सिरोही/कालंद्री। सिरोही जिले के कालंद्री थाना क्षेत्र अंतर्गत तँवरी गाँव में बीती रात चोरों ने भारी उत्पात मचाया। बेखौफ बदमाशों ने गाँव के 4 प्रमुख मंदिरों को निशाना बनाते हुए लाखों के जेवरात और कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे गाँव और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं के बीच भारी आक्रोश व्याप्त है। जानकारी के अनुसार, चोरी की यह वारदात बीती रात करीब 2 बजे अंजाम दी गई। सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में 4 नकाबपोश चोर मंदिरों में प्रवेश करते और चोरी करते हुए साफ़ दिखाई दे रहे हैं। चोरों ने बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से एक के बाद एक मंदिरों के ताले तोड़े। चोरों ने सबसे पहले शिव शक्ति माता मंदिर को निशाना बनाया, जहाँ से वे माता की तलवार, मुकुट और अन्य कीमती आभूषण लेकर फरार हो गए। इसके अलावा जैन मंदिर सहित दो अन्य मंदिरों में भी ताले तोड़कर चोरी की गई। सुबह जब ग्रामीण पूजा-अर्चना के लिए पहुँचे, तब उन्हें इस वारदात का पता चला। सूचना मिलते ही कालंद्री थाना पुलिस मौके पर पहुँची और मौका मुआयना किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों से ग्रामीण नाराज हैं।
सिरोही/कालंद्री। सिरोही जिले के कालंद्री थाना क्षेत्र अंतर्गत तँवरी गाँव में बीती रात चोरों ने भारी उत्पात मचाया। बेखौफ बदमाशों ने गाँव के 4 प्रमुख मंदिरों को निशाना बनाते हुए लाखों के जेवरात और कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे गाँव और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं के बीच भारी आक्रोश व्याप्त है। जानकारी के अनुसार, चोरी की यह वारदात बीती रात करीब 2 बजे अंजाम दी गई। सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में 4 नकाबपोश चोर मंदिरों में प्रवेश करते और चोरी करते हुए साफ़ दिखाई दे रहे हैं। चोरों ने बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से
एक के बाद एक मंदिरों के ताले तोड़े। चोरों ने सबसे पहले शिव शक्ति माता मंदिर को निशाना बनाया, जहाँ से वे माता की तलवार, मुकुट और अन्य कीमती आभूषण लेकर फरार हो गए। इसके अलावा जैन मंदिर सहित दो अन्य मंदिरों में भी ताले तोड़कर चोरी की गई। सुबह जब ग्रामीण पूजा-अर्चना के लिए पहुँचे, तब उन्हें इस वारदात का पता चला। सूचना मिलते ही कालंद्री थाना पुलिस मौके पर पहुँची और मौका मुआयना किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों से ग्रामीण नाराज हैं।
- बाली। पाली जिले के बाली उपखंड के दुदनी गांव में नाणा पुलिस और ग्रामीणों की सयुक्त गश्त ने 7 संदिग्धों को दबोचा1
- जवाई बांध का गेज 49.67 फीट के साथ 4617.29 एमसीएफटी रहा नरेश मालवीय सुमेरपुर । रबी फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को जवाई बांध से मंगलवार को चाैथी व अंतिम पाण का पानी देने दाेपहर 1.15 मिनट हवामहल क्षेत्र से नहर में पानी छाेड़ा गया। जल संशाधन विभाग सहायक अभियंता अक्षय कुमावत, अशोक पूनिया कनिष्ठ अभियंता व कार्मिकाें ने गेट खाेलकर नहर में पानी प्रवाहित किया। जल संसाधन विभाग के कनिष्ठ अभियंता अशोक पूनियाँ ने बताया कि बुधवार से बाराबंदी लागू हाेगी। चाैथी पाण की अवधि 25 दिन रहेगी जिसमें कुल 1250 एमसीएफटी पानी दिया जाएगा। इस दौरान नहरों के माध्यम से टेल तक किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। जवाई बांध का गेज मंगलवार सवेरे 8 बजे 49.67 फीट दर्ज किया गया, जबकि बांध में कुल जल संग्रहण 4617.29 एमसीएफटी रहा। जवाई बांध की कुल भराव क्षमता 61.25 फीट के साथ 7327.5 एमसीएफटी हैं। अंतिम पाण में 1250 एमसीएफटी पानी देंगे, प्रतिदिन 50 एमसीएफटी छाेडेंगे अधिशासी अभियंता राज भंवरायत ने बताया कि किसानों काे चाैथी पाण में 1250 एमसीएफटी पानी दिया जाएगा। यानि प्रतिदिन 50 एमसीएफटी पानी मिलेगा। गौरतलब है कि किसानों को जवाई से पानी देने के लिए संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में कुल 4900 एमसीएफटी पानी देने का निर्णय लिया गया था। इसमें पूर्व में 3 पाण के माध्यम से 1200-1200 व 1250 एमसीएफटी, कुल 3650 एमसीएफटी पानी दिया जा चुका है।1
