खंडवा जिले के जनपद पंचायत हरसूद में आगामी 14 जुलाई 2026 को दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए एक विशेष चिन्हांकन एवं परीक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा आयोजित यह शिविर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होगा। भारत सरकार की एडीप (ADIP) योजना के अंतर्गत आयोजित होने वाले इस शिविर में उज्जैन की एलिम्को (भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम) की टीम भी शामिल होगी, जो दिव्यांगजनों की जरूरतों का परीक्षण और मूल्यांकन करेगी। इस शिविर में पात्र हितग्राहियों को ट्राइसाइकिल, मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, व्हील चेयर, सीपी चेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, कैलिपर्स, कृत्रिम अंग, स्मार्ट केन, फोल्डिंग केन, ब्रेल किट, टीएलएम किट, एडीएल किट और मानसिक दिव्यांगजनों के लिए एमआर किट जैसे आवश्यक उपकरण निःशुल्क प्रदान करने के लिए चिन्हित किया जाएगा। शिविर का लाभ लेने के लिए दिव्यांगजनों को अपने साथ यूडीआईडी कार्ड (40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता प्रमाण पत्र), मासिक आय ₹22,500 या उससे कम का आय प्रमाण पत्र अथवा बीपीएल राशन कार्ड, आधार कार्ड, समग्र आईडी और पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने हरसूद और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के दिव्यांगजनों तथा उनके परिजनों से इस शिविर में पहुंचकर लाभ उठाने की अपील की है। साथ ही स्थानीय निकायों और जनप्रतिनिधियों से भी इस पहल का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सहायक उपकरणों की मदद से दिव्यांगजनों की दैनिक गतिविधियां आसान होंगी और वे आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा से बेहतर तरीके से जुड़ सकेंगे।
खंडवा जिले के जनपद पंचायत हरसूद में आगामी 14 जुलाई 2026 को दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए एक विशेष चिन्हांकन एवं परीक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा आयोजित यह शिविर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होगा। भारत सरकार की एडीप (ADIP) योजना के अंतर्गत आयोजित होने वाले इस शिविर में उज्जैन की एलिम्को (भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम) की टीम भी शामिल होगी, जो दिव्यांगजनों की जरूरतों का परीक्षण और मूल्यांकन करेगी। इस शिविर में पात्र हितग्राहियों को ट्राइसाइकिल, मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, व्हील चेयर, सीपी चेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, कैलिपर्स, कृत्रिम अंग, स्मार्ट केन, फोल्डिंग केन, ब्रेल किट, टीएलएम किट, एडीएल किट और मानसिक दिव्यांगजनों के लिए एमआर किट जैसे आवश्यक उपकरण निःशुल्क प्रदान करने के लिए चिन्हित किया जाएगा। शिविर का लाभ लेने के लिए दिव्यांगजनों को अपने साथ यूडीआईडी कार्ड (40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता प्रमाण पत्र), मासिक आय ₹22,500 या उससे कम का आय प्रमाण पत्र अथवा बीपीएल राशन कार्ड, आधार कार्ड, समग्र आईडी और पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने हरसूद और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के दिव्यांगजनों तथा उनके परिजनों से इस शिविर में पहुंचकर लाभ उठाने की अपील की है। साथ ही स्थानीय निकायों और जनप्रतिनिधियों से भी इस पहल का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सहायक उपकरणों की मदद से दिव्यांगजनों की दैनिक गतिविधियां आसान होंगी और वे आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा से बेहतर तरीके से जुड़ सकेंगे।
