गया, वहां भी कई तरह की समस्याएं बनी हुई हैं। ग्रामीणों के मुताबिक पुनर्वास स्थल पर मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ रोजगार और भरण-पोषण के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जनसुनवाई में ग्राम पंचायत धनोरा के सरपंच परसराम वर्मा ने ग्रामीणों और स्थानीय मछुआरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कई परिवारों का पारंपरिक और पैतृक व्यवसाय मछली पकड़ना रहा है। ऐसे परिवारों के लिए माचागोरा जलाशय रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है, लेकिन स्थानीय मछुआरों को इसका पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलाशय में पानी भरने के बाद मछली पकड़ने का काम तो संभव है, लेकिन स्थानीय लोगों के पास इसके लिए जरूरी साधन ही उपलब्ध नहीं हैं। कई परिवारों के पास नाव और मछली पकड़ने के लिए जाल तक नहीं है। ऐसे में वे अपने पारंपरिक व्यवसाय को आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं।
वहीं मछुआरों के संगठन और समिति से जुड़े लोगों की संख्या को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों द्वारा करीब 862 लोगों के समिति से जुड़े होने की बात कही जाती है, लेकिन इनमें ऐसे लोगों के नाम भी शामिल होने की बात सामने आ रही है जो स्थानीय निवासी नहीं हैं या वास्तव में मछली पकड़ने के काम से जुड़े नहीं हैं।
स्थानीय मछुआरों की मांग है कि वास्तविक रूप से मछली पकड़ने का काम करने वाले स्थानीय परिवारों का अलग से सर्वे और पंजीकरण कराया जाए। इसके बाद पात्र मछुआरों को नाव, जाल और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे जलाशय में अपने पारंपरिक व्यवसाय के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर सकें।
ग्रामीणों का कहना है कि बांध निर्माण से प्रभावित होने के बाद उन्होंने विकास के लिए अपना क्षेत्र और अपनी जमीन छोड़ी है। ऐसे में शासन की जिम्मेदारी है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के साथ-साथ उनकी आजीविका का भी स्थाई इंतजाम किया जाए।
ग्रामीणों की मांग है कि पुनर्वास से जुड़ी समस्याओं का दोबारा परीक्षण किया जाए और जहां मूलभूत सुविधाओं की कमी है, वहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही प्रभावित परिवारों को रोजगार के स्थाई साधन उपलब्ध कराने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएं।
ग्रामीणों की ओर से मांग रखी गई है कि स्थानीय मछुआरों की वास्तविक स्थिति की जांच कर पात्र लोगों का अलग से पंजीकरण किया जाए। जिन परिवारों का पुश्तैनी काम मछली पकड़ना है, उन्हें नाव और जाल उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।
जनसुनवाई में ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि माचागोरा बांध से प्रभावित परिवारों और स्थानीय मछुआरों की समस्याओं को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रखा जाए, बल्कि मौके पर वास्तविक स्थिति का सर्वे कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या झेल रहे परिवारों को रोजगार से जोड़ना जरूरी है। खासकर उन मछुआरा परिवारों को, जिनका पारंपरिक व्यवसाय मछली पकड़ना रहा है, जलाशय से रोजगार का अवसर मिलना चाहिए।
इसके लिए स्थानीय मछुआरों की पहचान, पंजीकरण और उन्हें नाव-जाल उपलब्ध कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जनसुनवाई में रखी गई उनकी समस्याओं पर प्रशासन गंभीरता से विचार करेगा और प्रभावित परिवारों की आजीविका से जुड़े मुद्दों का स्थाई समाधान निकाला जाएगा।
माचागोरा बांध से प्रभावित धनोरा बारेवर के ग्रामीणों ने जनसुनवाई के माध्यम से पुनर्वास, भरण-पोषण और रोजगार से जुड़े मुद्दे प्रशासन के सामने रखे हैं। अब देखना होगा कि स्थानीय मछुआरों के पंजीकरण, नाव-जाल उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों की आजीविका से जुड़ी इन मांगों पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।
    user_संतोष कुमार बाथरी
