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मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था की लचर स्थिति एक बार फिर सामने आई है, जहाँ मनगवां में एक आदिवासी महिला को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण अपनी जान गँवानी पड़ी। महिला को चारपाई पर ही अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई। यह घटना ऐसे समय हुई है जब मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था का बजट 23,747 करोड़ रुपये है और 2,000 एम्बुलेंस के लिए 900 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन भारी-भरकम प्रावधानों के बावजूद मनगवां में एक आदिवासी महिला को समय पर एम्बुलेंस न मिल पाना और चारपाई पर ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो जाना राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

1 hr ago
user_नीलेश विश्वकर्मा
नीलेश विश्वकर्मा
Voice of people दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था की लचर स्थिति एक बार फिर सामने आई है, जहाँ मनगवां में एक आदिवासी महिला को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण अपनी जान गँवानी पड़ी। महिला को चारपाई पर ही अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई। यह घटना ऐसे समय हुई है जब मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था का बजट 23,747 करोड़ रुपये है और 2,000 एम्बुलेंस के लिए 900 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन भारी-भरकम प्रावधानों के बावजूद मनगवां में एक आदिवासी महिला को समय पर एम्बुलेंस न मिल पाना और चारपाई पर ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो जाना राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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  • मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था की लचर स्थिति एक बार फिर सामने आई है, जहाँ मनगवां में एक आदिवासी महिला को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण अपनी जान गँवानी पड़ी। महिला को चारपाई पर ही अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई। यह घटना ऐसे समय हुई है जब मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था का बजट 23,747 करोड़ रुपये है और 2,000 एम्बुलेंस के लिए 900 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन भारी-भरकम प्रावधानों के बावजूद मनगवां में एक आदिवासी महिला को समय पर एम्बुलेंस न मिल पाना और चारपाई पर ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो जाना राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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    मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था की लचर स्थिति एक बार फिर सामने आई है, जहाँ मनगवां में एक आदिवासी महिला को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण अपनी जान गँवानी पड़ी। महिला को चारपाई पर ही अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई।

यह घटना ऐसे समय हुई है जब मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था का बजट 23,747 करोड़ रुपये है और 2,000 एम्बुलेंस के लिए 900 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन भारी-भरकम प्रावधानों के बावजूद मनगवां में एक आदिवासी महिला को समय पर एम्बुलेंस न मिल पाना और चारपाई पर ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो जाना राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
    user_नीलेश विश्वकर्मा
    नीलेश विश्वकर्मा
    Voice of people दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • पथरिया नगर में सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे रेस्ट हाउस के पास मुख्य सड़क पर एक ट्रक अचानक खराब होकर रुक गया। इस घटना से मुख्य मार्ग पर दोनों ओर जाम की स्थिति बन गई। गनीमत रही कि ट्रक के बंद होने के दौरान कोई अन्य वाहन उसकी चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में नो-एंट्री होने के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही लगातार जारी है, और पहले भी मुख्य मार्ग पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है। ट्रक के सड़क के बीचों-बीच फंसने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को काफी देर तक परेशानी झेलनी पड़ी। घटना की सूचना मिलने पर पथरिया पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और ट्रक को हटवाकर यातायात बहाल करने की कार्रवाई शुरू की। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर लोगों ने नगर की यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
