आंगनबाड़ी के बच्चों को दी जाने वाली 3375 आयरन सिरप नदी किनारे झाड़ियों में मिली,सभी एक्सपायरी डेट की आंगनबाड़ी के बच्चों को दी जाने वाली 3375 आयरन सिरप नदी किनारे झाड़ियों में मिली,सभी एक्सपायरी डेट की टेटिया बंबर प्रखंड क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को दी जाने वाली आयरन सिरप की बड़ी खेप महाने नदी किनारे झाड़ियों में मिलने से हड़कंप मच गया। मनरेगा योजना से निर्मित गाइड वॉल के समीप सीडीपीओ कार्यालय से करीब 100 गज की दूरी पर झाड़ियों में बड़ी संख्या में सिरप की बोतलें पड़ी मिलीं। ग्रामीणों के अनुसार, बरामद सभी दवाएं एक्सपायरी डेट की हैं। बताया गया कि बरामद सिरप में आयरन एंड फॉलिक एसिड सिरप आईपी 50 एमएल की 1540 बोतल तथा फेरस सल्फेट एंड फोलिक एसिड आईपी 50 एमएल की 1835 बोतलें शामिल हैं। इस तरह दोनों प्रकार की करीब 3375 बोतलें होने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि दवाओं को सीडीपीओ कार्यालय परिसर से निकलवाकर नदी किनारे झाड़ियों में फेंका गया है। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों की सूचना पर टेटिया बंबर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और नदी किनारे झाड़ियों में फेंकी गई सभी सिरप को बरामद कर थाने ले आई। पुलिस द्वारा बरामद दवाओं की गिनती और आकलन शुरू कर दिया गया है। मामले की जांच भी की जा रही है। आयरन सिरप आंगनबाड़ी केंद्रों और पोषण कार्यक्रमों के तहत बच्चों को उपलब्ध कराई जाती है। इसका उपयोग बच्चों में एनीमिया यानी खून की कमी दूर करने के लिए किया जाता है। ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में दवा का एक्सपायर होकर खुले में मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि समय रहते इन दवाओं का लाभ बच्चों तक क्यों नहीं पहुंचाया गया, जिससे इतनी बड़ी मात्रा में सिरप एक्सपायरी हो गई। ग्रामीणों ने मामले की जांच के लिए स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजी, संबंधित गोदाम और आंगनबाड़ी केंद्रों के रिकॉर्ड की जांच कराने के साथ प्रखंड कार्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की मांग की है। इस बाबत सीडीपीओ अमन कुमार ने बताया कि सेविकाओं को दवाएं वितरण के लिए उपलब्ध करा दी जाती हैं। नदी किनारे दवा कैसे पहुंची, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। इधर, पुलिस सभी बरामद सिरप को थाने ले जाकर उसकी गिनती और आकलन कर रही है।
आंगनबाड़ी के बच्चों को दी जाने वाली 3375 आयरन सिरप नदी किनारे झाड़ियों में मिली,सभी एक्सपायरी डेट की आंगनबाड़ी के बच्चों को दी जाने वाली 3375 आयरन सिरप नदी किनारे झाड़ियों में मिली,सभी एक्सपायरी डेट की टेटिया बंबर प्रखंड क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को दी जाने वाली आयरन सिरप की बड़ी खेप महाने नदी किनारे झाड़ियों में मिलने से हड़कंप मच गया। मनरेगा योजना से निर्मित गाइड वॉल के समीप सीडीपीओ कार्यालय से करीब 100 गज की दूरी पर झाड़ियों में बड़ी संख्या में सिरप की बोतलें पड़ी मिलीं। ग्रामीणों के अनुसार, बरामद सभी दवाएं एक्सपायरी डेट की हैं। बताया गया कि बरामद सिरप में आयरन एंड फॉलिक एसिड सिरप आईपी 50 एमएल की 1540 बोतल तथा फेरस सल्फेट एंड फोलिक एसिड आईपी 50 एमएल
की 1835 बोतलें शामिल हैं। इस तरह दोनों प्रकार की करीब 3375 बोतलें होने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि दवाओं को सीडीपीओ कार्यालय परिसर से निकलवाकर नदी किनारे झाड़ियों में फेंका गया है। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों की सूचना पर टेटिया बंबर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और नदी किनारे झाड़ियों में फेंकी गई सभी सिरप को बरामद कर थाने ले आई। पुलिस द्वारा बरामद दवाओं की गिनती और आकलन शुरू कर दिया गया है। मामले की जांच भी की जा रही है। आयरन सिरप आंगनबाड़ी केंद्रों और पोषण कार्यक्रमों के तहत बच्चों को उपलब्ध कराई जाती है। इसका उपयोग बच्चों में एनीमिया यानी खून की कमी दूर करने के लिए किया जाता है। ऐसे में
