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इस सूचना में एक ऐप में उपलब्ध होने वाली विभिन्न सुविधाओं के बारे में प्रश्न किया गया है। इन सुविधाओं की पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए दर्शकों को संबंधित वीडियो को अंत तक देखने का निर्देश दिया गया है।
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इस सूचना में एक ऐप में उपलब्ध होने वाली विभिन्न सुविधाओं के बारे में प्रश्न किया गया है। इन सुविधाओं की पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए दर्शकों को संबंधित वीडियो को अंत तक देखने का निर्देश दिया गया है।
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- छीपाबड़ौद स्टेडियम में भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास किया जा रहा है। इस अभ्यास में साइड बाय साइड स्टेपिंग के साथ 30-30 के तीन राउंड पूरे करने होते हैं। यह सलाह दी गई है कि इसे सीखें और इसका अभ्यास करें।1
- इस सूचना में एक ऐप में उपलब्ध होने वाली विभिन्न सुविधाओं के बारे में प्रश्न किया गया है। इन सुविधाओं की पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए दर्शकों को संबंधित वीडियो को अंत तक देखने का निर्देश दिया गया है।1
- छीपाबड़ौद वन विभाग ने अवैध सागवान लकड़ी के परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक टाटा 407 मिनी ट्रक जब्त किया है। यह कार्रवाई राजपुरा खालसा से सेवनया गांव के बीच गश्त के दौरान की गई, जहां वन टीम ने अवैध रूप से सागवान की लकड़ी से लदे ट्रक को पकड़ा। मौके पर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने पर वाहन को वन विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया। यह अभियान उप वन संरक्षक बारां, विवेकानंद माणिकराव के दिशा-निर्देशन और सहायक वन संरक्षक अनिल मीणा के मार्गदर्शन में क्षेत्रीय वन अधिकारी, छीपाबड़ौद, हेमेंद्र शाक्यवाल के नेतृत्व में चलाया गया। कार्रवाई में नाका प्रभारी जितेंद्र भार्गव, रिकू मीणा, भगवान सिंह, राजू मीणा, प्रवीण शर्मा, मालम सिंह, संजय मीणा सहित अन्य वनकर्मी शामिल थे। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन क्षेत्रों में अवैध कटाई और परिवहन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।2
- छबड़ा के भुवाखेड़ी ग्राम स्थित सादली की प्राचीन पहाड़ी पर नव निर्मित बाबा खाटूश्याम मंदिर और भैरव महाराज खाटूश्याम गोशाला की परिक्रमा का आयोजन 10 जुलाई को आषाढ़ कृष्ण पक्ष ग्यारस, यानी योगिनी ग्यारस तिथि पर 'जय बाबा खाटूश्याम' के जयकारों के साथ किया जाएगा। यह एक पवित्र और महत्वपूर्ण आयोजन है जिसका उद्देश्य भक्तों को आध्यात्मिक लाभ पहुंचाना है। अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र, श्री हनुमान सिद्ध साधना आश्रम अमीरपुर खेड़ी और ओशो आशीष ध्यान केंद्र भुवाखेड़ी के संस्थापक एस. एल. नागर, जिन्हें स्वामी ध्यान गगन के नाम से भी जाना जाता है, ने क्षेत्र के सभी श्याम भक्तों, श्रद्धालु भक्तों और धार्मिक व्यक्तियों से इस परिक्रमा में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि सभी लोग घर, परिवार, समाज और राष्ट्र के चहुंमुखी विकास की कामना के साथ, पवित्र भावना से जग कल्याणार्थ अपने पारिवारिक बंधुओं, बांधवों और इष्ट मित्रों सहित सत्यता और पवित्रता के साथ बाबा का निशान लेकर, पैदल यात्रा करते हुए इस परिक्रमा में शामिल हों। प्राचीन ऋषियों के अनुसार, प्रदक्षिणा और परिक्रमा का विशेष महत्व है। वे कहते हैं कि पृथ्वी पर जीवों और आत्माओं के आगमन के बाद से हम 84 लाख योनियों में जन्म लेते रहे हैं और उन योनियों में काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद के वशीभूत होकर अच्छे-बुरे कर्म करते आए