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​6 हजार की रिश्वत में अटका 60 लाख का फंड: रिटायरमेंट से 24 घंटे पहले लोकायुक्त के हत्थे चढ़े ग्वालियर नगर निगम के कार्यपालन यंत्री ​ग्वालियर (मध्य प्रदेश): सरकारी नौकरी के 35–40 साल का कार्यकाल, सम्मानजनक सेवानिवृत्ति और करीब 60 लाख रुपये का रिटायरमेंट फंड... सब कुछ बेहद करीब था। लेकिन ग्वालियर नगर निगम के कार्यपालन यंत्री (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) सुशील कटारे की एक गलती ने उनके करियर और सम्मान पर सवाल खड़े कर दिए। रिटायरमेंट से महज एक दिन पहले 30 जुलाई को लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंग हाथ गिरफ्तार कर लिया। ​क्या है पूरा मामला? ​नगर निगम के ठेकेदार सचिन पचौरी का करीब 36 लाख रुपये का भुगतान लंबित था। आरोप है कि फाइल आगे बढ़ाने के एवज में सुशील कटारे ने 1 प्रतिशत कमीशन के हिसाब से 36 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। ठेकेदार ने 28 जुलाई को 30 हजार रुपये दे दिए और बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड कर लोकायुक्त एसपी निरंजन शर्मा से शिकायत कर दी। ​शिकायत की पुष्टि के बाद, योजना के तहत 30 जुलाई को ठेकेदार केमिकल लगे 6 हजार रुपये लेकर नगर निगम कार्यालय पहुंचा। जैसे ही सुशील कटारे ने रिश्वत की राशि लेकर अपनी जेब में रखी, लोकायुक्त की टीम ने उन्हें दबोच लिया। आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। ​लाखों का वित्तीय नुकसान और संविदा नियुक्ति पर संकट ​इस कार्रवाई के चलते अधिकारी को न केवल कानूनी पचड़ों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि उनके कई वित्तीय लाभ भी फिलहाल रुक गए हैं: ​प्रोविडेंट फंड (PF) व लीव एनकैशमेंट: भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है। ​ग्रेच्युटी और पेंशन: ग्रेच्युटी का भुगतान रुकेगा और पेंशन प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित होगी। ​रिटायरमेंट फंड: लगभग 60 लाख रुपये से अधिक का सेवानिवृत्ति लाभ अटक गया है। ​संविदा नियुक्ति रद्द: चर्चा थी कि रिटायरमेंट के बाद उन्हें संविदा पर दोबारा नियुक्त करने की तैयारी थी, जो अब लगभग नामुमकिन हो चुकी है। ​पुरानी रंजिश और अनुपस्थिति का मामला ​लोकायुक्त कार्रवाई के बाद सुशील कटारे ने इसे रंजिश का नतीजा बताया। उनका दावा है कि शिकायतकर्ता ठेकेदार के पिता प्रेम पचौरी भी नगर निगम में अधीक्षण यंत्री रहे हैं और उनके साथ कटारे का पुराना मतभेद था। कटारे ने ठेकेदार की फर्म 'रामराज्य एंटरप्राइजेज' को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू की थी। ​घटना के अगले दिन 31 जुलाई को आयोजित उनके विदाई समारोह में भी सुशील कटारे शामिल नहीं हुए; उनकी जगह उनका बेटा पहुंचा। परिजनों का कहना है कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। फिलहाल लोकायुक्त मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

20 hrs ago
user_MADHYA BHARAT NEWS
MADHYA BHARAT NEWS
Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
20 hrs ago

​6 हजार की रिश्वत में अटका 60 लाख का फंड: रिटायरमेंट से 24 घंटे पहले लोकायुक्त के हत्थे चढ़े ग्वालियर नगर निगम के कार्यपालन यंत्री ​ग्वालियर (मध्य प्रदेश): सरकारी नौकरी के 35–40 साल का कार्यकाल, सम्मानजनक सेवानिवृत्ति और करीब 60 लाख रुपये का रिटायरमेंट फंड... सब कुछ बेहद करीब था। लेकिन ग्वालियर नगर निगम के कार्यपालन यंत्री (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) सुशील कटारे की एक गलती ने उनके करियर और सम्मान पर सवाल खड़े कर दिए। रिटायरमेंट से महज एक दिन पहले 30 जुलाई को लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंग हाथ गिरफ्तार कर लिया। ​क्या है पूरा मामला? ​नगर निगम के ठेकेदार सचिन पचौरी का करीब 36 लाख रुपये का भुगतान लंबित था। आरोप है कि फाइल आगे बढ़ाने के एवज में सुशील कटारे ने 1 प्रतिशत कमीशन के हिसाब से 36 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। ठेकेदार