राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा 56 साल की उम्र में राजनीति की समझ! *राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा बड़ा निशाना* राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत नरेंद्र मोदी और अमित शाह के पुराने वीडियो चलाकर की, बड़े पर्दे पर उनके अपने बयान दिखाए गए। फिर उन्होंने एक सीधा सवाल उठाया, हर लोकतंत्र में सत्ता में बैठी सरकार के खिलाफ जनता में नाराजगी पैदा होती है। महंगाई बढ़ती है, नौकरियां कम होती हैं, लोग सरकार को वोट के जरिए बाहर कर देते हैं। इसे एंटी- इंकम्बेंसी कहा जाता है। तो मोदी सरकार के खिलाफ यह नाराजगी कहां चली गई? सालों से महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक जैसे मुद्दों के बावजूद चुनावी नतीजों में नाराजगी क्यों नहीं दिखती? जरा सोचिए, या तो जनता अचानक बहुत खुश हो गई है या फिर कहीं न कहीं जनता का गुस्सा चुनावी नतीजों से गायब किया जा रहा है। *राहुल गांधी के मुताबिक, यह सब ‘वोट चोरी’ के जरिए ही हो सकता है।* *56 साल की उम्र में राजनीति की समझ!* "ऐसी अद्भुत प्रतिभा सिर्फ 56 साल के पक्की दाढ़ी वाले (कांग्रेसी) नौजवान में ही हो सकती है...” * डॉ. सुधांशु त्रिवेदी *
राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा 56 साल की उम्र में राजनीति की समझ! *राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा बड़ा निशाना* राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत नरेंद्र मोदी और अमित शाह के पुराने वीडियो चलाकर की, बड़े पर्दे पर उनके अपने बयान दिखाए गए। फिर उन्होंने एक सीधा सवाल उठाया, हर लोकतंत्र में सत्ता में बैठी सरकार के खिलाफ जनता में नाराजगी पैदा होती है। महंगाई बढ़ती है, नौकरियां कम होती हैं, लोग सरकार को वोट के जरिए बाहर कर देते हैं। इसे एंटी- इंकम्बेंसी कहा जाता है। तो मोदी
सरकार के खिलाफ यह नाराजगी कहां चली गई? सालों से महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक जैसे मुद्दों के बावजूद चुनावी नतीजों में नाराजगी क्यों नहीं दिखती? जरा सोचिए, या तो जनता अचानक बहुत खुश हो गई है या फिर कहीं न कहीं जनता का गुस्सा चुनावी नतीजों से गायब किया जा रहा है। *राहुल गांधी के मुताबिक, यह सब ‘वोट चोरी’ के जरिए ही हो सकता है।* *56 साल की उम्र में राजनीति की समझ!* "ऐसी अद्भुत प्रतिभा सिर्फ 56 साल के पक्की दाढ़ी वाले (कांग्रेसी) नौजवान में ही हो सकती है...” * डॉ. सुधांशु त्रिवेदी *
- कुत्ते की मौत पर फूट-फूटकर रोई युवती, डॉक्टर न मिलने पर जताई नाराजगी कुत्ते की मौत पर फूट-फूटकर रोई युवती, डॉक्टर न मिलने पर जताई नाराजगी अहरौला। एक युवती अपने तीन माह के पालतू कुत्ते के इलाज के लिए राजकीय पशु चिकित्सालय अहरौला पहुंची। युवती का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर वहां पशु चिकित्सा अधिकारी मौजूद नहीं थे। मौके पर मौजूद फार्मासिस्ट ने कुत्ते को देखने के बाद उसे मृत बताया। कुत्ते की मौत की जानकारी मिलते ही युवती फूट-फूटकर रोने लगी और अस्पताल में डॉक्टर के मौजूद नहीं होने को लेकर नाराजगी जताई। वह करीब दो घंटे तक ब्लॉक गेट के पास बैठी रही और डॉक्टर की अनुपस्थिति पर सवाल उठाती रही। युवती ने बताया कि वह इससे पहले भी अपने पालतू कुत्ते के इलाज के लिए अस्पताल आ चुकी है, लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। उसका कहना था कि एक सप्ताह पूर्व भी वह करीब ढाई बजे तक डॉक्टर का इंतजार करती रही थी, जिसके बाद उसे कुत्ते को लेकर आजमगढ़ जाना पड़ा। दोबारा अस्पताल पहुंचने पर भी उसे डॉक्टर नहीं मिले। करीब दो घंटे बाद युवती के चाचा वीरेंद्र राजभर मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि युवती का नाम प्रीति है और वह अपने पालतू कुत्ते से काफी लगाव रखती थी। उनके अनुसार, डॉक्टर के नहीं मिलने को लेकर वह काफी नाराज थी। इस संबंध में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि उनके पास अहरौला और अलौवा दोनों स्थानों का चार्ज है। स्टाफ की भी कमी है और लगातार क्षेत्र में पशुओं के टीकाकरण का कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि अहरौला में फार्मासिस्ट नियमित रूप से मौजूद रहते हैं। युवती के कुत्ते को लेकर अस्पताल पहुंचने की जानकारी उन्हें मिली है और वह इस संबंध में फार्मासिस्ट से बात करेंगे।2
- राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा 56 साल की उम्र में राजनीति की समझ! *राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा बड़ा निशाना* राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत नरेंद्र मोदी और अमित शाह के पुराने वीडियो चलाकर की, बड़े पर्दे पर उनके अपने बयान दिखाए गए। फिर उन्होंने एक सीधा सवाल उठाया, हर लोकतंत्र में सत्ता में बैठी सरकार के खिलाफ जनता में नाराजगी पैदा होती है। महंगाई बढ़ती है, नौकरियां कम होती हैं, लोग सरकार को वोट के जरिए बाहर कर देते हैं। इसे एंटी- इंकम्बेंसी कहा जाता है। तो मोदी सरकार के खिलाफ यह नाराजगी कहां चली गई? सालों से महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक जैसे मुद्दों के बावजूद चुनावी नतीजों में नाराजगी क्यों नहीं दिखती? जरा सोचिए, या तो जनता अचानक बहुत खुश हो गई है या फिर कहीं न कहीं जनता का गुस्सा चुनावी नतीजों से गायब किया जा रहा है। *राहुल गांधी के मुताबिक, यह सब ‘वोट चोरी’ के जरिए ही हो सकता है।* *56 साल की उम्र में राजनीति की समझ!* "ऐसी अद्भुत प्रतिभा सिर्फ 56 साल के पक्की दाढ़ी वाले (कांग्रेसी) नौजवान में ही हो सकती है...” * डॉ. सुधांशु त्रिवेदी *2
- जौनपुर रात दिन से 24 घंटा से मौसम मौसम बिगड़ा हुआ है जिला में ठंड और तेज हवा चल रही है जौनपुर जौनपुर कल रात से रुक रुक का वर्षा हो रही है मौसम एकदम ठंडा हो गई है और तूफान जैसा मौसम बना हुआ है1
- सतीश पाल का नवरात्री #song#दवीगीत#2026#भक्ती#र्पव#जय#माॅ दुर्गा #भक्ति#song#jbj#muick#up#vayralrel1
- दिव्यांशी की मौत पर उठे सवाल, KGMU के नर्सिंग छात्रों का धरना1
- 28 से 30 सितंबर प्रस्तावित बैंक हड़ताल, वैकल्पिक माध्यमों से जारी रहेंगी बैंकिंग सेवाएं जनता न्यूज़ टीवी संवाददाता पंकज कुमार1
- कलम के तेज धार से नाली तो वहीं रहेगी, मच्छर भी वहीं पनपेंगे, बस एक और कार्यशाला हो गई! अयोध्या। वाह रे रामनगरी का सिस्टम! पहले बरसात में जलभराव करो, फिर गंदगी फैलाओ, फिर मच्छर पालो और फिर अक्टूबर में अभियान चलाकर मच्छर मारने का ढोंग करो। यही सोचकर नगर निगम ने अयोध्याधाम जोनल कार्यालय में पार्षदों और सफाई निरीक्षकों को ज्ञान दिया। यूनिसेफ वाले भी आए, स्वास्थ्य विभाग भी आया। सबने मिलकर बताया कि मलेरिया गंदगी से होता है। क्या खोज है! महापौर गिरीशपति त्रिपाठी जी ने फरमान सुनाया "जलजमाव वाले स्थानों पर एंटी लार्वा छिड़काव कराओ, झाड़ियां साफ कराओ।" मतलब 11 महीने सोते रहो और एक महीना छिड़काव का नाटक कर दो। अपर नगर आयुक्त भारत भार्गव बोले - "सभी विभाग सक्रिय रहें।" जिला मलेरिया अधिकारी मृदुला आनंद ने बताया कि पानी रुकेगा तो मच्छर होंगे। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राममणि बोले दवा का स्टॉक है। बाकी जनता तो जानती है, असली मच्छर नाली में नहीं, फाइलों में पनपते हैं।4
- राहुल गांधी का अब गढ़ पूरा देश है कर्ज और संपत्ति विवाद में बेटे ने ही रची थी *"राहुल गांधी का अब गढ़ पूरा देश है। और रायबरेली उनका घर है। उन्होंने कहा रायबरेली और अमेठी घर है, वो पारिवारिक रिश्ते हैं। उनका इस समय गढ़ तो पूरा देश है। पूरे देश में अगर किसी का दबदबा कायम है, तो उसका नाम राहुल गांधी है।"* - अजय राय, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस *कर्ज और संपत्ति विवाद में बेटे ने ही रची थी हत्या की साजिश, बहू निकली निर्दोष !* पुलिस पूछताछ में आरोपी बेटे का बड़ा कबूलनामा। 45 लाख कर्ज, जायदाद छिनने के डर से साजिश, 2 लाख की सुपारी दी। पिता के अन्य महिलाओं से संबंध थे। डर था वो जायदाद किसी और को ना दे दें। कर्ज के चक्कर से भी मुक्त होना चाहता था बेटा, कर्ज के चक्कर में दुकान से माल भी चुराता था। बेटे सुब्रत ने ही नौकर को दी थी सुपारी, (बहू) को कुछ नही था पता।2