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विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु (जग्गी वासुदेव) का जन्मदिवस हर साल 3 सितंबर को मनाया जाता है,पूरी जीवनगाथा केशव की जुबानी में देखे विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु (जग्गी वासुदेव) का जन्मदिवस हर साल 3 सितंबर को मनाया जाता है, जो जीवन को पूरी जागरूकता और तीव्रता से जीने का संदेश देता है।उनके जीवन, दर्शन और जन्मदिवस से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:जन्म और प्रारंभिक जीवन: उनका जन्म 3 सितंबर 1957 को मैसूर, कर्नाटक में एक तेलुगु परिवार में हुआ था। उनका वास्तविक नाम जगदीश "जग्गी" वासुदेव है।आध्यात्मिक जागृति: मात्र 11 वर्ष की आयु से उन्होंने योग सीखना शुरू किया। इसके बाद 25 वर्ष की आयु में चामुंडी पहाड़ी पर उन्हें एक गहरी आध्यात्मिक अनुभूति हुई, जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी।ईशा फाउंडेशन की स्थापना: उन्होंने साल 1992 में कोयंबटूर में विकिपीडिया के अनुसार ईशा फाउंडेशन की स्थापना की। यह संस्था दुनिया भर में योग कार्यक्रमों और सामाजिक सुधार कार्यों का संचालन करती है।

52 min ago
user_Keshav Choudhary
Keshav Choudhary
सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
52 min ago

विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु (जग्गी वासुदेव) का जन्मदिवस हर साल 3 सितंबर को मनाया जाता है,पूरी जीवनगाथा केशव की जुबानी में देखे विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु (जग्गी वासुदेव) का जन्मदिवस हर साल 3 सितंबर को मनाया जाता है, जो जीवन को पूरी जागरूकता और तीव्रता से जीने का संदेश देता है।उनके जीवन, दर्शन और जन्मदिवस से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:जन्म और प्रारंभिक जीवन: उनका जन्म 3 सितंबर 1957 को मैसूर, कर्नाटक में एक तेलुगु परिवार में हुआ था। उनका वास्तविक नाम जगदीश "जग्गी" वासुदेव है।आध्यात्मिक जागृति: मात्र 11 वर्ष की आयु से उन्होंने योग सीखना शुरू किया। इसके बाद 25 वर्ष की आयु में चामुंडी पहाड़ी पर उन्हें एक गहरी आध्यात्मिक अनुभूति हुई, जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी।ईशा फाउंडेशन की स्थापना: उन्होंने साल 1992 में कोयंबटूर में विकिपीडिया के अनुसार ईशा फाउंडेशन की स्थापना की। यह संस्था दुनिया भर में योग कार्यक्रमों और सामाजिक सुधार कार्यों का संचालन करती है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • बृजनंदनी ग्रुप ऑफ स्कूल्स में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली चहनिया (चंदौली)। बृजनंदनी ग्रुप ऑफ स्कूल्स, चहनिया में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भव्य जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकी सजाई गई। नन्हे-मुन्ने बच्चे अपने माता-पिता के साथ उत्साह और श्रद्धा से कार्यक्रम में शामिल हुए। बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण, राधा, गोप-गोपियों एवं ग्वाल-बालों का मनमोहक रूप धारण कर श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माखन चोरी, गोकुल की झलक और राधा-कृष्ण की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों की आकर्षक झांकियों और रंग-बिरंगे परिधानों ने सभी का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों को देखकर मौजूद अतिथि एवं अभिभावक भाव-विभोर हो गए। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डा. अखिलेश अग्रहरि ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के अनमोल विचार और उपदेश जीवन को सही दिशा में जीने, कर्म करने और शांति प्राप्त करने की प्रेरणा देते हैं। भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं से बच्चों को जोड़ना शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें रचनात्मकता, आत्मविश्वास और संस्कारों का विकास करते हैं। कार्यक्रम में संस्थापक प्रबंधक बिरजू प्रसाद अग्रहरि, प्रधानाचार्य अरुण राय, दिपानीता चक्रवर्ती, डा. आशुतोष त्रिपाठी, नमीता श्रीवास्तव, संध्या रानी, विधु मिश्रा, रंजना यादव, सृष्टि सिंह, अनिल कुमार राय, राजीव सिंह, अनिल श्रीवास्तव, सुजीत पाठक, विवेक पाठक सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