- शिव जी मंदिर1
- Post by Mahendra Mali1
- रेवदर विधायक मोतीराम कोली ने कहा कि सिरोही से मण्डार के बीच 70 किलोमीटर की दूरी में हर-रोज सडक दुर्घटना में कोई न कोई परिवार उजड रहा है, लगातार दुर्घटनाएं हो रही है और उन दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर ईलाज नहीं मिलने के कारण मौतें हो रही है, इसकी सुध सरकार लें और हाईवे पर आबादी से दूर करोंटी के समीप मॉडल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के लम्बित प्रस्ताव की स्वीकृति दें। विधायक मोतीराम कोली ने मंगलवार को विधानसभा सत्र के दौरान विशेष उल्लेख प्रस्ताव के जरीए सरकार का ध्यान रेवदर ब्लॉक क्षेत्र की चिकित्सा व्यवस्था की ओर आकर्षित करवाते हुए कहा कि रेवदर विधानसभा क्षेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में काफी पिछडा हुआ क्षेत्र है। नेशनल हाईवे रेवदर विधानसभा क्षेत्र में से गुजरता है जो कि अभी स्टेट हाईवे की तर्ज पर बना हुआ है, इस मार्ग पर हजारों की संख्या की आबादी वाले कई बडे कस्बे स्थापित है। उन कस्बों में से गुजरने वाले इस हाईवे पर प्रतिदिन कोई न कोई बडा हादसा हो रहा है। सरकार चाहे तो रिकॉर्ड देख लें, प्रतिदिन सिरोही से मण्डार के बीच कोई न कोई बडा हादसा हुआ है, जिसमें आमलोगों की जानें गई है। उन्होंने वर्तमान में स्थापित चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी देते हुए कहा कि रेवदर मुख्यालय समेत 70 किलोमीटर लम्बे इस हाईवे मार्ग पर कोई बडी चिकित्सा सुविधा का केन्द्र नहीं है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बने हुए है लेकिन वे भी आबादी क्षेत्रों में सुविधाओं के अभाव में चल रहे है। ये चिकित्सा केन्द्र रेफरल केन्द्र बनकर रह गये है। बडी दुर्घटना में संसाधनों एवं चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को रेफर किया जाता है। उन्होंने प्रस्ताव के माध्यम से सरकार को अवगत करवाया कि जनसहभागिता योजना के तहत क्षेत्र के एक भामाशाह परिवार द्वारा राज्य सरकार के पास मॉडल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनाने का प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है। यहां तक की मॉडल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिए करोंटी के समीप राजगढ में भूमि भी आवंटित की जा चुकी है। विधायक मोतीराम कोली ने जनसहभागिता योजना में मॉडल सीएचसी के लम्बित प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए स्वीकृति दिलाने की मांग की।1
- राजस्थान के सिरोही जिले के आबू रोड में नाले में कार फंसने की घटना सामने आई है,आबू रोड के आकरा भट्टा स्थित बी एस पेट्रोल पंप के सामने एक कर चालक अपनी कर को खड़ी कर कार से नीचे ही उतरा था और अचानक कार नाले में फस गई, कार चालक कार खड़ी कर हैंडब्रेक लगाना भूल गया था, जिससे कार आगे चली गई और आगे एक बड़े नाले में फस गई, कार नाले में फंसते ही आसपास खड़े लोग मौके पर एकत्रित हो गए और कड़ी मशक्कत के बाद अन्य वाहन ओर ट्रैक्टर की मदद से कार को बाहर निकाला।1
- विश्वविख्यात देलवाड़ा जैन मंदिर को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित करने की माँग। राज्यसभा सांसद नीरज डाँगी ने संसद में प्रमुखता से रखी अपनी मांग। राजस्थान के माउंट आबू स्थित विश्वविख्यात देलवाड़ा जैन मंदिरों को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित करने की माँग को लेकर राजस्थान से राज्यसभा सांसद नीरज डांगी ने संसद में सभापति के माध्यम से केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करवाया। राज्यसभा सांसद डांगी ने कहा कि राजस्थान में सिरोही जिले के माउंट आबू की अरावली पर्वत श्रृंखला की उच्चतम चोटी गुरु शिखर की गोद में स्थित विश्व विख्यात देलवाड़ा