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जय गऊ माता जी कि।
Pandit Munna Lal Bhargav
जय गऊ माता जी कि।
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- Post by Pandit Munna Lal Bhargav1
- निकटवर्ती सुजानगढ़ तहसील के गांव जैतासर में सरपंच द्वारा कुंड निर्माण में भ्रष्टाचार आरोप लगाते हुए स्थानीय गांव के नजदीक ढाणी में रहने वाले जिवणराम S/0 सिताराम मेघवाल ने मीडिया को बताया सरपंच और ग्राम सेवक ने कुंड बनाने के लिए ₹50 हजार की रिश्वत मांगी रुपए देंगे तभी बनेगा , मैं शिकायत की तो ग्राम सेवक मस्ट्रोल लेकर आया मुझे झूठा आश्वासन दिया आप मटेरियल गिरवा लो हम कुंड बनवा देंगे सरपंच ग्राम सेवक सरपंच का भाई मिलकर हमें मटेरियल दिलवा दिया हमारा पैसा अभी तक के कुंड बनाने का नहीं मिला वहीं दूसरी एक और गांव की ढाणी के रहने गिरधारी लाल पुत्र लिमा राम मेघवाल ने सरपंच ग्राम सेवक पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए बताया जेसीबी से कुंड खुदाया गांव में 200 से अधिक कुंड बनवाई पशु आवास बनवाई उनमें घटिया सामग्री लगे निर्माण सामग्री घटिया होने की वजह से कई कुंड क्षतिग्रस्त है पशु आवास क्षतिग्रस्त हैं, प्रत्येक कुंड में एक लाख से अधिक रुपए का घोटाला सामने आया है सरकार के पैसे का दु आरोप लगाया जांच करने की मांग कीहै BJP Rajasthan3
- सांभरलेक: अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश अरविन्द कुमार जांगिड़, सांभर लेक के निर्देशानुसार न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय, भानुप्रिया सेहरा के द्वारा नगर पालिका मण्डल सांभर लेक में साईबर अपराध से बचाव के उपायों पर जानकारी देते हुए कहा कि मजबूत पासवर्ड का उपयोग करना चाहिए, फिशिंग ईमेल से सावधान रहें, अनजान लिंक पर क्लिक ना करें, अपने कम्प्यूटर और मोबाइल में एंटी वायरस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें, किसी भी संवेदनशील जानकारी को ऑन लाईन साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पृष्ठी करें आदि से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। पर्यावरण संरक्षण पर न्यायाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बना रहे इसलिए हम सबको अपने घर के आस-पास पौधे लगाने चाहिए उन्होंने पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्षारोपण कार्यक्रम को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। लिगल एड असिस्टेंट चान्दमल सांभरिया ने साईबर अपराध पर जानकारी देते हुए हैंकिग, फिशिंग, ऑन लाईन धोखाधड़ी, साईबर बुलिंग, आईडेंटिटी थेफ्ट से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई।1
- झुंझुनू में महाशिवरात्रि पर मंदिरों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, दिनभर चली पूजा-अर्चना झुंझुनू। महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर सोमवार को शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। तड़के ब्रह्ममुहूर्त से ही भक्त भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिरों की कतारों में खड़े नजर आए। दिनभर “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से मंदिर परिसर गूंजता रहा। शहर के प्रसिद्ध रानी सती मंदिर परिसर स्थित शिवालय सहित विभिन्न शिव मंदिरों में विशेष सजावट की गई। बावलियो बगीची, पांडे जी का मंदिर, जोशियो कुटिया सहित कई मंदिरों को फूल-मालाओं, रंग-बिरंगी रोशनी और ध्वज-पताकाओं से आकर्षक रूप दिया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से अभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। महाशिवरात्रि के अवसर पर कई मंदिरों में अखंड रुद्राभिषेक और रात्रि जागरण का आयोजन भी किया गया। महिलाओं और युवतियों ने व्रत रखकर शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना की तथा परिवार की मंगलकामना की। मंदिरों में भजन-कीर्तन और शिव स्तुति का दौर देर रात तक चलता रहा। भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन समितियों और स्थानीय प्रशासन ने व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए। कतारबद्ध दर्शन, पेयजल और सुरक्षा की व्यवस्था की गई, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्वयंसेवकों ने प्रसाद वितरण और भीड़ नियंत्रण में सहयोग किया। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शहर का धार्मिक वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर और रात्रि जागरण कर भगवान शिव की आराधना की तथा क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। महाशिवरात्रि पर उमड़ी आस्था ने झुंझुनू में शिवभक्ति का अनूठा दृश्य प्रस्तुत किया।1