    संतोष कुमार बाथरी
    Chhindwara, Madhya Pradesh•
    18 hrs ago
  • 30 सालों से अंधेरे में भोंगाद्वार के 9 परिवार, प्रशासन से गुहार लगाकर थके ग्रामीण 30 सालों से अंधेरे में भोंगाद्वार के 9 परिवार, प्रशासन से गुहार लगाकर थके ग्रामीण चिराईडोंगरी पंचायत का भोंगाद्वार मोहल्ला बिजली से वंचित 29 सितंबर मंगलवार चार बजे चिरईडोंगरी के प्रमोद चक्रवर्ती ने मीडिया को बताया कि विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच मंडला जिले के विकासखंड नारायणगंज की ग्राम पंचायत चिरईडोंगरी के वार्ड नंबर 8 के अंतर्गत आने वाले भोंगाद्वार मोहल्ले में आज भी 9 परिवारों के करीब 40 लोग बिना बिजली के जीवन गुजारने को विवश हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप स्थित इस बसाहट में ग्रामीण पिछले 30 वर्षों से निवास कर रहे हैं, लेकिन आज तक यहां विद्युतीकरण नहीं हो सका है। इस मोहल्ले में निवास करने वाले लखन विश्वकर्मा, रामा विश्वकर्मा, जय सिंह विश्वकर्मा, मनीष यादव, मोना यादव, कृष्णा बाई यादव, प्रकाश अहिरवार, सतेन्द्र अहिरवार और सेवक लाल कुशराम के परिवार लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों ने अपनी इस समस्या को लेकर जनसुनवाई में आवेदन देने के साथ-साथ सीएम हेल्पलाइन 181, कलेक्टर, स्थानीय विधायक और केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते तक से गुहार लगाई है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। बताया गया कि बिजली न होने के कारण सबसे अधिक परेशानी रात के समय होती है। ग्रामीण अब मोबाइल की टॉर्च या बैटरी के सहारे रातें गुजारने को मजबूर हैं, क्योंकि पहले मिलने वाला मिट्टी का तेल भी अब उपलब्ध नहीं है। बारिश के मौसम में जहरीले कीड़े, जीव, जंतुओं का खतरा बना रहता है, वहीं बच्चों की पढ़ाई भी पूरी तरह से बाधित हो रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अतिशीघ्र विद्युतीकरण की मांग की है।
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    30 सालों से अंधेरे में भोंगाद्वार के 9 परिवार, प्रशासन से गुहार लगाकर थके ग्रामीण
30 सालों से अंधेरे में भोंगाद्वार के 9 परिवार, प्रशासन से गुहार लगाकर थके ग्रामीण
चिराईडोंगरी पंचायत का भोंगाद्वार मोहल्ला बिजली से वंचित 
29 सितंबर मंगलवार चार बजे चिरईडोंगरी के प्रमोद चक्रवर्ती ने मीडिया को बताया कि विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच मंडला जिले   के विकासखंड नारायणगंज की ग्राम पंचायत चिरईडोंगरी के वार्ड नंबर 8 के अंतर्गत आने वाले भोंगाद्वार मोहल्ले में आज भी 9 परिवारों के करीब 40 लोग बिना बिजली के जीवन गुजारने को विवश हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप स्थित इस बसाहट में ग्रामीण पिछले 30 वर्षों से निवास कर रहे हैं, लेकिन आज तक यहां विद्युतीकरण नहीं हो सका है।
इस मोहल्ले में निवास करने वाले लखन विश्वकर्मा, रामा विश्वकर्मा, जय सिंह विश्वकर्मा, मनीष यादव, मोना यादव, कृष्णा बाई यादव, प्रकाश अहिरवार, सतेन्द्र अहिरवार और सेवक लाल कुशराम के परिवार लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों ने अपनी इस समस्या को लेकर जनसुनवाई में आवेदन देने के साथ-साथ सीएम हेल्पलाइन 181, कलेक्टर, स्थानीय विधायक और केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते तक से गुहार लगाई है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
बताया गया कि बिजली न होने के कारण सबसे अधिक परेशानी रात के समय होती है। ग्रामीण अब मोबाइल की टॉर्च या बैटरी के सहारे रातें गुजारने को मजबूर हैं, क्योंकि पहले मिलने वाला मिट्टी का तेल भी अब उपलब्ध नहीं है। बारिश के मौसम में जहरीले कीड़े, जीव, जंतुओं का खतरा बना रहता है, वहीं बच्चों की पढ़ाई भी पूरी तरह से बाधित हो रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अतिशीघ्र विद्युतीकरण की मांग की है।
    user_Prahlad Kachhwaha