ने 28 जुलाई को 30 हजार रुपये दे दिए और बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड कर लोकायुक्त एसपी निरंजन शर्मा से शिकायत कर दी। ​शिकायत की पुष्टि के बाद, योजना के तहत 30 जुलाई को ठेकेदार केमिकल लगे 6 हजार रुपये लेकर नगर निगम कार्यालय पहुंचा। जैसे ही सुशील कटारे ने रिश्वत की राशि लेकर अपनी जेब में रखी, लोकायुक्त की टीम ने उन्हें दबोच लिया। आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। ​लाखों का वित्तीय नुकसान और संविदा नियुक्ति पर संकट ​इस कार्रवाई के चलते अधिकारी को न केवल कानूनी पचड़ों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि उनके कई वित्तीय लाभ भी फिलहाल रुक गए हैं: ​प्रोविडेंट फंड (PF) व लीव एनकैशमेंट: भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है। ​ग्रेच्युटी और पेंशन: ग्रेच्युटी का भुगतान रुकेगा और पेंशन प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित होगी। ​रिटायरमेंट फंड: लगभग 60 लाख रुपये से अधिक का सेवानिवृत्ति लाभ अटक गया है। ​संविदा नियुक्ति रद्द: चर्चा थी कि रिटायरमेंट के बाद उन्हें संविदा पर दोबारा नियुक्त करने की तैयारी थी, जो अब लगभग नामुमकिन हो चुकी है। ​पुरानी रंजिश और अनुपस्थिति का मामला ​लोकायुक्त कार्रवाई के बाद सुशील कटारे ने इसे रंजिश का नतीजा बताया। उनका दावा है कि शिकायतकर्ता ठेकेदार के पिता प्रेम पचौरी भी नगर निगम में अधीक्षण यंत्री रहे हैं और उनके साथ कटारे का पुराना मतभेद था। कटारे ने ठेकेदार की फर्म 'रामराज्य एंटरप्राइजेज' को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू की थी। ​घटना के अगले दिन 31 जुलाई को आयोजित उनके विदाई समारोह में भी सुशील कटारे शामिल नहीं हुए; उनकी जगह उनका बेटा पहुंचा। परिजनों का कहना है कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। फिलहाल लोकायुक्त मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

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    ​6 हजार की रिश्वत में अटका 60 लाख का फंड: रिटायरमेंट से 24 घंटे पहले लोकायुक्त के हत्थे चढ़े ग्वालियर नगर निगम के कार्यपालन यंत्री
​ग्वालियर (मध्य प्रदेश):
सरकारी नौकरी के 35–40 साल का कार्यकाल, सम्मानजनक सेवानिवृत्ति और करीब 60 लाख रुपये का रिटायरमेंट फंड... सब कुछ बेहद करीब था। लेकिन ग्वालियर नगर निगम के कार्यपालन यंत्री (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) सुशील कटारे की एक गलती ने उनके करियर और सम्मान पर सवाल खड़े कर दिए। रिटायरमेंट से महज एक दिन पहले 30 जुलाई को लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंग हाथ गिरफ्तार कर लिया।
​क्या है पूरा मामला?
​नगर निगम के ठेकेदार सचिन पचौरी का करीब 36 लाख रुपये का भुगतान लंबित था। आरोप है कि फाइल आगे बढ़ाने के एवज में सुशील कटारे ने 1 प्रतिशत कमीशन के हिसाब से 36 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। ठेकेदार ने 28 जुलाई को 30 हजार रुपये दे दिए और बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड कर लोकायुक्त एसपी निरंजन शर्मा से शिकायत कर दी।
​शिकायत की पुष्टि के बाद, योजना के तहत 30 जुलाई को ठेकेदार केमिकल लगे 6 हजार रुपये लेकर नगर निगम कार्यालय पहुंचा। जैसे ही सुशील कटारे ने रिश्वत की राशि लेकर अपनी जेब में रखी, लोकायुक्त की टीम ने उन्हें दबोच लिया। आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
​लाखों का वित्तीय नुकसान और संविदा नियुक्ति पर संकट
​इस कार्रवाई के चलते अधिकारी को न केवल कानूनी पचड़ों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि उनके कई वित्तीय लाभ भी फिलहाल रुक गए हैं:
​प्रोविडेंट फंड (PF) व लीव एनकैशमेंट: भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है।
​ग्रेच्युटी और पेंशन: ग्रेच्युटी का भुगतान रुकेगा और पेंशन प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित होगी।
​रिटायरमेंट फंड: लगभग 60 लाख रुपये से अधिक का सेवानिवृत्ति लाभ अटक गया है।