इतनी बड़ी मात्रा में दवा का एक्सपायर होकर खुले में मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि समय रहते इन दवाओं का लाभ बच्चों तक क्यों नहीं पहुंचाया गया, जिससे इतनी बड़ी मात्रा में सिरप एक्सपायरी हो गई। ग्रामीणों ने मामले की जांच के लिए स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजी, संबंधित गोदाम और आंगनबाड़ी केंद्रों के रिकॉर्ड की जांच कराने के साथ प्रखंड कार्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की मांग की है। इस बाबत सीडीपीओ अमन कुमार ने बताया कि सेविकाओं को दवाएं वितरण के लिए उपलब्ध करा दी जाती हैं। नदी किनारे दवा कैसे पहुंची, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। इधर, पुलिस सभी बरामद सिरप को थाने ले जाकर उसकी गिनती और आकलन कर रही है।
- आंगनबाड़ी के बच्चों को दी जाने वाली 3375 आयरन सिरप नदी किनारे झाड़ियों में मिली,सभी एक्सपायरी डेट की आंगनबाड़ी के बच्चों को दी जाने वाली 3375 आयरन सिरप नदी किनारे झाड़ियों में मिली,सभी एक्सपायरी डेट की टेटिया बंबर प्रखंड क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को दी जाने वाली आयरन सिरप की बड़ी खेप महाने नदी किनारे झाड़ियों में मिलने से हड़कंप मच गया। मनरेगा योजना से निर्मित गाइड वॉल के समीप सीडीपीओ कार्यालय से करीब 100 गज की दूरी पर झाड़ियों में बड़ी संख्या में सिरप की बोतलें पड़ी मिलीं। ग्रामीणों के अनुसार, बरामद सभी दवाएं एक्सपायरी डेट की हैं। बताया गया कि बरामद सिरप में आयरन एंड फॉलिक एसिड सिरप आईपी 50 एमएल की 1540 बोतल तथा फेरस सल्फेट एंड फोलिक एसिड आईपी 50 एमएल की 1835 बोतलें शामिल हैं। इस तरह दोनों प्रकार की करीब 3375 बोतलें होने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि दवाओं को सीडीपीओ कार्यालय परिसर से निकलवाकर नदी किनारे झाड़ियों में फेंका गया है। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों की सूचना पर टेटिया बंबर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और नदी किनारे झाड़ियों में फेंकी गई सभी सिरप को बरामद कर थाने ले आई। पुलिस द्वारा बरामद दवाओं की गिनती और आकलन शुरू कर दिया गया है। मामले की जांच भी की जा रही है। आयरन सिरप आंगनबाड़ी केंद्रों और पोषण कार्यक्रमों के तहत बच्चों को उपलब्ध कराई जाती है। इसका उपयोग बच्चों में एनीमिया यानी खून की कमी दूर करने के लिए किया जाता है। ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में दवा का एक्सपायर होकर खुले में मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि समय रहते इन दवाओं का लाभ बच्चों तक क्यों नहीं पहुंचाया गया, जिससे इतनी बड़ी मात्रा में सिरप एक्सपायरी हो गई। ग्रामीणों ने मामले की जांच के लिए स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजी, संबंधित गोदाम और आंगनबाड़ी केंद्रों के रिकॉर्ड की जांच कराने के साथ प्रखंड कार्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की मांग की है। इस बाबत सीडीपीओ अमन कुमार ने बताया कि सेविकाओं को दवाएं वितरण के लिए उपलब्ध करा दी जाती हैं। नदी किनारे दवा कैसे पहुंची, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। इधर, पुलिस सभी बरामद सिरप को थाने ले जाकर उसकी गिनती और आकलन कर रही है।3
- यह केवल एक सड़क की समस्या नहीं, बल्कि आम जनता की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।हवेली खड़गपुर नगर परिषद की सड़कें आखिर कब सुधरेंगी एक बार फिर आपके सामने एक वीडियो लेकर आया हूँ। इस वीडियो के माध्यम से आप स्वयं देख सकते हैं कि हवेली खड़गपुर नगर परिषद क्षेत्र की सड़क की स्थिति कितनी जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे, टूटी सड़क और जलजमाव के कारण आम लोगों, राहगीरों और वाहन चालकों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- मुंगेर :- बांकीपुर के उपचुनाव में जनसुराज पार्टी के प्रशांत किशोर की जीत पूरे बिहार के लिए बदलाव की राजनीत का संदेश है...1
- बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव मे प्रशांत किशोर की जीत पर कार्यकर्ता ने मनाया जश्न, मुंगेर में विजय जुलूस बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव मे प्रशांत किशोर की जीत पर कार्यकर्ता ने मनाया जश्न, मुंगेर में विजय जुलूस1
- मुंगेर में छोटे भाई की हत्या के मामले में अदालत ने सजा सुनाई। मुंगेर: जमीन विवाद मामले में सगे भाई ने छोटे भाई की गोली मारकर हत्या मामले में अदालत ने बड़े भाई और उसकी पत्नी को उम्र कैद की सजा सुनाई है दोनों नाबालिक बच्चियों ने अदालत से अपनी माता-पिता को निर्दोष बताते हुए जय नहीं भेजने की गुहार लगाई मुंगेर व्यवहार न्यायालय के के एडीजे द्वितीय की अदालत ने वर्ष 2024 में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सुजावलपुर गांव में हुई बत्ती तुला उर्फ पिक की हत्या मामले में फैसला सुनाते हुए मृतक के बड़े भाई रहमतुल्ला उर्फ लालू एवं उसकी पत्नी शबनम प्रवीण को आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ में आर्म्स एक्ट में 55000 का जुर्माना भी लगाया।1
- स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां शुरू, आरएस कॉलेज मैदान में होगा मुख्य आयोजन स्वतंत्रता दिवस समारोह को भव्य और गरिमामय ढंग से मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शुक्रवार को अनुमंडल कार्यालय के सभा कक्ष में एसडीओ राकेश रंजन कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें समारोह की रूपरेखा तय कर विभिन्न विभागों एवं विद्यालयों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। एसडीओ ने कहा कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी सभी कार्यक्रम निर्धारित समय पर आयोजित होंगे। उन्होंने विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को परेड का अभ्यास समय पर पूरा कराने तथा संबंधित विभागों को समारोह स्थल की साफ-सफाई, मंच सज्जा, पेयजल, बिजली, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि मुख्य समारोह आरएस कॉलेज मैदान में होगा, जहां एसडीओ राष्ट्रीय ध्वज फहराकर परेड की सलामी लेंगे। शहीद स्मारक परिसर में लगे 100 फीट ऊंचे तिरंगे की ध्वजारोहण मशीन की तकनीकी खराबी को तत्काल ठीक कराने का निर्देश नगर पंचायत को दिया गया। बैठक में जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और विद्यालयों के प्रधानाध्यापक मौजूद रहे।1
- मुंगेर में पशु तस्करी का बड़ा खुलासा, 4 पुलिसकर्मियों समेत 7 गिरफ्तार मुंगेर में पशुओं के अवैध परिवहन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। मुफसिल थाना क्षेत्र में हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक ट्रक से 35 भैंस बरामद कीं, जिनमें चार मृत पाई गईं। साथ ही ट्रक, अपाचे बाइक, सात मोबाइल फोन और 47 हजार रुपये नकद जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, 6 अगस्त को सूचना मिली थी कि ट्रक संख्या बीआर-19जीए-3676 से बेरहमी से पशुओं को मुंगेर से खगड़िया ले जाया जा रहा है। कृष्णा सेतु के पास वाहन जांच के दौरान अपाचे सवार राकेश कुमार उर्फ घनश्याम को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने खुद को पशु तस्करी में लाइनर बताया। उसकी निशानदेही पर ट्रक को रोककर तलाशी ली गई। मोबाइल जांच और तकनीकी अनुसंधान में कथित तौर पर पशु तस्करी में कुछ पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद यातायात थाना के सअनि अयोध्या कुमार, चालक सिपाही विमलेश कुमार तथा मुफसिल थाना के गृह रक्षक अरविन्द यादव और अभिलेश कुमार को गिरफ्तार किया गया। ट्रक चालक अमित कुमार उर्फ मैनू और सहायक चालक मो. जियाउल हक को भी गिरफ्तार किया गया है। मामले में मुफसिल थाना कांड संख्या 365/26 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने कहा कि मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।1