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    पथरिया नगर में सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे रेस्ट हाउस के पास मुख्य सड़क पर एक ट्रक अचानक खराब होकर रुक गया। इस घटना से मुख्य मार्ग पर दोनों ओर जाम की स्थिति बन गई। गनीमत रही कि ट्रक के बंद होने के दौरान कोई अन्य वाहन उसकी चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में नो-एंट्री होने के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही लगातार जारी है, और पहले भी मुख्य मार्ग पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है। ट्रक के सड़क के बीचों-बीच फंसने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को काफी देर तक परेशानी झेलनी पड़ी। घटना की सूचना मिलने पर पथरिया पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और ट्रक को हटवाकर यातायात बहाल करने की कार्रवाई शुरू की। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर लोगों ने नगर की यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
    user_Narendra Ahirwar
    Narendra Ahirwar
    संपर्क करें. 8839675073 दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • दमोह विकासखंड के हिंडोरिया में सांसद राहुल सिंह लोधी की अध्यक्षता में 'चौपाल प्राकृतिक खेती के नाम एवं मिनीकिट बीज वितरण' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस शिविर में 500 से अधिक कृषकों को निःशुल्क बीज मिनीकिट वितरित किए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद राहुल सिंह लोधी ने किसानों से स्वास्थ्य, पर्यावरण और मृदा उर्वरता को बनाए रखने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि देसी गाय के गोबर और गोमूत्र से जीवामृत एवं घन जीवामृत तैयार कर एक देसी गाय से 30 एकड़ तक प्राकृतिक खेती की जा सकती है, जिससे उत्पादन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इसके विपरीत, लागत कम आती है, उत्पादन उच्च गुणवत्ता का होता है और पोषण से भरपूर होता है, जिससे मानव स्वास्थ्य, मृदा स्वास्थ्य और पर्यावरण स्वास्थ्य सभी बेहतर रहते हैं। उन्होंने वितरित किए जा रहे मिनीकिट बीज को उन्नत किस्म का बताया, जिसका उपयोग किसान परंपरागत बीजों को बदलने के लिए कर सकते हैं। उपसंचालक कृषि जे.एल. प्रजापति ने कृषकों को डीएपी के स्थान पर नैनो डीएपी और एन.पी.के. (जैसे 20-20-0-13, 12:32:16, 16:16:16) जैसे उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने नैनो डीएपी के उपयोग की विधि बताते हुए कहा कि बीज उपचार के लिए 5 एमएल नैनो डीएपी प्रति 1 किलो बीज की दर से उपयोग किया जा सकता है, जिसमें एक बोतल नैनो डीएपी 100 किलो बीज के उपचार के लिए पर्याप्त होती है। बेहतर परिणामों के लिए खड़ी फसल में 35 दिन बाद 5 एमएल प्रति लीटर पानी के मान से एक बोतल प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करने से परंपरागत दानेदार डीएपी के बिना अच्छी फसल पैदा की जा सकती है। प्रजापति ने मृदा नमूना कब और कैसे लेना चाहिए तथा मृदा परीक्षण के महत्व पर भी विस्तृत जानकारी प्रदान की।
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    दमोह विकासखंड के हिंडोरिया में सांसद राहुल सिंह लोधी की अध्यक्षता में 'चौपाल प्राकृतिक खेती के नाम एवं मिनीकिट बीज वितरण' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस शिविर में 500 से अधिक कृषकों को निःशुल्क बीज मिनीकिट वितरित किए गए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद राहुल सिंह लोधी ने किसानों से स्वास्थ्य, पर्यावरण और मृदा उर्वरता को बनाए रखने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि देसी गाय के गोबर और गोमूत्र से जीवामृत एवं घन जीवामृत तैयार कर एक देसी गाय से 30 एकड़ तक प्राकृतिक खेती की जा सकती है, जिससे उत्पादन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इसके विपरीत, लागत कम आती है, उत्पादन उच्च गुणवत्ता का होता है और पोषण से भरपूर होता है, जिससे मानव स्वास्थ्य, मृदा स्वास्थ्य और पर्यावरण स्वास्थ्य सभी बेहतर रहते हैं। उन्होंने वितरित किए जा रहे मिनीकिट बीज को उन्नत किस्म का बताया, जिसका उपयोग किसान परंपरागत बीजों को बदलने के लिए कर सकते हैं।

उपसंचालक कृषि जे.एल. प्रजापति ने कृषकों को डीएपी के स्थान पर नैनो डीएपी और एन.पी.के. (जैसे 20-20-0-13, 12:32:16, 16:16:16) जैसे उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने नैनो डीएपी के उपयोग की विधि बताते हुए कहा कि बीज उपचार के लिए 5 एमएल नैनो डीएपी प्रति 1 किलो बीज की दर से उपयोग किया जा सकता है, जिसमें एक बोतल नैनो डीएपी 100 किलो बीज के उपचार के लिए पर्याप्त होती है। बेहतर परिणामों के लिए खड़ी फसल में 35 दिन बाद 5 एमएल प्रति लीटर पानी के मान से एक बोतल प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करने से परंपरागत दानेदार डीएपी के बिना अच्छी फसल पैदा की जा सकती है। प्रजापति ने मृदा नमूना कब और कैसे लेना चाहिए तथा मृदा परीक्षण के महत्व पर भी विस्तृत जानकारी प्रदान की।