- खंडवा जिला कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन के निर्देशानुसार जिलेभर में भूमि विवादों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए राजस्व एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त शिकायत निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यालयों में प्राप्त शिकायतों के विश्लेषण के दौरान भूमि विवाद संबंधी शिकायतों की संख्या अधिक पाए जाने पर सभी राजस्व अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को संयुक्त रूप से ऐसे प्रकरणों की सुनवाई कर मौके पर ही निराकरण करने के निर्देश दिए गए थे। इसी कड़ी में पुनासा के मुंदी थाना क्षेत्र में मुंदी थाना प्रभारी और तहसीलदार श्रीमती वंदना चौहान की उपस्थिति में संयुक्त शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में भूमि विवाद से जुड़े मामलों के आवेदकों और अनावेदकों को बुलाकर दोनों पक्षों की विस्तार से सुनवाई की गई। अधिकारियों ने आपसी चर्चा और आवश्यक राजस्व अभिलेखों के परीक्षण के बाद कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया तथा शेष बचे मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के संयुक्त शिविरों का मुख्य उद्देश्य भूमि विवादों का समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी निराकरण करके आम जनता को राहत प्रदान करना है, जिससे अनावश्यक न्यायिक एवं पुलिस विवादों को कम किया जा सके।1
- हरदा में मूंग खरीदी की मांग को लेकर शुक्रवार को किसानों ने शहर की प्रमुख सड़कों पर सांकेतिक चक्का जाम कर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में बड़ी संख्या में किसान शहर के प्रमुख मार्गों पर एकत्र हुए और सरकार से मूंग खरीदी समेत अपनी अन्य समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने साफ किया कि उन्हें केवल सीमित खरीदी स्वीकार्य नहीं है। सरकार को सभी पात्र किसानों की 100 प्रतिशत मूंग खरीदनी चाहिए ताकि किसी भी किसान को अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तेज करेंगे।1
- भाऊ साहेब भुस्कुटे शासकीय महाविद्यालय टिमरनी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य की कार्यप्रणाली और मनमानी पर गहरी नाराजगी जताई है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कॉलेज के प्राचार्य जेके जैन आए दिन नियमों की अवहेलना करते हैं और जब भी छात्र उनसे मिलने पहुंचते हैं, तो वह और उनका आधा स्टाफ गायब मिलता है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बताया कि पिछले दिनों कॉलेज की प्राध्यापिका चावला मैडम की तबीयत खराब होने पर उन्हें न तो अस्पताल पहुंचाया गया और न ही प्राथमिक उपचार दिया गया। जब उन्होंने इसकी सूचना प्राचार्य जेके जैन को दी, तो उन्होंने संवेदनहीनता दिखाते हुए कहा कि "आप अपने हिसाब से देख लो।" इसी मुद्दे को लेकर जब परिषद के कार्यकर्ता कॉलेज पहुंचे, तो प्राचार्य और स्टाफ फिर गायब थे और घंटों इंतजार के बाद दोपहर 1 बजे प्राचार्य वापस लौटे। कार्यकर्ता कृष्णा भाटी ने आरोप लगाया कि कॉलेज के प्राध्यापक संतोषजनक जवाब देने के बजाय खुद 'सरपंच' बन बैठते हैं। कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य को कॉलेज के अन्य कमरों में ले जाकर वहां फैली गंदगी दिखाई और उसे साफ कराने की मांग की। शुभम धनवारे ने बताया कि पूर्व में ज्ञापन सौंपकर वाटर कूलर साफ करने और प्राध्यापकों की समय पर उपस्थिति का निवेदन किया गया था, लेकिन प्राचार्य ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस दौरान नगर अध्यक्ष अमित पालवे, विजय सोलंकी, अरविंद गुर्जर, राहुल कौशल, करण माडले, उमेश सोलंकी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- पूर्वी निमाड़ के खंडवा के लोगों के लिए 'ANT आल इंडिया न्यूज़ नेटवर्क' और 'आल न्यूज़ टाइम्स' अखबार से जुड़कर काम करने का सुनहरा अवसर है। इस न्यूज़ नेटवर्क को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सौगात मिली है, जिससे अब आपकी खबरें पूरी दुनिया में गूंजेंगी। इन दोनों ही मीडिया माध्यमों के लिए रिपोर्टर बनने का खुला आमंत्रण दिया गया है। इच्छुक व्यक्ति सीधे एडिटर इन चीफ Masood javed Qadri से उनके मोबाइल नंबर 9424550560 पर संपर्क कर जुड़ सकते हैं।1