​संविदा नियुक्ति रद्द: चर्चा थी कि रिटायरमेंट के बाद उन्हें संविदा पर दोबारा नियुक्त करने की तैयारी थी, जो अब लगभग नामुमकिन हो चुकी है।
​पुरानी रंजिश और अनुपस्थिति का मामला
​लोकायुक्त कार्रवाई के बाद सुशील कटारे ने इसे रंजिश का नतीजा बताया। उनका दावा है कि शिकायतकर्ता ठेकेदार के पिता प्रेम पचौरी भी नगर निगम में अधीक्षण यंत्री रहे हैं और उनके साथ कटारे का पुराना मतभेद था। कटारे ने ठेकेदार की फर्म 'रामराज्य एंटरप्राइजेज' को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू की थी।
​घटना के अगले दिन 31 जुलाई को आयोजित उनके विदाई समारोह में भी सुशील कटारे शामिल नहीं हुए; उनकी जगह उनका बेटा पहुंचा। परिजनों का कहना है कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। फिलहाल लोकायुक्त मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
    user_MADHYA BHARAT NEWS
    MADHYA BHARAT NEWS
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • खबर मैहर/अमरपाटन /ग्राम धोबहट *2016 में सरपंच ने बनवाई सड़क आज तक धरातल में नहीं पहुंची एक ऐसा अनोखा मामला मैहर ज़िले के ग्राम धोबहट से सामने आया 181मे की गई सिकायत भी नाकाम खबर मैहर/अमरपाटन *2016 में सरपंच ने बनवाई सड़क आज तक धरातल में नहीं पहुंची एक ऐसा अनोखा मामला मैहर ज़िले के ग्राम धोबहट से सामने आया 181मे की गई सिकायत भी नाकाम ग्रामीणों ने सड़क निर्माण ना होंने से ग्रामीणों ने कीचड़ से सनी सड़क में धान की रोपाई कर ग्राम पंचायत और पंचायती राज्य में ग्रामीण विकास को लिया घेरें में* जनपद पंचायत अमरपाटन अन्तर्गत ग्राम पंचायत धोबहट का है मामला जहां पंचायत के भ्रष्टाचार की पोल तब खुली जब पंचायत दर्पण में जिस रोड के निर्माण का उल्लेख 2016 में किया गया वह रोड आज तक नहीं बनी ग्राम वासी कीचड़ में सन कर रोज मर्रा का जीवन गुजारने को मजबूर हैं सरपंच से ग्रामीण लगातार रोड निर्माण के लिए आवेदन देकर मांग कर रहे लेकिन पंचायत सरपंच सचिव का कोई जबाब नहीं ग्रामीणों ने सड़क समस्या को लेकर 181 में भी सिकायत की लेकिन समस्या जब की तस कोई समाधान नहीं आज नाराज ग्रामीणों ने कीचड से सनी सड़क में धान की रोपाई कर बिरोध प्रदर्शन कर प्रसासन का फिर से एक बार ध्यान आकर्षित किया साथ ही रोड निर्माण की मांग रखीं है
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    खबर मैहर/अमरपाटन /ग्राम धोबहट 
*2016 में सरपंच ने बनवाई सड़क आज तक धरातल में नहीं पहुंची एक ऐसा अनोखा मामला मैहर ज़िले के ग्राम धोबहट से सामने आया 181मे की गई सिकायत भी नाकाम
खबर मैहर/अमरपाटन 
*2016 में सरपंच ने बनवाई सड़क आज तक धरातल में नहीं पहुंची एक ऐसा अनोखा मामला मैहर ज़िले के ग्राम धोबहट से सामने आया 181मे की गई सिकायत भी नाकाम ग्रामीणों ने सड़क निर्माण ना होंने से ग्रामीणों ने कीचड़ से सनी सड़क में धान की रोपाई कर ग्राम पंचायत और पंचायती राज्य में ग्रामीण विकास को लिया घेरें में*
जनपद पंचायत अमरपाटन अन्तर्गत ग्राम पंचायत धोबहट का है मामला जहां पंचायत के भ्रष्टाचार की पोल तब खुली जब पंचायत दर्पण में जिस रोड के निर्माण का उल्लेख 2016 में किया गया वह रोड आज तक नहीं बनी ग्राम वासी कीचड़ में सन कर रोज मर्रा का जीवन गुजारने को मजबूर हैं सरपंच से ग्रामीण लगातार रोड निर्माण के लिए आवेदन देकर मांग कर रहे लेकिन पंचायत सरपंच सचिव का कोई जबाब नहीं ग्रामीणों ने सड़क समस्या को लेकर 181 में भी सिकायत की लेकिन समस्या जब की तस कोई समाधान नहीं आज नाराज ग्रामीणों ने कीचड से सनी सड़क में धान की रोपाई कर बिरोध प्रदर्शन कर प्रसासन का फिर से एक बार ध्यान आकर्षित किया साथ ही रोड निर्माण की मांग रखीं है
    user_वशीम शाह
    वशीम शाह
    Court reporter अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • सतना पदोन्नति की मांग को लेकर पटवारियों की हड़ताल चौथे दिन सतना पदोन्नति की मांग को लेकर पटवारियों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी,बड़ी संख्या में पटवारी जुटे, पटवारियों ने सरकार पर लगाया भेदभाव का आरोप,कहा पटवारी जिस पद पर नियुक्त होता है सेवा निवृत्त भी उसी पद पर हो रहा , वेतन मान का भी नहीं मिल रहा फायदा,अन्य राज्यों की अपेक्षा मध्यप्रदेश में कम मिल रहा वेतन,