- नशा मुक्त चूरू अभियान को साकार कर रहा प्रदेश सरकार से अनुदानित जिला मुख्यालय पर संचालित शिवम् नशामुक्ति केन्द्र, बेहतरीन प्रबंधन के साथ विशेषज्ञ सेवाएं, अब तक 91 लोगों को नशे से मिली निजात* चूरू, 15 फरवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राजस्थान को नशामुक्त प्रदेश बनाने के लिए संकल्पित प्रयास कर रही है। इन्हीं प्रयासों के क्रम में जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में चूरू जिले को नशामुक्त बनाने के लिए 'नशामुक्त चूरू अभियान' चलाया जा रहा है। नशामुक्त चूरू अभियान को साकार करने की दिशा में प्रदेश सरकार से अनुदानित व जिला मुख्यालय पर एलएन मेमोरियल चेरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में संचालित शिवम् नशामुक्ति केन्द्र बेहतरीन प्रयास कर रहा है। केन्द्र में सुव्यवस्थित प्रबंधन, सकारात्मक वातावरण एवं निरंतर निगरानी के चलते अब तक 91 व्यक्तियों को नशे की गिरफ्त से मुक्त कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है। *प्रदेश सरकार कर रही सहायता* नशा मुक्ति अभियान में प्रदेश सरकार द्वारा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से नशामुक्ति केन्द्रों को अनुदान दिया जा रहा है। शिवम् नशामुक्ति केन्द्र को प्रदेश सरकार की ओर से आवश्यक इन्फ्रा व मूलभूत सुविधाएं विकसित करने के लिए 03 लाख 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है तथा केन्द्र पर आने वाले मरीजों की देखभाल हेतु प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 120 रुपये की सहायता दी जा रही है। *बेहतरीन प्रबंधन के साथ विशेषज्ञ सेवाएं* केन्द्र पर चिकित्सा सुविधा, योग व ध्यान, शारीरिक व्यायाम, रहने व भोजन सहित बेहतरीन प्रबंधित सुविधाओं के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं प्रशिक्षित काउंसलर्स की सेवाओं के माध्यम से नशे की लत से ग्रसित व्यक्तियों का उपचार, परामर्श एवं पुनर्वास किया जा रहा है। नशामुक्ति केन्द्र में अनुभवी चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य जांच एवं उपचार सुविधा, प्रशिक्षित काउंसलर्स द्वारा व्यक्तिगत एवं समूह परामर्श, सुरक्षित एवं स्वच्छ आवासीय व्यवस्था, संतुलित एवं पौष्टिक भोजन की व्यवस्था, योग, ध्यान एवं मानसिक स्वास्थ्य सत्र, व्यवहार सुधार एवं व्यक्तित्व विकास गतिविधियां, पुनर्वास एवं फॉलो-अप परामर्श सुविधा सहित गुणवत्तापूर्ण भोजन व आवासीय सुविधा पूर्णतया नि: शुल्क उपलब्ध है। केन्द्र में महिलाओं व पुरूषों हेतु अलग— अलग शौचालय व आवास सुविधा उपलब्ध है। केन्द्र में उपचार के साथ-साथ मरीजों को मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक सहयोग भी प्रदान किया जाता है, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ नया जीवन प्रारंभ कर सकें। *उन्नत चिकित्सा सुविधाएं* डॉ महेश शर्मा ने बताया कि केन्द्र में नशे की लत से ग्रसित व्यक्तियों के समुचित उपचार हेतु व्यापक एवं व्यवस्थित चिकित्सा प्रबंधन उपलब्ध है। केन्द्र में आने वाले व्यक्तियों का प्रारंभिक मेडिकल स्क्रीनिंग कर भर्ती के समय सम्पूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण, रक्तचाप, शुगर, लीवर फंक्शन आदि की जांच की जाती है। इसके बाद चिकित्सकीय निगरानी में सुरक्षित रूप से शरीर से नशे के दुष्प्रभावों को समाप्त करने (डिटॉक्सिफिकेशन) की प्रक्रिया की जाती है। इसी के साथ 24x7 प्रशिक्षित स्टाफ व चिकित्सकीय निगरानी में निरंतर स्वास्थ्य मॉनीटरिंग की जाती है। मरीजों के मानसिक स्वास्थ्य को देखते हुए मनोचिकित्सक एवं मनोवैज्ञानिक द्वारा तनाव, अवसाद, चिंता एवं व्यवहार संबंधी समस्याओं का उपचार किया जाता है और किसी भी जटिल स्थिति से निपटने के लिए त्वरित आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। उपचार के बाद पुनः नशे की ओर वापसी रोकने हेतु व्यक्तिगत योजना एवं फॉलो-अप भी लिया जाता है। *उल्लेखनीय उपलब्धियां* सुव्यवस्थित चिकित्सा प्रबंधन, सकारात्मक वातावरण एवं पुनर्वास सेवाओं के माध्यम से केन्द्र अब तक 91 व्यक्तियों को नशे की लत से मुक्त कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ चुका है। ट्रस्ट के सचिव सागर शर्मा ने बताया कि उपचार के दौरान मरीजों के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक एवं सामाजिक पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। इन 91 व्यक्तियों में 89 पुरूष तथा 02 महिलाएं शामिल हैं। अधिकांश मरीज शराब, गुटखा व धूम्रपान से ग्रस्त थे। नशामुक्ति केंद्र से लाभान्वित चूरू के वार्ड नंबर 47 निवासी 25 वर्षीय राज ने केंद्र की व्यवस्थाओं के प्रति संतुष्टि जाहिर करते हुए प्रदेश सरकार के नशामुक्ति अभियान की सराहना की है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि उनके परिवार, परिवेश में नशे की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को नशामुक्ति केन्द्र तक पहुंचाकर उपचार का लाभ दिलाएं और चूरू को नशामुक्त बनाने के इस जन अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।3
- Post by Amit Sharma1
- Post by Vedprakash kalwa1
- Post by Pandit Munna Lal Bhargav1