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    बृजनंदनी ग्रुप ऑफ स्कूल्स में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव
जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली 
चहनिया (चंदौली)। बृजनंदनी ग्रुप ऑफ स्कूल्स, चहनिया में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भव्य जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकी सजाई गई। नन्हे-मुन्ने बच्चे अपने माता-पिता के साथ उत्साह और श्रद्धा से कार्यक्रम में शामिल हुए।
बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण, राधा, गोप-गोपियों एवं ग्वाल-बालों का मनमोहक रूप धारण कर श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माखन चोरी, गोकुल की झलक और राधा-कृष्ण की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों की आकर्षक झांकियों और रंग-बिरंगे परिधानों ने सभी का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों को देखकर मौजूद अतिथि एवं अभिभावक भाव-विभोर हो गए।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डा. अखिलेश अग्रहरि ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के अनमोल विचार और उपदेश जीवन को सही दिशा में जीने, कर्म करने और शांति प्राप्त करने की प्रेरणा देते हैं। भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं से बच्चों को जोड़ना शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें रचनात्मकता, आत्मविश्वास और संस्कारों का विकास करते हैं।
कार्यक्रम में संस्थापक प्रबंधक बिरजू प्रसाद अग्रहरि, प्रधानाचार्य अरुण राय, दिपानीता चक्रवर्ती, डा. आशुतोष त्रिपाठी, नमीता श्रीवास्तव, संध्या रानी, विधु मिश्रा, रंजना यादव, सृष्टि सिंह, अनिल कुमार राय, राजीव सिंह, अनिल श्रीवास्तव, सुजीत पाठक, विवेक पाठक सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
    user_जनता न्यूज टीवी
    जनता न्यूज टीवी
    TV News Anchor सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    33 min ago
  • विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु (जग्गी वासुदेव) का जन्मदिवस हर साल 3 सितंबर को मनाया जाता है,पूरी जीवनगाथा केशव की जुबानी में देखे विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु (जग्गी वासुदेव) का जन्मदिवस हर साल 3 सितंबर को मनाया जाता है, जो जीवन को पूरी जागरूकता और तीव्रता से जीने का संदेश देता है।उनके जीवन, दर्शन और जन्मदिवस से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:जन्म और प्रारंभिक जीवन: उनका जन्म 3 सितंबर 1957 को मैसूर, कर्नाटक में एक तेलुगु परिवार में हुआ था। उनका वास्तविक नाम जगदीश "जग्गी" वासुदेव है।आध्यात्मिक जागृति: मात्र 11 वर्ष की आयु से उन्होंने योग सीखना शुरू किया। इसके बाद 25 वर्ष की आयु में चामुंडी पहाड़ी पर उन्हें एक गहरी आध्यात्मिक अनुभूति हुई, जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी।ईशा फाउंडेशन की स्थापना: उन्होंने साल 1992 में कोयंबटूर में विकिपीडिया के अनुसार ईशा फाउंडेशन की स्थापना की। यह संस्था दुनिया भर में योग कार्यक्रमों और सामाजिक सुधार कार्यों का संचालन करती है।
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    विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु (जग्गी वासुदेव) का जन्मदिवस हर साल 3 सितंबर को मनाया जाता है,पूरी जीवनगाथा केशव की जुबानी में देखे 
विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु (जग्गी वासुदेव) का जन्मदिवस हर साल 3 सितंबर को मनाया जाता है, जो जीवन को पूरी जागरूकता और तीव्रता से जीने का संदेश देता है।उनके जीवन, दर्शन और जन्मदिवस से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:जन्म और प्रारंभिक जीवन: उनका जन्म 3 सितंबर 1957 को मैसूर, कर्नाटक में एक तेलुगु परिवार में हुआ था। उनका वास्तविक नाम जगदीश "जग्गी" वासुदेव है।आध्यात्मिक जागृति: मात्र 11 वर्ष की आयु से उन्होंने योग सीखना शुरू किया। इसके बाद 25 वर्ष की आयु में चामुंडी पहाड़ी पर उन्हें एक गहरी आध्यात्मिक अनुभूति हुई, जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी।ईशा फाउंडेशन की स्थापना: उन्होंने साल 1992 में कोयंबटूर में विकिपीडिया के अनुसार ईशा फाउंडेशन की स्थापना की। यह संस्था दुनिया भर में योग कार्यक्रमों और सामाजिक सुधार कार्यों का संचालन करती है।
    user_Keshav Choudhary
    Keshav Choudhary
    सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    52 min ago
  • अखिलेश यादव का बड़ा बयान - "आरक्षण था, आरक्षण है और आरक्षण रहेगा न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरक्षण को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि संविधान में दिया गया आरक्षण का अधिकार कोई छीन नहीं सकता। आरक्षण था, है और हमेशा रहेगा। उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। आपकी इस पर क्या राय है? कमेंट में जरूर बताइए।
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    अखिलेश यादव का बड़ा बयान - "आरक्षण था, आरक्षण है और आरक्षण रहेगा
न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरक्षण को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि संविधान में दिया गया आरक्षण का अधिकार कोई छीन नहीं सकता। आरक्षण था, है और हमेशा रहेगा।
उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
आपकी इस पर क्या राय है? कमेंट में जरूर बताइए।
    user_NEWS 2 INDIA (NTI)
    NEWS 2 INDIA (NTI)
    Court reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • थाना प्रभारी अनिल शर्मा का सख्त रुख, अवैध खनन में पांच पर केस
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    थाना प्रभारी अनिल शर्मा का सख्त रुख, अवैध खनन में पांच पर केस
    user_Laik AFTAB
    Laik AFTAB
    Local News Reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • पकड़ी महुअरीया गाँव में मार्ग पर घुसा पानी फोटो नंबर -पकड़ी महुअरीया गांव के लोग बाढ़ के पानी से आते जाते न्यूज टू इंडिया से संवाददाता विनीत कुमार गुप्ता जिला चीफ ब्यूरो की खास रिपोर्ट चन्दौली क्षेत्र चहनिया पकड़ी महुअरियां गांव में मार्ग पर बाढ़ का पानी घुसने से लोगो को दुश्वारियों का दंश झेलना पड़ रहा हैं l इस गांव को जाने वाला एक मात्र मुख्य मार्ग अत्यन्त जर्जर और बदहाल स्थिति में हैं ऊपर से बाढ़ का पानी घुस गया हैं पकड़ी महुअरियां ग्राम सभा हैं l दोनों गांवों के बीच में एक नाला है जिससे क्षेत्र के कई गांवों के बरसात का अतिरिक्त पानी बाढ़ आ जाने से इसी नाले के माध्यम से गंगा नदी तक जाता है। लेकिन जब गंगा नदी में बाढ़ की स्थिति बनती है तब पानी ओवर फ्लो होकर नाले में भर जाता है जिससे पकड़ी गांव को जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह पानी में डूब जाता है। जिससे पकड़ी गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट जाता है। ग्रामीणों को आने जाने के लिए शासन द्वारा नाव की व्यवस्था किया जाता है। ग्रामीण रामदयाल निषाद, मंटू यादव, संजय निषाद आदि लोग ने बताया कि नाले में पानी भर जाने के बाद 100 मीटर की दूरी के लिए हम लोगों को 5 किलोमीटर कांवर पक्खोपुर से घूम कर आना जाना पड़ता है। बच्चों का विद्यालय आना जाना बंद हो जाता है। कोई बीमार हो गया तो उसको खटिया के सहारे हम लोग अस्पताल तक ले जाते हैं। इसलिए हम लोग सरकार और क्षेत्रीय सांसद, विधायक और अधिकारीयो से इस रोड पर टूटे हुए पुल का पुनर्निर्माण कराते हुए रोड को और ऊंचा बनवाने की मांग करते हैं। किन्तु कोई सुनवाई नहीं होती हैं l
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    पकड़ी महुअरीया गाँव में मार्ग पर घुसा पानी फोटो नंबर -पकड़ी महुअरीया गांव के लोग बाढ़ के पानी से आते जाते 
न्यूज टू इंडिया से संवाददाता विनीत कुमार गुप्ता जिला चीफ ब्यूरो की खास रिपोर्ट 