    1
    सतना
पदोन्नति की मांग को लेकर पटवारियों की हड़ताल चौथे दिन 
सतना
पदोन्नति की मांग को लेकर पटवारियों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी,बड़ी संख्या में पटवारी  जुटे,
पटवारियों ने सरकार पर लगाया भेदभाव का आरोप,कहा पटवारी जिस पद पर नियुक्त होता है सेवा निवृत्त भी उसी पद पर हो रहा , वेतन  मान का भी नहीं मिल रहा फायदा,अन्य राज्यों की अपेक्षा मध्यप्रदेश में कम मिल रहा वेतन,
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • चौथे दिन भी नहीं टूटा गतिरोध, वार्ता जारी लेकिन समाधान का इंतजार रामपुर बाघेलान। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर रामपुर बाघेलान तहसील में पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रही। बड़ी संख्या में पटवारी धरना स्थल पर जुटे और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई। इस दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष रावेन्द्र सिंह 'छोटू', तहसीलदार रमेश कोल, नायब तहसीलदार वीरेन्द्र सिंह एवं मंगलेश्वर सिंह ने धरना स्थल पहुंचकर पटवारियों से चर्चा की और नैतिक समर्थन व्यक्त किया। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि शासन से वार्ता जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। संघ ने स्पष्ट किया कि मांगों पर सकारात्मक फैसला होने तक प्रदेशभर में कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी।
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    चौथे दिन भी नहीं टूटा गतिरोध, वार्ता जारी लेकिन समाधान का इंतजार

रामपुर बाघेलान। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर रामपुर बाघेलान तहसील में पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रही। बड़ी संख्या में पटवारी धरना स्थल पर जुटे और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई। इस दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष रावेन्द्र सिंह 'छोटू', तहसीलदार रमेश कोल, नायब तहसीलदार वीरेन्द्र सिंह एवं मंगलेश्वर सिंह ने धरना स्थल पहुंचकर पटवारियों से चर्चा की और नैतिक समर्थन व्यक्त किया। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि शासन से वार्ता जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। संघ ने स्पष्ट किया कि मांगों पर सकारात्मक फैसला होने तक प्रदेशभर में कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी।
    user_Piyush kumar
    Piyush kumar
    Newspaper advertising department रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • बुरहानपुर - आदिवासी सरपंच ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में पिया कीटनाशक , सीतापुर सरपंच का अस्पताल में इलाज जारी , सरपंच के पुत्र ने विधायक सचिव एवं सहायक सचिव के ऊपर लगाए प्रताड़ना एवं दवाव बनाने का आरोप। बुरहानपुर - आदिवासी सरपंच ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में पिया कीटनाशक , सीतापुर सरपंच का अस्पताल में इलाज जारी , सरपंच के पुत्र ने विधायक सचिव एवं सहायक सचिव के ऊपर लगाए प्रताड़ना एवं दवाव बनाने का आरोप।
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    बुरहानपुर - आदिवासी सरपंच ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में पिया कीटनाशक , सीतापुर सरपंच का अस्पताल में इलाज जारी , सरपंच के पुत्र ने विधायक सचिव एवं सहायक सचिव के ऊपर लगाए प्रताड़ना एवं दवाव बनाने का आरोप।
बुरहानपुर - आदिवासी सरपंच ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में पिया कीटनाशक , सीतापुर सरपंच का अस्पताल में इलाज जारी , सरपंच के पुत्र ने विधायक सचिव एवं सहायक सचिव के ऊपर लगाए प्रताड़ना एवं दवाव बनाने का आरोप।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    7 hrs ago
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