    user_Hoshiyar Chakarwarti reporter
    Hoshiyar Chakarwarti reporter
    Damoh, Madhya Pradesh•
    22 hrs ago
  • दमोह जिले की हटा विधानसभा के रनेह से ज़िला पंचायत सदस्य मनीष तंतवाय का एक वीडियो रविवार शाम सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। इस वीडियो में वे एक लोकार्पण कार्यक्रम के मंच पर कुर्सी न मिलने से अधिकारियों पर भड़कते हुए और उन्हें खरी-खोटी सुनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह घटना बुधवार को हटा विधानसभा के हिनौता गाँव में हुए एक हाई सेकेंडरी स्कूल भवन के लोकार्पण कार्यक्रम की है, जिसका निर्माण ₹1 करोड़ 23 लाख की लागत से हुआ था। कार्यक्रम में हटा विधायक उमा देवी खटीक, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुशमारिया, जनपद अध्यक्ष सहित ज़िला पंचायत सदस्य मनीष तंतवाय और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे। मंच पर विधायक, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष और जनपद अध्यक्ष के लिए तो कुर्सियाँ रखी थीं, लेकिन ज़िला पंचायत सदस्य के लिए कोई कुर्सी नहीं थी। उन्हें खुद ही कुर्सी उठाकर मंच पर रखनी पड़ी, और यही स्थिति अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ भी हुई। वीडियो में मनीष तंतवाय इसे जनप्रतिनिधियों का अपमान बताते हुए कह रहे हैं कि उन्हें खुद कुर्सियाँ उठानी पड़ रही हैं। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद, ज़िला पंचायत सदस्य मनीष तंतवाय ने पीआईयू के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उनकी इसी नाराजगी और अधिकारियों को फटकार लगाने का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
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    दमोह जिले की हटा विधानसभा के रनेह से ज़िला पंचायत सदस्य मनीष तंतवाय का एक वीडियो रविवार शाम सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। इस वीडियो में वे एक लोकार्पण कार्यक्रम के मंच पर कुर्सी न मिलने से अधिकारियों पर भड़कते हुए और उन्हें खरी-खोटी सुनाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

यह घटना बुधवार को हटा विधानसभा के हिनौता गाँव में हुए एक हाई सेकेंडरी स्कूल भवन के लोकार्पण कार्यक्रम की है, जिसका निर्माण ₹1 करोड़ 23 लाख की लागत से हुआ था। कार्यक्रम में हटा विधायक उमा देवी खटीक, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुशमारिया, जनपद अध्यक्ष सहित ज़िला पंचायत सदस्य मनीष तंतवाय और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

मंच पर विधायक, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष और जनपद अध्यक्ष के लिए तो कुर्सियाँ रखी थीं, लेकिन ज़िला पंचायत सदस्य के लिए कोई कुर्सी नहीं थी। उन्हें खुद ही कुर्सी उठाकर मंच पर रखनी पड़ी, और यही स्थिति अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ भी हुई। वीडियो में मनीष तंतवाय इसे जनप्रतिनिधियों का अपमान बताते हुए कह रहे हैं कि उन्हें खुद कुर्सियाँ उठानी पड़ रही हैं।

कार्यक्रम समाप्त होने के बाद, ज़िला पंचायत सदस्य मनीष तंतवाय ने पीआईयू के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उनकी इसी नाराजगी और अधिकारियों को फटकार लगाने का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
    user_Akib khan press
    Akib khan press
    हटा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • एक बयान में कहा गया है कि अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी आज पूरे देश में होती, यदि 'कुछ अपनों' ने ऐसा किया होता।
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    एक बयान में कहा गया है कि अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी आज पूरे देश में होती, यदि 'कुछ अपनों' ने ऐसा किया होता।
    user_बसंत राय प्रदेश अध्यक्ष मजदूर संघ आप पार्टी मध्य प्रदेश
    बसंत राय प्रदेश अध्यक्ष मजदूर संघ आप पार्टी मध्य प्रदेश
    Voice of people Jabera, Damoh•
    8 hrs ago
  • मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित 'SAFE CLICK-2026 2.0' अभियान के तहत, कटनी जिले में साइबर सुरक्षा एवं जन-जागरूकता संबंधी कार्यक्रम प्रभावी ढंग से चलाए जा रहे हैं। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक कटनी श्री अभिनय विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में, 6 जुलाई 2026 को थाना कुठला अंतर्गत डीपीएस स्कूल, चाका में एक विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ को तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों तथा उनसे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम की शुरुआत डीपीएस स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा स्कूल परिसर में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की उपयोगिता दर्शाने के लिए मानव श्रृंखला बनाने से हुई, जिसके माध्यम से उन्होंने समाज और युवाओं को जागरूकता का संदेश दिया। पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जिसके बाद छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इस अवसर पर, डीपीएस स्कूल के छात्र-छात्राओं ने साइबर जागरूकता पर आधारित नुक्कड़ नाटक, नृत्य और अन्य मनमोहक प्रस्तुतियाँ भी दीं। बताया गया कि वर्तमान में साइबर अपराधी फर्जी कॉल, वीडियो कॉल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, नकली एपीके फाइलें, फर्जी निवेश योजनाएं, टास्क फ्रॉड, यूपीआई/क्यूआर कोड स्कैम, कस्टमर केयर बनकर ठगी और ओटीपी प्राप्त कर बैंक खातों से राशि निकालने जैसे विभिन्न माध्यमों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा ने छात्र-छात्राओं को समझाइश दी कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड न करें, और ओटीपी, पिन, सीवीवी, बैंक खाता विवरण जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने संदिग्ध कॉल, मैसेज या वीडियो कॉल आने पर तुरंत कॉल काटने और सतर्क रहने की सलाह दी। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 'डिजिटल अरेस्ट' नाम की कोई वैधानिक या कानूनी प्रक्रिया नहीं होती, अतः ऐसे नाम पर डराकर ठगी करने वालों से सावधान रहना आवश्यक है। कटनी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार होता है, तो वह तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करे। इस दौरान, पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण भी किया, जिसमें अन्य उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी भाग लिया।
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    मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित 'SAFE CLICK-2026 2.0' अभियान के तहत, कटनी जिले में साइबर सुरक्षा एवं जन-जागरूकता संबंधी कार्यक्रम प्रभावी ढंग से चलाए जा रहे हैं। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक कटनी श्री अभिनय विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में, 6 जुलाई 2026 को थाना कुठला अंतर्गत डीपीएस स्कूल, चाका में एक विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ को तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों तथा उनसे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम की शुरुआत डीपीएस स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा स्कूल परिसर में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की उपयोगिता दर्शाने के लिए मानव श्रृंखला बनाने से हुई, जिसके माध्यम से उन्होंने समाज और युवाओं को जागरूकता का संदेश दिया। पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जिसके बाद छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इस अवसर पर, डीपीएस स्कूल के छात्र-छात्राओं ने साइबर जागरूकता पर आधारित नुक्कड़ नाटक, नृत्य और अन्य मनमोहक प्रस्तुतियाँ भी दीं। बताया गया कि वर्तमान में साइबर अपराधी फर्जी कॉल, वीडियो कॉल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, नकली एपीके फाइलें, फर्जी निवेश योजनाएं, टास्क फ्रॉड, यूपीआई/क्यूआर कोड स्कैम, कस्टमर केयर बनकर ठगी और ओटीपी प्राप्त कर बैंक खातों से राशि निकालने जैसे विभिन्न माध्यमों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा ने छात्र-छात्राओं को समझाइश दी कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड न करें, और ओटीपी, पिन, सीवीवी, बैंक खाता विवरण जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने संदिग्ध कॉल, मैसेज या वीडियो कॉल आने पर तुरंत कॉल काटने और सतर्क रहने की सलाह दी। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 'डिजिटल अरेस्ट' नाम की कोई वैधानिक या कानूनी प्रक्रिया नहीं होती, अतः ऐसे नाम पर डराकर ठगी करने वालों से सावधान रहना आवश्यक है। कटनी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार होता है, तो वह तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करे। इस दौरान, पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण भी किया, जिसमें अन्य उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी भाग लिया।
    user_गोकुल पटेल
    गोकुल पटेल
    Local News Reporter बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • दमोह पुलिस के सौजन्य से दमोह में 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर जागरूकता मैराथन दौड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। साइबर अपराधों के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस मैराथन को तहसील ग्राउंड से सांसद राहुल सिंह लोधी, विधायक जयंत कुमार मलैया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे और पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मैराथन के माध्यम से आमजन को ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, साइबर फ्रॉड और सोशल मीडिया से जुड़े खतरों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया।