हैं, जिनके फल स्वरूप ही हमारा जन्म होता आया है। अब मनुष्य योनि में हम अच्छे कर्म कर नर से नारायण और नारी से नारायणी (श्री लक्ष्मी) बन सकते हैं। परिक्रमा मार्ग अभी कच्चा है, और इस दौरान कंकर-पत्थर बीनने से जीवन की कठिनाइयां हल्की हो सकती हैं। पैदल यात्रा और परिक्रमा करने से शारीरिक और मानसिक रोगों में कमी आ सकती है, और बाबा के दर्शन से अब तक के हारे हुए जीवन को सहारा भी मिल सकता है। साधु-संतों और ऋषियों का कहना है कि बाबा श्याम के मंदिर सहित हर ग्यारस को गोशाला के दर्शन कर गोमाता को चारा-पानी का दान करने और प्रदक्षिणा-परिक्रमा करने से जीव को धर्म, अर्थ, लाभ और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस पहली परिक्रमा को यादगार बनाने के लिए, भक्त परिक्रमा मार्ग में स्वयं के नाम पर और धरती माता के नाम पर एक-एक पौधा लगाकर उसे जाली से सुरक्षित कर सकते हैं। परिक्रमा विषम संख्या में, जैसे एक, तीन, पांच, सात या ग्यारह बार करनी चाहिए। यदि कोई गुरुमुखी है, तो गुरु मंत्र का जप करते हुए परिक्रमा करे, अन्यथा 'ॐ श्री श्याम देवाय नमः' का जप करते हुए सकारात्मक भाव और निष्काम होकर परिक्रमा करे।4
- सूमर कस्बे सहित आसपास के इलाकों में शाम करीब 6 बजे मौसम ने अचानक करवट बदली। आसमान में घने काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। लगभग आधे घंटे तक हुई इस तेज बारिश के बाद भी, बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं लिया और शाम तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। इस झमाझम बारिश से क्षेत्र का मौसम बेहद सुहावना हो गया है, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी की मुस्कान लौट आई है।2
- झालावाड़ जिले में दिनांक 07/07/2026 को जोरदार बारिश दर्ज की गई।1
- वन विभाग ने उप वन संरक्षक बारां, बड़े विवेकानंद माणिकराव के दिशा-निर्देशन और सहायक वन संरक्षक अनिल मीणा के मार्गदर्शन में छीपाबड़ौद में वनभूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। क्षेत्रीय वन अधिकारी हेमेंद्र शाक्यवाल के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। ग्रामीणों से मिली शिकायत के आधार पर नाका सेतकोलू के अंतर्गत आने वाले ग्राम बरसत और पातलापानी में वन भूमि पर अतिक्रमण कर बोई गई फसल को जेसीबी की मदद से नष्ट किया गया। इस दौरान अतिक्रमण हटाने के लिए तार फेंसिंग और झाड़ बाड़ को हटाया गया, साथ ही ट्रेंच भी खुदवाई गई। इसी क्रम में राजपुरा खालसा गांव के पास वन भूमि पर अवैध रूप से डाले गए पत्थरों को भी जेसीबी से हटाया गया। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप लगभग 46 बीघा वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। इस अभियान में नाका प्रभारी जितेंद्र भार्गव, रिकू मीणा, भगवान सिंह, राजू मीणा, प्रवीण शर्मा, मालम सिंह, संजय मीणा सहित अन्य वनकर्मी शामिल रहे। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वनभूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।3
- झालावाड़ और कोटा के किसानों की जीवनदायिनी हरिश्चंद्र सागर नहर परियोजना में 19 करोड़ रुपये की लागत से हुआ निर्माण कार्य पहली ही बारिश में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। हीचर क्षेत्र में नहर की दोनों साइडों पर किया गया दीवार और टाइल निर्माण कार्य पहली बरसात का दबाव भी नहीं झेल सका, जिससे करीब 25 फीट हिस्सा भरभरा कर गिर गया। स्थानीय किसानों ने इस घटना को घटिया सामग्री के उपयोग और विभागीय मिलीभगत का सीधा नतीजा बताया है। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने इस निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच करवाने और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।1