चन्दौली क्षेत्र चहनिया पकड़ी महुअरियां गांव में मार्ग पर बाढ़ का पानी घुसने से लोगो को दुश्वारियों का दंश झेलना पड़ रहा हैं l इस गांव को जाने वाला एक मात्र मुख्य मार्ग अत्यन्त जर्जर और बदहाल स्थिति में हैं ऊपर से बाढ़ का पानी घुस गया हैं पकड़ी महुअरियां ग्राम सभा हैं l दोनों गांवों के बीच में एक नाला है जिससे क्षेत्र के कई गांवों के बरसात का अतिरिक्त पानी बाढ़ आ जाने से इसी नाले के माध्यम से गंगा नदी तक जाता है। लेकिन जब गंगा नदी में बाढ़ की स्थिति बनती है तब पानी ओवर फ्लो होकर नाले में भर जाता है जिससे पकड़ी गांव को जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह पानी में डूब जाता है। जिससे पकड़ी गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट जाता है। ग्रामीणों को आने जाने के लिए शासन द्वारा नाव की व्यवस्था किया जाता है। ग्रामीण रामदयाल निषाद, मंटू यादव, संजय निषाद आदि लोग ने बताया कि नाले में पानी भर जाने के बाद 100 मीटर की दूरी के लिए हम लोगों को 5 किलोमीटर कांवर पक्खोपुर से घूम कर आना जाना पड़ता है। बच्चों का विद्यालय आना जाना बंद हो जाता है। कोई बीमार हो गया तो उसको खटिया के सहारे हम लोग अस्पताल तक ले जाते हैं। इसलिए हम लोग सरकार और क्षेत्रीय सांसद, विधायक और अधिकारीयो से इस रोड पर टूटे हुए पुल का पुनर्निर्माण कराते हुए रोड को और ऊंचा बनवाने की मांग करते हैं। किन्तु कोई सुनवाई नहीं होती हैं l
    user_NEWS 2 INDIA
    NEWS 2 INDIA
    TV News Anchor सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • गंगा के पारिस्थितिकी तंत्र पर विदेशी सकर माउथ कैटफिश का खतरा, टांडा कला घाट पर मछुआरों को किया जागरूक जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली टांडाकला। गंगा नदी में विदेशी प्रजाति की मछलियों के बढ़ते प्रभाव और देशी मछलियों के संरक्षण को लेकर मत्स्य विभाग, लखनऊ की विशेष वैज्ञानिक टीम ने टांडा कला गंगा घाट का दौरा किया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने स्थानीय मछुआरों को विदेशी मछलियों से होने वाले संभावित नुकसान के प्रति जागरूक किया। लखनऊ से आए प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शरद कुमार सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने गंगा के विभिन्न हिस्सों में विदेशी मछलियों के प्रसार और उनके प्रभाव का अध्ययन किया। डॉ. सिंह ने बताया कि सकर माउथ कैटफिश, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘बिल्ली मछली’ सहित अन्य नामों से जाना जाता है, गंगा के जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए चिंता का विषय है। वैज्ञानिकों के अनुसार, विदेशी आक्रामक प्रजातियों के बढ़ने से रोहू और भाकुर जैसी देशी मछलियों के संरक्षण पर असर पड़ सकता है। इससे भविष्य में मछुआरों की आजीविका भी प्रभावित होने की आशंका है। विदेशी मछली को नदी में वापस न छोड़ने की अपील वैज्ञानिक टीम ने मछुआरों से अपील की कि जाल में सकर माउथ कैटफिश मिलने पर उसे दोबारा गंगा में न छोड़ें। टीम ने इसे नदी से बाहर रखने और विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार निस्तारण करने की सलाह दी। अभियान का उद्देश्य विदेशी प्रजातियों के प्रसार को रोकना, देशी मछलियों का संरक्षण करना और मछुआरों की आजीविका को सुरक्षित रखने के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। जागरूकता कार्यक्रम में लखनऊ से डॉ. विकास कुमार साहू, चंदौली से दर्शन निषाद, मछली व्यापारी अनिल निषाद सहित स्थानीय मछुआरे उमा निषाद, झगड़ु निषाद, चंदे निषाद, विलास निषाद, विजय निषाद और जितेंद्र निषाद समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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    गंगा के पारिस्थितिकी तंत्र पर विदेशी सकर माउथ कैटफिश का खतरा, टांडा कला घाट पर मछुआरों को किया जागरूक
जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली 