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    दमोह पुलिस के सौजन्य से दमोह में 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर जागरूकता मैराथन दौड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। साइबर अपराधों के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस मैराथन को तहसील ग्राउंड से सांसद राहुल सिंह लोधी, विधायक जयंत कुमार मलैया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे और पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस मैराथन के माध्यम से आमजन को ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, साइबर फ्रॉड और सोशल मीडिया से जुड़े खतरों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया।
    user_Reeport 100
    Reeport 100
    Artist पटेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • दमोह जिले की जनपद पंचायत पटेरा स्थित वरिष्ठ कृषि केंद्र में चल रहे बीज वितरण को लेकर कृषि समिति अध्यक्ष पंडित सुशील शर्मा और पप्पू शर्मा सहित अन्य सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने पटेरा कृषि केंद्र के वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए नाराजगी व्यक्त की है। महिलाओं और बुजुर्गों ने भी इस व्यवस्था पर आक्रोश जताते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा वर्षा ऋतु के लिए समय पर बीज वितरण नहीं किया जा रहा है। नाराज महिलाओं और बुजुर्गों का यह भी कहना है कि सभी सेंटरों का बीज वितरण एक ही जगह से किया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कृषि केंद्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने फोन पर बताया कि केवल उड़द का बीज ही उपलब्ध है और वितरण फिंगरप्रिंट के माध्यम से होना है। हालांकि, कृषि समिति अध्यक्ष पंडित सुशील शर्मा और पप्पू शर्मा ने स्पष्ट किया कि पटेरा कृषि केंद्र में सभी प्रकार के बीज उपलब्ध हैं, लेकिन वे किसानों को नहीं बांटे जा रहे हैं। कृषि समिति के सदस्यों ने मांग की है कि प्रत्येक सेक्टर के ग्राम सेवकों द्वारा बड़ी पंचायतों में बैठकर बीज वितरण किया जाए, जिससे लोगों को आवागमन में सुविधा हो। उन्होंने लुहारी, भटिया और कुटरी जैसी 3-4 पंचायतों का उदाहरण देते हुए एक पंचायत में वितरण केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया। इसके बावजूद, वर्तमान में मनमानी तरीके से सभी पंचायतों का बीज वितरण केवल पटेरा से ही किया जा रहा है, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ रही है।
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    दमोह जिले की जनपद पंचायत पटेरा स्थित वरिष्ठ कृषि केंद्र में चल रहे बीज वितरण को लेकर कृषि समिति अध्यक्ष पंडित सुशील शर्मा और पप्पू शर्मा सहित अन्य सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने पटेरा कृषि केंद्र के वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए नाराजगी व्यक्त की है। महिलाओं और बुजुर्गों ने भी इस व्यवस्था पर आक्रोश जताते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा वर्षा ऋतु के लिए समय पर बीज वितरण नहीं किया जा रहा है।

नाराज महिलाओं और बुजुर्गों का यह भी कहना है कि सभी सेंटरों का बीज वितरण एक ही जगह से किया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कृषि केंद्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने फोन पर बताया कि केवल उड़द का बीज ही उपलब्ध है और वितरण फिंगरप्रिंट के माध्यम से होना है। हालांकि, कृषि समिति अध्यक्ष पंडित सुशील शर्मा और पप्पू शर्मा ने स्पष्ट किया कि पटेरा कृषि केंद्र में सभी प्रकार के बीज उपलब्ध हैं, लेकिन वे किसानों को नहीं बांटे जा रहे हैं।

कृषि समिति के सदस्यों ने मांग की है कि प्रत्येक सेक्टर के ग्राम सेवकों द्वारा बड़ी पंचायतों में बैठकर बीज वितरण किया जाए, जिससे लोगों को आवागमन में सुविधा हो। उन्होंने लुहारी, भटिया और कुटरी जैसी 3-4 पंचायतों का उदाहरण देते हुए एक पंचायत में वितरण केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया। इसके बावजूद, वर्तमान में मनमानी तरीके से सभी पंचायतों का बीज वितरण केवल पटेरा से ही किया जा रहा है, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ रही है।
    user_Reeport 100
    Reeport 100
    Artist पटेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    8 min ago
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