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हाईवा की चपेट में आने से मजदूर की दर्दनाक मौत, घंटो रहा जाम रांची पटना मुख्य मार्ग बौंगाबार में राजवीर होटल के समीप हुई घटना, मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर उतरे ग्रामीण
Md sabir
हाईवा की चपेट में आने से मजदूर की दर्दनाक मौत, घंटो रहा जाम रांची पटना मुख्य मार्ग बौंगाबार में राजवीर होटल के समीप हुई घटना, मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर उतरे ग्रामीण
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- हाईवा की चपेट में आने से मजदूर की दर्दनाक मौत, घंटो रहा जाम रांची पटना मुख्य मार्ग बौंगाबार में राजवीर होटल के समीप हुई घटना, मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर उतरे ग्रामीण1
- खान एवं खनिज विधयेक को वापस को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा मांडू प्रखंड कमेटी ने किया प्रखंड मुख्यालय में धरना प्रदर्शन खान एवं खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में झामुमो का एकदिवसीय धरना आशीष कुमार मुखर्जी/रफ्तार मीडिया मांडू/रामगढ़। खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) मांडू प्रखंड कमेटी की ओर से शुक्रवार को प्रखंड मुख्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विधेयक का विरोध जताया। धरना को संबोधित करते हुए झामुमो प्रखंड अध्यक्ष नरेश हांसदा और पूर्व जिला उपाध्यक्ष विजय किस्कू ने कहा कि पार्टी की नजर में यह विधेयक झारखंड के हितों के लिए नुकसानदायक है। नेताओं ने कहा कि खनिज संपदा से मिलने वाले सेस एवं राजस्व को लेकर राज्य के अधिकार प्रभावित होने से झारखंड के राजस्व और विकास कार्यों पर असर पड़ सकता है। वक्ताओं ने कहा कि खनिज संपदा झारखंड की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। राज्य के खनिज राजस्व में कमी आने पर विकास एवं कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित होने की आशंका है। झामुमो नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि विधेयक वापस नहीं लिया गया तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा और झारखंड की खनिज संपदा को राज्य के हितों की अनदेखी करते हुए बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। इस मौके पर सैकड़ो की संख्या में झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता मौजूद हुए । और विज्ञप्ति को सौंपा ।1
- #अवैध स्टोन क्रशरों के विरुद्ध जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई सदर एवं पदमा प्रखंड में 09 अवैध स्टोन क्रशर सील, प्राथमिकी की कार्रवाई; गिट्टी लदा ट्रक जब्त #उपायुक्त श्री #हेमन्त सती के निर्देश पर सहायक समाहर्ता श्रीमती पूर्वा अग्रवाल के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम द्वारा सदर एवं पदमा प्रखंड क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित स्टोन क्रशरों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई। जिले में अवैध रूप से संचालित स्टोन क्रशरों की सूचना प्राप्त होने के बाद जिला प्रशासन द्वारा जांच एवं कार्रवाई अभियान चलाया गया। कार्रवाई के क्रम में सदर प्रखंड अंतर्गत मेरू में संचालित छह अवैध स्टोन क्रशरों तथा सिलवार में एक अवैध स्टोन क्रशर को सील करने की कार्रवाई की गई। वहीं, पदमा प्रखंड के सरैया क्षेत्र में संचालित दो अवैध स्टोन क्रशरों को भी सील किया गया। इस प्रकार कार्रवाई के दौरान कुल 09 अवैध स्टोन क्रशरों को सील किया गया है। संबंधित संचालकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई भी की जा रही है। जांच के दौरान मेरू क्षेत्र में संचालित स्टोन क्रशरों से संबंधित #CTO (Consent to Operate) की वैधता समाप्त/एक्सपायर पाई गई। इस संबंध में भी नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त पदमा क्षेत्र से गिट्टी लदे एक ट्रक को भी जब्त किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनन, अवैध स्टोन क्रशर एवं खनिजों के अनधिकृत परिवहन के विरुद्ध लगातार जांच एवं कार्रवाई की जा रही है। उपायुक्त श्री हेमन्त सती ने संबंधित पदाधिकारियों को जिले में अवैध रूप से संचालित स्टोन क्रशरों, अवैध खनन एवं खनिजों के अनधिकृत परिवहन के विरुद्ध नियमित रूप से जांच अभियान चलाते हुए दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।1