टांडाकला। गंगा नदी में विदेशी प्रजाति की मछलियों के बढ़ते प्रभाव और देशी मछलियों के संरक्षण को लेकर मत्स्य विभाग, लखनऊ की विशेष वैज्ञानिक टीम ने टांडा कला गंगा घाट का दौरा किया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने स्थानीय मछुआरों को विदेशी मछलियों से होने वाले संभावित नुकसान के प्रति जागरूक किया।
लखनऊ से आए प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शरद कुमार सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने गंगा के विभिन्न हिस्सों में विदेशी मछलियों के प्रसार और उनके प्रभाव का अध्ययन किया। डॉ. सिंह ने बताया कि सकर माउथ कैटफिश, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘बिल्ली मछली’ सहित अन्य नामों से जाना जाता है, गंगा के जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए चिंता का विषय है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, विदेशी आक्रामक प्रजातियों के बढ़ने से रोहू और भाकुर जैसी देशी मछलियों के संरक्षण पर असर पड़ सकता है। इससे भविष्य में मछुआरों की आजीविका भी प्रभावित होने की आशंका है।
विदेशी मछली को नदी में वापस न छोड़ने की अपील
वैज्ञानिक टीम ने मछुआरों से अपील की कि जाल में सकर माउथ कैटफिश मिलने पर उसे दोबारा गंगा में न छोड़ें। टीम ने इसे नदी से बाहर रखने और विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार निस्तारण करने की सलाह दी। अभियान का उद्देश्य विदेशी प्रजातियों के प्रसार को रोकना, देशी मछलियों का संरक्षण करना और मछुआरों की आजीविका को सुरक्षित रखने के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
जागरूकता कार्यक्रम में लखनऊ से डॉ. विकास कुमार साहू, चंदौली से दर्शन निषाद, मछली व्यापारी अनिल निषाद सहित स्थानीय मछुआरे उमा निषाद, झगड़ु निषाद, चंदे निषाद, विलास निषाद, विजय निषाद और जितेंद्र निषाद समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
    user_जनता न्यूज टीवी
    जनता न्यूज टीवी
    TV News Anchor सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • वाराणसी व्यूरो रिपोर्ट बारिश का कहर नदियां उफान पर घरों में घुसा पानी
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    वाराणसी व्यूरो रिपोर्ट बारिश का कहर नदियां उफान पर घरों में घुसा पानी
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Sadar, Kanpur•
    4 hrs ago
  • महाराष्ट्र मे यूपी की बेटी को उसी के पति के द्वारा किए गए मारपीट महाराष्ट्र में यूपी की बेटी के साथ उसी के पति के द्वारा किए गए और लगातार प्रताड़ित किए जाने का मामला सामने आने के बाद भी महाराष्ट्र पुलिस नॉर्मल धाराओं से फिर विपक्षी को बढ़ाने की कर रही प्रयास लगातार सोशल मीडिया के द्वारा खबर और ट्विटर हैंडल के द्वारा ट्वीट करने के बाद भी महाराष्ट्र सरकार और प्रशासन के लोग नहीं ले रहे हैं इस मामले को संज्ञान में आखिर क्यों आखिर कब तक बहन बेटियां रहेंगे लाचार और बेबस एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी जी का नारा है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एक तरफ अत्याचारों और भ्रष्टाचारों का हो रहा कहर आखिर क्यों
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    महाराष्ट्र मे यूपी की बेटी को उसी के पति के द्वारा किए गए मारपीट 
महाराष्ट्र में यूपी की बेटी के साथ उसी के पति के द्वारा किए गए और लगातार प्रताड़ित किए जाने का मामला सामने आने के बाद भी महाराष्ट्र पुलिस नॉर्मल धाराओं से फिर विपक्षी को बढ़ाने की कर रही प्रयास लगातार सोशल मीडिया के द्वारा खबर और ट्विटर हैंडल के द्वारा ट्वीट करने के बाद भी महाराष्ट्र सरकार और प्रशासन के लोग नहीं ले रहे हैं इस मामले को संज्ञान में आखिर क्यों आखिर कब तक बहन बेटियां रहेंगे लाचार और बेबस एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी जी का नारा है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एक तरफ अत्याचारों और भ्रष्टाचारों का हो रहा कहर आखिर क्यों
    user_गुलशन कुमार
    गुलशन कुमार
    Varanasi, Uttar Pradesh•
    5 hrs ago
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