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झालावाड़ और कोटा के किसानों की जीवनदायिनी हरिश्चंद्र सागर नहर परियोजना में 19 करोड़ रुपये की लागत से हुआ निर्माण कार्य पहली ही बारिश में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। हीचर क्षेत्र में नहर की दोनों साइडों पर किया गया दीवार और टाइल निर्माण कार्य पहली बरसात का दबाव भी नहीं झेल सका, जिससे करीब 25 फीट हिस्सा भरभरा कर गिर गया। स्थानीय किसानों ने इस घटना को घटिया सामग्री के उपयोग और विभागीय मिलीभगत का सीधा नतीजा बताया है। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने इस निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच करवाने और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
Pradeep Nagar
झालावाड़ और कोटा के किसानों की जीवनदायिनी हरिश्चंद्र सागर नहर परियोजना में 19 करोड़ रुपये की लागत से हुआ निर्माण कार्य पहली ही बारिश में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। हीचर क्षेत्र में नहर की दोनों साइडों पर किया गया दीवार और टाइल निर्माण कार्य पहली बरसात का दबाव भी नहीं झेल सका, जिससे करीब 25 फीट हिस्सा भरभरा कर गिर गया। स्थानीय किसानों ने इस घटना को घटिया सामग्री के उपयोग और विभागीय मिलीभगत का सीधा नतीजा बताया है। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने इस निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच करवाने और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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- सूमर कस्बे सहित आसपास के इलाकों में शाम करीब 6 बजे मौसम ने अचानक करवट बदली। आसमान में घने काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। लगभग आधे घंटे तक हुई इस तेज बारिश के बाद भी, बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं लिया और शाम तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। इस झमाझम बारिश से क्षेत्र का मौसम बेहद सुहावना हो गया है, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी की मुस्कान लौट आई है।2
- झालावाड़ जिले में दिनांक 07/07/2026 को जोरदार बारिश दर्ज की गई।1
- वन विभाग ने झालावाड़ जिले में वन्यजीवों के संरक्षण और अवैध शिकार पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से एक बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान विभाग ने जीवित तीतर और तोते, शिकार में प्रयुक्त फंदे, पिंजरे, तथा एक मोटरसाइकिल जब्त की। संबंधित आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। उप वन संरक्षक सागर पवार के निर्देशानुसार, बुधवार सुबह सहायक वन संरक्षक मुकेश सहजवानी के नेतृत्व में क्षेत्रीय वन अधिकारी दीपक सिंह चारण की टीम, असनावर रेंज के वनकर्मियों और पुलिस बल ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। टीम ने झालावाड़ स्थित कालीसिंध नदी की पुलिया के समीप वनखण्ड फील्ड ट्रायल क्षेत्र में बनी कच्ची झोपड़ियों पर दबिश दी। इस दौरान, मौके से जीवित तीतर एवं तोते बरामद किए गए, साथ ही वन्यजीवों के अवैध शिकार और उन्हें पकड़ने में उपयोग होने वाले फंदे, पिंजरे और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। प्रारंभिक जांच में वन्यजीवों के अवैध शिकार, उन पर कब्जा करने और उनके व्यापार से संबंधित गतिविधियों के प्रमाण मिलने पर संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई। इसके उपरांत, आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वन्यजीवों का शिकार करना, उन पर कब्जा करना, उन्हें संग्रहित करना, उनका परिवहन करना अथवा उनका व्यापार करना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है, जिसमें दोषी पाए जाने पर कठोर दंड और जुर्माने का प्रावधान है। विभाग ने नागरिकों से यह भी आग्रह किया है कि यदि उन्हें वन्यजीवों के अवैध शिकार, कब्जे, परिवहन या व्यापार से संबंधित कोई भी जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल इसकी सूचना निकटतम वन अधिकारी या वन विभाग को दें। विभाग ने यह आश्वासन भी दिया है कि सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि समय पर प्रभावी कार्रवाई कर वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।1
- झालावाड़ शहर में जिला पुलिस द्वारा महिला सुरक्षा के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए पी.जी. कॉलेज ऑडिटोरियम में एक जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं से संबंधित सुरक्षा मुद्दों पर जानकारी देना और राजस्थान पुलिस के महिला सुरक्षा जागरूकता अभियान में विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करना था। इस आयोजन में पिड़ावा की डीवाईएसपी पूजा नागर ने महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों, बच्चों के अधिकारों और संकट के समय मददगार 'सिटिजन ऐप' का उपयोग करने के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष शिवराज सिंह हाड़ा ने ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता पर जोर दिया, ताकि युवा पीढ़ी, खासकर बेटियां, संकट के समय अपनी रक्षा स्वयं कर सकें। समिति की सदस्य पूर्णिमा झाला ने भी बेटियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए कानूनों की जानकारी रखने का महत्व बताया, जबकि जन साहस संस्था की कोऑर्डिनेटर वंदना सक्सेना ने बेटियों को स्वयं को अकेला न समझने और जागरूकता के वर्तमान समय का लाभ उठाने का संदेश दिया। सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी पल्लवी चतुर्वेदी ने बेटियों की सुरक्षा के लिए चल रही योजनाओं की जानकारी साझा की। कार्यक्रम में लाइन पुलिस निरीक्षक मोहनलाल पोसवाल भी उपस्थित रहे। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा से संबंधित कानूनों, हेल्पलाइन नंबर 1090, आत्मरक्षा के उपायों और पुलिस द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, महिला वॉलंटियर्स के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना गया और उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मान भी किया गया। यह आयोजन महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न वर्गों को संवाद के माध्यम से जानकारी देने पर केंद्रित था।2
- छीपाबड़ौद स्टेडियम में भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास किया जा रहा है। इस अभ्यास में साइड बाय साइड स्टेपिंग के साथ 30-30 के तीन राउंड पूरे करने होते हैं। यह सलाह दी गई है कि इसे सीखें और इसका अभ्यास करें।1
- इस सूचना में एक ऐप में उपलब्ध होने वाली विभिन्न सुविधाओं के बारे में प्रश्न किया गया है। इन सुविधाओं की पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए दर्शकों को संबंधित वीडियो को अंत तक देखने का निर्देश दिया गया है।1
- झालावाड़ और कोटा के किसानों की जीवनदायिनी हरिश्चंद्र सागर नहर परियोजना में 19 करोड़ रुपये की लागत से हुआ निर्माण कार्य पहली ही बारिश में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। हीचर क्षेत्र में नहर की दोनों साइडों पर किया गया दीवार और टाइल निर्माण कार्य पहली बरसात का दबाव भी नहीं झेल सका, जिससे करीब 25 फीट हिस्सा भरभरा कर गिर गया। स्थानीय किसानों ने इस घटना को घटिया सामग्री के उपयोग और विभागीय मिलीभगत का सीधा नतीजा बताया है। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने इस निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच करवाने और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।1