- #अवैध स्टोन क्रशरों के विरुद्ध जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई सदर एवं पदमा प्रखंड में 09 अवैध स्टोन क्रशर सील, प्राथमिकी की कार्रवाई; गिट्टी लदा ट्रक जब्त #उपायुक्त श्री #हेमन्त सती के निर्देश पर सहायक समाहर्ता श्रीमती पूर्वा अग्रवाल के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम द्वारा सदर एवं पदमा प्रखंड क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित स्टोन क्रशरों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई। जिले में अवैध रूप से संचालित स्टोन क्रशरों की सूचना प्राप्त होने के बाद जिला प्रशासन द्वारा जांच एवं कार्रवाई अभियान चलाया गया। कार्रवाई के क्रम में सदर प्रखंड अंतर्गत मेरू में संचालित छह अवैध स्टोन क्रशरों तथा सिलवार में एक अवैध स्टोन क्रशर को सील करने की कार्रवाई की गई। वहीं, पदमा प्रखंड के सरैया क्षेत्र में संचालित दो अवैध स्टोन क्रशरों को भी सील किया गया। इस प्रकार कार्रवाई के दौरान कुल 09 अवैध स्टोन क्रशरों को सील किया गया है। संबंधित संचालकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई भी की जा रही है। जांच के दौरान मेरू क्षेत्र में संचालित स्टोन क्रशरों से संबंधित #CTO (Consent to Operate) की वैधता समाप्त/एक्सपायर पाई गई। इस संबंध में भी नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त पदमा क्षेत्र से गिट्टी लदे एक ट्रक को भी जब्त किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनन, अवैध स्टोन क्रशर एवं खनिजों के अनधिकृत परिवहन के विरुद्ध लगातार जांच एवं कार्रवाई की जा रही है। उपायुक्त श्री हेमन्त सती ने संबंधित पदाधिकारियों को जिले में अवैध रूप से संचालित स्टोन क्रशरों, अवैध खनन एवं खनिजों के अनधिकृत परिवहन के विरुद्ध नियमित रूप से जांच अभियान चलाते हुए दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।1
- एमएमडीआर संशोधन के विरोध में प्रखंड मुख्यालय में झामुमो का धरना एमएमडीआर संशोधन के विरोध में प्रखंड मुख्यालय में झामुमो का धरना1
- *खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन बिल के विरोध में झामुमो का धरना* *खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम झारखंड जैसे खनिज संपदा संपन्न राज्यों के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास : कुणाल यादव* हजारीबाग : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के आह्वान पर शनिवार को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम 2026 के विरोध में जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। राज्यव्यापी आंदोलन के तहत आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा लाए गए संशोधित कानून के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया। इसी क्रम में सदर प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में भी धरना कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर संयोजक नवीन प्रकाश ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ झामुमो नेता निसार अहमद ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला प्रवक्ता कुणाल यादव एवं महिला नेत्री श्वेता दूबे उपस्थित रहीं। धरना में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं समर्थक शामिल हुए। धरना को संबोधित करते हुए जिला प्रवक्ता कुणाल यादव ने कहा कि खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम झारखंड जैसे खनिज संपदा संपन्न राज्यों के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि झारखंड की धरती से निकलने वाले कोयला, लौह अयस्क और अन्य खनिज पूरे देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन यदि राज्य के वित्तीय और राजस्व अधिकारों को सीमित किया जाता है तो इसका सीधा असर यहां की जनता और विकास योजनाओं पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि झामुमो जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करती रहेगी। श्वेता दूबे ने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि झारखंड की अस्मिता, स्वाभिमान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि राज्य की खनिज संपदा पर पहला अधिकार यहां की जनता का है और यदि इस अधिकार को कमजोर करने का प्रयास किया गया तो झारखंड की जनता लोकतांत्रिक तरीके से उसका पुरजोर विरोध करेगी। निसार अहमद ने कहा कि झारखंड आंदोलन की बुनियाद ही जल, जंगल, जमीन और संसाधनों पर स्थानीय लोगों के अधिकार की लड़ाई रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को किसी भी कानून में बदलाव से पहले खनिज संपन्न राज्यों की चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों को इस संशोधन अधिनियम के प्रभावों से अवगत कराने का आह्वान किया। नंदूवीर राम ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य के विकास की आधारशिला है। यदि राज्य के अधिकारों में कटौती होती है तो इसका असर विकास योजनाओं और आम लोगों के जीवन पर पड़ेगा। उन्होंने इस आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। बिक्रम रवि ने कहा कि झारखंड के युवाओं, मजदूरों और किसानों के हितों की रक्षा के लिए यह आंदोलन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि झामुमो राज्य के अधिकारों और जनता के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। छात्र नेता चंदन सिंह ने कहा कि राज्य के संसाधनों और अधिकारों की रक्षा के लिए युवाओं को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि छात्र-युवा झारखंड के हितों की लड़ाई में हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहेंगे। धरना कार्यक्रम के उपरांत झामुमो नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने अंचल निरीक्षक के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम 2026 पर पुनर्विचार करने तथा झारखंड के खनिज एवं राजस्व अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। नेताओं ने कहा कि यदि राज्य के हितों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। मौके पर कमाल कुरैशी, बीरबल मेहता, रंजीत राम, गुलाब मेहता, राकेश कुमार, बबलू चंद्रवंशी, रोहित रजक, राजेश यादव, पिंटू कुमार, खलील अंसारी, प्रकाश मेहता, भगवान राम, नवीन राम, बासुदेव राम, सनीचर भुइयाँ, अमृत राम, राहुल देव साहा, खुशबू देवी, बसंती देवी, निशा देवी, मुकेश कुमार, किशोर राम, बाबू विक्रम, धीरेंद्र दूबे, आनंद प्रकाश पांडेय, प्रेम राम, करिश्मा देवी, संगीता देवी, सीमा देवी, अफसाना खातून, भवंती देवी, जुलेखा खातून, गीता देवी, कंचन देवी, राहुल राणा, विकास कुमार, अभिषेक कुमार, अरशद खान, रोहित कुमार, प्रशांत कुमार, लालू यादव, अमरदीप कुमार, संजय साव, अमर कुमार, बसंत मिश्रा, शुभम कुमार, मुमताज, गोल्डन, अमानत हुसैन, सरवरी बानो, निखत परवीन सहित बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे।2
- पूर्व मंत्री और CO के बीच तीखी बहस, डिटेन करने की चर्चा पूर्व मंत्री और CO के बीच तीखी बहस, डिटेन करने की चर्चा1
- गाजे बाजे के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा की दी गई विदाई । रिपोर्ट: आशीष कुमार मुखर्जी स्थान: मांडू Date : 18/09/2026 SLUG : गाजे-बाजे के साथ गणपति बप्पा को दी गई विदाई ANCHOR :रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में गणेश उत्सव के बाद भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन गाजे-बाजे और भक्तिमय माहौल के बीच किया गया। कुजू बस्ती में सार्वजनिक गणेश पूजा समिति की ओर से भव्य झांकी के साथ विसर्जन जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। तस्वीरें रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड के कुजू बस्ती की हैं, जहां गणेश पूजा के बाद भगवान गणेश की प्रतिमा को विसर्जन के लिए भव्य तरीके से ले जाया गया। बड़ी टेलर पर आकर्षक झांकी सजाई गई थी। गाजे-बाजे की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। जुलूस में बड़ी संख्या में पुरुष श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और गणपति बप्पा के जयकारे लगाए। पूरे रास्ते भक्तिमय माहौल बना रहा। इसके बाद नम आंखों से गणपति बप्पा को विदाई दी गई और विधि-विधान के साथ प्रतिमा का विसर्जन किया गया। मांडू प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में गणेश प्रतिमा विसर्जन के साथ ही गणेश उत्सव का समापन हुआ।1