- पटना हाईकोर्ट ने वर्ष 2008 के एक आपराधिक मामले में 9 जुलाई 2026 को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल महिला की छाती दबाना और सलवार उतारने का प्रयास करना, हर परिस्थिति में स्वतः ही दुष्कर्म के प्रयास (धारा 376/511) की श्रेणी में नहीं माना जा सकता। कोर्ट के अनुसार, किसी मामले में दुष्कर्म के प्रयास का अपराध बनता है या नहीं, यह पूरी तरह से उस मामले के तथ्यों, परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों पर ही निर्भर करेगा। इस विशिष्ट मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष ऐसे पर्याप्त सबूत पेश करने में असमर्थ रहा, जिससे यह साबित हो सके कि आरोपी का उद्देश्य दुष्कर्म करना था। हालांकि, कोर्ट ने यह साफ किया कि आरोपी का यह कृत्य बेहद गंभीर अपराध है और यह महिला की लज्जा भंग करने यानी आईपीसी की धारा 354 के दायरे में आता है, इसलिए आरोपी को पूरी तरह से राहत नहीं दी गई है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं को भी स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय केवल इस विशेष मामले के तथ्यों के आधार पर है, न कि सभी मामलों के लिए कोई सामान्य नियम।1
- खरगोन के बड़वाह में कांग्रेस पार्टी के संगठन सृजन अभियान के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है।1
- खरगोन जिले के भीकनगांव अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बोरगांव में मुख्य सड़क की बदहाली से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। यहाँ की मुख्य सड़क पर सीसी रोड का नामोनिशान नहीं है, जिसके कारण हालात अत्यंत खराब हो चुके हैं। सड़क पर फैले कीचड़ और फिसलती मिट्टी की वजह से हर रोज राहगीर, बुजुर्ग और स्कूली बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह केवल एक सड़क की समस्या नहीं है, बल्कि लोगों की सुरक्षा के साथ पूरी तरह से खिलवाड़ किया जा रहा है और यहाँ आए दिन छोटे-मोटे हादसों का डर बना रहता है। इस बदहाली को लेकर ग्रामीणों में गहरा असंतोष है। उनका कहना है कि ऐसा महसूस होता है जैसे विकास की रफ्तार सिर्फ शहरों की चमचमाती सड़कों तक ही सीमित रह गई है और गाँवों की अनदेखी करना ही नियति बन चुकी है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पुरजोर अपील की गई है कि वे केवल कागजी कार्रवाई से बाहर निकलें और जमीनी हकीकत को देखें, क्योंकि बोरगांव को जल्द से जल्द पक्की सड़क की सख्त जरूरत है। इस आवाज को जिम्मेदार लोगों तक पहुँचाने के लिए वीडियो को अधिक से अधिक शेयर करने की मांग की गई है।1
- पुनासा के मुंदी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थित एक बंद पड़े खंडहर क्वार्टर में शुक्रवार दोपहर को एक नवजात शिशु मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। राहगीरों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी और मौके पर पहुंचकर देखा तो नवजात वहां पड़ा हुआ था। इसके बाद तुरंत अस्पताल प्रबंधन और पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सूचना पाकर बीएमओ डॉ. आनंद ओनकर अस्पताल स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और कुछ ही देर में पुलिस भी वहां आ गई। नवजात को तत्काल अस्पताल के लेबर रूम में ले जाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, नवजात बालक पूरी तरह से स्वस्थ है और उसका जन्म करीब 2 से 3 घंटे पहले ही हुआ था। नवजात के गले में हरे रंग के कपड़े की चिंदी बंधी हुई थी। करीब दो घंटे तक मुंदी अस्पताल में रखने के बाद नवजात को एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल खंडवा भिजवाया गया, जहां उसे भर्ती करा दिया गया है। जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान मुंदी अस्पताल में कोई प्रसव नहीं हुआ है, जिसके चलते पुलिस अब इस बात की गहन जांच में जुट गई है कि बच्चे को वहां कौन छोड़कर गया है।1