जैन मंदिर भारतीय प्राचीन स्थापत्य कला, अद्वितीय संगमरमर शिल्प कला तथा सांस्कृतिक उत्कृष्टता का अनुपम उदाहरण है। इन मंदिरों का निर्माण 11वीं से 13वीं शताब्दी के मध्य किया गया था। यहां पांच जैन श्वेताम्बर मंदिर है जिनमें विमल वसई तथा लुन वसई के मंदिर अत्यंत ही कलात्मक एवं विशिष्ट है। अन्य मंदिरों में महावीर स्वामी मंदिर, बितलहर मंदिर तथा पार्श्वनाथ मंदिर प्रमुख है। मंदिर परिसर में उपलब्ध शिलालेखों के अनुसार वर्ष 1031 ईस्वी में 1500 शिल्पियों एवं 1200 श्रमिकों के 12 वर्ष के अथक प्रयासों एवं 18.53 करोड रुपए की लागत से श्वेत संगमरमर के पाषणों से निर्मित इन मंदिरों की छतों, गुंबदों, तोरणद्वारों की अलंकृत नक्काशी और नायाब शिल्पकला की झलक प्रतिवर्ष देश - विदेश से लाखों श्रद्धालुओ और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। जिससे क्षेत्रीय पर्यटन, स्थानीय रोजगार तथा आर्थिक विकास को महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त होता है। मंदिर में जैन तीर्थंकरों की 53 देहरीयों में मूर्तियां स्थापित है जिनमें भगवान ऋषभदेव के अतिरिक्त मां सरस्वती, लक्ष्मी जी, अंबाजी के साथ नरसिंह अवतार के हिरण्यकश्यप व्रत, श्री कृष्ण द्वारा कालिया दमन, शेषनाग की क्षया की मूर्तिया स्थापित है। इन मंदिरों में जैन संस्कृति के प्रत्यक्ष दर्शन के साथ-साथ उस युग की हिंदू संस्कृति, नृत्य, नाट्य कला के अद्भुत एवं चित्ताकर्षक चित्र अंकित है। शिल्प सौंदर्य की सुष्मता, कोमलता, अलंकरण की विशेषता और गुंबदों की छतों पर स्फूटिक बिंदुओं की भांति झूमते कलात्मक पिंड, मेहरावों का बारीक अलंकरण, शीलापट्टों पर उत्कीर्ण पशु - पक्षियों, वृक्षों, लताओं, पुष्पों आदि की आकृतियां अलौकिक आनंद की अनुभूति प्रदान करती है। यहां की वास्तुकला एवं शिल्प कौशल अद्वितीय है जिसकी मिसाल विश्व में अन्यत्र कहीं नहीं मिलती। देलवाड़ा जैन मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं है अपितु भारत की बहुलतावादी संस्कृति, अहिंसा, सहिष्णुता तथा शांतिपूर्ण सह अस्तित्व के जीवन का प्रतीक भी है। राज्यसभा डांगी ने सरकार से अनुरोध किया कि इन ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण स्थलों के संरक्षण, संवर्धन एवं उनके अंतरराष्ट्रीय मान्यता सुनिश्चित करने हेतु यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित करने की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र प्रारंभ किया जाए। इससे हमारी अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा सुनिश्चित होगी तथा भावी पीढ़ियों को भारत की गौरवशाली परंपरा से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी प्राप्त होगा।2
- सिरोही/कालंद्री। सिरोही जिले के कालंद्री थाना क्षेत्र अंतर्गत तँवरी गाँव में बीती रात चोरों ने भारी उत्पात मचाया। बेखौफ बदमाशों ने गाँव के 4 प्रमुख मंदिरों को निशाना बनाते हुए लाखों के जेवरात और कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे गाँव और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं के बीच भारी आक्रोश व्याप्त है। जानकारी के अनुसार, चोरी की यह वारदात बीती रात करीब 2 बजे अंजाम दी गई। सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में 4 नकाबपोश चोर मंदिरों में प्रवेश करते और चोरी करते हुए साफ़ दिखाई दे रहे हैं। चोरों ने बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से एक के बाद एक मंदिरों के ताले तोड़े। चोरों ने सबसे पहले शिव शक्ति माता मंदिर को निशाना बनाया, जहाँ से वे माता की तलवार, मुकुट और अन्य कीमती आभूषण लेकर फरार हो गए। इसके अलावा जैन मंदिर सहित दो अन्य मंदिरों में भी ताले तोड़कर चोरी की गई। सुबह जब ग्रामीण पूजा-अर्चना के लिए पहुँचे, तब उन्हें इस वारदात का पता चला। सूचना मिलते ही कालंद्री थाना पुलिस मौके पर पहुँची और मौका मुआयना किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों से ग्रामीण नाराज हैं।2