    Prahlad Kachhwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • ओरिएंटल एथनॉल कंपनी की घोर लापरवाही किसानों को फसल पूरी तरह नष्ट जनसुनवाई में किसानों ने उचित मुआवजा एवं कार्रवाई की मांग
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    ओरिएंटल एथनॉल कंपनी की  घोर लापरवाही किसानों को फसल पूरी तरह नष्ट जनसुनवाई में किसानों ने उचित मुआवजा एवं कार्रवाई की मांग
    user_Rajju Bhartiya
    Rajju Bhartiya
    मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • नहलेसरा डेम में मिला बाघ का शव, वन विभाग ने इलाके को किया सील कटंगी तहसील क्षेत्र की मध्यम सिंचाई परियोजना नहलेसरा डेम में मंगलवार को संरक्षित वन्य प्राणी बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। बाघ का शव डेम के पानी में तैरता हुआ दिखाई देने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया।
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    नहलेसरा डेम में मिला बाघ का शव, वन विभाग ने इलाके को किया सील
कटंगी तहसील क्षेत्र की मध्यम सिंचाई परियोजना नहलेसरा डेम में मंगलवार को संरक्षित वन्य प्राणी बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। बाघ का शव डेम के पानी में तैरता हुआ दिखाई देने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया।
    user_Dev Anand
    Dev Anand
    कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • *कान्हीवाड़ा पुलिस की बडी कार्रवाई, 15 क्विंटल महुआ लहान नष्ट* *जवाना-अलीनगर में अवैध शराब बनाने के ठिकानों पर कार्रवाई आरोपी जंगल की ओर भागे सिवनी। अवैध शराब के निर्माण पर अंकुश लगाने चलाए जा रहे अभियान के तहत कान्हीवाड़ा पुलिस ने ग्राम जवाना-अलीनगर में दबिश देकर करीब 15 क्विंटल महुआ लहान नष्ट किया। मौके से शराब बनाने के उपकरण भी जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, 29 सितंबर की सुबह थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार पंद्रे के नेतृत्व में टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस को देखकर मौके पर मौजूद लोग अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग गए। तलाशी के दौरान करीब 50 बोरियों और 10 प्लास्टिक ड्रमों में भरा महुआ लहान मिला, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा एवं एसडीओपी केवलारी आशीष भराड़े के मार्गदर्शन में की गई।
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    *कान्हीवाड़ा पुलिस की बडी कार्रवाई, 15 क्विंटल महुआ लहान नष्ट*

*जवाना-अलीनगर में अवैध शराब बनाने के ठिकानों पर कार्रवाई
 आरोपी जंगल की ओर भागे

सिवनी। अवैध शराब के निर्माण पर अंकुश लगाने चलाए जा रहे अभियान के तहत कान्हीवाड़ा पुलिस ने ग्राम जवाना-अलीनगर में दबिश देकर करीब 15 क्विंटल महुआ लहान नष्ट किया। मौके से शराब बनाने के उपकरण भी जब्त किए गए।
पुलिस के अनुसार, 29 सितंबर की सुबह थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार पंद्रे के नेतृत्व में टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस को देखकर मौके पर मौजूद लोग अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग गए। तलाशी के दौरान करीब 50 बोरियों और 10 प्लास्टिक ड्रमों में भरा महुआ लहान मिला, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा एवं एसडीओपी केवलारी आशीष भराड़े के मार्गदर्शन में की गई।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Seoni News: शराब बेचते पाए गए तो ₹5000, शराब पिए पकड़े जाने पर लगेगा 2100 रुपए जुर्माना
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    Seoni News: शराब बेचते पाए गए तो ₹5000, शराब पिए पकड़े जाने पर लगेगा 2100 रुपए जुर्माना
    user_BS News Network
    BS News Network
    Local News Reporter सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
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