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सतना जिले के नागौद वार्ड नंबर 3 में कचेहरी के पास स्थित मॉडर्न किड्स स्कूल वाली सड़क पर जल भराव के कारण राहगीरों और छोटे-छोटे बच्चों का आवागमन बाधित हो गया है। सड़क पर फैली गंदगी की वजह से बीमारी का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। यह रास्ता कचेहरी को मुख्य मार्ग की ओर ले जाता है और दिन भर यहां भारी आवाजाही रहती है। टीएस पब्लिक स्कूल और मॉडर्न किड्स स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे इसी रास्ते से पानी और कीचड़ में घुसकर, खतरा मोल लेकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। इस विकट स्थिति को देखते हुए गुहार लगाई जा रही है कि कोई तो इस समस्या पर ध्यान दे।
AIMA MEDIYA (जन - जन की आवाज) सतना मध्यप्रदेश
सतना जिले के नागौद वार्ड नंबर 3 में कचेहरी के पास स्थित मॉडर्न किड्स स्कूल वाली सड़क पर जल भराव के कारण राहगीरों और छोटे-छोटे बच्चों का आवागमन बाधित हो गया है। सड़क पर फैली गंदगी की वजह से बीमारी का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। यह रास्ता कचेहरी को मुख्य मार्ग की ओर ले जाता है और दिन भर यहां भारी आवाजाही रहती है। टीएस पब्लिक स्कूल और मॉडर्न किड्स स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे इसी रास्ते से पानी और कीचड़ में घुसकर, खतरा मोल लेकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। इस विकट स्थिति को देखते हुए गुहार लगाई जा रही है कि कोई तो इस समस्या पर ध्यान दे।
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- मैहर के सोनवारी गांव के पास मैहर-बरही मार्ग पर अचानक एक विशालकाय पेड़ सड़क के बीचों-बीच गिर गया, जिससे इस व्यस्त मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। राहत की बात यह रही कि पेड़ गिरते समय कोई भी वाहन उसकी चपेट में नहीं आया और एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, रास्ता बंद होने से सड़क के दोनों ओर बसों, ट्रकों और छोटे वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे चालकों व यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पेड़ गिरने से इलाके के विद्युत तारों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही विद्युत विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। इसके बाद प्रशासन का इंतजार किए बिना स्थानीय ग्रामीण भी मदद के लिए आगे आ गए। विद्युत विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से पेड़ की शाखाओं को काटने और उसे रास्ते से हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि मार्ग को जल्द सुचारू करने और बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास लगातार जारी हैं।1
- मैहर के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय, पकरिया में 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के अंतर्गत थाना अमदरा पुलिस द्वारा एक जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान बच्चों को विभिन्न मनोरंजक एवं सहभागितापूर्ण खेलों के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। खेल-खेल में विद्यार्थियों को समझाया गया कि नशा उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए हानिकारक है। इसके साथ ही, बच्चों को सदैव नशे से दूर रहकर एक सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले के मैहर अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत लोधोती में विकास कार्यों को लेकर सरपंच साहब के योगदान की जमकर सराहना की जा रही है। सरपंच साहब गाँव में बहुत ही बेहतरीन नाली निर्माण का कार्य करवा रहे हैं, जिसमें उनकी भूमिका बेहद सराहनीय है। उनके इस बेहतरीन कार्य को देखते हुए उन्हें मेडल दिए जाने की मांग उठाई गई है।1
- मध्य प्रदेश में जनता को राशन मिलने की जगह सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है, वहीं पेंशन की जगह उन्हें केवल टेंशन मिल रही है।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को ओबीसी महासभा के बैनर तले हजारों की संख्या में छात्रों, किसानों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने विधानसभा का घेराव करने के लिए कूच किया। प्रदर्शनकारी प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण को पूर्ण रूप से लागू करने और सरकारी भर्तियों में 13% पदों पर लगाए गए होल्ड को तत्काल समाप्त करने की मांग कर रहे थे। विधानसभा की ओर बढ़ रहे इन प्रदर्शनकारियों को जब पुलिस ने रंगमहल चौराहे पर भारी बैरिकेडिंग करके रोका, तो दोनों पक्षों के बीच तीखा संघर्ष देखने को मिला। इस दौरान उग्र प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स पर चढ़कर अपना कड़ा विरोध जताया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन (वज्र वाहन) का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए हैं, इसके बावजूद कार्यकर्ताओं का हौसला कम नहीं हुआ और वे वहीं सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं और प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया और बसों में भरकर थाने ले गई। हिरासत में लिए गए लोगों में ओबीसी महासभा राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य धर्मेंद्र कुशवाहा, राकेश लोधी, लोकेंद्र गुर्जर, सीबी कुशवाहा, डॉ. बृजेंद्र यादव, रूपेश यादव और ओबीसी महासभा युवा मोर्चा के सतना जिला अध्यक्ष दीपनारायण कुशवाहा (राजा सतना) सहित कई क्रांतिकारी साथी शामिल रहे। ओबीसी महासभा के इस आंदोलन को विपक्षी दलों का भी भारी समर्थन मिला। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघर, कांग्रेस विधायक सचिन यादव और समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। नेताओं ने सरकार को सख्त चेतावनी दी कि यदि ओबीसी वर्ग के अधिकारों की अनदेखी बंद नहीं की गई, तो यह आंदोलन सड़क से लेकर सदन तक और भी उग्र रूप धारण करेगा। वहीं, ओबीसी महासभा के नेताओं ने भी दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार का यह दमनकारी रवैया उनके संघर्ष को रोक नहीं सकता और जब तक उन्हें संवैधानिक 27% अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक यह लड़ाई लगातार जारी रहेगी।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले की रामनगर (रामपुर बघेलान) तहसील कार्यालय में जनसुनवाई के बाद भारी हंगामा खड़ा हो गया, जहाँ आक्रोशित ग्रामीणों ने कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस की गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। जनसुनवाई समाप्त होने के बाद जैसे ही कलेक्टर रवाना होने वाले थे, वैसे ही बाहर पहले से मौजूद महिलाओं सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने उनके वाहन को रोक लिया और उन्हें करीब 45 मिनट तक बंधक जैसी स्थिति में रोके रखा। ग्रामीणों का गुस्सा इलाके में लंबे समय से लंबित पड़े राजस्व मामलों, जैसे नामांतरण और सीमांकन, को लेकर भड़का था। इसके साथ ही सरकारी राशन वितरण में भारी गड़बड़ी और खुलेआम होने वाली कालाबाजारी से भी स्थानीय लोग बेहद त्रस्त थे। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि जब जिले के सबसे बड़े अधिकारी खुद मौके पर आए हैं, तो केवल आवेदन लेकर लौटना कोई समाधान नहीं है, बल्कि लापरवाह अधिकारियों पर मौके पर ही कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। लगातार शिकायतों को नजरअंदाज किए जाने के कारण ही यह विरोध बेहद उग्र हो गया। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। इस दौरान कलेक्टर खुद गाड़ी से उतरकर जनता के बीच पहुंचे, लेकिन भारी शोर-शराबे और उग्र नारेबाजी के कारण उनकी बात ठीक से नहीं सुनी जा सकी। आखिरकार, पुलिस ने करीब 45 मिनट की कड़ी मशक्कत और समझाइश के बाद भीड़ को शांत कराया, जिसके बाद ही कलेक्टर का काफिला तहसील परिसर से सुरक्षित बाहर निकल सका।1